छुट्टियों में घर आई पड़ोसन की जवान लड़की को कई बार चोदा

मेरा नाम करण है और मैं 21 साल का हूं। मेरे पड़ोस में एक ईसाई परिवार रहता है। उनके परिवार में चार लोग है। अंकल आंटी और उनके दो बच्चे है। एक बेटा और एक बेटी। बेटी 27 साल की है और मेडिकल के क्षेत्र में PhD कर रही है। उसका नाम लवली है।

आंटी की और मेरी बहुत बनती है और कोई भी काम हो तो वो मुझे ही कहती है। छुट्टियों में लवली घर आती थी। जब मैंने उसको आखिरी बार देखा था तो बहुत मासूम लगती थी , लेकिन इस बार जब को आई तो उसके बूब्स बहुत बड़े हो गए थे और टाइट जीन्स ओर टी शर्ट में क्या गज़ब लग रही थी।उसे देख कर मेरा लन्ड खड़ा हो गया और मैं उसे चोदने के सपने देखने लगा।

एक दिन जब मै उसके घर में बैठा था तो वो मेरे बगल में आकर बैठ गई और मुझसे बातें करने लगी। वो बार-बार हसी मजाक में मेरे जांघों पे हाथ फेर देती और कंधों को हल्का सा धक्का देकर हसने लगती। मेरा लन्ड तो खड़ा होकर फड़फड़ा रहा था पर फिर भी में किसी तरह बैठा रहा।

एक दिन उसने मेडिकल का कोई फॉर्म भरना था और उसने मुझे अपना लैपटॉप लेकर उसके घर आने को कहा। मै उसके घर गया तो आंटी कहीं बाहर गई थी। वो एक निक्कर और खुले गले वाली टी-शर्ट पहन कर बैठी हुई थी। उसमे से उसके बूब्स कुछ कुछ दिख रहे थे।

वो रजाई में बैठी थी और मुझे भी साथ बैठने के लिए बुला लिया। मै उसके बगल में जाकर बैठ गया। मेरा ध्यान सिर्फ उसके बूब्स पर ही था और मेरा लन्ड तो खड़ा हो ही गया था। उसने मुझे कॉफी के लिए पूछा और फिर कॉफी लेने के लिए चली गई। जब वो कॉफी लेकर आई और टेबल पर कॉफी रखने के लिए झुकी तो उसके पूरे बूब्स साफ-साफ दिख रहे थे।

मेरी आंखें खुली की खुली रह गई। मेरे पूरे शरीर में एक अजीब सी झनझनाहट हुई। उसने अचानक से मेरी तरफ देखा और थोड़े से गुस्से में पूछा, “क्या देख रहा है?” मै डर गया और मैंने बोला “कुछ नहीं देख रहा”। वो मेरी मंशा समझती थी और शायद उसको भी सेक्स की खुजली थी, वो कुछ ना बोली और रजाई में आकार बैठ गई।

मै फॉर्म भरने लगा तभी उसका हाथ मेरी जांघों पर आ गया। मै कांप गया और मेरे कान गर्म हो गए। मै भी यह इशारा समझ गया और थोड़ा खूलने की कोशिश की। लेकिन मै अंदर ही अंदर बहुत डर भी रहा था। फिर अचानक से वो लैपटॉप में गौर से देखने के लिए आगे की और झुकी और उसके बूब्स साफ साफ दिखने लगे।

मेरा लन्ड तो जैसे पजामा फाड़ कर बाहर निकलने को तैयार था। फिर मैंने हल्के से उसकी जांघ पर हाथ रख दिया और कोहनी से उसके बूब्स छूने लगा। तभी उसने पूछा कि मेरी कोई गर्लफ्रेंड है और क्या मै वर्जिन हू। मै उसका इशारा समझ गया और मैंने कहा कि मेरा ब्रेकअप हो चुका है और में वर्जिन नहीं हू।

उसने कहा वाह फिर तो तुम बहुत तेज हो। मैंने कहा क्या आप भी वर्जिन हैं तो उसने कहा कि वो भी वर्जिन नहीं है।फिर मैंने पूछा कि वर्जिनिटी कब तोड़ी थी तो उसने अपने कॉलेज की कहानी सुनाई।

उसके इतना कहते ही मैंने कहा कि आपके बूब्स बहुत बड़े और सुंदर है। वो हसने लगी और कहा टच करके देखोगे। फिर क्या था मैंने लैपटॉप साइड में रखा और दोनों हाथों से उसके बूब्स दबाने लगा वो भी मेरे लन्ड को दबाने लगी। फि

क्या था मैंने अपने होंठों को इसके होंठो के ऊपर रख दिया और उसे लेटा कर चूमने लगा। वह भी मुझको चूमने लगी। मै उसके बूब्स को भी लगातार दबा रहा था। किसिंग करते करते मैंने उसके निक्कर में हाथ डाल दिया और मुझको कुछ गीला और गर्म महसूस हुआ।

उसकी चुत बहुत गर्म थी जैसे ही मैंने उसके चुत में उंगली की तो उसके मुंह से आह निकल गई। मैं और तेजी से उंगली करने लग गया। उस पर भी मस्ती चढ़ने लगी। अब मैंने उसके ऊपर के कपड़े उतार दिए और एक झटके में उसकी ब्रा उतार कर फेंक दी।

उसके बूब्स देखकर मेरा लन्ड तो और भी जायदा तन गया। मैंने धीरे से उसके बूब्स को चूसना शुरू कर दिया उसके बूब्स इतने बड़े और नरम थे कि मुझे बहुत मजा आ रहा था। मैं बीच बीच में उसके चूचियों को अपने दांतों से काटता भी था। लवली को इस चीज़ में बहुत मजा आ रहा था।

काफी देर तक उसे चूसने के बाद हमने अपने सारे कपड़े उतार दिए और मैंने उसको मेरा लंड चूसने को कहा। उसने थोड़ी सी आनाकानी की लेकिन मेरे जोर देने पर उसने मेरा लन्ड मुंह में ले लिया और उसे लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी। मुझे जन्नत के नजारे मिल रहें थे।

थोड़ी देर बाद हम 69 की पोजिशन में आ गए और एक दूसरे को चूसने लगे। मै उसकी चुत को चाटने लगा और वो भी मेरा लन्ड चूसने लगी। थोड़ी देर बाद मैंने उसे बेड पर लेटा दिया और उसके उपर चढ़ गया। फिर मैंने अपना लन्ड उसके चुत के मुंह पे रखा और धीरे से धक्का दिया।

उसकी चुत बहुत टाइट थी। वो कराह उठी और धीरे धीरे डालने हो कहने लगी। अभी एक चोथाई लंड ही अंदर गया था कि उसने बोला “धीरे धीरे करो दर्द हो रहा है।“ लेकिन मैंने उसके होंठो को अपने होंठों से काटा और फिर उसके मुंह को अपने मुंह से बंद के दिया और जीभ से जीभ से जीभ मिलाने लगा। इ

बीच मैंने एक ही धक्के में पूरा लन्ड उसकी चुत में घुसा दिया और वो चिल्लाने ही लगी थी लेकिन मैंने उसका मुंह अपने अपने मुंह से बंद कर रखा था और फिर धीरे धीरे झटके देने लगा।

थोड़ी देर बाद उसने भी मजे लेना शुरू कर दिया। वो सेक्स के पूरे मजे ले रही थी। फिर हमने 3-4 पोजिशन में सेक्स किया और सब पोजिशन में पूरे मजे लिए।आखिर में मैं नीचे लेट गया और वो मेरे लन्ड के ऊपर बैठ कर धीरे धीरे कूदने लगी और आवाजे निकालने लगी। मुझे बहुत मजा आ रहा था।

कूदते कूदते ऐसे भी बहुत मजा आ रहा था और मजे में वो अंग्राईयां लेती हुई झड़ गई और हांफने लगी मै भी थोड़ी देर बाद झड़ गया। आधे घंटे बाद हमने फिर सेक्स का एक सेशन किया। इस तरह हम दोनों ने सेक्स का पूरा मजा लिया। और फिर हम किसिंग करने लगे।

उसने मुझे बताया कि आंटी 2 दिनों के लिए बाहर गई है ओर वो घर में अकेली है। अगले दिन हमने फिर सेक्स किया ओर वो दिन बहुत अच्छे गुजरे। अब वह हॉस्टल चली गई है और मै उन दिनों को याद करता रहता हूं।