भाभी और नाई ने एक दूसरे की प्यास बुझाई – 1

एक छोटे से कस्बे के बीचों बीच एक नाई की दुकान थी। नाईं करीबन 28 साल का हट्टा कट्टा नौजवान लड़का था। हुनर में तो वो किसी से भी काम नहीं था और उसकी दुकान भी बहुत अच्छी चलती थी।

उसके पड़ोस में ही दो तीन घर छोड़कर एक भाभी रहती थी। भाभी तो दिखने में ठीक ठाक थी। लेकिन जब से उसे बच्चा पैदा हुआ तो उसके बाद वो बला की सेक्सी दिखने लगी थी। उ

भाभी से नाई की बातें आते जाते होती रहती थी। वो एक दूसरे का पड़ोसी होने के नाते हाल चाल पुछ लिया करते थे। इससे आगे कभी भी बात आगे नहीं बढ़ी। हालांकि भाभी उस नाई को में ही में पसंद जरूर करती थी। ले

कभी खुल कर इजहार नहीं किया। नाई भी भाभी का फैन था। वो अपनी दुकान में किसी भी ग्राहक से भाभी के बारे में एक भी गलत बात सुनने को तैयार नहीं था। वो एक दूसरे को पसंद करते थे और शायद एक दूसरे को चोदने कि इच्छा भी रखते थे।

एक दिन की बात है भाभी अपने छोटे से बेटे को लेकर उसके बाल कटवाने के लिए उसी नाई के पास गईं। उसने स्लीवलेस कुर्ती पहन रखी थी और नीचे प्लाजो पहना हुआ था। जब भाभी दुकान में पहुंची तो वहां कोई भी ग्राहक नहीं था।

भाभी को देखकर नाई बहुत खुश हुआ और उसको नमस्ते कहते हुए बैठने को कुर्सी दी। भाभी ने बोला कि उसको अपने बेटे के बाल कटवाने है। नाई बोला हा हा बिल्कुल काट देंगे।

बाल कटवाना तो भाभी का सिर्फ बहाना था वो तो अपनी चुत की प्यास बुझाना चाहती थी। नाई उसके बेटे के बालों को काटने लगा। भाभी प्यासी आंखों से नाई को देखने लगी और अपने होठों को दांतों के बीच दबाने लगी। थोड़ी देर में नाई ने उसके बेटे के बाल काट दिएं और भाभी को कहा कि और कुछ करना है।

तो भाभी ने कहा करना तो है पर इसके साथ नहीं मेरे साथ। नाई कुछ समझा नहीं और उसने भाभी को कहा कि हां कर देंगे। फिर भाभी ने कहा कि काम थोड़ा प्राइवेट में जाने वाला है तो नाई ने पूछा ऐसा क्या काम है। तो भाभी ने कहा कि उसे अपने अंडरआर्म बाल कटवाने हैं।

नाई का तो यह बात सुनकर लंड खड़ा हो गया। वो भाभी को पर्दे के पीछे ले गया और हाथ उठाने को कहा। भाभी ने अपने हाथ उठा दिए।फिर क्या था भाभी की आर्मपिट की खुशबू जब नाई के नाक में पड़ी तो वह मंत्रमुग्ध हो गया। वो तो जैसे स्वर्ग में ही पहुंच गया हो।

चूंकि भाभी ने स्लीवलेस कुर्ती पहनी हुई थी तो उसके मम्मे भी थोड़े थोड़े दिखाई दे रहे थे। ऐसा नजारा देख कर नाई के तो होश ही उड़ गए। फिर उसने उस्तरा पकड़ा और भाभी को सहलाते हुए उसके आर्मपिट के बाल काटने लगा।

अब भाभी ने उसका पूरा मूड बना दिया था। उसका लन्ड तनकर पजामे से बाहर आने को तैयार था। तभी भाभी ने कहा कि तुम वहां के बाल भी काट दोगे। तो नाई ने जानबूझकर पूछा कहा के।

भाभी ने कहा नीचे के। नाई उसका इशारा समझ गया और उसने भाभी को शाम को आने को कहा क्योंकि अभी कोई भी ग्राहक आ सकता है। भाभी मान गई और अपने बेटे को लेकर चली गई।

नाई तो बेचारा शाम का ही इंतजार कर रहा था। उससे ठीक से काम भी नहीं हो था तो उसने दुकान बंद कर दी। शाम को जब भाभी आई तो वो दुकान के बाहर ही बैठा था और वो भाभी को इशारा करके पीछे की गली से पिछले दरवाजे से उसे अंदर ले गया।

अंदर जाते ही उसने कुण्डी लगाई और भाभी को कस के अपनी बाहों में जकड़ लिया। भाभी ने भी उसे अपनी बाहों में भर लिया और अपने होंठों को उसके होंठों पर रख दिया और एक दूसरे की जीभ चाटने लगे।

नाई ने फटाक से उसकी कुर्ती और प्लाजो उतार दिए। अब वो सिर्फ ब्रा और पैंटी में थी। इस नजारे को देख नाई का लंड खड़ा होकर सांप को तरह फुंफकारने लगा। अब भाभी ने अपनी ब्रा उतरी और अपने मम्मो के दर्शन नाई को करवाए।

नाई जैसे पागल हो गया था उसने झपटकर भाभी का मम्मा अपने मुंह में ले लिया और जोर जोर से चूसकर उसका दूध पीने लगा। उसका गर्म दूध पीकर उसकी ताकत तो और ज्यादा हो गई। उसने एक झटने से उसकी पैंटी खींची और पैंटी फटकार उसके हाथ में आ गई।

भाभी ने कहा आराम से करो। तभी नाई ने अपना लन्ड निकाला और भाभी को सोफे पर धक्का दे दिया। भाभी ने इतना लंबा और मोटा लन्ड पहले कभी नहीं देखा था। उसके पति का तो छोटा सा था।

नाई ने आंव देखा ना ताव सीधा लंड उसकी चुत पर रखा और एक हाथ से लंड पकड़ा और दूसरे हाथ से उसकी चुत को खिला। फिर क्या था एक ही झटके में पूरा लन्ड अन्दर। भाभी की तो आत्मा जैसे एक पल के लिए बाहर निकाल गई हो।

वो कराह उठी और सिसकियां भरने लगी। नाई ने फिर लंड थोड़ा बाहर निकाल के एक ओर जोर का झटका दिया। इस झटके के बाद तो भाभी रोने लगी और बोली कि बहुत जलन ही रही है।

लेकिन नाई ने अपने हाथ से उसके मुंह को बंद किया और मुंह से उसके मम्मे को काटने लगा। भाभी को थोड़ी और मस्ती चढ़ने लगी। फिर नाई ने जोर जोर से झटके दिन शुरू कर दिए। भाभी अब सिसकियां भरने लगी और ऊहह, आह्ह जैसी आवाज़ें निकालने लगी।

लेकिन नाई बिना रुके उसे चोदता ही जा रहा था। भाभी के तो पसीने छूट रहें थे ऐसी चुदाई पहले कहा कभी हुई थी। 5 मिनट लगातार चोदने के बाद नाई ने अपना सारा माल भाभी की बुड़ में ही निकाल दिया।

भाभी को अपने चुत के अंदर एक ज्वालामुखी फूटने का अहसास हुआ। और वो मस्ती में अंगड़ाइयां भरने लगी। नाई भी थककर भाभी के ऊपर लेट गया।

थोड़ी देर तक किसिंग करने के बाद नाई ने बड़े प्यार से भाभी की झांटों को साफ किया। और चुत पर एक प्यारी से पप्पी दी। भाभी को इस तरह की जन्नत की सैर पहले कभी नहीं हुई थी।
अब टाइम भी काफी ही चुका था भाभी ने कहा कि वो घर जा रही है और वो उसे एक नई पैंटी गिफ्ट करें।

ये फटी हुई पैंटी वो रख लें। नाई ने वो पैंटी उठाकर अपनी टॉयलेट में जाकर रख दी। जाते जाते भाभी उस नाई का नंबर भी के गई। उस दिन के बाद नाई और भाभी के बीच करीबी और बढ़ गई।

यह इस कहानी का पहला भाग था अगले भाग में आपको भाभी और नाई के अगले सेक्स एनकाउंटर के बारे में बताऊंगा।

अगला भाग यहां पढ़ें – भाभी और नाई ने एक दूसरे की प्यास बुझाई – 2