ट्रिप के दौरान होटल में किया सेक्स

हेलो दोस्तों, आज मैं आपको एक गजब की कहानी बताने जा रही हूं जो मेरे साथ कुछ दिनों पहले बीती है। मेरा नाम भावना है और मेरी उम्र 22 साल के करीब है। मेरा फिगर बहुत ही सेक्सी है और मेरे बूब्स बहुत ही बड़े बड़े हैं।

मेरे सेक्सी फिगर को देखकर किसी का भी लंड खड़ा हो सकता है। मुझे अपनी गली में भी शर्मा जी का बेटा दीपक बहुत ही आकर्षक लगता था और मैं हमेशा से उसके साथ सेक्स करना चाहती थी। हम दोनों की दोस्ती भी काफी अच्छी थी इसीलिए डर के मारे ना कभी उससे खुल नहीं पाई कि कहीं इस वजह से हमारी दोस्ती ना टूट जाए।

क्योंकि वो एक साधारण और भोला भाला लड़का था और लड़कियों के चक्कर में बिल्कुल नहीं पड़ता था। जुलाई का महीना चल रहा था इसलिए हमारी गली की 3-4 परिवारों ने मिलकर यह योजना बनाई कि क्यों ना घूमने के लिए किसी पहाड़ी इलाके में जाया जाए। फिर क्या था हमने होटल बुक किया लेकिन वहां सिर्फ तीन कमरे ही उपलब्ध थे।

क्योंकि इस वक्त गर्मी में कई लोगों का ठंडे इलाकों में घूमने जाते हैं इसलिए होटल सभी भरे हुए ही थे और सिर्फ उसी होटल में जगह खाली थी। इससे पहले कि वह तीन कमरे भी बुक हो जाते हैं हम लोगों ने जल्दी से वह तीन कमरे बुक कर लिए। फिर विचार करने के बाद उन्होंने कहा कि हम बड़े लोगों के दोनों कमरे में रह लेंगे और इन तीनों को एक कमरे में सोने के लिए भेज देंगे।

तीनों से उनका मतलब था – मैं, दीपक और वैशाली जो मेरी हम उम्र है। उनकी यह बात सुनकर मेरी खुशी के ठिकाने नहीं रहे मैंने सोचा इस बार तो पक्का शर्मा जी के लड़के से चुदाई करवा कर ही रहूंगी चाहे जो मर्जी हो जाए। फिर क्या था हम लोगों ने सामान पैक किया और गाड़ी से घूमने के लिए निकल पड़े।

हम सुबह निकले थे इसलिए हम दोपहर तक वहां पहुंच चुके थे। वहां जाकर हमने थोड़ा सा आराम किया और खाना खाने के बाद शाम को थोड़ा सा टहलने के लिए निकल गए। मैं, वैशाली और दीपक एक साथ ही घूमने के लिए निकले और पार्क में जाकर घूमने लगे। थोड़ा देर घूमने के बाद मैंने कुछ खाने की इच्छा जाहिर हुई।

तो वैशाली खाने के लिए कुछ लेने के लिए दुकान की तरफ चली गई। मैं और दीपक अब अकेले ही घूम रहे थे। पार्क में काफी सारे कपल भी बैठे हुए थे। कोई एक दूसरे के गले में बाहें डाल कर बैठे हुए थे तो कोई अपनी माशूका की जांघों पर सर रखकर लेटा हुआ था। यह नजारा देखकर मेरा दीपक के साथ ऐसा करना का बहुत मन हुआ लेकिन मैंने अपने आप को कंट्रोल किया।

फिर मैंने हिम्मत जुटाते हुए दीपक से पूछ लिया क्या कोई उसकी गर्लफ्रेंड है। दीपक ने कहा नहीं पगली मेरी तो कोई भी गर्लफ्रेंड नहीं है। मैंने कहा किसी को पसंद करते हो तो बता दो। वह बोला पसंद तो करता हूं लेकिन कैसे कहूं कुछ समझ में नहीं आता। मैंने कहा इसमें सोचने वाली क्या बात है उससे बोल दो… मुझे पक्का यकीन है वह तुम्हें ना नहीं करेगी।

मैं समझ गई थी कि वह जिस तरह से मेरी ओर देख रहा था वह मुझे ही पसंद करता है और यह बात जानकर मैं बहुत खुश थी। तभी वैशाली चिप्स का पैकेट लेकर आ गई। अब अंधेरा होने वाला था इसलिए हम लोगों को वापस होटल की तरफ चल पड़े।

हम लोगों ने वहां जाकर खाना खाया और सोने के लिए अपने अपने कमरों में जाने लगे। हमारे कमरे में सिर्फ एक ही डबल बेड था और हम तीन लोग थे। सलमान कल ने दीपक को बोला कि वह नीचे बिछाकर सो जाए और हम दोनों लड़कियों को ऊपर सोने दे। दीपक ने ऐसा ही किया। हम दोनों पर सो गए और दीपक नीचे लेट गया।

लेकिन रात के करीब 12:00 बजे मुझे अपने उस पर कुछ महसूस हुआ तो मैंने कहा खुली तो देखा कि दीपक अपने हाथों से मेरे बूब्स डूबा रहा है। मैं उसे देख कर हैरान रह गई और बोली यह क्या कर रहे हो। उसने बोला धीरे बोलो वैशाली उठ जाएगी और सारा मजा खराब कर देगी मुझे पता है तुम मुझे लाइक करती हो तो क्यों ना आज एक दूसरे से प्यार किया जाए। मैं उसकी मंशा समझ गई और धीरे से बेड से नीचे उतर कर उसके साथ लेट गई।

हम दोनों एक ही तरफ लेते हुए तेरे और उसका लन्ड मेरी गांड टच कर रहा था। फिर धीरे से हमने नाइट सूट होता दिया और मैं सिर्फ ब्रा और पेंटी में थी और दीपक पूरा नंगा हो चुका था अब उसका लन्ड मेरी गांड पर टच कर रहा था तो मुझे गरम-गरम महसूस भी हो रहा था।

तभी उसने मेरी ब्रा खोल दी और मेरे बूब्स को देखकर हैरान रह गया और बोला अरे तुम्हारे बॉस बाहर से जितने बड़े लगते हैं असल में तो उससे भी ज्यादा बड़े हैं। इतना कहकर उसने मेरे बूब्स को अपने मुंह में ले लिया और उन्हें चूसने लगा। मेरे मुंह से सिसकियां निकलने लगी तो उसने अपने हाथ से मेरा मुंह बंद कर दिया।

अब उसने मेरी गर्दन को पीछे की ओर घुमा कर मुझे होठों पर किस करना शुरू कर दिया और हम दोनों को सेक्स का नशा चढ़ने लगा। फिर उसने मुझे पेट के बल लिटा दिया और पीछे से मेरी चुत में लंड डालकर मेरे ऊपर लेट गया और दोनों हाथ से मेरे बूब्स को पकड़ लिया। उसने मेरे मुंह के आगे तकिया रख दिया था कि अगर मैं चिल्लाई तो मेरी आवाज सुनकर वैशाली ना उठ जाए।

फिर उसने धीरे से अपना लन्ड मेरी चुत के अंदर घुसाना शुरू किया। जैसे ही उसका पूरा लन्ड मेरी चुत के अंदर घुसा मुझे ऐसा लगा जैसे की चर्मसुख की प्राप्ति हो गई हो। मेरे मुंह से सिसकियां निकलने लगी लेकिन सामने अपना मुंह तकिए में दबा दिया और किसी तरह अपनी आवाज को कंट्रोल किया।

दीपक अब जोर से झटके देने लगा और मेरे बदन में करंट साथ होने लगा और मुझे बहुत मजा आने लगा। करीबन 10 मिनट तक सेक्स करने के बाद उसने सारा वीर्य मेरे गांड पर ही निकाल दिया और मेरे ऊपर ही लेट गया। हम दोनों एक दूसरे के शरीर की गर्मी महसूस कर रहे थे और हमें बहुत ही मजा आ रहा था।

सेक्स करने के बाद जो मुझे संतुष्टि मिलेगी उसकी तलाश में कई दिनों से कर रही थी। फिर थोड़ी देर बाद नंगे ही एक दूसरे से लिपट कर लेटे रहे। फिर मैंने अपने कपड़े पहने और बेड पर जाकर लेट गई और दीपक भी नीचे सो गया।

इस तरह हमने ट्रिप के दौरान एक दूसरे से सेक्स किया और ट्रिप का असली आनंद उठाया।