साली की शादी की सालगिरह पर सेक्स

हेलो दोस्तों यह कहानी मेरी साली सविता जिसकी उम्र 32 साल है और उसका फिगर 36-32-36 का है। उसका पति राजेश वह भी 32 साल का ही है और मेरे से उसका काफी ज्यादा मजाक चलता है। सविता से भी मेरा काफी मजाक चलता है और कभी-कभी तो हम बहुत ज्यादा इंटिमेट भी हो जाते हैं।

लेकिन अब तक यह कभी नहीं हुआ कि मेरी साली साहिबा ने मुझे चुदाई करने का मौका दिया हो। हालांकि वह मुझे कई बार लाइन दे चुकी है और मैं भी कई बार उसे चोदने के लिए तैयार हो ही चुका होता हूं कि कोई ना कोई काम पड़ जाता है जिसकी वजह से हर बार चुदाई होते होते रह जाती हैं।

राजेश को रम का बहुत ज्यादा शौक है और वह तरह-तरह की रम पिता रहता है और मुझे भी कई बार टेस्ट करने को कह चुका है। मैं भी कई बार उसके साथ पेग लगा लेता हूं और हम दोनों काफी अच्छा संबंध रखते हैं।

मेरी साली सविता को भी दारू और बीयर पीने का बहुत शौक है और वह एक बार में एक बोतल पी जाती है। फिर एक दिन कुछ यूं प्लान बना राजेश ने बोला कि मैं और सविता अपनी शादी की सालगिरह मनाने जा रहे हैं और क्योंकि लोक डाउन चल रहा है इसलिए पार्टी की इजाजत नहीं है।

लेकिन हमने होटल में एक कमरा बुक किया है और आप को जरूर आना है। पार्टी में सिर्फ हम तीन लोगों की होंगे और मैंने एक बढ़िया रम की बोतल मंगा कर रखी हुई है आप आएंगे तो उससे खोलेंगे और रम का मजा लेंगे।

मैं मान गया। फिर जिस दिन उनकी सालगिरह थी उस दिन मैं उनके बताए हुए होटल पर पहुंच गया। वह दोनों पहले से ही होटल पहुंच चुके थे और कमरे में पहुंच चुके थे। मेहरा होटल के अंदर गया और रिसेप्शनिस्ट ने मेरा आईडी कार्ड मांगा तो मैंने उन्हें अपनी आईडी दिखाइए और उन्होंने मुझे कमरा नंबर बताया और मैं उस कमरे की तरफ चल दिया।

रिसेप्शनिस्ट मेरी और घूर कर देख रहा था। वह सोच रहा होगा कि मियां बीवी अपनी सालगिरह मनाने आए हैं तो बीच में यह अनजान आदमी क्या करने आ गया है। मैंने उसकी तरफ देखकर मन में ही मुस्कुराया और तुमने की तरफ चल पड़ा।

अंदर दोनों बैठे हुए थे और मेरा ही इंतजार कर रहे थे। जैसे ही मैं अंदर गया राजीव ने मुझे गले से लगाया और मैंने उसे सालगिरह की मुबारकबाद दी। मैंने अपनी साली को भी गले लगाया और सालगिरह की मुबारकबाद दी।

उन दोनों ने केक मंगा कर रखा हुआ था और मेरे आने के इंतजार में ही थे। फिर उन्होंने केक काटा और हम सब ने केक खाया। केक बहुत ही स्वादिष्ट था और सविता ने थोड़ा सा केक मेरे गाल पर भी लगा दिया।

सविता ने लाल रंग की साड़ी पहनी हुई थी और डीप गले वाला ब्लाउज पहना हुआ था। जब सविता ने मुझे केक लगाया तो मैं उसकी शरारती हरकतों को समझ गया और मैंने भी केक लेकर उसके मुंह पर लगाने के बहाने उसकी छाती पर लगा दिया और उसके बूब्स पर इसी बहाने हाथ फेर लिया।

उसके बूब्स बहुत ही मुलायम लग रहे थे और उसने भी कहा जिजा जी आज मस्ती के मूड में लग रहे हैं। राजीव ने कहा और हां आज हम लोग मस्ती करने ही तो आए हैं। फिर राजीव ने रम की बोतल खोली और 3 गिलास में निकाल ली।

हम तीनों ने एक एक ग्लास पकड़ा और रम पीने लगे। सविता और राजीव तो एक ही घूंट में सारा पी गए लेकिन उनके जैसा अनुभवी आदमी नहीं था इसलिए मैं धीरे धीरे पी रहा था। तभी उन्होंने दूसरा गिलास बनाया और दूसरा पेग भी चट कर गए लेकिन अभी तक मैं सिर्फ पहला पेग हीं खत्म कर पाया था।

फिर राजीव बोला मैं बाथरूम होकर आता हूं तब तक आप लोग इस मुझे का आनंद ले। राजीव बाथरूम चला गया। उसके बाद जिम जाते ही मैंने सविता को अपनी ओर खींचा और उसके होठों पर होंठ रख कर किस करने लगा और एक हाथ से उसके बूब्स दबाने लगा।

उसके रसीले होंठ बहुत ही कोमल थे और उसे किस करने का बहुत मजा आ रहा था। वह भी मुझे किस करने लगी और अब मैं उसकी गर्दन चूम रहा था। तभी सविता ने मुझे कहा कि राजीव को पेग का पिला पिला कर बेसुध कर देते हैं तब हम जाकर कुछ कर सकेंगे।

मैंने उसकी और मुस्कुराते हुए कहा ठीक है मेरी जान। जैसे ही राजीव बाथरूम से बाहर आया हमने उसे शर्त लगाई कि उसे एक सांस में पूरी की पूरी बोतल खत्म करनी है।

राजीव ऐसे ही इन कामों में आगे रहता था उसने हमारी शर्त मान ली और एक ही सांस में पूरी बोतल खत्म कर गया। थोड़ी ही देर में वह बेहोश होकर सो गया। फिर मैं वह सभी था जो नशे की हालत में थे एक दूसरे को पकड़ा और किस करने लगे। मेरा लन्ड एकदम से खड़ा हो चुका था वह आज सविता को चोदे बिना मानने वाला नहीं था।

फिर मैंने सविता को बेड पर लिटाया और उसके सारे कपड़े उतार दिए। अब वह सिर्फ ट्रांसपेरेंट ब्रा और पेंटी में थी। और वह गजब की लग रही थी।

मैंने उसको पूरे शरीर को चूमना शुरू कर दिया और उसकी चुत को पैंटी के ऊपर से मसलने लगा। वो आहें भरने लगी और उसका शरीर में चलने लगा।

फिर मैंने उसकी ब्रा उतारी और उसके चूचियों को अपने मुंह में लेकर जोर जोर से चूसने लगा। फिर उसने कहा जान अब इंतजार नहीं होता मेरी चुत में अपना लन्ड डाल दो।

मैंने उसकी टांगों को ऊपर उठाया और उसकी चुत पर अपना लन्ड रखा। एक जोर का झटका देते हुए पूरा लंड सविता की चुत के अंदर तक घुसा दिया।

सविता आहें भरने लगी और उसने मुझे कस कर पकड़ लिया। फिर मैंने उसे धीरे-धीरे झटके देने शुरू किए तो वह ईईहहह…… उम्महहह…. करके मोन करने लगी।

थोड़ी देर इसी पोजीशन में चोदने के बाद मैंने उसे डॉगी स्टाइल में पीछे से चोदना शुरू किया और काफी देर तक चोदता रहा।

वह थोड़ी ही देर में झड़ गई और करीब 10 मिनट की चुदाई के बाद में भी जाने वाला था तो मैंने सारा माल एक जोर के झटके के साथ सविता की चुत के अंदर ही निकाल दिया।

सविता को अपनी चुत के अंदर गरम गरम माल का एहसास हुआ और वह सिसकियां भरते हुए शांत हो गई।

फिर मैंने थोड़ी देर आराम किया और थे सविता को एक किस देते हुए अपने घर चला गया। अगले दिन मैंने राजीव से बात की तो वह मुझसे माफी मांग रहा था कि वह इतनी दारु संभाल नहीं सका और सो गया। लेकिन उसे क्या पता उसके सोने के कारण मुझे कितना फायदा हुआ।