सहेली की रसीली चुत के मजे लिए

मेरा नाम रजनी है और मैं लुधियाना के पास एक छोटे से कस्बे में रहती हूं। मेरी उम्र 21 साल है। मैं कॉलेज में पढ़ती हूं और B. Com कर रही हूं। मेरे बूब्स अभी नए नए ही बढ़ने शुरू हुए हैं और उनका आकार अभी काफी बढ़ चुका है।

अब मुझे भी अपने आप से खेलने का मन करता था। मैं सारा दिन बस सेक्स के बारे में ही सोचती रहती। मै हर समय अपने बूब्स और चुत के साथ खेलती रहती। मेरे घर से थोड़ी दूर यही मेरी सहेली शालिनी का घर था।

हम दोनों बचपन के दोस्त थे और हम दोनों की बहुत ही ज्यादा गहरी दोस्ती थी। उसके बारे में मुझे सब बातें पता होती थी। और उसे भी मेरे बारे में सभी बातों का ज्ञान होता था। उसका हाल ही में ब्रेकअप हुआ है उसके बॉयफ्रेंड ने उसके साथ सेक्स करके उसे छोड़ दिया।

तब से हम दोनों को ही रिलेशनशिप से डर लगने लगा है तो अब हम जल्दी कहीं किसी ने रिलेशनशिप में आने वाले भी नहीं है। ब्रेक अप के बाद शालिनी मेरे बहुत करीब आ गई है और हम दोनों अब काफी देर सेक्स की बातें करते रहते हैं।

मैं पहले दिन से ही जानती थी कि शालिनी मेरी तरफ आकर्षित थी और अपनी कामवासना मुझसे पूरी करना चाहती थी। पर अब मै भी शालिनी की तरफ आकर्षित होने लगी थी। अब हम दोनों इकट्ठे ही कॉलेज जाते थे और इकट्ठे ही घर वापस आते थे। अब मैं ज्यादा समय उसके घर पर ही बिताने लगी थी।

एक दिन हम दोनों शाम को पार्क में घूमने गए थे। वह हम एक जगह बैठे हुए थे और हमने देखा कि एक लड़का और लड़की एक तरफ बैठे हुए हैं। लड़का लड़की के बूब्स और चुत में कपड़ों के ऊपर से ही उंगली कर रहा है। यह देखकर मेरा मन तो एकदम से कामवासना से भर गया।

मैंने शालिनी को कंधा मारते हुए कहा क्यों देख कर मजा आ रहा है ना। उसने मुझे कहा चुप कर जा तू क्या मजा आ रहा है इसमें देखकर अपने को करने को थोड़ी ना मिल रहा है। उसकी बात सुनकर मैंने कहा ओह हो..! तुझे भी यह सब करना है।

वह बोली हां करना तो है लेकिन अब ब्रेकअप के बाद मुझे डर सा लगता है। फिर हम दोनों काफी देर ऐसे ही बातें करते रहे और जब अंधेरा होने लगा तो हम वापस घर को आ गए। फिर जब मैं उसके घर पहुंची तो हम दोनों से कमरे में चले गए। कमरे में जाकर हम थोड़ा संकोची हो गए और मैंने हालात को देखते हुए उसके होठों पर एक जोर से किस्स की और वहां से चली गई।

अगले दिन जब मैं कॉलेज जाने के लिए उसके घर पहुंची तो वह पहले ही कॉलेज जा चुकी थी। मैंने सोचा कहीं मेरे उस किस्स के कारण वह मेरे से नाराज तो नहीं हो गई। मैं डरती डरती कॉलेज पहुंची और सीधे जाकर शालिनी से मिलने के लिए दौड़ी। लेकिन शालिनी क्लास में जा चुकी थी और क्लास लगा रही थी इसलिए मैं उसकी क्लास के बाहर ही उसका वेट करने लगी।

जैसे की क्लास खत्म हुई और वह बाहर निकले तो मैंने उससे बात करी चाही लेकिन वह मुझे इग्नोर करके आगे निकल गई। मैं उसके पीछे पीछे दौड़े लेकिन वह मुझे इग्नोर करती ही जा रही थी। फिर मैं समझ गई थी कि वो मुझसे नाराज हो गई है और मुझसे बात नहीं करेगी।

उसे काफी दिनों तक मुझसे बात नहीं की। फिर एक दिन की बात है मैं कॉलेज की ग्राउंड में अकेली एक तरफ बैठी हुई थी और बहुत मायूस दिख रही थी। शायद शालिनी ने मुझे दूर से देखा और उसे बुरा लगा इसीलिए वह मेरे पास आई और बोली देख ले तेरे पास मेरे अलावा और कोई दोस्त भी नहीं है।

उसके इतना बोलते ही मेरी आंखों में आंसू आ गए और मैं उससे मुंह छुपाते हुए रोने लगी। फिर उसने मुझे चुप कराया और बोली की मैं डर गई थी उस दिन तुमने जो किया इसलिए मैं तुमसे बात नहीं कर पा रही थी लेकिन अब मैं ठीक हूं आज हम दोनों साथ ही घर चलेंगे। मेरी आंखों में खुशी के मारे आंसू आ गए। फिर हम दोनों कॉलेज खत्म होने के बाद इकट्ठे घर की ओर चल पड़े।

उस दिन उसके घर में कोई भी नहीं था और उसके मम्मी पापा किसी काम से एक दिन के लिए बाहर गए हुए थे। मैंने घर पे कॉल करके मम्मी को बता दिया कि मैं आज रात शालिनी के घर ही रुकने वाली हूं और रात भर पढ़ाई करूंगी। मेरे घर वालों ने कोई आपत्ति नहीं जताई।

फिर हम दोनों उसके घर पहुंचे। शालिनी मुझे अपने कमरे में ले गई और मुझे बेड पर बिठाया। किसने मेरे हाथों में अपना हाथ डालते हुए कहा कि उस दिन जो तुमने किया वह मुझे अच्छा लगा क्या तुम फिर से करना चाहोगी।

मैंने एकदम से उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए और हम दोनों एक दूसरे के होंठों का रस पीने लगे। फिर हम दोनों ने जल्दी जल्दी से एक दूसरे के सारे कपड़े उतार दिए और एक दूसरे के सामने नंगे होकर लेट गए। मैंने धीरे से उसकी चुत पर अपने होंठ रखे और जीभ से उसकी चुत को चाटने लगी।

और वह सिसकियां भरने लगी और उसका बदन मचलने लगा। उसने फिर मुझे अपनी तरफ खींचा और हम 69 की पोजीशन में आ गए। हम दोनों एक दूसरे की चुत चाट रहे थे और मैं उसकी गांड में उंगली भी कर रही थी। हम काफी देर तक एक दूसरे को चाटते रहे और इसी बीच हम दोनों दो दो बार झड़ भी चुके थे।

फिर हम दोनों ने अपनी टांगों से कैंची बनाई और एक दूसरे की चुत में चुत सटाकर झटके देने लगे। हम दोनों को परम सुख मिल रहा था और हम दोनों उम्ह… आह्ह… की आवाज निकाल रहे थे। हम दोनों एक बार फिर झड़ गए।

इस तरह काफी देर एक दूसरे के मजे लेने के बाद भी हमारा मन अभी नहीं भरा था इसलिए हम दोनों एक दूसरे को किसिंग करते ही जा रहे थे। इस तरह हम दोनों काफी देर तक एक दूसरे को चूसने चाटने के बाद एक दूसरे की बाहों में बाहें डाल कर नंगे ही सो गए।