दिसंबर की सर्दी में कोमल के कोमल बूब्स और चुत – 1

हेल्लो दोस्तों, मैं हिंदी सेक्शुअल स्टोरी का बहुत बड़ा फैन हूँ। मेरा नाम पंकज त्रिपाठी है। कुछ महीनों पहले ही मुझे इस वेबसाइट के बारे में पता चला, तब से मैं रोज यहाँ की मस्त मस्त कहानियां पढता हूँ और मजे लेता हूँ।

पर दोस्तों, आज सेक्स स्टोरी पढ़ने नही, स्टोरी सुनाने के लिए आया हूं।आशा करता हूँ की यह कहानी सभी पाठकों को जरुर पसंद आएगी।

दोस्तों मुझे नई नई लड़कियों को पटाना और फिर उसकी रसीली फूद्दी चोदना बहुत पसंद है। मुझे सेक्स बहुत पसंद है। जब भी मैं किसी सुंदर और जवान लड़की को देख लेता तो पागल हो जाता था और उसे पटाने में लग जाता हूं।

मेरे चाचा जी का घर हमारे घर के पास में ही था और मेरी कजिन बहन जिसका नाम भारती था उसकी एक सहेली थी जिसका नाम कोमल था। जब मैंने उसे देखा था उसकी फुदी मारने को बेक़रार था।

इसलिए मैंने प्लान बनाया और भारती को बोला कि आज हम लोग घूमने के लिए गांधी पार्क जा रहे हैं और अगर उसे अपने किसी दोस्त को बुलाना है तो वह बुला सकती है। जैसा कि मैं चाहता था उसने अपनी सहेली कोमल को बुला लिया।

फिर हम तीनो घूमने के लिए पार्क में चले गए वहां जाकर मैंने कोमल पर लाइन मारना शुरू कर दिया। धीरे धीरे मैं उसको पटाने लग गया। वो समझ गयी थी की मैं उसे लाइन मार रहा हूँ। मैंने उसकी तारीफ़ भी कर दी थी की वो बहुत सुंदर लगती है।

यह सुनकर वह सातवें आसमान पर थी और अब वह भी मेरा साथ देने लगी थी। उस दिन मैंने कोमल का फोन नंबर भी ले लिया और हमारी बातें भी चालू हो गई। कोमल बहुत सुंदर लड़की थी।

5 फुट 2 इंच उसका कद था, गदराया हुआ बदन और देखने में बड़ी हॉट लगती थी। उसका रंग बहुत गोरा था। उसकी उम्र 20 साल की थी। उसी अरिजीत सिंह के गाने सुनना बहुत पसंद था और वह विराट कोहली की बहुत बड़ी फैन थी।

धीरे धीरे हमारी नजदीकियां बढ़ने लगी और हम दोनों एक दूसरे के करीब आते गए। अब हम घंटों फोन पर बातें किया करते थे और जब फोन पर बातें नहीं कर रहे होते थे तो व्हाट्सएप पर चैटिंग कर रहे होते थे।

मैं उसे खूब सारे चुटकुले भेजता और वह भी मुझे मीम्स बगैरा भेजती थी। अब तो हम दोनों एक दूसरे के बिना रह नहीं पाते थे। अब मैंने 12वीं पास कर ली थी। तो मैंने कॉलेज में एडमिशन लेना था इसलिए मैंने एक अच्छा सा कॉलेज देखा और उसने एडमिशन ले लिया।

मैंने कोमल को बहुत समझाया कि वह भी मेरे वाले कॉलेज में एडमिशन ले ले परंतु उसके घरवाले चाहते थे कि वह मेडिकल कॉलेज में एडमिशन ले और मेडिकल की पढ़ाई करें। और कोमल भी यही चाहती थी क्योंकि उसने 12वीं में भी मेडिकल लिया था और उसका मेडिकल में मन लगता था।

इसलिए वह मेरे कॉलेज में एडमिशन नहीं ले पाई और उसने किसी और मेडिकल कॉलेज में एडमिशन ले लिया। अब हम रोजाना एक दूसरे से मिल भी नहीं पाते थे और कॉलेज की पढ़ाई के कारण हमारी बातें भी थोड़ी कम हो गई थी।

मुझे डर था कि कोमल को कोई और लड़का दाल मिल जाए क्योंकि बोलती सुंदर थी कि उसके आगे पीछे लड़के घूमते ही रहते थे। लेकिन फिर भी किसी ना किसी तरह हम दोनों एक दूसरे से बात कर ही लिया करते थे।

कॉलेज जाते हैं अब 6 महीने हो गए थे और नवंबर का महीना था। हमारे जिले के सभी कॉलेजों को मिलाकर एक स्पोर्ट्स मीट का आयोजन तय किया गया। मैंने अपने कॉलेज की क्रिकेट टीम में हिस्सा लिया और मैं काफी अच्छा खिलाड़ी था।

मेरी किस्मत ने भी मेरा साथ दिया और हमारे कॉलेज का पहला मैच कोमल के कॉलेज की टीम के साथ होना था। कॉलेज क्रिकेट की फैन थी इसलिए वह भी मेरा मैच देखने आने वाली थी, इस बारे में हमने पहले ही बात कर ली थी।

जिस दिन में आज होना था उस दिन हमारी टीम कोमल के कॉलेज पहुंच गई। वहां पहले कोमल को मैसेज किया कि वह कहां पर है तो उसने बताया कि वह कैंटीन में है और मेरा इंतजार कर रही है। मैंने अपनी टीम को बोला कि तुम लोग प्रेक्टिस करो मैं थोड़ी देर में आता हूं।

फिर मैं कोमल को मिलने के लिए कैंटीन पहुंचा और मैंने उसका हाथ पकड़ा और उसे खींचते हुए कॉलेज के स्टोर रूम में ले गया और दरवाजा बंद कर दिया। वह बोली यहां क्यों लेकर आए हो। मैंने कहा तुमसे तो अब मुश्किल से ही मिल पाता हूं आज यहां मैं तुमसे प्यार करूंगा।

वह बोली अगर कोई आ गया तो… मैंने उसकी बात को बीच में ही काटते हुए कहा कि कोई नहीं आएगा। इतना कहकर मैंने उसके गुलाबी होठों पर अपने होंठ रख दिए और उसके रसीले होठों का रस पीने लगा।

वह भी मेरा साथ देने लगी और हम दोनों किसिंग में लीन हो गए। फिर मैंने अपना हाथ उसके 34 साइज के बॉस पर रख दिया और उसके बूब्स बहुत ही नरम थे। मैं उसके बूब्स को दबाने लगा तो कोमल के लिए मुंह से सिसकियां निकलने लगी।

फिर मैंने उसकी जैकेट के बटन को खोलते हुए, उसकी गर्दन पर किस किया और धीरे धीरे अपने होंठ उसके लिए उसके ऊपर तक ले गया। फिर मैंने उसकी ब्रा को उसके बूब्स के ऊपर से हटाया और उसके बूब्स को मुंह में लेकर चूसने लगा।

फिर मैंने उससे कहा कि कोमल आज मुझे हर हालत में तेरी चूत मारनी है! फिर मैंने अपना हाथ जींस के ऊपर से ही उसके चुत पर रख दिया हो और अपनी उंगली से उसकी चुत को मसलने लगा।

वह भी अब मदहोश होते जा रही थी और उसने मेरे बालों को पकड़कर मेरी गर्दन पर किस करना शुरू कर दिया। मैंने उसके चेहरे की तरफ देखा। उसका चेहरा बता रहा था आज वो भी चुदना चाहती थी।

उसकी पैंट के अंदर अपना हाथ डालकर उसकी चुत को मसलना शुरू किया। वो आअह्हह्हह…. ईईईह… ओह्ह्ह्हह्ह… करके सिसकी लेने लगी। लेकिन तभी मेरे फोन की घंटी बजी और सारा मूड खराब हो गया।

मैंने देखा तो हमारी टीम के कैप्टन का फोन था और उसी ने बोला कि जल्दी से मैदान पर आओ मैच अब शुरू होने वाला है। कोमल गुस्से से मेरी ओर देखने लगी।

उसने अपने कपड़े ठीक किए और दरवाजा खोलते हुए बाहर को चली गई। मैंने उसे बहुत समझाया लेकिन वह वहां से चली गई। मुझे भी बहुत गुस्सा आ रहा था कि आज मुझे मौका मिला और यह सब भी आज ही होना था।

आगे की कहानी मैं आपको अगले बाद में बताऊंगा कि कैसे मैंने रूठी हुई कोमल को मनाया और दिसंबर महीने की ठंडी में उसकी गरम चुत के मजे लिए।

इस कहानी का दूसरा भाग यहां पढे – दिसंबर की सर्दियों में कोमल के कोमल बूब्स और चुत – 2