साली को कुछ दिनों के लिए बनाया घरवाली

नमस्कार दोस्तों, हिंदी सेक्सुअल स्टोरी की वेबसाइट पर आप सभी लोगों का स्वागत है। आज मैं आपके लिए एक नई कहानी लेकर आया हूं और उम्मीद करता हूं कि आपको यह कहानी पसंद आएगी।

मैं कर्नाटक के मंगलुरू जिले का रहने वाला हूँ और टाटा कंपनी में अच्छे पद पर कार्यरत हूँ। मेरी शादी को 5 साल हो गए हैं और मैं अपनी बीवी के साथ बहुत खुश हूं।

लेकिन मैं अपनी साली के बारे में सोचता हूं जो कि बहुत ही सेक्सी थी और मुझे उसे चोदने का बहुत मन था। शादी के समय भी सबसे ज्यादा मजाक उसने मेरे साथ ही किया था। उस वक्त से मेरे मन में उसके लिए अंतर्वासना हैं।

तब शादी का समय था इसलिए मैंने ज्यादा कुछ नहीं किया लेकिन अब मैं यही सोचता रहता हूं कि उसे कैसे चोदु। एक बार की बात है वह अपने बुआ के घर बैंगलोर आई थी और उसने अपने दीदी को फोन करके मिलने के लिए बुलाया।

तो मेरी बीवी ने कहा कि आप जाकर उससे मिल आओ।मुझे तो पहले ही उसकी चूत का रस पीने की जल्दी मची थी और अब तो बीवी ने हरी झंडी दे दी थी। मैं अगले दिन बेंगलुरु पहुंच गया और अपनी साली से खूब मजा किया।

उसे पटाने के लिए मैंने उसकी खूब तारीफ की और उससे कहा अगर मैंने तुम्हारी बहन से शादी नहीं की होती तो तुमसे ही शादी कर लेता। वह बोली जीजू आप भी क्या कमाल का मजाक करते हैं।

फिर मैंने उससे कहा चलो कोई बात नहीं शादी भी तो आधी घरवाली ही होती है। जब तक मैं बेंगलुरु में रहूंगा तुम्हें अपनी घरवाली ही समझूंगा। फिर शाम को हम दोनों घूमने के लिए निकल पड़े और किसी कपल्स की तरह बाहों में बाहें डाल कर घूमते रहे।

उस दिन भर हम यूँ ही घूमते रहे। फिर रात को घर वापस आकर खाना वगेरह खा कर सो गया। आधी रात के करीब जब मेरी नींद खुली तो मैंने देखा सब लोग सो रहे हैं और मेरी साली मेरे पैरों के पास सो रही है।

मेरे मन में उसे चोदने की इच्छा जागी और मैं उसके करीब चला गया। फिर मैंने अपने पैरों से उसको सहलाया। जब उसकी तरफ से कोई भी प्रतिरोध नहीं हुआ तो फिर मैंने अपने पैर से उसके मम्मों को दबाया। वो अब कुछ नहीं बोली।

अब मैं अपने प्यार को उसके बूब्स के ऊपर अच्छी तरह से रगड़ रहा था। लेकिन वह कुछ भी नहीं बोल रही थी और ना ही मेरा विरोध कर रही थी। अब मेरी हिम्मत बढ़ने लगी थी। साथ ही उसको चोदने की लालसा में मेरा लौड़ा भी खड़ा होकर बड़ा होने लगा था।

मैंने अपने पैर से उसकी कमर से नीचे को सहलाया और अपने अँगूठे से उसकी चूत को दबा दिया। तो वो जरा सी हिली और उसने अपने पैरों को फैलाया और मेरा अंगूठा पकड़ कर अपनी चुदासी चूत पर रगड़ दिया।

जब उसने मेरा अंगूठा पकड़ा तो पहले तो मैं डर गया था। पर जब उसने अँगूठे को चुत पर लगा दिया तो मैं समझ गया कि लौंडिया चुदासी है और चूत देने को राजी है।

वो बहुत गर्म हो गई थी और मेरे लंड का तो उससे भी बुरा हाल हो चुका था। फिर मैंने उसे अपनी तरफ खींचा और उसके गुलाबी होठों पर अपने होंठ रख कर चुंबन का मजा लेने लगा।

मेरा एक हाथ उसकी चूचियां दबा रहा था और दूसरा हाथ उसकी गरम चुत को सहला रहा था। उसकी चुत पूरी तरह से गीली हो चुकी थी।

मैं समझ गया था कि अभी रोने के लिए तैयार है और फिर मैंने उसका पजामा नीचे कर दिया और अभी भी मैं उसे बेतहाशा फ्रेंच किस करे जा रहा था।

फिर मैंने उसकी चूत को अपने हाथों से टटोला और अपना लन्ड उसकी चुत पर रखा और उसे सहला कर चोदने के लिए तैयार करने लगा। ले

किन उसकी चुत बहुत ज्यादा टाइट थी और मेरा लन्ड अंदर नहीं कुछ पा रहा था। मैं समझ गया कि मैं अभी तक कुंवारी चुत है और उसने अभी तक सेक्स नहीं किया है।

वर्जिन चुत देख कर मैं मन ही मन खुश हो रहा था।

अब मैं भी हार नहीं मानने वाला था। मैंने उसके पैर ऊँचे कर के अपने लंड पर थूक लगाया और उसकी छोटी सी चूत के छेद पर सुपारा रखकर धीरे से धक्का लगा दिया।

ऐसे ही मैंने धक्का दिया तो मेरे लंड का सुपारा उसकी चुत में फस गया। कुछ और मेहनत करने पर थोड़ा लंड और अन्दर गया।

पर इतने से ही वो तड़प गई। और बुरी तरह छटपटाने लगी।

उसके होंठों को अपने होंठों से कस के दबा कर रखा था इसलिए उसकी बिल्कुल भी आवाज नहीं निकल पा रही थी।

फिर मैंने उसको एक ओर जोर का झटका दया और अपना पूरा लन्ड उसकी चुत के अंदर तक घुसा दिया।

अब वह बेहोशी की हालत जैसी हो गई थी। कुछ देर में ऐसे ही रुका रहा और उसकी चूचियां चूसता रहा और उसे सहलाते हुए आराम देने लगा।

फिर वो अपना दर्द भूल कर मस्ती में मगन होने लगी। मैंने समझ लिया कि अब ये लंड खाने को मचलने लगी है। तो मैंने धक्के देना शुरू कर दिए।

कुछ ही पलों में वो भी मेरे लंड को पूरा अन्दर तक ले रही थी। फिर मैंने उसको अपने लन्ड के ऊपर खींच लिया और वो मेरे ऊपर चूत को उछाल-उछाल कर मेरे लन्ड का मजा लेने व देने लगी।

केवल 5 मिनट की चुदाई में ही वो अकड़ कर झड़ गई। लेकिन अब मैंने उसकी चूत को अपने लन्ड के नीचे लिया और बिहार ओके अब तेजी से चोदने लगा। अब उसका पूरा शरीर मचल रहा था और वो कांप रही थी।

करीब दस मिनट की चुदाई में वो तीन बार झड़ी होगी। फिर मैं भी उसकी चूत में ही झड़ गया।हम दोनों बेहद खुश थे और थक चुके थे। तो वैसे ही नंगे एक-दूसरे की बाँहों में बाँहें डाल कर सो गए।

अब मेरी साली तो पट चुकी थी और चुद भी चुकी थी। तो मैं उसको कई बार चोदा और इस तरह उसकी नई चूत का खूब मजा लिया।

जिस दिन में जाने वाला था उसको घुमाने के नाम पर एक होटल दिल ले गया और वहां जाकर उसकी खूब चुदाई की और उसके बदन का पूरा मजा लिया।