ऑफिस की पुरानी दोस्त जरूरत के समय में याद आई

हेलो दोस्तों हिंदी सेक्स फुल स्टोरी की वेबसाइट पर आपका हार्दिक स्वागत है। यहां आपको हर रोज एक नई कहानी पढ़ने को मिलेगी। आज मैं आपके सामने एक नई कहानी लेकर आया हूं। उम्मीद करता हूं कि आपको यह कहानी पसंद आएगी।

मेरा नाम रोहित कुमार है और मैं उत्तर प्रदेश के एक छोटे से कस्बे में रहता हूं जिसका नाम कीर्ति नगर है। मेरी उम्र 36 साल है और मेरे दो बच्चे भी हैं। जवानी के दिनों से ही मुझे सेक्स का शौक रहा है।

लेकिन शादी के बाद मैंने खुद ब खुद इन चीजों से छुटकारा पा लिया था। लेकिन अब मेरी बीवी में वह बात नहीं रही कि वह मेरे लन्ड की गर्मी को शांत कर सके।

इसलिए बार-बार आजकल मेरे दिमाग में पुरानी बातें ही घूमती रहती है कि कैसे मैं जवानी के दिनों में किसी भी लड़की को पटा लेता था और उसके साथ सेक्स कर लेता था। जिस कंपनी में मैं काम करता हूं उस कंपनी में लगभग 1200 काम करते हैं जिनमें से आधी महिलाएं हैं।

जब मेरे रिश्ते अपनी पत्नी से अच्छे नहीं चल रहे थे तो एक बार मैंने अपनी ऑफिस की एक दोस्त के साथ सेक्स किया था लेकिन हम दोनों ने एक दूसरे को वादा किया था कि वह गलती से हो गया था और हम दोनों इस बारे में भूल जाएंगे।

उससे बात को हुए 8 साल हो गए हैं। उस समय की बात है जब मेरी शादी को 2 साल ही हुए थे और मेरा मेरी पत्नी के साथ झगड़ा हो गया था। अब उसका तबादला कहीं और हो गया है और अब कभी कभार उससे फोन पर ही बात हो पाती है।

उस दिन हम दोनों नशे की हालत में थे और मेरा पति से झगड़ा हो गया था इसलिए मैं घर वापस नहीं गया और उसके ही फ्लैट पर चला गया था।

नशे की हालत में हम दोनों को पता नहीं चला इसलिए हम दोनों एक दूसरे से जिस्मानी सुख प्राप्त करने लगे और अपने अपने गम को भुलाने की कोशिश की। उस दिन मैंने उससे दो से तीन बार चोदा था और क्या कमाल की चुदाई हुई थी।

फिर मैंने सोचा क्यों ना उससे फोन पर ही बात की जाए और हो सके तो उससे मिला जाए। फिर मैंने उसे फोन लगाया और उसे सारी बातें बताएं कि कैसे अब मैं बहुत ही ज्यादा टेंशन में रहता हूं और मेरे पत्नी से भी अच्छे हालात नहीं चल रहे हैं।

उसने भी मुझे कहा कोई बात नहीं यह सब गुजर जाएगा और सब कुछ ठीक हो जाएगा। फिर मैंने उससे कहा कि मैं तुमसे मिलना चाहता हूं क्या तुम मुझसे मिल सकती हो।

उससे पहले तो कहा मेरा काम के कारण मैं बहुत बिजी हूं लेकिन मेरे जोर देने पर वह मान गई और हम ने रविवार को एक रेस्टोरेंट में मिलने का प्लान बनाया। मैंने उस दिन रेस्टोरेंट के साथ वाले होटल में एक कमरा बुक कर लिया और उसको चोदने का प्लान बनाने लगा।

उसका नाम शालिनी था और वह 36 साल की थी। उसने अभी तक शादी नहीं की थी। मैंने सोचा यही मौका है इससे कुंवारी लड़की की चुत मारने का। रविवार को मैं रेस्टोरेंट में पहुंच गया और जब वह रेस्टोरेंट के अंदर आए तो उसे देख कर मैं हैरान रह गया वह बहुत ही ज्यादा सेक्सी और हॉट लग रही थी।

उसने टाइट ब्लाउज और साड़ी पहन रखी थी जिसमें से उसकी कमर साफ दिखाई दे रही थी। उसके टाइट बूब्स देखकर मेरा मन मचलने लगा और मेरा लन्ड खड़ा हो गया था और पेंट फाड़ कर बाहर निकलने को बेकरार था।

मैं किसी तरह पानी पीकर अपने आप को शांत किया लेकिन उसके लगभग 38 के बूब्स 32 की कमर और 36 की गांड को देखकर मेरे शरीर में हलचल हो रही थी और मैं मन ही मन सोच रहा था आज तो इसे चोदे बिना जाने नहीं दूंगा।

फिर हम दोनों ने लंच किया और मैंने उससे कहा मैंने यह पास में ही एक होटल का कमरा बुक किया है मुझे तुमसे कुछ बातें करनी है क्या तुम चलोगी। उसने घड़ी में टाइम देखा और बोला हां समय तो है चलो चलते हैं तुम्हारी बात भी सुन लेती हूं। फिर हम दोनों होटल गए और अपने कमरे में चले गए।

वहां जाते ही मैंने उसको दीवार के साथ चिपका दिया और उसके हाथों में हाथ डालकर उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिये। उसके गुलाबी होंठ जिस पर उसने लाल लिपस्टिक लगा रखी थी क्या कमाल के लग रहे थे और मैं उन होंठों रस पीने लगा।

पहले तो उसने मुझे धक्का मारकर पीछे कर दिया लेकिन जब मैंने दोबारा उसे कस कर पकड़ा तो उसने अपने आप को मुझे सौंप दिया और वह भी मुझे किस करने लगी।

मेरे से ज्यादा उत्तेजना से वह मुझे किस कर रही थी और ऐसा लग रहा था मुझ से ज्यादा इसको चुदने की तलब है।

फिर मैंने उसकी सारी खोल दी और अब वह सिर्फ ब्लाउज और पेटीकोट में थी और मैंने उसे उठाकर बेड पर पटक दिया।

फिर मैंने उसके ब्लाउज और ब्रा उतार दिए और उसके बड़े बड़े बूब्स को अपने हाथों में लेकर दबाने लगा।

फिर मैंने उसके बूब्स पर अपनी जीभ रखी और उसकी चुचियों को चाटने लगा। सिसकियां भरने लगी और मेरे बालों को सहलाने लगी।

वो अम्ममहहह….. इईईईहहह….. करके सिसकियां भरने लगी।

मैंने उसकी पैंटी उतार दी और मेरे भी सारे कपड़े उतार लिए। फिर मैंने उसकी चिकनी लाल चूत को देखा तो उसकी चुत के आस पास एक भी बाल नहीं था।

उसने बताया कि उसे पता था यह सब होने वाला है इसलिए वह पहले से ही पूरी सफाई कर कर आई है। फिर मैंने उसकी चूत पर अपनी जीभ लगा दी और उसे कुत्तों की तरह चाटने लगा।

वह मोन करने लगी और उफ्फफ्फ….. एहहह….. याह जैसी आवाज़ें निकालने लगी।

फिर मुझसे अब इंतजार नहीं हो रहा था और उसने भी मुझे बोला कि अब अपना लौड़ा मेरी चुत में डाल कर मेरी चुत फाड़ दो। फिर मैंने अपना लन्ड उसकी चुत के ऊपर रखा और जोर-जोर से दो झटके दिए और अपना पूरा लन्ड उसकी चुत के तहखाने तक घुसा दिया।

वो चिल्ला उठी और उसने मेरी पीठ पर नाखून गड़ाने शुरू कर दिए।

लेकिन मुझे भी बहुत मजा आ रहा था और मैंने भी उसकी गांड पर थप्पड़ मारने शुरू कर दिए।

फिर थोड़ी देर की चुदाई के बाद मैंने झटकों की रफ्तार बढ़ा दी और वह किसी रंडी की तरह चुदने लगी।

वो मुझे और जोर से करो…. मेरी चुत फाड़ दो….. आई लवयू….. कहके जोर जोर से चोदने को कहने लगी। फिर 10 मिनट की चुदाई के बाद वो झड़ गई।

लेकिन मैं अभी तक मूड में था और इसलिए मैंने उसे उल्टा किया और उसे डॉगी स्टाइल में चोदने लगा। फिर से उसने कराना शुरू कर दिया और उसका शरीर मचलने लगा।

अब उसकी सिसकियों की आवाज पूरे कमरे में गूंज रही थी। करीबन 20 मिनट की चुदाई के बाद जब नया झड़ने वाला था तो मैंने अपना लन्ड उसकी चुत से निकालकर उसकी मुंह में घुसा दिया और साला माल वहीं पे निकाल दिया।

और उसके मुंह में लंड डाले हुए हैं उसके ऊपर लेट गया। थोड़ी देर आराम करने के बाद हमने फिर से सेक्स किया।

उस दिन के बाद हम अब महीने में एक-दो बार मिलते हैं और जब भी मिलते हैं तो जुदाई का आनंद जरूर लेते हैं।