सुबह की सैर करते समय झाड़ियों में चुदाई

नमस्कार दोस्तों आज मैं आप लोगों के लिए एक नई सेक्स कहानी लेकर आया हूं। उम्मीद करता हूं कि आपको यह कहानी पसंद आएगी। तो चलिए कहानी शुरू करते हैं, मेरा नाम राहुल है और मैं हरियाणा के एक छोटे से गांव में रहता हूं।

मेरी उम्र 22 साल है और मैं कॉलेज में पढ़ता हूं। मैं इंजीनियरिंग कर रहा हूं और आपको तो पता ही होगा इंजीनियरिंग में लड़कियों का अकाल होता है। मेरी क्लास में कोई भी ढंग की लड़की नहीं थी।

इसलिए मैं अपनी क्लास की लड़कियों से ज्यादा बात नहीं करता था। और अपने काम से ही काम रखा करता था। अभी हाल ही में मैंने ऑनलाइन हिंदी सेक्स स्टोरी पढ़ना शुरू किया है और मैं पहले दिन से ही इन कहानियों का फैन बन चुका हूं।

तो मैंने सोचा क्यों ना अपनी भी एक कहानी शेयर की जाए। तू हुआ यह कि मेरी तबीयत थोड़ी खराब रहने लगी थी इसलिए डॉक्टर ने मुझे सलाह दी कि मैं सुबह सुबह सैर करने के लिए जाया करूं।

हालांकि मैं सुबह जल्दी उठने वाला व्यक्ति नहीं हूं लेकिन फिर भी घरवालों और डॉक्टर के कहने पर मैंने सुबह को शेयर करने के लिए जाना शुरू कर दिया। मुझे सुबह उठना बहुत ही कठिन लगता था फिर भी एक दो दिन जब मैं सैर करने गया तो मैंने देखा सैर करने बस एक दो लोग ही जाते हैं।

लेकिन अचानक अगले दिन मुझे अपने हाई स्कूल की एक लड़की सैर करते हुए दिखी और उसने मेरी तरफ आ कर मुझे हाय बोला। वह अपनी पड़ोसन दीदी के साथ सैर करने के लिए आई हुई थी। यह हम दोनों प्यार करते करते बातें करने लगे और मैंने उससे पूछा कि अब तुम क्या करती हो।

तो उसने मुझे बताया कि वह नर्सिंग कर रही हैं। फिर उसने मेरे बारे में पूछा तो मैंने उसे बताया कि मैं अभी इंजीनियरिंग कर रहा हूं। इस तरह हम दोनों की खूब बातें हुई और अगले दिन फिर मैं सुबह सुबह सैर पर आया तो वह भी अपनी दीदी के साथ आई हुई थी।

इस तरह हमारी खूब बातें होने लगी और अब हम धीरे धीरे एक दूसरे से व्हाट्सएप पर भी बात करने लगे। अब मेरा सुबह उठकर सैर पर जाने का मन नहीं करने लग पड़ा था। हमें सुबह अपने आप जल्दी उठ जाता था और सैर के लिए निकल पड़ता था। इस तरह करीब पंद्रह बीस दिन बीत गए।

एक दिन मैंने उसे व्हाट्सएप पर कहा कि मुझे तुमसे कुछ पर्सनल बातें करनी होती है लेकिन तुम्हारी बीवी की वजह से मैं तुमसे कुछ कह नहीं पाता। कभी तुम अकेली आना तो मैं तुम्हें कुछ बताना चाहता हूं। फिर क्या था एक दिन सुबह वह अकेली ही आई हुई थी और उस दिन मैं और वह सिर्फ दो ही जन अकेले थे।

फिर मैं हमसे अपने साथ एक तरफ झाड़ियों में ले गया और उससे कहा तुम मुझे बहुत अच्छी लगती हो तुम्हारा फिगर भी बहुत कमाल का है। वो शरमाते हुए बोली क्यों झूठ बोल रहे हो। तुम्हारी तो बहुत सारी गर्लफ्रेंड होगी फिर मैं तुम्हें क्यों पसंद हूं।

मैंने कहा अरे मेरी कोई भी गर्लफ्रेंड नहीं है लड़कियों का तो सूखा पड़ा हुआ है मेरे जीवन में लेकिन मैं सच में तुम्हें बहुत पसंद करता हूं। फिर उसने कहा मुझे भी तुम पसंद हो। थोड़ी देर हम ऐसे ही वहां एकांत में बैठे रहे। फिर मैंने उससे पूछा क्या मैं तुम्हें एक किस कर सकता हूं।

फिर मैंने उसके गालों पर एक किस किया। लेकिन मेरा मन नहीं भरा था इसलिए मैंने उसके दोनों हाथों को पकड़ा और उसे लेट आते हुए उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए। उसके होंठ बहुत ही ज्यादा कोमल थे और उन्हें चूसने में बहुत ही ज्यादा मजा आ रहा था। वह भी मेरा साथ देने लगी और हम एक दूसरे को किस करने लगे।

अब मैंने अपनी जीभ उसके मुंह में घुसा दी और उसे चाटने लगी। यह बहुत ही अद्भुत नजारा था। फिर मैंने अपना एक हाथ अचानक उसके बूब्स पर रख दिया। लेकिन वो तड़प उठी और उसने मेरा हाथ हटा दिया लेकिन मैंने फिर रखा और उसे धीरे-धीरे सहलाने लगा। फिर मैंने उसकी टी-शर्ट उतार दी और उसने नीचे से ब्रा भी नहीं पहन रखी थी।

मैं उसके बूब्स को मुंह में लेकर चूसने लगा। मुंह सिसकियां भरने लगी और मेरे बालों मैं अपना हाथ फेरने लगी। फिर मैंने उसका पैजामा भी उतार दिया और उसकी चुत के दर्शन किए। अब मैंने उसकी चूत पर अपने होंठ रख दिए और अपनी जीभ से से चाटने लगा। वह मचलने लगी और उसने अपने हाथों से मेरे सर को पकड़ लिया और अपनी चुत की तरफ दबाने लगी।

मैं उससे और जोरो से चाटने लगा और थोड़ी ही देर में झड़ गई। मैंने उसकी चूत का सारा पानी पी लिया। मैंने उसे अपना लन्ड मुंह में डालने के लिए कहा लेकिन वह नहीं मानी और उसने कहा इससे जहां डालना चाहिए वहां डालो।

फिर क्या था मैंने अपना लन्ड उसकी चुत पर रखा और हल्का सा झटका दिया तो वह दर्द के मारे उछल पड़ी।

उसने बोला तुम्हारा लन्ड बहुत मोटा है यह अंदर नहीं जा पाएगा तुम्हें इसे बाहर निकालो। लेकिन मैंने उसे थोड़ा समझाया और उसे प्यार से सहलाते हुए धीरे-धीरे अपना लन्ड उसकी चुत के अंदर घुसा दिया।

फिर मैंने धीरे से लंड बाहर निकाला और एक झटके में फिर से पूरा घुसा दिया। वह चीज पड़ी लेकिन मैंने उसके मुंह पर हाथ रखा और उसी पोजीशन में थोड़ी देर तक लेटा रहा।

जब वह नॉर्मल हुई तो मैंने उसे किस करते हुए उसे धीरे-धीरे झटके देने शुरू कर दिए। अब वह भी चुदाई का मजा लेने लगी और बीच-बीच में मुझे किस करने लगी।

वह अपनी गर्दन हिलाते हुए और इंग्लिश में फक मी….. ओह माय गॉड…. और जोर से…… हार्ड कहते हुए बड़बडाने लगी। लेकिन मैं आपसे लगातार चोदते ही जा रहा था।

इतनी देर में वह दोबारा से झड़ गई और एक प्यारी सी आवाज निकालते हुए उसने संतुष्टि का अनुभव किया। अब वह भी अपनी चुत को मेरी तरफ धकेल कर चुद रही थी और चुदाई करते करते अब हमें 10 मिनट हो चुके थे।

मैं भी अब झड़ने वाला था इसलिए मैंने अपना लन्ड उसकी चुत में से बाहर निकाला और उसके बूब्स पर सारा माल निकाल दिया। थोड़ी देर तक हम वैसे ही पड़े रहे।

फिर हम दोनों से और मैंने उसे उसके कपड़े पहनाने में मदद की क्योंकि उसे अभी भी दर्द हो रहा था फिर हम दोनों ने थोड़ी देर आराम किया और अपने अपने घर को चल दिए।