सेक्सी बीवी को गैर मर्द से चुदवाते देख पति का लंड खड़ा होता है

मेरे गांव में सभी पुरुष कांजी दूधवाले से बहुत जलते हैं. इसलिये लोग उससे दूध लेते ही नहीं और जो लेते हैं. वे अपनी बीवी को बाहर आने नहीं देते बल्कि ख़ुद जाकर लेते हैं.

उन्हें डर इस बात का है कि कही उनकी बीवी कांजी की चौड़ी छाती और घुंघराले बाल देखकर चूत में उंगली करना शुरू न कर दे. कांजी भाभियों का दीवाना है और उसने कई भाभियों को अपने लौड़े का पानी पिलाया है.

मेरे छोटे भाई के पैदा होने तक, पिताजी ने मां को कांजी का चेहरा तक देखने नहीं दिया था. अगर मेरी मां जैसी औरत कांजी को देखकर ठरकी बन सकती है. तो जाहिर-सी बात है कि जवान भाभियां तो उसकी रंडी चुटकी में बन जायेंगी.

कुदसिया भाभी हाल ही में कांजी की रंडी बन गयी थी. मज़े की बाद तो यह है कि गांव में किसी को भी अब तक पता ही नहीं चला. कुदसिया और इब्राहिम का घर हमारे घर से कुछ ही दूरी पर है. इसलिये गांव में आते ही उनकी पहली दोस्ती मेरे मां पिताजी के साथ हुई थी.

इब्राहिम से बातें करते समय पिताजी को मालूम पड़ा कि कांजी उनके घर दूध देकर जाता था. पिताजी ने इब्राहिम को मामला बताया और अगले ही दिन उसने कांजी को दूध देने से मना कर दिया था.

गांव में सुबह के समय पुरुष हाथ में लोटा लेकर खेतों में जाते हैं. एक दिन जब मैं लोटा लेकर निकला, तब मैंने कांजी को इब्राहिम के घर से आते देखा था. मुझे बिलकुल आश्चर्य नहीं हुआ यह जानकर कि कुदसिया भाभी भी कांजी के लौड़े से खेलने लगी थी.

लेकिन जब मैंने पता लगाया कि उस वक़्त इब्राहिम घर पर था, तब मुझे प्रसंग गंभीर लगा. उतनी सुबह तो कांजी दूध भी नहीं बेचता था. अगले दिन, मैं जल्दी उठा और लोटा लेकर घर से निकला. मैं इब्राहिम के घर के आंगन के पास जाकर खड़ा हो गया.

मैं खिड़की से छिपकर ताकने लगा और देखा कि कुदसिया भाभी बिस्तर पर लेती थी. उसके सामने इब्राहिम कुर्सी पर बैठा था और बेचैन दिख रहा था.

इब्राहिम: …मालूम नहीं कब आयेगा. ऐसे काम के लिये कोई देरी करता है भला?

कुदसिया भाभी बिस्तर पर लेटे अंगड़ाइयां लेने लगी. पतली लाल नाइटी में उसकी उभरी हुई गांड़ देखकर मेरा लौड़ा तुरंत खड़ा हो गया था. वह अपने गोल चूचियों से खेलती हुई इब्राहिम को उकसा रही थी.

कुदसिया: उफ़! अब और कितनी देर? तुम ही आ जाओ न…

इब्राहिम: मेरा मूड अगर ऐसे बनता. तो मैं क्यों तुझे कांजी से चुदवाता?

उनकी बातें सुनकर ही मेरा लौड़ा पूरी तरह से तन गया था. अगर वहां इब्राहिम न होता तो मैं ख़ुद जाकर कुदसिया भाभी की चुदाई कर देता.

दरवाज़े पर खटखटाने की आवाज़ सुनते ही इब्राहिम कुर्सी से उछल पड़ा. उसने दरवाज़ा खोला और कांजी को अंदर ले लिए. कांजी कुदसिया भाभी की करवट देखते ही दौड़कर उसपर चढ़ गया. कुदसिया को जकड़कर वह उसके गले को चूमने लगा.

भाभी खिलखिलाते हुए सिसकियां लेती रही और कांजी के पीठ पर हाथ घुमाने लगी. तभी इब्राहिम बिस्तर पर चढ़कर उन दोनों को अलग करने लगा.

इब्राहिम: अरे कांजी भाई रुको तो जरा! कल भी तुम ऐसे ही उत्तेजित हो गये थे और फिर जल्दी झड़कर चले गये. मेरा तो कुछ सोचो…

कांजी: भाभी चीज़ ही ऐसी है… इसकी नंगी जिस्म देखकर ही आदमी झड़ दे.

इब्राहिम: सही बात है, लेकिन आज ज़रा ढंग से चोदना और मुझे ठीक से देखने देना! इसे चुदते हुए देखकर ही मेरा लौड़ा खड़ा होता है.

कांजी नंगा होकर बिस्तर पर लेट गया. उसका मोटा लौड़ा कड़क अवस्था में था. कुदसिया भाभी कांजी के पेट पर बैठकर उसकी छाती सहलाने लगी. कुछ देर बाद, वह गांड़ को उसके खड़े लौड़े पर घुमाने लगी. इब्राहिम उन दोनों के पास बैठे तमाशा देख रहा था.

कांजी: भाभी आप दूधवाली कब बनेंगी? रोज़ आप मेरे लौड़े का पानी पी जाती हो. मुझे आपकी गुलाबी चूत को लौड़े का पानी पिलाना है.

कुदसिया: अगर मैं दूधवाली बन गयी तो मेरे पति के दोस्त काम के सिलसिले में घर आना बंद कर देंगे. फिर मैं सेवा किसकी करूं?

कांजी: आपकी बात भी ठीक है. चलिये फिर, मुझे अपनी गोरी गांड़ दिखाकर मेरी सेवा कीजिये.

कुदसिया भाभी बिस्तर पर खड़ी होकर अपनी नाइटी उतारने लगी. उसकी सुडौल आकृति देखने के बाद मैं अपना लौड़ा हिलाने लगा. वह अपनी बड़ी गांड़ को कांजी के चेहरे पर रखकर आगे झुक गयी.

कांजी उसकी गांड़ में उंगली करते हुए उसकी चूत चाटने लगा. भाभी उसके लौड़े को सहलाते हुए चूसने लगी. उन दोनों को देखकर इब्राहिम ने भी अपना लौड़ा सहलाना शुरू कर दिया.

कांजी की मोटी उंगली भाभी की गांड़ की छेद की चुदाई करने लगी. उसकी वज़ह से भाभी उत्तेजित होकर गांड़ को उसके चेहरे पर दबाने लगी.

कांजी: आपकी गांड़ की छेद तो बहुत तंग है. कभी इसमें भी लौड़ा घुसाने दीजिये न.

कुदसिया: (लौड़ा हिलाते हुए) थोड़ा सब्र करो मेरी जान. जब मेरी चूत का भोसड़ा हो जायेगा तब मैं अपनी गांड़ चोदने दूंगी. अभी से अगर दोनों ढीले पड़ गये तो मुझे नये लौड़े मिलेंगे कैसे?

भाभी पलटकर कांजी का लौड़ा अपनी गीली चूत की पंखुड़ियों पर घिसने लगी. कांजी उसके गोल चूचियों को एक-एक करके चूसने लगा. लौड़े को चूत में घुसाते ही भाभी ने कांजी के चेहरे को सीने से लगा दिया. कांजी का लौड़ा सिलाई मशीन की नोक की तरह भाभी की चूत में अंदर बाहर होने लगा.

कुदसिया भाभी की सिसकियां सीधे उत्तेजित चीख़ों में बदल गयी. भाभी की चीख़े सुनकर कांजी ने उसके मोटे चूतड़ दबोचे और गांड़ की छेद को फैलाया. इब्राहिम, जो इतनी देर तक अपना लौड़ा सहला रहा था, उठकर कुदसिया के पीछे बैठ गया.

वह उसकी गीली गांड़ की छेद को चाटने लगा. उसने जब अपना लौड़ा बाहर निकाला, तब वह पूरी तरह से खड़ा भी नहीं हुआ था. कांजी के लौड़े को बीवी की चूत में घुसते देख उसका चेहरा ख़ुशी से चमक उठा था.

इब्राहिम कुदसिया की गांड़ की छेद में उंगली घुसाकर मज़े ले रहा था. भाभी की गोरी गांड़ लाल हो गयी थी. उसकी गांड़ कांजी के धक्कों से उछलकर इब्राहिम के हाथ को छू रही थी. मेरे लौड़े ने तो उस नज़ारे को देखकर माल झड़ दिया था.

थोड़ी देर बाद, कांजी ने अपने लौड़े को चूत से निकाला और भाभी की गांड़ पर झड़ दिया. उसने भाभी को अपने उपर से हटाया और हांफते हुए बिस्तर पर बैठ गया. कुदसिया भी लेटे हुए हांफ रही थी.

कांजी अपने कपड़े पहनकर वहां से चला गया. उसके जाने के बाद, इब्राहिम ने कुदसिया भाभी के पैर फैलाये और अपने लौड़े को उसकी चूत में धकेल दिया. भाभी की सिसकियां तेज़ होने ही लगी थी कि उतने में इब्राहिम ने चूत में माल झड़ दिया.