पुरानी किराएदार को एक बार फिर पेला

हेलो दोस्तों मेरा नाम करण है और आज मैं आपको एक नई कहानी बताने जा रहा हूं। यह कहानी उसी किराएदार की बेटी के बारे में है जो 3 साल पहले हमारे घर में किराए पर रहते थे। जैसे कि मैं आपको उस कांड के बारे में पहले ही बता चुका हूं।

जब मैंने रंजू के साथ सेक्स किया था जब वह हमारे घर में किराए रहती थी। मैंने आपको बताया था कि अब उसकी शादी हो चुकी है और शायद उसका एक बच्चा भी है। तो चलिए अब आपको आगे की कहानी बताता हूं।

उससे सेक्स किए अब पांच साल हो गए हैं। अब तो शायद मैं उसके बारे में भूल भी चुका था। लेकिन मुझे नहीं पता था कि मेरी उससे दोबारा मुलाकात होने वाली है। तो बात कुछ यूं हुई थी मैं गर्मी की छुट्टियों में अपने मामा के घर गया हुआ था।

एक दिन मैं बाजार में ऐसे ही अकेले घूम रहा था तभी पीछे से किसी ने मुझको आवाज दी। मैंने पीछे मुड़ कर देखा तो एक जवान औरत मेरे को आवाज दे रही थी। मैंने उसकी तरफ देखा लेकिन उसे पहचान नहीं पाया।

दिखने में तो वह ठीक-ठाक ही लग रही थी और मुझे उसकी शक्ल भी कुछ जानी पहचानी लग रही थी। फिर वह मेरे पास आई और मुझे बोली तुमने मुझे पहचाना नहीं। मैंने कहा नहीं आप कौन हो। फिर उसने मुझे बताया कि वह रंजू है और उसकी शादी यहीं हुई है और वह यही आस पास रहती है।

फिर मैंने कहा अच्छा रंजू तुम तो बहुत बदल गई हो इसलिए मैंने तुम्हें पहचाना नहीं। जो मैंने पिछली बार तुम्हें देखा था तो तुम लड़कियों जैसी दिखती थी लेकिन अब तो तुम औरतो जैसे दिखने लगी हो। उसने मेरा हाथ पकड़ते हुए कहा हां यार शादी के बाद मैं काफी बदल चुकी हूं।

जैसे ही उसने मेरा हाथ पकड़ा पहले तो मैं चौंक किया लेकिन बाद में मैं समझ गया कि उसको अभी भी चुदने की चुल है। फिर क्या था मैंने उससे थोड़ी देर बात की और उसने मुझसे मेरा नंबर मांग लिया और मैंने उसे नंबर दे दिया।

उसने फिर थोड़ी सी सब्जियां खरीदी और मुझे गुड बाय कहते हुए अपने घर की तरफ चली गई। अगले दिन में ही इसी समय पर मजा नहीं आया और वह भी आई हुई थी और शायद मेरा ही इंतजार कर रही थी।

उसने मुझे अपनी और बुलाया और पूछा कि क्या अब भी तुम सिंगल हो। मैंने कहा नहीं मेरी एक गर्लफ्रेंड है। उसने कहा कि शादी कब करोगे। मैंने उसकी बात टालते हुए उससे कहा कि जब टाइम आएगा तब देखा जाएगा अभी तो शादी के बारे में कोई भी विचार नहीं है। फिर मैंने उससे पूछा कि और फिर तुम्हारा पति क्या काम करता है और तुम खुश हो कि नहीं।

उसने बताया कि उसका पति किसी फैक्ट्री में जॉब करता है और उसका एक साल का एक बेटा भी है। मैंने कहा वाह तुमने तो बड़ी तेजी से दो से तीन हो गए। क्योंकि उसने कहा कि उसकी सास बार बार उन्हें बच्चा पैदा करने के लिए कहती रहती थी।

इसीलिए हमने शादी के दूसरे साल में ही बच्चा पैदा कर लिया। फिर मैंने उससे कहा कोई बात नहीं बहुत से लोग नई नई शादी के बाद बच्चा पैदा कर लेते हैं। उसने मेरा हाथ पकड़ा और बोली मेरे पति तो ठीक है लेकिन मुझे उस तरह का मजा नहीं दे पाते जैसा तुमने मुझे दिन दिया था।

कल मेरे पति कहीं बाहर जाएंगे और मैं घर पर अकेली रहूंगी। अगर तुम चाहो तो हम घूमने के लिए कहीं जा सकते हैं। मैं उसकी सभी बातों को अच्छी तरह से समझ रहा था और मैंने कहा क्यों नहीं कल तुम मुझे ठीक इसी समय पर इसी जगह पर मिलना और फिर हम दोनों घूमने चलेंगे।

अगले दिन वो पूरा तैयार होकर एकदम लिपस्टिक लगा कर पूरे टाइम पर उस जगह पर पहुंच गई। मैं भी पहले से वहां पहुंचा हुआ था और जैसे भी हो वहां पहुंची मैंने उसे अपनी बाइक पर बिठाया और एक सुनसान जगह पर ले गया। हम दोनों एक पेड़ की छांव में बैठ कर बातें करने लगे। फिर उसने कहा करण तुम मुझे उस दिन जैसा आनंद एक बार फिर दिला दो।

मैं बहुत दिनों से संतुष्टि के लिए तड़प रही हूं। फिर क्या था मैंने उसे अपनी और खींचा और उसके होठों पर होंठ रख कर उसे किस्स करने लगा। वो भी मेरा साथ देने लगी और मुझे भी वापस किस्स करने लगी।

अब हम दोनों टंग किस करने लगे थे और इसी तरह करीब 5 मिनट तक एक दूसरे को चूमते रहे। फिर मैंने उसके कपड़े उतारने शुरू कर दिए और थोड़ी ही देर में उसे पूरा नंगा कर दिया।

मैंने अपनी भी कपड़े उतारे और अपना लन्ड उसके मुंह में डाल दिया। वह मेरे लन्ड को अब अच्छी तरह से चूसने लगी और इस बार तो हो पिछली बार से भी ज्यादा अच्छे तरीके से लंड को किसी लॉलीपॉप की तरह चूस रही थी।

फिर मैंने भी उसकी चुत पर अपनी जीभ रखी और उसे चाटने लगा और उसकी चुत में अपनी जीभ घुसाने लगा। वह मचलने लगी और अब हम दोनों 69 की पोजीशन में थे और एक दूसरे के लंड और चुत को अपने मुंह में लिया हुआ था।

इसी बीच वो झड़ गई और उसकी चुत ने पानी छोड़ दिया। अब मैं समझ गया था कि उसकी चुत में लंड डालने का समय आ गया है।

फिर मैंने उसकी टांगों को पकड़कर अपनी तरफ खींचा और उसके बूब्स को मसलते हुए उसकी चुत पर अपना लन्ड रखा और एक ही झटके में पूरा घुसा दिया।

वो चिल्ला उठी लेकिन मैंने उसकी चीखों की परवाह किए बिना उसे जोर जोर से चोदने वाला। थोड़ी देर बाद वो भी चुदाई का मजा लेने लगी और बोली मुझे घोड़ी बनाकर चोदो।

मैंने आपसे उल्टा किया और उसे ही घोड़ी बनाकर पीछे से उसकी चुत में लंड डाला और उसे चोदने लगा।

वो अब गांड मटका मटका का चुद रही थी और मैं बीच-बीच में उसकी गांड पर जोर जोर से थप्पड़ भी मार रहा था।

जब भी मैं उसकी गाल पर थप्पड़ मारता तो वह मुंह से आहह……. की आवाज़ निकालती है।

इसी तरह मैं उसे करीब 15 मिनट तक चोदता रहा और जब मैं झड़ने वाला था तो सारा माल उसकी गांड के ऊपर निकाल दिया।

अब मेरे लंड पर को माल लगा था उसने चट कर उसे पूरा साफ़ कर दिया। इस तरह मैंने उससे 5 सालों के बाद फिर चोदा और उसे संतुष्ट किया।