शालिनी की बरसाती रात में तोड़ी सील

हेलो दोस्तों मेरा नाम राहुल है और मैं आज आपके लिए एक नई सेक्स कहानी लेकर पेश हुआ हूं और उम्मीद करता हूं कि आप लोगों को यह कहानी पसंद आएगी।

मेरी उम्र 25 साल है और मेरा कद 6 फुट का है। मेरे लन्ड का साइज 7 इंच है और यह 2 इंच मोटा भी है। मैं अभी तक कई सारी लड़कियों को चोद चुका हूं और जुदाई में मुझे बहुत ही ज्यादा मजा आता है और यह मेरी सबसे फेवरेट चीज है।

बात तब की है जब मैं अपनी बुआ के घर जाया करता था। मेरी बुआ किराए के घर पर रहती थी। उनके जो मकान मालिक के वह पहली मंजिल पर रहते थे और मेरी बुआ का परिवार दूसरी मंजिल पर रहता था।

मकान मालिक की एक बेटी थी जिसका नाम शालिनी था और वह 21 साल की थी। यह शालिनी बहुत अच्छी लगती थी और उसका फिगर भी बहुत ही जबरदस्त था। हम दोनों काफी बातें किया करते थे और कभी कभी तो ऐसा लगता था कि मैं अपनी बुआ के घर नहीं बल्कि मकान मालिक का ही कोई रिश्तेदार हूं।

इस बार में लगभग 2 साल बाद बुआ के घर आया था। और जब मैंने शालिनी से मुलाकात की। यौवन की सुंदरता उसको बहुत ही ज्यादा भा ही थी और उसका बदन बहुत ही गदराया हुआ नजर आ रहा था।

वह बहुत ही सुंदर लग रही थी और उसको पहली बार देखते ही मुझे ऐसा लगा कि उसे जाकर लिपट जाऊं लेकिन ऐसा मैं कर नहीं सकता था क्योंकि मुझे डर था कि शालिनी मुझे इतना भी नहीं चाहती। लेकिन गर्मियों के दिन थे और मैं शालिनी से जाकर मिला और हमने बहुत देर बातें की।

रात का समय जब हुआ तो हम सभी लोग छत पर सोने चले गए। शालिनी मेरी बुआ के बच्चे और मैं सभी छत पर चादर बिछा कर सो गए और कुछ ही देर में सब को नींद आ गई। लेकिन मैं अभी भी जागा हुआ था क्योंकि शालिनी की जवानी मुझे सोने नहीं दे रही थी।

मैं बस उसी को घूरे जा रहा था और उसके बूब्स को देख रहा था जो कि अच्छे खासे साइज के थे। उसने अपना हाथ अपने पजामे के अंदर घुसा रखा था इसलिए उसे देखकर तो मेरा लन्ड काफी डर से खड़ा ही था। फिर अचानक से बारिश होने लगी और हम सभी अपना अपना दूसरा लेकर नीचे भागने लगे।

मेरे बुआ के बच्चे सबसे पहले नीचे चले गए। फिर मैं और शालिनी भी नीचे जाने लगे तो मैंने जानबूझकर शालिनी की गांड पर हाथ फेर दिया। शालिनी मेरा हाथ हटाते हुए कहा यह क्या कर रहे हो।

पहले तो डर गया फिर मैंने कहा अरे जल्दी जल्दी में गलती से लग गया आई एम सॉरी। उसने कहा कोई बात नहीं ध्यान से चलो लेकिन। फिर मैं अपने कमरे में जाकर लेट गया और शालिनी के बारे में सोचने लगा।

मुझे थोड़ा दुख हुआ क्योंकि शालिनी ने मेरे को धक्का दिया था और उसने बहुत ही गुस्से में मेरे से बात की थी। मैं अपने कमरे में बैठा ही था कि तभी शालिनी मेरे कमरे में आई और बोली मेरे मम्मी पापा ऊपर सो रहे हैं और मैं आपको डिस्टर्ब नहीं करना चाहती क्या मैं यहां तुम्हारे साथ सो जाऊं।

मैंने कहा हां हां क्यों नहीं तुम जरूर सो सकती हो। फिर मैंने उससे कहा मैंने जानबूझकर नहीं मारा था हाथ, वह गलती से लग गया था। उसने बोला अरे तुम अभी भी उस बात को लेकर बैठे हुए हो मुझे भी माफ कर देना मैं तुम पर चिल्लाई है और तुम्हे बुरा भला करो।

मैंने उसकी आंखों में देखा और वह मुझे ही देख रही थी और मेरी कामुकता और ज्यादा बढ़ने लगी। मैंने अपनी टी-शर्ट और निक्कर उतार दी और केवल अंडरवियर में शालिनी के सामने खड़ा हो गया।

शालिनी बोली यह क्या कर रहे हो। मैंने कहा मैं ऐसे ही सोता हूं अगर तुम्हें सोना है तो सो जाओ वरना तुम जा सकती हो। उसने कहा अच्छा अच्छा कोई बात नहीं है मैं यही सो जाती हूं तुम इसी तरह सो जाओ।

मैं समझ गया था कि शालिनी भी अब शायद अपनी चुत की सील तोड़ पाना चाहती है इसलिए इसे मेरे साथ सोने में कोई भी दिक्कत नहीं है। मुझे पता था कि शालिनी एक वर्जिन है और मैं हमेशा से उसकी वर्जिनिटी तोड़ना चाहता था।

और वह मौका मुझे आज मिल रहा था। शालिनी मेरे बगल में आकर सो गई और मैंने फिर धीरे से अपना हाथ उसके बूब्स पर रख दिया। वह कुछ नहीं बोल रही और नया फिर उसके बूब्स को धीरे धीरे दबाने लगा।

उसके क्या मुलायम बूब्स थे जैसे मैं किसी रूई को दबा रहा हूं। फिर वह मेरी तरफ से मूड़ी और उसने मेरे गर्दन को पकड़ते हैं मैंने अपने होंठ मेरे होंठों पर रख दिए।

मुझे किस करने लगी और मैं भी उसका साथ देने लगा और हम काफी डीप रोमांटिक किस करने लगे।

अब हम दोनों की बाहे एक दूसरे की पीठ को सहला रही थी और हम दोनों एक दूसरे से बिल्कुल चिपक कर सोए हुए थे।

फिर मैंने उसके सारे कपड़े उतार दिए और सिर्फ उसको ब्रा और पेंटी में ही रहने दिया।

हम दोनों पसीने से लथपथ हो चुके थे और हमें काफी मजा आ रहा था। फिर मैंने उसकी ब्रा उतारी और उसके बूब्स को अपने मुंह में ले लिया।

उसके इतने नरम बूब्से की मुझे ऐसे लगा जैसे कोई हलवा खा रहा हूं। फिर मैंने उसकी पैंटी भी उतार दी और उसकी चुत में उंगलियां करने लगा।

अब मुझसे इंतजार नहीं हो रहा था इसलिए मैंने उसकी चुत पर अपना लन्ड रखा और धीरे धीरे घुसाने लगा।

अभी आधा लंड घुसा था कि उसकी चुत की सील टूट गई और खून निकलने लगा उसे बहुत दर्द हो रहा था और उसे मुझे अपना लन्ड बाहर करने को कहा।

फिर मैंने अपना लन्ड सा पीछे की और उसे सहलाने लगा जब उसे थोड़ा आराम मिला तो मैंने फिर एक झटका दिया और पूरा लंड उसकी चुत में घुसा दिया वह दर्द के मारे रोने लगी।

लेकिन उसने बोला था कि वह दर्द से लेकर इसलिए वह चिल्लाई नहीं लेकिन हल्की हल्की सिसकियां भर रही थी।

थोड़ी देर बाद उससे भी आनंद मिलना शुरू हो गया और मैं उसकी चूत की चदाई की रफ्तार और ज्यादा बढ़ा दो। अब वो उफ्फफफ़……. ईइइहह….. अम्म्मह….. करके मोन करने लगी।

फिर वह थोड़ी देर में झड़ गई। लेकिन मैं अभी भी उसे चोदे जा रहा था और फिर थोड़ी देर जब मैं झड़ने वाला था तो मैंने अपना लन्ड निकाला और सारा माल उसके बूब्स पर निकाल दिया।

मैंने देखा कि मेरे लन्ड पर खून लगा हुआ था और बेडशीट भी खून से थोड़ी थोड़ी लाल हो गई थी। मैंने उसे किस किया और हम दोनों सो गए।