कॉलेज समर कैंप में चोदा चोदी सेक्स का माहौल बन गया (भाग २)

आप इस कहानी का पहला भाग यहां पढ़ सकते हैं.

हम शुमोना मैडम का पीछा करने लगे. कैम्पिंग की जगह से थोड़ी दूर आकर मैडम एक पेड़ के पास खड़ी हो गयी. पेड़ के नीचे कपड़ा पहले से बिछाकर रखा हुआ था जिसे देखकर मैडम अनवर को ढूढ़ने लगी.

मैं और रॉकी, मैडम से थोड़ी दूरी पर एक पेड़ के पास छुपकर तमाशा देखने लगे. वह झाड़ियों के पास गयी और अपनी ट्रैक पैंट उतारकर नीचे बैठ गयी. तभी झाड़ियों में हलचल हुई और मैडम चीख़ते हुए उछल पड़ी.

मैं मैडम की चीख़ सुनकर डर गयी और उसी डर के मारे मैंने रॉकी ने नंगे बदन को कसकर पकड़ लिया था. रॉकी को हंसते हुए देखकर मैंने मैडम की तरफ़ देखा तो पता चला कि वह अनवर था.

अनवर ने कांपती हुई शुमोना मैडम को अपनी बाहों में भर लिया था. क्योंकि मैडम पेशाब करते समय चौंक गयी थी, उसने बचा हुआ पेशाब खड़े-खड़े ही निकाल दिया. वह अनवर की छाती ठोककर अपनी नाराजगी जता रही थी.

अनवर: छोटा-सा मज़ाक क्या कर लिया तुम तो मूतने लगी…

शुमोना: मैं पेशाब करने ही बैठी थी तभी तुमने मेरी गांड़ में उंगली घुसाकर मुझे डरा दिया…

अनवर: अरे इसमें डरने की क्या बात है? हमारे अलावा यहां और कोई नहीं है.

हट्टे कट्टे अनवर ने एक हाथ से शुमोना मैडम के चूतड़ पकड़कर उसे बाहों में जकड़ लिया. दोनों एक दूसरे के होठों की चुम्मियां लेने लगे. उत्तेजित हुआ अनवर दोनों हाथों से मैडम के चूतड़ मसल रहा था.

अनवर के लंड की प्यासी शुमोना मैडम ने उसकी पैंट में हाथ डालकर लंड सहलाने लगी. वह दृश्य देखकर मेरा हाथ चूत पर जाने लगा. लेकिन पास में रॉकी खड़ा था इसलिये मैं रुक गयी.

रॉकी: अरे शर्माती क्यों हो? ऐसा नज़ारा रोज़ थोड़ी ना देखने को मिलता है…

रॉकी अपने तनकर खड़े हुए लंड को बाहर निकालकर हिलाने लगा. उसका मोटा लंड मुझे उत्तेजित कर रहा था इसलिये मैं मैडम की चुदाई पर ध्यान देने लगी. तब तक, अनवर ने शुमोना मैडम को उल्टा घुमाकर पकड़ लिया था. वह मैडम की चूत में जीभ घुसाकर उसे गरम कर रहा था.

मैडम उलटी लटकी हुई अनवर का लंड चूस रही थी. उसके सिसकियों की आवाज़ सुनकर मेरे निप्पल्स टाइट हो गये थे. मैंने रॉकी के लम्बे लौड़े को पकड़ लिया और उसे हिलाने लगी. रॉकी ने भी बिना देरी किये मेरी शॉर्ट पैंट में हाथ घुसा दिया. वह मेरी नंगी गांड़ को अपने गरम हाथों से मसलने लगा.

जोश में आकर रॉकी ने मुझे गांड़ से पकड़कर उठा और उन दोनों की तरफ़ चलने लगा. अनवर ने हमें आते देख. शुमोना मैडम को सीधा खड़ा कर दिया. नीचे से नंगी मैडम रॉकी को देखकर अनवर के पीछे छुप गयी.

रॉकी: आप फिकर मत करो मैडम. हमने सब कुछ देख लिया हैं. आप लोगों को देखकर ही तो हमारी शुरू हुई है.

रॉकी नीचे बैठ गया और मुझे अपने सामने उल्टा घुमाकर खड़ा कर दिया. मेरी गांड़ को अपने चेहरे पर रखकर वह लेट गया और चूत चाटने लगा. मुझे अनवर और शुमोना मैडम देख रहे थे. लेकिन सामने रॉकी का कड़क लंड मुझे पुकार रहा था. मैं आगे झुककर रॉकी का लंड चूसने लगी. हमें चुदाई करते देख. शुमोना और अनवर भी शुरू हो गये.

मेरी तरह. शुमोना मैडम भी अनवर के चेहरे पर गांड़ रखकर बैठ गयी और उसका लंड चूसने लगी. रॉकी मेरी गांड़ की छेद में उंगली घुसाकर मेरी चूत चाट रहा था और उधर अनवर शुमोना मैडम की गांड़ की छेद में जीभ घुसाकर गांड़ को उपर नीचे रहा था.

उस सन्नाटे भरी जगह में सिर्फ़ मेरी और शुमोना मैडम की तेज़ सिसकियों की आवाज़ सुनाई दे रही थी.

कुछ देर बाद, उन दोनों मर्दों का चाटना और चूसना बंद हुआ. रॉकी ने मुझे रिवर्स काऊ गर्ल पोजीशन में अपने लंड पर बिठा दिया. मुझे देखकर मैडम भी उसी पोजीशन में अनवर के लंड पर बैठी.

हम दोनों गांड़ उछालकर अपने-अपने आशिक़ के लंड पर पटकने लगे. पहले तो हमें शरम आ रही थी, लेकिन लंड की गरमी मिलते ही हम बेशर्म रंडी होकर एक दूसरे को देखने लगे.

मैं: साली! आह… मुझे अपनी गांड़ दिखाने को मना करती है… हम्म! और ख़ुद यहां रंडी की तरह चुदवाने आयी है…

शुमोना: रंडी होगी तू! आह… उफ़! मैं तो अकेले में गांड़ दिखाती हूं. तू तो कुतिया की तरह सबके सामने अंग प्रदर्शन है…

मैं: अरे जा साली पहले अपना भोसड़ा देख! खुलकर बाहर निकला है…

शुमोना मैडम ने गुस्से में आकर मुझे थप्पड़ मार दिया. मैंने भी उसके लटकते चूचियों को पकड़कर अपनी तरफ़ खींच लिया. जब उसने मुझे फिर से थप्पड़ मारा, तब मैं पागलों की तरह उसके बाल पकड़कर खींचने लगी.

शुमोना: साली रंडी कुतिया! छोड़ मेरे बाल… (मेरे चूचियों को दबोचते हुए).

अनवर और रॉकी ने हम दोनों को एक दूसरे से अलग किया और थोड़ी दूर जाकर बैठ गये. हम दोनों झगड़ा करके तमाशा न शुरू कर दे इसलिये उन्होंने हमें अपने-अपने बाहों में कसकर पकड़ लिया. रॉकी ने मेरे होठों की चुम्मियां लेते हुए मुझे शांत किया. अनवर ने भी शुमोना मैडम की गांड़ में उंगली करते हुए उसकी सिसकियां निकालनी शुरू कर दी.

शुमोना मैडम और मेरी गांड़ को यह मर्द अपने-अपने लंड पर उछालने लगे. हम दोनों की चिकनी गांड़ लंड पर पड़ने के बाद पच-पच करके आवाज़ निकालने लगी.

दोनों मर्द तेज़ी से मेरी और शुमोना मैडम की चूत मारने लगे. जब रॉकी ने मेरी चूचियां चूसते समय मेरे सर को छोड़ दिया तब मेरी नज़र शुमोना मैडम की तरफ़ गयी. वह भी अनवर के साथ कट्टर चुदाई का मज़ा ले रही था.

हम दोनों की नज़रे मिली और चुदाई के नशे में रहते प्रेम भी भावना जाग आयी. मैडम ने अनवर से कुछ कहा और उठकर खड़ी हो गयी. उसने मेरा नाम प्यार से पुकारते हुए अपने बाहें फैलाये. मैं भी उठकर खड़ी हुई और मैडम के पास चली गयी. अपनी टी शर्ट उतारकर मैंने उसकी चूचियों से अपनी चूचियां दबाकर उसे गले लगाया.

अनवर: यह हुई न बात. चलो, अब तुम अपना प्यार इसी तरह जारी रखो. तब तक मैं पीछे से तुम्हारी चूत मारता हूं.

अनवर ने शुमोना मैडम को पीछे से पकड़ा और रॉकी ने मुझे. दोनों हमें दबाकर पीछे से हमारी चूत की चुदाई करने लगे. अनवर ने मेरी गांड़ पकड़ी थी और रॉकी ने शुमोना मैडम की गांड़. शुमोना मैडम मेरे मुंह में अपनी जीभ घुसाकर मुझे गरम सासों से उकसाने लगी.

थोड़ी देर बाद. दोनों मर्दों ने शुमोना मैडम और मुझे नीचे झुकाकर पैरों के बल बिठा दिया. रॉकी और अनवर हमें प्यासा देखकर अपना लंड हिलाने लगे. दोनों ने एक ही समय अपने लंड का गरम माल हमारे चेहरे पर निकाल दिया.

हमारे पास साफ़ करने के लिए कुछ भी नहीं था. शुमोना मैडम की ट्रैक पैंट उसके पेशाब से गीली थी और रॉकी ने झगड़े के वक़्त मेरी शॉर्ट पैंट खींचकर फाड़ दी थी.

वह दोनों मर्द अपना काम करके अपने-अपने टेंट में सोने चले गये. लेकिन शुमोना मैडम और मुझे रंडी कुतिया की तरह सभी से नज़र चुरा के टेंट लौटना पड़ा.