निकाह से एक दिन पहले मनाई सुहागरात

हेलो दोस्तों आज मैं आपके सामने एक नई कहानी लेकर हाजिर हूं उम्मीद करता हूं कि आपको यह कहानी पसंद आएगी।

मेरा नाम जहीर और मैं हैदराबाद में रहता हूं। मेरे लैंड का साइज 7 इंच है और इसकी मोटाई भी करीबन 2 इंच तक की है। दिखने में हैंडसम और अपने मोहल्ले में काफी पॉपुलर भी हूं। के बाद 2 महीने पुरानी है मेरे मामा की लड़की का निकाह था इसलिए मैं उनके घर गया हुआ था।

मेरी मामा की लड़की को मैं बचपन से ही बहुत पसंद करता था और उसकी चुत मारने को बहुत ही ज्यादा बेटा था। दिखने में भी वह बहुत सुंदर थी और अब तो उसका फिगर कहर बरपाता था। उसके बड़े बड़े गूगल बूब्स देखकर कोई भी लड़की शरमा जाए और उसके जैसे मुंह पाने की ख्वाहिश करें।

उसकी पतली कमर और उभरी हुई गांड किसी भी मर्द के लंड को खड़ा करने की ताकत रखती थी। चूंकि मैं उसके निकाह में उसके घर गया हुआ था इसलिए मैं उसे जाकर मिला। तो मुझसे गले मिली और मेरा हाल चाल पूछा। जॉब वह मुझसे इन कली मिल रही थी तो उसके बूब्स मेरे छाती को छुए तो कसम से मेरा लन्ड खड़ा हो गया। लेकिन किसी तरह मैंने अपने लन्ड को एडजस्ट करते हुए पजामे के अंदर छुपा लिया और उसे उभरने नहीं दिया।

फिर मैं उससे बातें करने लगा और उसे बताया कि अम्मी थोड़ा बीमार है इसलिए अब्बू अम्मी का ख्याल रखने के लिए वहीं रुक गए और निकाह में नहीं आ पाए। उसने मेरे हाथ पर हाथ रख कर कहा कोई बात नहीं तुम्हारी अम्मी ठीक हो जाएगी तुम चिंता मत करो ज्यादा और यहां सब चीजों का मजा लो।

पता नहीं क्यों वो आज मुझसे कुछ ज्यादा ही चिपक रही थी। पहले तुम मेरा मन किया कि इस को चोद डालूं फिर मैंने सोचा किसकी शादी होने वाली है छोड़ो उसको जाने दो। इस तरह मैं अपने मामा का काम में हाथ बटाने लगा। बाजार से खरीदारी वगैरह करनी थी तो मैं मामा के साथ गया और हम सब चीजें खरीद कर घर ले आए।

मामा ने रजिया को पानी लाने को कहा और पानी पिलाने को कहा। पानी पीने के बाद हम लोग थोड़ा आराम करने के लिए बैठे तो रजिया चाय लेकर आ गई। जैसे ही वह मुझे चाय देने के लिए ट्रे लेकर नीचे झुकी तो उसके बूब्स मेरी आंखों के सामने आ गई। यह नजारा देखकर मेरा लैंड खड़ा हो गया और शायद रजिया ने इस बार मेरे उभरे हुए पजामे को देख लिया।

मैंने जल्दी से चाय का एक कप उठाया और रजिया को शुक्रिया कहा। रजिया कुछ नहीं बोली और शर्माते हुए आगे निकल गई। एक बार शादी को एक दिन ही बचा था और आज शाम भी हो चुकी थी। क्योंकि मामा के घर में बहुत सारे मेहमान आए हुए थे इसलिए मैं सोने के लिए जगह कम थी।

मामा ने मुझे कहा कि जाकर रजिया के कमरे के साथ वाले कमरे में सो जाओ वह खाली ही रहता है। मैं रजिया के साथ वाले कमरे में चला गया क्योंकि वहां कोई भी नहीं था और मैं अकेले आराम से सो सकता था। मुझे नहीं पता था कि मेरा और रजिया का कमरा एक दरवाजे से कनेक्ट है जो दोनों तरफ खुलता है और हम आराम से एक दूसरे के कमरे में आ जा सकते हैं।

रात के करीब 11:00 बजे वह दरवाजा अचानक से खुला और मैंने देखा तो रजिया एक छोटी सी निक्कर और टीशर्ट पहनकर मेरे सामने खड़ी थी। वह उन कपड़ों में बहुत ही सेक्सी और हॉट लग रही थी और उसे देखते मात्र ही मेरा लन्ड एकदम से खड़ा हो गया। क्योंकि मैंने भी एक निक्कर पहन रखी थी इसलिए मेरा लंड निक्कर में से उभरने लगा और रजिया ने वह देख लिया।

वह मेरे पास आकर बैठ गई और मेरे प्यार को चलाते हुए बोली जहीर तुम तो काफी हैंडसम हो गए हो। याद है जो बचपन में हम खेला करते थे तो जब तुम हार जाते थे तो रोने लगते थे। मुझे तुम लोगों की बहुत याद आएगी जब मैं यहां से चली जाऊंगी। मैंने कहा हमें भी तुम्हारी बहुत याद आएगी।

उसने कहा जहीर मुझे पता है तुम मुझे लाइक करती हो और मैं अभी तुम्हें लाइक करती हूं। क्यों ना हम आज अपने इस प्यार को असली प्यार में बदले। इतना कहते ही उसने मुझे किस करना शुरू कर दिया और मुझे बेड पर धक्का देकर लेटा दिया और मेरे ऊपर चढ़कर मुझे किस करने लगी।

मेरा लन्ड तो खड़ा हो चुका था इसलिए मैं भी उसे बेतहाशा चूमने लगा और उसकी टी शर्ट उतार दी। अब उसने भी मेरे सारे कपड़े उतार दिए और मैंने भी उसके सारे कपड़े उतार दिए। अब मैं उसके बूब्स को पकड़ कर मसलने लगा और उन्हें मुंह में लेकर चूसने लगा।

वह भी सिसकियां भरने लगी और बेड की चादर को अपने हाथों से मचोड़ने लगी। मैंने उसे बेड पर बिठाया और अपना लन्ड उसके मुंह में डाल दिया। उसने पूरा का पूरा लन्ड गर्दन तक घुसा लिया और उसे चूसने लगी। मुझे बहुत ही अद्भुत आनंद मिल रहा था। फिर मैं अभी उसकी चुत को चाटने लगा और हम दोनों 69 की पोजीशन में आ गए।

मै लगातार उसकी चुत को चाट रहा था और वह भी मेरे लन्ड को हिला हिला कर चूस रही थी। फिर जब मेरा लन्ड पूरी तरह से अकल का खड़ा हो गया तो उन्होंने अपना लन्ड उसके मुंह से बाहर निकाला और उसकी चुत पर रख दिया। और मैंने उसे बोला की इतने सालों के प्यार के कारण कि यह सब्र का फल हम दोनों को आज मिलेगा।

इतना कहते ही मैंने अपना लन्ड उसकी चुत में घुसा ना शुरू कर दिया और धीरे-धीरे अपना पूरा लन्ड उसकी चुत में घुसा दिया। अब उसके मुंह से करहाने की आवाज निकलने लगी और उससे थोड़ा थोड़ा दर्द होने लगा।

फिर मैंने उससे माथे पर एक पप्पी दी और उसके बूब्स को धीरे धीरे चूसने लगा। फिर थोड़ी देर में जो मुझसे थोड़ा आराम हुआ तो मैंने अपने लंड को थोड़ा पीछे किया और फिर उसकी चुत में पूरा घुसाया।

अब मैं उसे धीरे-धीरे झटके देने लगा और वह भी इन झटकों का पूरा नशीले अंदाज में आनंद लेने लगी। फिर अब मैंने चुदाई तेज कर दी और उसे जोर जोर से चोदने लगा।

वो भी उम्ह… आह्ह…. जैसी सेक्सी नशीली आवाज निकालने लगी। थोड़ी देर बाद वह अपने बदन को अकड़ते हुए झड़ गई। लेकिन अभी तो मैंने चुदाई शुरू ही की थी। इसलिए मैं उसे लगातार चोदे जा रहा था।

काफी देर सोने के बाद वह दूसरी बार भी झड़ गई और इस बार मैं भी जाने वाला था इसलिए मैंने अपना लन्ड उसकी चुत से निकाला और उसके हाथों में पकड़ाते हुए उसे कहा कि माल निकलने वाला है।

उसने मेरा लन्ड अपने मुंह के सामने रखकर उसे हिलाना शुरू कर दिया और थोड़ी देर में ही मैंने एक जोरदार पिचकारी उसके मुंह पर मारी और सारा माल उसके मुंह के अंदर निकाल दिया। वो सारा का सारा माल चाट कर 2 मिनट में चट कर गई। इस तरह उसने अपने निकाह से एक दिन पहले ही मेरे साथ सुहागरात मना ली।