नई नवेली भाभी की प्यास बुझाकर किया संतुष्ट

हेलो दोस्तों हिंदी सेक्शुअल स्टोरी की वेबसाइट पर आपका स्वागत है। आज मैं आपके लिए एक भाभी से किए सेक्स की स्टोरी लेकर आया हूं उम्मीद करता हूं कि आपको यह कहानी पसंद आएगी।

मेरा नाम रोहित है और मेरी उम्र 28 साल है। मुझे सेक्स का बहुत शौक है और मैं ऑनलाइन कई सारी हिंदी कहानियां पढ़ता रहता हूं। मैं अब तक कई बार सेक्स कर चुका हूं जिससे कि मेरा लन्ड 8 इंच का हो गया है और यह 2 इंच मोटा भी है।

मैं बिहार के छपरा में रहता हूं और वही एक दुकान में काम करता हूं। मेरा दोस्त विक्की जिसकी अभी चार महीने पहले शादी हुई थी वह मर्चेंट नेवी में काम करता है। शादी के एक हफ्ते बाद ही उसे काम के लिए जाना पड़ा और अब छे महीने के लिए वही जहाज पर ही रहने वाला है।

उसका अक्सर मुझे फोन आता है और वह कहता है कि तुम मेरी शादी में नहीं आएगा यार मैं तुझसे बहुत नाखुश हूं। अब कम से कम भाभी से ही जाकर मिल ले और देख भाभी कैसी लगती है तुझे।

क्योंकि मेरे दोस्त की अच्छी खासी नौकरी है और वह अमीर भी है इसलिए मैंने सुन रखा था कि उसकी अच्छे घर में शादी हुई है और उसकी बीवी बहुत ही ज्यादा सुंदर है।

फिर एक दिन शाम को मुझे समय मिल ही गया और मैं अपने दोस्त के घर जा पहुंचा जो यहां से करीब 50 किलोमीटर दूर था। मैं दो घंटे में वहां पहुंच गया और मैंने जाकर अंकल आंटी को प्रणाम किया।

अंकल आंटी ने मुझे देखा तो वह बहुत खुश हुए और उन्होंने भी मेरे शादी में ना आने पर अपनी नाराजगी जताई। फिर मैंने उन्हें बताया कि मुझे बहुत ही ज्यादा जरूरी काम था इसलिए मैं नहीं आ पाया। वो बोले कोई बात नहीं चलो अपनी भाभी से तो मिल लो।

तभी भाभी कमरे से बाहर आई और सोफे पर मेरे साथ आकर बैठ गई। भाभी ने साड़ी पहन रखी थी और उनकी कमर साफ दिख रहे थी। मैंने जिंदगी में इतनी गोरी कमर आज तक नहीं देखी थी। उसकी बूब का साइज भी 34 इंच लग रहा था। और गांड भी काफी मोटी थी।

हिसाब से कहें तो पूरा परफेक्ट फिगर था। अब रात होने वाली थी इसलिए अंकल आंटी ने खाना खिलाया और उन्होंने कहा कि तुम बहू के साथ वाले रूम में जाकर सो जाओ तुम्हारा बिस्तरा लगा दिया है। मैं जाकर कमरे में लेट गया और सोने की कोशिश करने लगा।

मैं भाभी के बारे में नहीं सोचा जा रहा था कि इसकी छूट मिल जाए तो कितना अच्छा होगा। तभी वह मेरे कमरे के बाहर से गुजरी और मेरे को आंख मार के निकल गई। मैंने सोचा यह क्या कर रही है। अब उसके आंख मारने के कारण मेरी बेचैनी और ज्यादा बढ़ गई थी।

रात के 1:00 बज चुके थे लेकिन मुझे नींद नहीं आ रही थी। तभी भाभी मेरे कमरे में आई और उसने धीरे से कमरे को अंदर से कुंडी लगा दी। मैं समझ गया था कि उसको अपने पति का सुख ना मिलने के कारण यह बहुत प्यासी है। वह मेरे पास आकर बैठी और मुझसे बातें करने लगी।

फिर वह बोली आपके दोस्त तो बहुत अजीब है एक बार भी हमें संतुष्ट कर के नहीं गए अब हम आपसे उम्मीद लगाए हैं। उम्मीद करते हैं कि आप हमें निराश नहीं करेंगे।

मुझे बस इसी का तो इंतजार था मैंने एक मिनट में भाभी को नंगा कर दिया और अपने कपड़े भी उतार दिए। भाभी के बूब्स और चूचियां देखकर हैरान रह गया।

इतने गोरे बूब्स मैंने आज तक नहीं देखे थे और उनके ऊपर भूरे रंग की चूचियां देखकर तो मेरा मन मचल गया। फिर मैंने भाभी को अपनी तरफ खींचा और होठों पर किस करने लगा।

उसके गुलाबी रसीले होंठों तो जैसे ही हम अपने होंठ सटाए तो उसके होंठ बहुत ही नरम महसूस हुए। फिल्म है उसके होठों का रस पीने लगा।

थोड़ी देर बाद मैंने उसके बूब्स भी मसलने शुरू कर दिए और उनकी गर्दन पर किस करना शुरू कर दिया। अब मैं उसके बूब्स चूसने लगा और वह भी अपनी गर्दन पीछे की ओर करके मजे लेने लगी।

फिर मैंने भाभी की बुर पर हाथ रख दिया और मुझे वह बहुत ही गर्म और गीला महसूस हुआ।

फिर मैंने ने भाभी की बुर को चांटा और वह सिसकियां भरने लगी। फिर उसने मुझे कहा अब अंदर डाल भी दो रोहित।

मैंने अपना 8 इंच लंबा लंड उसकी चुत के ऊपर रखा हुआ धीरे-धीरे झटके देते हुए पूरा अंदर घुसा दिया। वो उफ्फफ़फ्फ…… एहहह….. करती हुई सारा लंड अंदर ले गई।

भाभी से थोड़ी देर तेज सांसे लेते हुए अपने आपको थोड़ा शांत किया फिर मैंने उसे झटके देने शुरू कर दिए। मैं आपसे अब तेजी से चोदने लगा और वह भी मोन करने लगी।

थोड़ी सी देर बाद वो झड़ गई और उसका सारा पानी निकल गया। लेकिन मेरा मन अभी तक नहीं भरा हुआ था और शायद उसे भी अभी और चूदना था।

मैं उससे अब किस करते हुए चोद रहा था और वह भी मुझसे लिपट कर चोद रही थी।

मैं काफी देर से उसे चोद रहा था और वो फिर से झड़ गई और मैं भी झड़ने वाला था इसलिए मैंने अपना लन्ड निकाला और माल उसके पेट पर निकाल दिया।

थोड़ी देर आराम करने के बाद वह बोली एक बार और करते हैं और उसने मेरा लंड मुंह में लेकर उसे दोबारा से खड़ा करना शुरू कर दिया।

जब मेरा लंड तन कर खड़ा हो गया तो इस बार मै नीचे लेटा हुआ था और वह मेरे लन्ड के ऊपर बैठ कर उछल रही थी। वह काफी देर तक ऐसे ही उछलती रही।

मेरा लन्ड उसकी चुत की गहराइयों तक जा रहा था क्योंकि अब उसकी चुत खुल चुकी थी और मेरा लन्ड आसानी से अंदर बाहर हो रहा था।

फिर मैंने उससे घोड़ी बनाया और पीछे से लंड उसकी चुत में डाल दिया। इस बार मैंने करीब उसे 20 मिनट तक चोदा और बीच में वह एक बार झड़ भी चुकी थी।

फिर मैं भी जाने वाला था तो मैंने अपना सारा माल उसकी चुत में ही निकाल दिया। जैसे ही मेरा माल उसकी चुत में निकला वह मोन करते हुए बेड पर लेट गई और मैं भी उसके ऊपर लेट गया।

फिर उसने थोड़ी देर तक मुझे किस किया और बोली रोहित आज तूने मुझे संतुष्ट कर दिया। मैंने कहा मुझे भी बहुत मजा आया। यह कहकर वह अपने कमरे में सोने चली गई।

रात के 2:00 बज चुके थे और अब सेक्स करने से थकावट भी हो गई थी। इसलिए मैं भी जैसे ही लेटा कुछ ही देर में मुझे भी नींद आ गई और मैं भी सो गया।