पैसों का लालच देकर नौकरानी को चोदा

हेलो दोस्तों मेरा नाम वह भी है और मैं बोबी आप सभी का हिंदी सेक्सुअल स्टोरीज वेब साइट पर स्वागत करता हूं। मैं कोलकाता का रहने वाला हूं। इस कहानी में मैं आपको बताऊंगा कि कैसे मैंने अपने घर की नौकरानी को चोदा।

बात पिछले साल की है जब लॉकडाउन लगा हुआ था और लोग डाउन की वजह से हम कहीं बाहर घूमने नहीं जा सकते थे और ना ही कोई काम करने के लिए बाहर जा सकते थे।

लेकिन आप दो मेरे लंड को किसी चूत की जरूरत थी क्योंकि रोज-रोज सेक्स कहानियां पढ़कर और पोर्न देखकर हाथ से ही काम चलाना पड़ता था।

हर रोज रात को लंड हिलाता और सो जाता। लेकिन अब मेरे लंड को चूत की बहुत ज्यादा जरूरत थी और अब मुझसे रहा भी नहीं जा रहा था। मेरी हवस बहुत ज्यादा बढ़ चुकी थी।

ठीक दिन सुबह सुबह जब मैं ऐसे ही टीवी देख रहा था तो हमारे घर की नौकरानी झाड़ू लगा रही थी। कुछ नहीं सलवार कमीज पहन रखा था और जब वह झुकती थी तो उसके बूब्स हिलते हुए नजर आते क्योंकि उसने ब्रा भी नहीं पहन रखी थी।

उसे देख कर मेरा लंड एकदम से खड़ा हो गया और अब तो वह पेंट फाड़ कर बाहर निकलने को बेकरार हो रहा था। तभी उसने मेरी तरफ देखा और मैंने अपने लंड पर हाथ रख लिया। लेकिन वह समझ गई कि यह मेरे को तार रहा है।

फिर मैं अपने कमरे में चला गया और अब मेरे दिमाग में बस सुबह ही सीन बार-बार चल रहा था। मैं बस उसी पल के बारे सोचते जा रहा था जब मैंने उसके बूब्स को हिलते हुए देखा था।

फिर वह नौकरानी पोछा लगाने के लिए मेरे रूम में भी आई तो मैं बेड पर बैठा हुआ था। अब वह पोछा लगा रही थी तो मैं भी उससे नजरे चुरा कर उसके बूब्स देख रहा था।

मेरा लंड कदम खड़ा हो गया था और मैं बेड पर लेटा हुआ था। सभी उसने मेरा खड़ा हुआ लैंड देख लिया और फटाक से अपनी नजरें दूसरी तरफ कर ली।

लेकिन अगले दिन जब वह मेरे कमरे में आई तो मैं फिर से उनके बूब्स ताड़ने लगा। वह कुछ भी नहीं बोल रही थी और जान बूझकर मुझे अपना अंग प्रदर्शन करके दिखा रही थी।

फिर एक दिन मैंने उनसे बात करने की सोची और बोला देखिए मैं 24 साल का हो गया हूं और अब मुझसे हाथ से काम नहीं चलाया जाता। क्या आप किसी को जानती है जो हजार रुपए में मेरी इस प्यार को शांत कर सके।

तो वह मुझे कुछ भी नहीं बोली और कमरे से बाहर चली गई। अगले दिन बहुत सुबह सुबह जल्दी ही घर की सफाई करने के लिए आ गई। उस समय सभी लोग सोए हुए थे और वह सीधा मेरे कमरे में आ गई।

उसने मुझे जगाया और कहा मुझे हजार रुपए की जरूरत है। मैंने कहा कोई बात नहीं आप तो हजार रुपए ले लो मुझे बदले में थोड़ा सा मजा दे दो। वह मान गई और उसने मेरी निक्कर से मेरा लंड निकाला और उसे हीलाने लगी।

मैंने उससे कहा यहां यह सब नहीं करेंगे। तुम अपना काम खत्म कर लो और 10:00 बजे तुम 4 फ्लोर ऊपर जो मेरे दोस्त साहिल का घर है वहां आ जाना। वहां कोई भी नहीं है और वहां अब यह सब अच्छी तरह से कर पाएंगे।

फिर वह मान गई और उसने सफाई करना शुरू कर दिया। ओपन विंडो से घर में जाकर क्या करने लगा और ठीक 10:00 बजे वह आ गई और उसने दरवाजा खटखटाया। मैंने दरवाजा खोला और उसे अंदर बुला लिया।

फिर मैंने उसे उठा कर बेड पर पटक दिया और उसकी सलवार कमीज खोल कर फेंक दी। अब मैं उसके नरम नरम बूब्स को चूसने लगा और उसकी चूचियों को मसलने लगा।

अब मैंने उसकी पैंटी भी उतार कर फेंक दी और उसके बदन को चाटने लगना। फिर उसने मेरा लंड पकड़ा और उसे चूसना और चाटना शुरू कर दिया।

उसने बहुत ही अच्छी तरीके से मेरा लंड चूसा और मैं बयां नहीं कर सकता कि वह कितना अच्छा अनुभव था। फिर मैं उसकी चूत की तरफ बढ़ा और उसकी चूत में उंगली डालकर अंदर-बाहर करने लगा।

अब मैं उसकी चूत पर जीभ फेर रहा था और उसे बहुत अच्छी तरह से चाट रहा था। मुझे बहुत मजा आ रहा था और वह भी जोर जोर से सिसकियां भर रही थी। थोड़ी ही देर में वो झड़ गई और अपना पानी छोड़ दिया।

अब फिर उसने मेरा लंड अपने मुंह में ले लिया और उसे किसी सरिए की तरह एकदम कड़क कर दिया। फिर मैंने अपना लंड उसकी चूत पर रखा और हल्का हल्का रगड़ने लगा। वह तिलमिलाने लगी।

और वो तिलमिलाती भी क्यों नहीं मैं जो जानबूझकर उसकी हवस को बढ़ा रहा था। फिर मैंने धीरे-धीरे धक्के देकर अपना लंड पूरी तरह से उसकी चूत के अंदर घुसा दिया।

मैंने अपने लंड को बाहर निकाला और एक और झटका देते हुए फिर से लंड उसकी चूत की गहराइयों तक पहुंचा दिया।

उसने एक जोर से आह भरी जिससे मुझे मालूम हो गया कि इसने जुदाई के मजे लेने शुरू कर दिए हैं।

अब मैंने उसे जोर जोर से धक्के देने शुरू कर दिए। काफी दिनों के बाद में चुदाई कर रहा था इसलिए मुझे बहुत ही ज्यादा अच्छा अहसास हो रहा था।

करीब 15 मिनट की चुदाई के बाद में झड़ने वाला था तो मैंने उसके मुंह में सारा माल निकाल दिया और वह उसे पी गई।

दोबारा से उसने मेरे लंड को चाट कर उसे खड़ा किया वह मेरे सामने घोड़ी बन गई।

अब मैंने फिर से उसे चोदना शुरू कर दिया और अब तक वह 3 बार झड़ चुकी थी

। काफी देर उसे चोदने के बाद जब मैं भी झड़ने वाला था तो मैंने अपना माल इस बार उसके पेट पर गिरा दिया और उसके ऊपर ही लेट गया।

करीब 5 मिनट तक है उसके ऊपर लेटा रहा और उसकी जिस्म की गरमाहट को महसूस किया। फिर मैं उठा और मैंने अपने कपड़े पहने।

फिर नौकरानी ने भी अपने कपड़े पहने और मैंने पांच पांच सौ के दो नोट उसके हाथ में थमा दिए। उसने नोट अपनी सलवार के अंदर रख लिए। मैंने उससे कहा अगर तुम्हें दोबारा पैसों की जरूरत पड़े तो मुझे जरूर बताना।