पैसो के चक्कर में चुत और गांड दोनों चुद गए

हेलो दोस्तों हिंदी सेक्सुअल स्टोरी की वेबसाइट पर आप लोगों का स्वागत है। यहां आपको हर रोज एक नहीं कहानी पढ़ने को मिलेगी। आज मैं एक नई कहानी लेकर पेश हुई हूं। उम्मीद करता हूं कि आपको यह कहानी पसंद आएगी।

मेरा नाम सलोनी है फोन मेरी उम्र 27 साल है। मेरा फिगर 36-30-38 का है। वैसे तो मैं सेक्स में बहुत ज्यादा इंटरेस्ट रखती हूं और हर रोज कोई ना कोई सेक्स कहानी जरूर पढ़ती हूं और पोर्न भी देखती हूं। लेकिन मैंने असल में सेक्स सिर्फ दो-तीन बार ही किया है।

क्योंकि मैं लोगों से इतना ज्यादा खुल नहीं पाते जिसके कारण ज्यादा लोगों से मेरी बातचीत वगैरह नहीं हो पाती। जब लॉकडाउन लगा तो हमारी आर्थिक स्थिति बहुत ही ज्यादा खराब हो गई और हमारे पास बिल्कुल भी पैसे ना बचे।

लोगों का काफी उधार हो चुका था इसलिए हमें अपना मकान गिरवी रखना पड़ा और हम अपना घर छोड़कर किराए के मकान पर रहने लगे। हमारे परिवार में चार लोग हैं। मम्मी पापा के अलावा मेरी एक बहन भी है जो कि सिर्फ 18 साल की है।

लोकडाउन से पहले मैं बच्चों को ट्यूशन पढ़ाकर किसी तरह अपना खर्चा मैनेज कर लेती थी लेकिन अब लोग डाउन में ट्यूशन भी नहीं पढ़ा सकती। जिस घर में हम किराए पर रहते थे उसकी पहली मंजिल पर मकान वाली का परिवार रहता था।

उनकी भी एक बेटी थी जो 26-27 साल की थी। वह काफी अच्छे कॉलेज में पढ़ती थी इसीलिए उसके दो दोस्त है वह बहुत ही ज्यादा अमीर घर के थे। उसका एक दोस्त जिसका नाम विनय था

वह कभी कबार उनके घर पर आया करता था और मुझे लाइन दिया करता था। पहले तो मैंने उसे इग्नोर किया और उसकी तरफ बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया। लेकिन वह हर बार मुझे देखता और लाइन देता था।

उसको इतना कोशिश करते देख मेरे मन में एक दो बार ख्याल भी आया कि चलो उसे बात ही कर लेते हैं। लेकिन फिर मैंने सोचा आगे इतनी ज्यादा टेंशन है रिलेशनशिप का एक और बोझ अपने सर क्यों लेना। यह सोचकर मैंने अब उसकी तरफ देखना भी बंद कर दिया था।

पहले मैं उसकी तरफ देख कर मुस्कुरा भी दिया करती थी लेकिन अब मैंने बिल्कुल हंसा करना बंद कर दिया। फिर एक दिन मकान मालिक की बेटी मेरे पास आई और वह बोली मैं तुमसे एक बात पूछूं। मैंने कहा हां जरूर पूछो।

उसने कहा तुम बुरा तो नहीं मानोगी। मैंने कहा नहीं मैं बिल्कुल भी बुरा नहीं मानूंगी। उसने कहा मेरा जो दोस्त है विनय वह तुम्हें पसंद करता है और तुमसे बात करना चाहता है। फिर मैंने उससे कहा मैं अभी उन चीजों में नहीं पड़ना चाहती हमारे परिवार की हालत बहुत ही खराब है।

तो उसने कहा तुम सिर्फ एक बार बात करके देखो। उसने मुझे उसका नंबर दे दिया। फिर शाम को मैंने उसे फोन लगाया और बताया कि मैं सलोनी बोल रही हूं तो उसने कहा तुम मुझे इग्नोर क्यों कर रही हो।

मैंने उसे सारी बात बता दी। उसने कहा बस इतनी सी बात कल मैं अपनी दोस्त के घर आऊंगा और मैं तुमसे वहां बात करूंगा। यह कहकर उसने फोन काट दिया और अगले दिन वह हमारे घर पहुंच गया।

उसके पिता की एक फैक्ट्री थी और फैक्ट्रियां उस समय चल रही थी। उसने अपने पिताजी से कहकर मेरे पापा की जो वहां लगवा दी और उसने कहा अब तुम्हारी चिंता खत्म हुई ना। मैंने हां मैं सिर्फ चलाते हुए उसका बहुत धन्यवाद किया।

उसने कहा इसमें शुक्रिया कहने की क्या जरूरत बस मैं तुमसे जानना चाहता हूं कि क्या तुम ही मुझे लाइक करती हो। मैंने सोचा लड़का अमीर है और क्या चाहिए मैंने उसे कह दिया हां मैं भी तुम्हें लाइक करती हूं और हम दोनों की डेटिंग स्टार्ट हो गई।

फिर कुछ दिनों बाद मुझे पैसों की जरूरत पड़ी और मैंने सोचा मैंने से कैसे मांगे उसने पहले ही हमारे लिए कितना कुछ किया है। फिर मैंने सोचा सुना अपने हुस्न के चक्कर में फंसा कर इस से पैसे निकाले जाएं।

अगलेे दिन मैं उसके फ्लैट पर पहुंची। वह अकेला ही रहता था। मैंने उससे डोरे डालने शुरू कर दिए और उसे सेड्यूस करने लगी। वह भी मेरे सारे जल्दी समझ गया और उसने मुझे किस करना शुरू कर दिया।

मैं भी उसका साथ देने लगी और हम दोनों किसिंग में लीन हो गए। अब वह मेरे गाल गर्दन और माथे को चूम रहा था। फिर मैंने उसकी टी-शर्ट उतार दी और उसकी पेंट भी उतार दी।

फिर मैंने उसका बंद उसके अंदर कैसे बाहर निकाला और उसे मुंह में लेकर चूसने लगी।

वो अम्मह….. उफ्फ…. करके आवाजे निकल रहा था। शायद पहली बार कोई उसका लन्ड चूस रहा था।

करीब 5 मिनट उसका लन्ड चूसने के बाद उसने सारा माल मेरे मुंह के ऊपर ही निकाल दिया। पहली बार मैंने किसी को इतनी जल्दी झड़ते हुए देखा था।

लेकिन मैंने फिर उसका लन्ड चूसा और उसे फिर से खड़ा किया।

और मेरे चुत में भी खुजली बढ़ रही थी इसलिए मैंने उसे कहा अब तुम अपना लन्ड मेरी चुत में डालो।

फिर उसने मेरे सारे कपड़े उतारे और मेरे बूब्स को अपने हाथों से मसलने लगा और उन्हें चूसने भी लगा।

फिर उसने अपना लन्ड मेरी चुत पर रखा और धीरे-धीरे झटका देते हुए पूरा अंदर घुसा दिया।

काफी दिनों बाद चोद रही थी इसलिए मुझे थोड़ा दर्द महसूस हो रहा था लेकिन थोड़ी देर में दर्द गायब होने लगा और आनंद मिलना शुरू हो गया।

मैं उसे याह… फक मी.. ओ माई गॉड… याह…. याह… उफ्फ…उफ्फ….. हार्डर…. और जोर से… कहते हुए और उकसाने लगी और वह भी मुझे तेजी से चोदने लगा और उसने झटके तेज कर दिए।

अब आप मुझे जुदाई का असली आनंद आ रहा था और मैं जन्नत की सैर कर रही थी।

फिरमिले के मन में पता नहीं क्या आएगा वह बोला मुझे तुम्हारी गांड मारनी है। उसने मुझे घोड़ी बनाया और मेरी गांड सुनने लगा और उसे चाटने लगा।

पहली बार कोई मेरी गांड चाट रहा था इसलिए मेरा शरीर मचलने लगा और मुझे गुदगुदी सी होने लगी।

फिर उसने अपना लन्ड मेरी गांड पर रखा और एक ही झटके में अंदर डालते हुए तेजी से चोदने लगा।

मुझे बहुत दर्द हो रहा था और मेरी चींखें निकल रही थी। लेकिन वह मेरे बूब्स को कस के पकड़े हुए झटके देते जा रहा था।

फिर 5 मिनट की जोरदार गांड चुदाई के बाद जब वह झड़ने वाला था तो उसने मां लंड बाहर निकाला और मेरी पीठ पर सारा माल निकाल दिया।

अब मेरी गांड में बहुत दर्द हो रहा था इसलिए उसने मुझे पेन किलर लाकर दिया। फिर मैंने पेन किलर खाया तो थोड़ा आराम महसूस हुआ।

फिर मैंने उसे इधर उधर की बातें करते हुए पैसे मांग लीजिए और उसने बिना कोई सवाल पूछो मुझे पैसे दे भी दिए।