सरकारी अस्पताल में नर्स की जोरदार ठुकाई

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तो चलिए बिना किसी देरी के राज की कहानी को शुरू करते हैं। मेरा नाम ईशान है और मेरी उम्र 24 साल की है। मुझे सेक्स में बहुत ज्यादा रोटी है और देखने में भी अच्छा हूं तो अगर मैं किसी लड़की को चोदने की ठान लेता हूं तो फिर उसे चोद कर ही मानता हूं।

आज तक ऐसी कोई लड़की नहीं थी जिसे मेरा चोदने का मन किया हो और मैं उसे चोदना पड़ा हूं। मेरे लैंड का साइज भी 8 इंच का है वह यह 2 इंच मोटा भी है।

यह किसी भी लड़की, औरत या भाभी को संतुष्ट करने की पूरी क्षमता रखता है। तू जो कहानी मैं आज आपको बताने जा रहा हूं यह आज से लगभग 2 महीने पुरानी है।

मेरे दोस्त का जन्मदिन था और हम उसकी बर्थडे पार्टी मना रहे थे। मैं अपनी बाइक लेकर उसके घर 8:00 बजे ही पहुंच गया था वह हम सब लोगों ने सारियां तैयारियां कर रखी थी। क्योंकि पार्टी को अपने घर में दे रहा था इसलिए हमने लड़कियों को नहीं बुलाया था और उनको दिन में ही पार्टी वगैरा दे दी थी।

फिर हमने केक वगैरा कांटा और खूब खाया पिया और एक दूसरे को केक भी लगाया। इसी तरह हमने तीन-चार घंटे खूब मजे की है और खूब नाचे गाए।

फिर अब रात के 12:00 बजने वाले थे तो हम सभी अपने अपने घर को चल दिए। मैं बाइक लेकर अपने घर की तरफ चल दिया तभी अचानक रास्ते में एक कार वाले ने मेरे को साइड मार दी और मैं सड़क पर गिर गया और हम मेरे घुटने में बहुत ज्यादा चोट लग गई।

उस समय रात को वहां पर कोई था भी नहीं। फिर मैंने किसी तरह हिम्मत करके अपनी बाइक उठाई और उसे चला कर सरकारी हस्पताल तक पहुंचा।

और आपको सरकारी अस्पताल का हाल तो मालूम ही है वहां कोई भी डॉक्टर नहीं था सिर्फ एक गार्ड था जो बाहर खड़ा था वह मुझे किसी तरह अंदर ले गया और वहां एक नर्स थी जो सोई हुई थी।

गार्ड में फिर उसने उसको जगा रहा और खुद बाहर चला गया। हुनर से दिखने में बहुत सुंदर चाहिए और करीब 28-29 साल की होगी। उसने फिर सारा दवाई वगैरा समान लाया और मेरे घाव को साफ किया और फिर वहां पर दवाई लगाकर पट्टी बांध दी। फिर उसने पूछा कैसे गिरे तुम।

मैंने उसे बताया कि एक कार वाला मुझे टक्कर मार कर चला गया। उसने कहा पक्का तुम ही गाड़ी स्पीड में चला रहे होगे। मैंने कहा ऐसा नहीं था वही मुझे टक्कर मारकर गया।

फिर उसने कहा अब तुम नेहा वापस कैसे जाओगे अपने घर वालों को फोन कर दो वह तुम्हें लेने आ जाएंगे। फिर मैंने कहा कोई बात नहीं मैं सुबह चला जाऊंगा। तो उसने कहा तो रात भर कहां सो गए या तो जगह भी नहीं है।

तो फिर जिस बेड पर वह सोनी हुई थी उसने कहा है सो जाओ और मैं उसके साथ ही सो गया। कुछ ही देर में वह सो गई और मैं उसके जहां पर हाथ रख दिया और उसे सहलाने लगा। वह कुछ भी नहीं बोली।

मुझे पता था यह सोने का नाटक कर रही है और इसे भी शायद चुदने की प्यास हैं। फिर मैंने धीरे धीरे अपना हाथ उसकी कमर पर रख दिया और उससे चिपक कर लेट गया।

अब मैं उसकी जिस्म की खुशबू को सूंघ रहा था और कसम से बहुत ही मनमोहक खुशबू थी वो। फिर मैंने धीरे धीरे अपना हाथ उसके बूब्स पर रख दिया और जब उसने बिल्कुल भी विरोध नहीं किया तो मैं उन्हें धीरे-धीरे दबाने लगा और अब वह भी गर्म होते जा रही थी।

मेरा लंड उसकी गांड को टच कर रहा था और मेरा लंड उसकी गांड में घुसने के लिए बेकरार था। फिर वह मेरी तरफ घूमी और हम दोनों किस करने लगे।

उसके नरम गरम गुलाबी होंठों को चूसने लगा और उनका रस पीने लगा। वह भी अपनी जीभ से मेरे जीव को चाटने लगी और हम काफी डीप किसिंग करने लगे।

फिर मैंने उसकी ऊपर वाली कमीज उतार दी और अब वह सिर्फ और नीचे प्लाजो में थी। मैंने उसकी प्लाजो भी उतार दी और अब वह सिर्फ काले रंग की ब्रा और पेंटी में एक गजब का पटाखा लग रही थी।

फिर उसने भी मेरे कपड़े उतार दिए और मैं बेड पर बैठ गया। फिर मैंने उसके ब्रा को उतारा उसके गोल गोल बड़े बड़े बूब्स को अपने मुंह में लेकर चूसने लगा।

वह भी अब सिसकियां भरने लगी और अपने बूब्स को दबाने लगी। अपने दूसरे हाथ के अंगूठे से उसकी चुचियों को मसल रहा था जिससे उसे बहुत ही तड़प हो रही थी।

फिर मैं लेट गया और वह अपनी चूत मेरे रूम के आगे ले आई और मैं उसकी चूत को अपनी जीभ से चाटने लगा और वह अपने बूब्स को दबा दबा कर आनंद लेने लगी।

जब काफी देर महीने उसकी चूत चाटी तो वो झड़ गई और उसकी चूत एकदम गीली हो गई।

फिर मैं लेट आ ही रहा और वह मेरे लंड की तरफ गई और उसने मेरे लंड को सीधा किया और अपनी चूत उस पर टकाई और फिर धीरे-धीरे मेरे लंड को अपनी चूत में समाते हुए मेरे लंड के ऊपर बैठ गई।

उस समय मुझे एक अजीब से सुकून का अहसास हुआ। क्योंकि मेरी टांग में चोट लगी थी इसलिए मैंने ज्यादा ही नहीं सकता था लेकिन मुझे कुछ ज्यादा करने की जरूरत भी नहीं पड़ने दे रही थी वह।

फिर वह अपने आप में लंड पर उछलने लगी और उसके हिलते हुए बूब्स देखकर मेरा मन और ज्यादा उत्तेजित होने लगा।

अब वो अपने मुंह से आह्ह…. उफ्फ…. ईहह… ऑ माई गॉड जैसी आवाज़ें निकाल रही थी।

थोड़ी देर में वह एक और बार झड़ गई लेकिन उसे अभी शांति नहीं मिली थी इसलिए वह लगातार ऊपर नीचे करते जा रही थी।

काफी देर की चुदाई के बाद मैं भी झड़ने वाला था और वह भी झड़ने वाली थी तो हम दोनों एक साथ ही झड़ गए और एक जोर की आह भरते हुए मैंने सारा माल उसकी चूत के अंदर ही निकाल दिया।

फिर वह मेरे लंड के ऊपर से हटी और उसने चाट कर मेरे लंड को एकदम से साफ कर दिया। फिर वह अपने कपड़े पहने और मैंने भी अपने कपड़े पहने।

मैंने नर्स से उसका नंबर नहीं लिया था कि हम भविष्य में भी आनंद ले सके। फिर सुबह मैंने अपने घरवालों को फोन किया और वह मुझे वापस घर ले गए।