पड़ोस के लड़के की मारी गांड

हेलो दोस्तों मेरा नाम वरुण है और मैं पंजाब के एक छोटे से शहर में रहता हूं। आज मैं आपके लिए एक नई कहानी लेकर आया हूं जिसमें मैं आपको बताऊंगा कि कैसे मैंने हमारी गली के एक मशहूर बदनाम लड़के की गांड मारी और उससे कैसे अपने लन्ड के मजेदार चूप्पे लगवाएं।

तो चलिए मैं आपको कहानी के बारे में बताना शुरू करता हूं और उम्मीद करता हूं कि आपको यह कहानी पसंद आएगी। मेरे पड़ोस में एक लड़का रहता था जिसका नाम करण था। वह लड़का गे था और यह बात लगभग पूरे शहर के लड़कों को पता थी। हर कोई उससे अपने लन्ड के चूप्पे लगवाना चाहता था।

लेकिन वह हर किसी के बस में आने वाली आइटम नहीं थी। दिखने में तो एकदम गोरा चिट्टा था लेकिन उसकी हरकतें एकदम लड़कियों जैसे होती थी। उसके चलने का स्टाइल भी थोड़ा अजीब था और वो अपनी गांड मटका मटका के चलता था।

एक दिन जब मैं घर पर खाली बैठा हुआ था तो मैंने सोचा क्यों ना इसके कुछ मजे लिए जाएं। फिर क्या था मैं उस मौके की तलाश में जुट गया जो मुझे उसकी गांड मारने का अवसर मिलेगा। फिर आखिरकार वह मौका मुझे एक दिन मिल ही गया। इसके घर वाले एक दिन के लिए कहीं जाने वाले थे और यह घर पर अकेला रहने वाला था।

लेकिन बड़ी दिलचस्प बात हुई कि वह मुझे मिलने के लिए एक दिन आया। और बोला कि मैं आपको पसंद करता हूं। मैंने कहा भाई मैं गे नहीं हूं लेकिन मैं तेरी प्यास जरूर बुझा सकता हूं। मैंने बोला तुम क्या करना चाहते हो। वह बोला मैं तुम्हारे लंड के चुपे लगाना चाहता हूं।

मैंने कहा कोई बात नहीं मुझे मालूम है कि तुम्हारे घर वाले कल कहीं बाहर जाने वाले हैं तो मैं कल तुम्हारे घर आ जाऊंगा और तुम ही संतुष्ट कर दूंगा। अगले दिन जब उसके घर वाले चले गए तो मैं चुपके से उसके घर में चला गया और वहां जाकर बैठ गया। उस समय शायद वह बाथरूम में नहा रहा था।

जब वह नहा कर बाहर आया तो मुझे देखकर वह थोड़ा सा हैरान हुआ और शर्माते हुए एक हल्की सी मुस्कुराहट उसके चेहरे पर आ गई। फिर वह मेरे पास आकर बैठ गया और मेरे पैंट की जिप खोलने लगा। फिर उसने मेरा लंड बाहर निकाला और उसे हिलाने लगा। मैंने कहा अरे इतनी जल्दी क्या है आराम से करते हैं।

उसने कहा कोई बात नहीं तुम जैसा कहोगे वैसा ही होगा। फिर हम दोनों बैठकर कुछ बातें करने लगे। मेरे मन में उसके बारे में जाने की बहुत जिज्ञासा थी और मैंने उससे पूछ ही लिया कि तुमने यह सब कैसे शुरू किया। उसने बोला मुझे बचपन से ही लड़के पसंद थे और मैं लड़कियों की तरफ ज्यादा आकर्षित नहीं होता था।

इसलिए एक दिन जब मेरा एक्स बॉयफ्रेंड और मैं किसी ट्रिप पर गए हुए थे तो हम दोनों ने एक दूसरे को अपने मन की बात बता दी और हम दोनों ने एक दूसरे से समलैंगिक सेक्स कर लिया। उस दिन के बाद मेरी रुचि लड़कों में और ज्यादा बढ़ गई। उस दिन के बाद मैंने पता नहीं कितने ही लड़कों के साथ सेक्स किया और उनका लंड अपनी गांड में लिया।

लेकिन इस शहर के लड़के मुझे हमेशा छेड़ते रहते हैं जो कि मुझे बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगता। मैंने कहा कोई बात नहीं अब धीरे-धीरे समाज बदल रहा है और मैं तुम्हारी कहानी समझ सकता हूं। फिर थोड़ी देर बाद उससे बातें करने के बाद उसने बोला कि अब मुझसे इंतजार नहीं हो रहा मैं तुम्हारा लन्ड अपनी गांड में लेना चाहता हूं।

फिर उसने मेरा लंड मेरी पैंट से बाहर निकाला और उसे अपने हाथों से धीरे धीरे हीलाकर खड़ा कर दिया। उसने बोला अरे वरुण बड़ा लंड तो मैंने आज तक कभी नहीं देखा कितनी बार सेक्स कर लिया है तुमने जो तुम्हारा लन्ड इतना बड़ा हो गया है। मैंने उससे कहा बस ऐसे ही है जब भी मुझे कोई मौका मिलता है तो मैं उस मौके पर चौका मार देता हूं।

फिर उसने मेरा लंड अपने मुंह में ले लिया और किसी प्रोफेशनल चंडी की तरह मेरे लन्ड के चूप्पे पर लगाने लगा। वह मेरा पूरा लन्ड अपने मुंह के अंदर तक ले जा रहा था और उसे चूस रहा था। फिर जब उसने मेरा लन्ड उसने पूरा खड़ा कर दिया तो वह बोला प्लीज अभी इसे मेरी गांड में डाल कर मेरी गांड फाड़ दो।

फिर वह मेरे सामने घोड़ी बनकर खड़ा हो गया और अपने हाथ से मेरे लन्ड को पकड़ते हुए अपनी गांड के छेद पर रख लिया और धीरे धीरे उसे अंदर धकेलने को कहने लगा। क्योंकि उसकी गांड बहुत टाइट थी इसलिए मुझे पहले लंड डालते समय थोड़ी दिक्कत हुई क्योंकि उसकी गांड पर से मेरा लन्ड फिसल जाता।

लेकिन जैसे ही मैंने उसकी गांड के छेद में अपना आधा लंड घुसाया तो वह चिल्लाने लगा और बोला धीरे धीरे करो वरुण तुम्हारा लन्ड बहुत बड़ा है मुझे दर्द हो रहा है। फिर मैंने अपना लन्ड बाहर निकाला और दोबारा से अपने लन्ड को धीरे धीरे उसकी गांड के अंदर धकेलने लगा और उसे झटके देने लगा।

वह आंख बंद करके चुदाई के मजे लेने लगा। उसको मैं खड़े खड़े चोदे जा रहा था और अब उसे मैं जोर जोर से झटके देने लगा। वह अब अपनी गांड मरवाने में पूरा लीन हो गया था और अब वह पीछे की तरफ जोर-जोर से अपनी गांड कर रहा था ताकि मेरा पूरा लन्ड उसकी गांड के अंदर तक घुस सके।

मैं इसी तरह से करीब दस मिनट तक लगातार उसे चोदते रहा। अब मैं आज आने वाला था इसलिए मैंने उससे पूछा कि बताओ अपना माल मै कहां निकालूं। उसने बोला अंदर ही निकाल दो। फिर मैंने एक जोर के झटके के साथ अपना सारा माल उसकी गांड के अंदर ही निकाल दिया।

जब मेरा गरम गरम माल उसकी गांड के अंदर गया तो जैसे उसके शरीर में बिजली का करंट दौड़ गया हो ऐसे वह तिलमिला उठा। फिर मैंने अपना लन्ड उसकी गांड से बाहर निकाला और सोफे पर बैठ कर आराम करने लगा।

उसने भी अब गांड मरवा ली थी इसलिए अपने कपड़े पहन लिए और मेरे से बोला करो तुम तो बहुत अच्छे से गांड मारते हो। तो मैंने उससे कहा अरे मैं पहले भी कई भाभियों की गांड मार चुका हूं। इतना कहकर मैं उसके घर से अपने घर की तरफ चल पड़ा।

आज की कहानी में बस इतना ही अगली कहानी में मैं आपको बताऊंगा कि कैसे मैंने एक भाभी की गांड मारी।