मौसी के बेटे से चुदकर बुझी मेरी प्यास

नमस्कार दोस्तों, मेरा नाम प्रिया है और मैं हिंदी सेक्सुअल स्टोरी मैं आपका बहुत स्वागत करती हूं। कितना सेक्सटोरी की नियमित रूप से पार्टी कहां हुई और ऐसी कोई भी राहत नहीं दी थी जब मैं कम से कम एक बार कहानी ना पढू।

आज मैं आपको अपनी कहानी सुनाने जा रही हूं आशा करती हूं कि आपको यह कहानी पसंद आएगी।

मैं भोपाल में रहती हूं मेरा कद 5 फुट 6 इंच है और मेरा फिगर 34 की छाती, 30 की कमर और 36 की गांड है। मैं दिखने में खूबसूरत हूं और मुझे जो भी देखता है वह मेरा दीवाना हो जाता है। मेरे सफेद रंग के नरम नरम बूब्स और उनके ऊपर का निप्पल बहुत ही कमाल की है।

मेरे चिकनी चुत को चोदने के लिए हमेशा ही लाइन लगी रहती है। मुझे भी चुदाई करने में बहुत ही ज्यादा मजा आता है। इसलिए मैं स्कूल टाइम से ही की सेक्स करती आ रही है। लेकिन सबसे ज्यादा मजा मुझे तब आया जब मेरे मौसी के लड़के ने मेरी चुदाई की।

उसने अपने 7 इंच के लैंड से मेरी चुत फाड़ दी और उससे चुदाई करवा कर मुझे बहुत ही ज्यादा मजा। बात तब की है जब मैं कॉलेज में थी और ग्रेजुएशन कर रही थी। तेरी मौसी के लड़के का नाम माधव था और मैं उससे अपनी चुत चुदवाना चाहती थी।

लेकिन वह मेरी तरफ कुछ खास ध्यान नहीं देता था। मेरे पापा मम्मी की शादी की सालगिरह थी और हमारे घर में एक छोटी सी पार्टी थी जिसने माधव भी आया हुआ था।

रात में सब लोगों ने खूब मजा किया और फिर हम सोने के लिए चले गए। बचपन में हम सभी लोग साथ में ही सोते थे। मेरी मम्मी ने माधव से कहा जाओ तुम भी प्रिया और बाकी बच्चों के साथ जाकर लेट जाओ।

मैं और मेरी बहन एक ही रूम में सोते थे और उस दिन माधव भी हमारे साथ सोने वाला था। मैंने सफेद टीशर्ट और निक्कर पहन रखी थी और उसमें मैं बहुत ही ज्यादा हॉट लग रही थी। बेड काफी बड़ा था और उस पर कम से कम 4 लोग तो सो ही सकते थे।

मैं और माधव दोनों बेड पर बैठकर आपस में बातें करने लगे। फिर मम्मी के कहने पर हम सभी सोने लगे। मुझे तो नींद बिल्कुल नहीं आ रही थी और मैंने सोने का नाटक करते हुए करवटें बदली और माधव के पास जा पहुंची। माधव तो सो रहा था।

लेकिन मैंने उसके लन्ड की तरफ देखा तो वह बिल्कुल खड़ा हुआ था। मैंने इस तरह से अपना पैर उसके ऊपर रखा कि उसका लन्ड मेरी चुत के छेद पर टच कर गया। राज भी थोड़ी देर तक इधर उधर डोला लेकिन उसने भी मेरा कोई ज्यादा विरोध नहीं किया।

शायद उसके मन में भी अंतर्वासना जाग रही थी। राज ने भी अब करवट बदली और उसने अपना मुंह मेरे मुंह के बिल्कुल पास कर दिया। मैं बीच बीच में अपनी आंख थोड़ा-थोड़ा खोलकर सब कुछ देख रही थी।

वह मुझे किस करना चाहता था लेकिन मैं इतनी आसानी से मानने वाली नहीं थी और मैंने देखा कि वह मेरे बूब्स को ताड़ रहा है। फिर वह हिम्मत करके आगे बढ़ा और उसने अपने होंठ मेरे होंठों से सटाए और जल्दी से वापस हो गया।

मैं समझ गई थी कि यह डर रहा है लेकिन वह अब अपनी पैंट में हाथ डालकर अपने लंड को हिला रहा था।

तभी उसने मेरे बूब्स पर हाथ रख दिया और उन्हें सहलाने लगा। मुझसे भी अब रहा नहीं गया और मैंने अपनी आंखें खोल दी। जिसे देखकर माधव पहले तो थोड़ा सा डर गया लेकिन जब मैंने उसके होठों पर वोट रखकर किसकी तो हो समझ गया कि मैं भी चुदना चाहती हूं।

फिर क्या था वह भी मुझे किस करने लगा और हम थोड़ी देर तक किस करते रहे।

अब वह अपनी पैंट में हाथ डालकर अपने लंड को हिला रहा था और मैं भी अपनी चुत में उंगलियां कर दी थी।

फिर मैंने अपना हाथ उसकी निक्कर के अंदर घुसा दिया और उसके लन्ड को पकड़ कर हिलाने लगी। उसका लन्ड बहुत ही गर्म लग रहा था।

वह भी मेरी निक्कर के अंदर हाथ डाल कर मेरी चुत में उंगलियां करने लगा और मेरी उत्तेजना और ज्यादा बढ़ने लगी।

फिर हम दोनों से रहा नहीं गया तो हम दोनों छत पर चले गए और वहां जाकर उसने मेरी टीशर्ट उतार दी और मेरे गोल गोल नरम बूब्स को चूसना लगा।

वह बीच-बीच में मेरी चुचियों पर दांत भी काट रहा था। मेरा पूरा शरीर में चल रहा था और अब तो मुझसे इंतजार भी नहीं हो रहा था। फिर उसने अपना लन्ड निकाला और बोला कि इसे चूसो।

मुझे लंड चूसने में काफी मजा आता था और मैंने उसका लंड अपने मुंह में लिया और उसे चूसने लगी।

मैं बीच-बीच में उसके गोटियों को भी चूस रही थी। फिर उसने मुझे खड़ा किया और मेरी पेंटी सहित मेरी निक्कर भी उतार दी।

जब उसने मेरी चुत को देखा तो वह चूक गया और उसने एक उंगली मेरी चुत में डालकर अंदर-बाहर करने लगा।

वह अपनी उंगली मेरी चुत में घुमा रहा था और मैं उई…. मम्मी…. ओह…. करके मोन कर रही थी।

फिर मैंने उससे कहा अब मुझसे रहा नहीं जाता तुम अब अपना अजगर मेरी चुत में डाल दो।

फिर उसने अपना लन्ड मेरी चुत पर रखा और उसे उसके ऊपर रगड़ने लगा। मुझे जानबूझकर तड़पा रहा था। मेरी भी सिसकियां निकल रही थी।

लेकिन तभी अचानक उसने एक ही झटके में पूरा लन्ड मेरी चुत के अंदर घुसा दिया। मेरे मुंह से चीख निकल गई लेकिन माधव ने मेरा मुंह अपने हाथ से बंद कर दिया।

फिर थोड़ी देर बाद मैं आअह्हह्ह…. ईईईईईई… ओह्ह्ह्…… मम्मी… मै मर गई…. करके मोन करने लगी। माधव ने चुदाई जारी रखी।

वह मेरी तरफ ही देख रहा था। फिर मैं थोड़ी देर में झड़ गई और मेरी चुत गीली होने के कारण अब उसका लौड़ा पच पच की आवाज कर रहा था।

अब उसका लंड भी पानी छोड़ने वाला था और उसने अपना लंड मेरे मुंह में डाल दिया और पिचकारी मारते हुए सारा माल मेरे मुंह के अंदर ही निकाल दिया। मेरे सारा माल पी गई।

अब हम दोनों बहुत थक गए थे इसलिए हम वापस कमरे में जाकर सो गए।