सेल्समैन से अपनी सेक्स की हवस को शांत करवाया

मेरा नाम सलमा है मैं गोंडा जिले के एक छोटे से कस्बे में रहती हूं। मेरी शादी को 10 साल हो चुके हैं और मेरा एक बेटा भी है। मेरे पति दुबई में रहते हैं साल में एकाध बार ही घर आते हैं। उनको काम के सिलसिले में दुबई में ही रहना पड़ता है।

इस बार तो 1 साल से भी ज्यादा का समय हो गया है और वह एक बार भी घर नहीं आए। उनका फोन आता है तो हमेशा वह यह कह कर तसल्ली दे देते हैं कि वह जल्द ही आएंगे और उनका काम बस खत्म ही होने वाला है।

एक साल से ज्यादा समय मुझे सेक्स किए भी हो गया है और मेरी हवस दिन-ब-दिन बढ़ती ही जा रही है। अब अब मैं हमेशा तलाश में ही रहती हूं कि कोई आकर मेरी प्यास बुझा दे। मैं मोहल्ले के लौंडो को भी दाने डालती हूं ताकि शायद उनसे ही मेरी हवस शांत हो जाए।

लेकिन एक दिन मुझे अपनी हवस शांत करने का बहुत ही सुनहरा मौका मिला। हमारे मोहल्ले में एक दिन एक सेल्समैन चटाईया बेचने के लिए आया हुआ था। देखने में 30 साल का लग रहा था और कब बदन एकदम सुडोल था। उस वक्त सुबह के 12:00 बज रहे थे और मेरा बेटा स्कूल गया हुआ था इसलिए मैं घर पर अकेली ही थी।

मैंने हालात देखते हुए मैंने सोचा कि यही सही वक्त है अपनी सेक्स की हवस को इस सेल्समैन के द्वारा शांत करवाने का। जब सेल्समैन मेरे दरवाजे पर आया और उसने घर की घंटी बजाई तो मैंने दरवाजा खोला। मैंने उससे अंदर आकर चटाइया दिखाने के लिए बोल दिया। वह अंदर आ गया और मैंने उसे बैठने के लिए एक कुर्सी दी।

वह कुर्सी पर बैठ गया और मैं अभी उसके सामने कुर्सी पर बैठ गई। उसने चटाई दिखाने के लिए नीचे एक चटाई बिछा दी और बोला देखिए यह सबसे बढ़िया चटाई है और खूब बिकी है। मैं जानबूझकर चटाई को छूने के बहाने नीचे झुकी तू मेरा दुपट्टा मेरे गले से नीचे खिसक गया और मेरे बूब्स साफ-साफ उसको दिखने लगे। मेरे बड़े बड़े बूब्स देख कर उसके मुंह में पानी आ गया और उसे पसीना भी आने लगा।

मैं थोड़ी देर तक वैसे ही दुखी रही हो और क्वालिटी चेक करने के बहाने अपने बूब्स को जानबूझकर उसकी नजरों के सामने ही रखी रही। अब मैं जान चुकी थी कि उसका लंड बिल्कुल खड़ा हो चुका है और वह सेक्स करने के मूड में आ चुका है। फिर मैं ऊपर सीधी होकर बैठ गई और बोली भैया इस से भी बढ़िया वाली दिखाइए ना यह तो हल्की ही लग रही है कुछ और माल नहीं है क्या।

कुछ नहीं बोला कोई बात नहीं अगर यह आपको पसंद नहीं आया तो मैं आपको एक और पीस दिखा देता हूं जो आपकी ही तरह एकदम कड़क है। उसकी यह बात सुनकर मैं समझ गई की वह भी खुल चुका है और मेरी चुदाई करने के लिए वह बिल्कुल राज़ी है। मैंने उससे कहा अब क्या कहना चाहते हैं कि वह मेरी तरह कड़क है। उसने बोला भाभी जी क्या बात है गोल गोल घुमा रही है मैं आपकी मंशा समझता हूं।

मैं रोज सैकड़ों घरों में घूमता हूं और आपको क्या लगा मैं आपके दिल की बात नहीं समझ पाऊंगा। उसकी बातें सुनकर मैं तो हैरान ही रह गई। मैंने उसे बेडरूम में बुला लिया और कहा कि आप यहां बैठिए मैं आपके लिए पानी लेकर आती हूं। जब मैं पानी लेकर आई तो वह अपने कपड़े उतार कर पहले ही तैयार बैठा था।

और मेरे आते ही उसने मुझे बाहों में कस के जकड़ लिया और मेरे गालों और गर्दन पर किस करने लगा और जीभ से उन्हें चाटने लगा। मेरे शरीर में अजीब सा करंट दौड़ा और मैं भी उससे लिपट गई। अब हम दोनों एक दूसरे को सहला रहे थे तभी उसने अपना हाथ की एक उंगली मेरी गांड की छेद में डाल दी। मैंने उससे पूछा यह क्या कर रहे हो तो वह बोला यही तो मजा है जानेमन।

फिर उसने मेरे सारे कपड़े उतार दिए और मेरे बड़े बड़े बूब्स को अपने दोनों हाथों से दबाने लगा। फिर उसने बोला कि अब उससे रहा नहीं जा रहा और उसने अपना लन्ड झांटों के बीच छुपी मेरी चुत के ऊपर रखकर एक ही झटके में पूरा का पूरा लन्ड अंदर घुसा दिया।

उसका लन्ड मेरी चुत के अंदर घुसते हैं मुझको एक मीठा सा दर्द महसूस हुआ जो कि मुझे बहुत ही सुहाना लग रहा था। बहुत दिनों के बाद मेरी चुत में इतना बड़ा लंड गया था और मुझे ऐसा लगा कि मैं जैसे जन्नत की सैर करने निकल पड़ी हूं। वह वह तेजी से मेरी ठुकाई करने लगा और मैं भी मजे में आह्ह… अम्हह… एहह… जैसी नशीली आवाजें निकालने लगी।

मेरी आवाजो को सुनकर उसका लन्ड और भी तन गया और उसने ठुकाई और तेजी से करनी शुरू कर दी। मैं अब तक में दो बार झड़ चुकी थी लेकिन वह लगा था मुझे लगातार चोदे जा रहा था और मेरे पूरे शरीर में एक अजीब सी गुदगुदी हो रही थी जो मुझे बहुत अच्छी लग रही थी।

अब वह भी झड़ने वाला था इसलिए उसने अपना लन्ड मेरी चुत में से बाहर निकाला और मेरे पेट के ऊपर अपना सारा वीर्य निकाल दिया। और बहुत थक कर मेरे बगल में लेट गया। थोड़ी देर बाद मैंने उसका लंड चूस कर एक बार फिर से उसके लन्ड को दोबारा से खड़ा करवाया और उसे फिर से चोदने को कहा। इस बार वह बोला अब एक बार तेरी गांड की मारने का मन कर रहा है। इसलिए उसने मुझे डॉगी स्टाइल में चोदना शुरू किया।

उसका लन्ड जैसे ही मेरी गांड के छेद में घुसा तो मुझे दर्द हुआ लेकिन थोड़ी देर बाद वह दर्द एक अजीब से संतुष्टि वाली भावना मैं बदल गया और मुझे गांड मरवाने में एक अजीब सा नशा चढ़ने लगा। फिर क्या था मैं सिसकियां भरने लगी और अपनी गांड को और जोर-जोर से पीछे की तरफ धकेल कर उसका पूरा लन्ड अपनी गांड के अंदर तक लेने लगी।

काफी देर इसी तरह मेरी गांड मारने के बाद उसने अपना सारा माल मेरी गांड के अंदर ही निकाल दिया और अपना लन्ड बाहर निकाल कर मेरी गांड से पोंछ कर बगल में लेट गया। थोड़ी देर बाद हम दोनों ने अपने कपड़े पहने और मैंने उससे दो चटाइया खरीदी और उसे पैसे देते हुए कहा कि आज उसने मेरी सारी हवस को शांत कर दिया है।