भाभी ननद की कमाल की जुगलबंदी – 1

हेलो दोस्तों, हां जी रूम में आज फिर एक नई कहानी के साथ। उम्मीद करता हूं कि आप लोगों को यह कहानी पसंद आएगी।
मेरा नाम रेशमा है और मैं राजा नगर में रहती हूं। यह एक छोटा सा कस्बा है लेकिन यहां पर ऐसे ऐसे काम होते हैं जिससे कि इसे किसी बड़े शहर की तुलना में कम नहीं गिन सकते।

आज से 2 साल पहले मेरे भाई की शादी हुई थी और हमारे घर में नहीं नहीं भाभी की एंट्री हुई थी। भाभी दिखने में तो सुंदर थी और उनका व्यवहार भी अच्छा था। लेकिन कुछ दिनों से वह रुखी रुखी सी दिख रही थी। मैंने भाभी से पूछा भाभी आप बहुत उदास दिख रही हैं क्या कोई बात है जो आपको परेशान कर रही है।

भाभी ने कहा नहीं रेशमा ऐसा तो कुछ भी नहीं है तुम्हें ऐसे ही लग रहा है। लेकिन मैं जानती थी कोई बात तो जरूर है। एक दिन की बात है भाभी अपने कमरे में बैठी थी और मैं कुछ सामान लेने के लिए भाभी के रूम में जा रही थी लेकिन भाभी के रूम का दरवाजा अंदर से लॉक था।

मैंने खिड़की की ओर देखा तो खिड़की थोड़ी सी खुली थी मैंने खुली खिड़की के अंदर झांक देखा तो अंदर भाभी कुछ कर रही थी। मैंने गौर से देखा तो वह एक वाइब्रेटर (सेक्स टॉय) को अपनी चुत में डाल कर मजे ले रही थी। वो रिमोट से उसकी गति कभी बढ़ा रही थी तो कभी कम कर रही थी।

भाभी को ऐसा करता देख मैं भी गरम हो गई और मेरे मन में भी वाइब्रेटर से खेलने का विचार जागा। मै अपने कमरे मैं चली गई और वहां जाकर अपनी चुत में उंगलियां करने लगी। फिर क्या था अब जब भी मैं भाभी को देखती थी तो मुझे वही सीन याद आ जाता था जब भाभी वाइब्रेटर से अपनी चुत की प्यास बुझा रही थी।

उस दिन की बात है भाभी बाजार से कुछ सामान लेने के लिए बाहर गई हुई थी। और घर पर मैं अकेली ही थी। मैंने सोचा यही सही मौका है क्यों नाम है अभी वाइब्रेटर से खेल कर देखूं। मैं भाभी के कमरे में चली गई और इधर-उधर ढूंढने पर मुझे वाइब्रेटर मिल ही गया।

मैंने वाइब्रेटर को बाहर निकाला और उससे अच्छी तरह से सेट कर लिया अब मैंने रिमोट से धीरे-धीरे वाइब्रेटर की स्पीड बढ़ानी शुरू कर दी। जैसे ही वाइब्रेटर शुरू हुआ और मेरी चुत में जैसे ही घुसा तो मेरी चीख निकल गई। लेकिन मैंने अपने मुंह पर हाथ रखा और अपनी आवाज को दबा लिया।

हम थोड़ी देर बाद मेरी कामुकता और बढ़ गई और मैंने वाइब्रेटर की स्पीड और बढ़ा दी और बेड पर लेट गए। कसम से हस्तमैथुन करने पर भी इतना मजा नहीं आता था जितना मजा मुझे इस वाइब्रेटर की चुदाई से आ रहा था।

मैं वाइब्रेटर से खेलने में इतना मस्त हो गई थी मुझे पता ही नहीं चला कि कब भाभी घर आ गई है और उसने मुझे वाइब्रेटर के साथ पकड़ लिया। भाभी ने कहा यह बच्चों के खेलने की चीज नहीं है तुम्हें यह कहां से मिला। मैंने भाभी को कहा भाभी जी अब मैं बच्ची नहीं रही मेरा भी मन करता है इन चीजों से खेलने का।

मैंने फिर कहा क्या आप अकेले अकेले ही इन सब चीजों का मजा लेना चाहती हैं कभी हमारे साथ भी इन चीजों का मजा लें। भाभी भाभी ने इतना सुनने के बाद समझ लिया कि इसने मुझे वाइब्रेटर के साथ शायद पहले देख लिया है इसलिए ऐसी बातें कर रही है और इसी कारण इसे पता चल गया होगा कि मेरे पास वाइब्रेटर है। मैंने भाभी से कहा भाभी जी मेरे साथ भी थोड़ा सा खेलिए ना।

भाभी के सम्मान में डुप्लीकेट दो तरफा लंड भी पढ़ा हुआ था। मैंने कहा भाभी आप हम मैं और आप दोनों मिलकर इस लंड से खेलते हैं। इससे पहले की भाभी कुछ बोल पाती मैंने अपने होंठ भाभी के होंठों पर रख दिए और उन्हें धक्का देकर बेड पर लिटा दिया और जोर जोर से चूमने लगी।

भाभी ने मुझे एक बार धक्का देकर हटा दिया लेकिन मैंने दोबारा से भाभी को चूमना शुरू कर दिया और इस बार भाभी ने हार मान ली और भाभी ने भी मुझे वापस चूमना शुरू कर दिया। हम दोनों भाभी ननंद एक दूसरे को बेतहाशा चूमे में जा रहे थे। हम दोनों का थूक एक दूसरे के मुंह में जा रहा था लेकिन ऐसा करने में मजा भी बहुत आ रहा था।

फिर हमने एक दूसरे के सारे कपड़े उतार दिए और एक दूसरे के सामने बिल्कुल नंगे होकर खड़े हो गए। भाभी बोली रेशमा आज मैं तुझे जन्नत की सैर कराती हूं। इतना कहकर भाभी मैं चुत को चूसना शुरू कर दिया और मैं मस्ती में इधर उधर मचलने लगी। भाभी तो ऐसे चुत चाट रही थी जैसे ऐसा करने में उसे पता नहीं कितना तजुर्बा हो।

फिर भाभी ऊपर आई और उसने मेरे बूब्स को चूसना शुरू कर दिया और मैंने भी भाभी के बूब्स को चूसना शुरू कर दिया। अब हम दोनों पूरी कामुकता में लीन हो चुके थे और एक दूसरे की चुत चाटने लग पड़े थे। मैं भाभी की चुत चाट रही थी और भाभी मेरी चुत चाट रही थी हम दोनों 69 की पोजीशन में थे।

फिर हमने एक दूसरे को थोड़ी देर की चूमा। और उस दो तरफा प्लास्टिक के लंड को अपनी अपनी चुत पर रखा और अपने पैरों को कैंची की तरह बनाते हुए एक दूसरे भी चुत से चुत सटा दी और वह लंड हमारे दोनों की चुत में आधा-आधा घुस गया। मैंने भाभी के दोनों पैर पकड़ लिए और भाभी ने मेरे दोनों पैर पकड़ लिए।

इस तरह हम दोनों एक दूसरे को खींचने लगे और आगे पीछे करने लगे। हम हम अपने आप ही आगे पीछे हो रहे थे और जुदाई के मजे ले रहे थे। मैं और भाभी दोनों ही सेक्स भरी आवाज निकाल रहे थे और अपने अपने बूब्स को मसल रहे थे।

काफी देर तक ऐसा करने के बाद हम दोनों झड़ गए और थक भी गए थे। फिर मैं और भाभी दोनों लेट गए। मैंने कहा भाभी आप इन चीजों में तो बहुत एक्सपीरियंस्ड लगती हैं।

उन्होंने का अरे कॉलेज में सारी लड़कियां ऐसे ही किया करती थी मैंने कहा वह भाभी आपने तो लगता है कॉलेज में पूरे मजे लिए हैं। इतना कहकर भाभी हंस दी और बोली कोई बात नहीं आज से यह मजे तुझे भी मिला करेंगे।

यह इस कहानी का पहला भाग है और बहुत ही जल्द दूसरा भाग भी अपलोड किया जाएगा। तब तक हमारी इस वेबसाइट को अपने दोस्तों के साथ शेयर करें वह इसी तरह हमारी कहानियों का आनंद लेते हैं।

कहानी का दूसरा भाग आप यहां पढ़ सकते हैं – भाभी ननद की कमाल की जुगलबंदी – 2