मोहल्ले की बदनाम भाभी को पेला

नमस्कार दोस्तों उम्मीद करता हूं कि आप सब कुशल मंगल होंगे और मेरी कहानियों का आनंद ले रहे होंगे। तो फिर हाजिर हूं मैं आज एक और नई कहानी लेकर और उम्मीद करता हूं कि आप को देख कहानी बहुत पसंद आएगी।

मेरा नाम रोहन है और मैं गाजियाबाद में रहता हूं। मैं दिखने में हटा सकता हूं और खाते पीते घर का लगता हूं। मेरे लैंड का साइज भी बहुत तगड़ा और इसकी मोटाई भी ठीक ठाक है। हमारे मोहल्ले में एक भाभी रहती है जो बहुत बदनाम है।

उसका पति बाहर रहता है और साल में एक दो बार ही घर आता है। वह अब तक शायद कई लोगों से जुड़ चुकी है और कई लोगों को अपनी चुत का मजा दे चुकी है। जब मैंने उस भाभी को पहली बार अपनी आंखों से देखा तो मेरी आंखें खुली की खुली ही रह गई।

भाभी लिखने वाला एकदम गोरी चिट्टी थी। उसकी हाइट भी 5 फुट 10 इंच के करीब होगी। उसके बूब्स के साइज बहुत बड़े-बड़े थे और साड़ी में उसकी कमर क्या मस्त लग रही थी। जब वह चल रही थी तो उसकी उभरी हुई गांड मटक रही थी। उसकी मटकती हुई गांड देखकर तो मेरा लन्ड खड़ा हो गया और बीच बाजार में ही मुझे पसीना आने लगा।

उस वक्त मैंने सोचा इसे चोदने वाले तो बहुत खुश नसीब हो गए जो ऐसा माल उन्हें चोदने को मिला। अब मेरी रातों की नींद वह भाभी उड़ा के ले जा चुकी थी। गुजरात में उसी के ख्याल आते और मेरा सोना भी मुश्किल हो गया था। मैं रात के दो दो, तीन तीन बजे तक उसके खयालों में डूबा रहता और सपनों में उसको चोदता।

अब मुझसे रहा नहीं जा रहा था और मैं किसी तरह उस भाभी की चुदाई करना ही चाहता था। फिर एक दिन मुझे वह अवसर मिल ही गया जब मैं उस भाभी से जाकर बात कर सकता था। बात दरअसल यह हुई थी कि हमारे मोहल्ले में एक सार्वजनिक लंगर लगाने की योजना बनाई थी और इसके लिए मोहल्ले के सभी घरों से चंदा इकट्ठा करने को कहा गया था।

इसकी जिम्मेदारी मोहल्ले के तीन चार लड़कों को सौंपी गई जिनमें से एक मैं भी था। मैं फटाक से चंदा लेने के लिए उस भाभी के घर पर जा पहुंचा। उसने मुझे बैठने के लिए अंदर बुलाया और पूछा चाय लोगे या ठंडा। मैंने बोला कि भाभी जी चाय ले जाइए।

जब वह रसोई में गई तो उसे पता चला कि आज दूध वाला नहीं आया है और वह मुझसे आकर बोली अरे रोहन आज तो दूध वाला आया नहीं है कोल्ड ड्रिंक ही पी लो। मैंने कहा अरे भाभी जी दूध तो आपके पास कूट-कूट के भरा है वही पिला दीजिए। मैंने अपनी आंखों से उसके बूब्स की तरफ इशारा करते हुए कहा। तो भाभी ने कहा अरे बहुत बदमाश लड़के हो तुम।

मैंने कहा आप भी तो बहुत बदमाश है हम दोनों एक दूसरे से कितने मिलते हैं। फिर उसने मुझसे पूछा कि तुम चाहते क्या हो। मैंने कहा बस वही चीज चाहता हूं जो आपका पति आपको कभी-कभी दे पाता है। अभी समझ गई कि मैं आपका मन बनाकर ही आया हूं।

तो वह मेरे पास आकर बैठ गई और बोली मन तो मेरा भी है कुछ करने का। और इतना कहते हुए उसने मेरे जांघों पर हाथ फेरते हुए मेरे लन्ड पर अपना हाथ रख दिया। मेरा लन्ड अकड़कर पूरा खड़ा हो गया।

उसने अपना हाथ मेरी पैंट के अंदर घुसाया और मेरा लंड पकड़ लिया मैंने भी उसके पल्लू को उसके बड़े बड़े मम्मो के ऊपर से हटाया। उसके ब्लाउज से उसके बूब्स बाहर निकलने को उतावले हो रहे थे इसलिए मैंने उसकी ब्लाउज खोली और उसके मम्मो के डायरेक्टर दर्शन किए। उसके बूब्स बहुत ही मोटे मोटे और मुलायम थे।

मैं दोनों हाथ से भाभी के दोनों बूब्स को दबाने लगा और उन्हें मसलने लगा। भाभी भी अब मूड में आ चुकी थी और उसने मेरी टी शर्ट और पेंट उतार दी। मैंने भाभी को गोदी में उठाया और उसे बेडरूम में ले जाकर बेड पर पटक दिया। फिर मैंने भाभी की सारी और पेटीकोट को उतार दिया। अब वो मेरे सामने पूरी नंगी पड़ी हुई थी।

उसके झाटों के बीच उसकी चुत छुपी हुई थी। मैंने भाभी की चुत पर अपना हाथ रखा और धीरे से अपनी उंगली भाभी की चुत में घुसा कर ऊपर नीचे करने लगा। भाभी अपनी चुत में मेरी उंगली का आनंद लेने लगी और उसका शरीर मचलने लगा। फिर मैंने भाभी के बूब्स को चूसना शुरू कर दिया।

उनकी चुचियों का रस पीने लगा। काफी देर उसके बूब्स को चूसने और चाटने के बाद मैंने अपना लन्ड उसके होठों पर रखा और उसे चूसने को कहा। वह मेरा लन्ड चूसने लगी और मैं भी 69 की पोजीशन में उसकी चुत चाटने लगा।

काफी देर तक मैं उसकी चुत चाटते रहा और वह इतनी देर में बहुत गर्म हो गई थी और एक बार झड़ भी गई थी। फिर मैंने अपना लन्ड उसकी चुत पर रखा और एक ही झटके में पूरा लन्ड उसकी चुत की जड़ों तक घुसा दिया। जैसे ही मेरा लन्ड उसकी चुत में घुसा उसके मुंह से अहह…. की आवाज निकल पड़ी।

फिर मैंने अपना लन्ड पीछे करते हुए एक और जोर का झटका दिया और इस तरह अब लगातार झटके देने लगा। वो अम्हह… आहह…. वाउ….. जैसी सेक्सी आवाजें निकालने लगी और पूरे मूड में चुदने लगी। मैंने उसको रिवर्स कॉउ स्टाइल में चोदा। और फिर उसकी एक टांग उठा कर उसको एक तरफ से टक्कर अपना लन्ड उसकी चुत में डालकर चोदा।

भाभी हाफ हाफ कर मुझसे बोलने लगी वाह राहुल इस तरह से तो पहले मुझे किसी ने नहीं चोदा तुम तो बड़े ज्ञानी आदमी लगते हैं। मैंने उसकी गांड पर एक जोर से थप्पड़ मारते हुए उसे और जोर से चोदने लगा।

इतने में वो झड़ गई और अब मैं भी झड़ने वाला था इसलिए मैंने अपना लन्ड भाभी की चुत से बाहर निकाला और उसे अपने हाथों से हीलाते हुए अपना सारा वीर्य भाभी के मुंह के अंदर निकाल दिया और वह गटक करके सारा का सारा माल पी गई।

फिर मैंने भाभी से पूछा क्यों भाभी मजा आया कि नहीं तो वह बोली हां बहुत मजा आया आज बहुत दिनों के बाद किसी ने इतनी अच्छी तरह से चुदाई की है। फिर मैंने अपने कपड़े पहने और भाभी भी अपनी साड़ी पहन कर तैयार हो गई।

फिर उसने मुझे चंदे के लिए पैसे दिए और मैंने उनको रसीद काट कर दे दी। फिर जब मैं जाने लगा तो मैंने भाभी को उठाओ पर एक जोरदार किस्स दी और उनकी गांड पर एक थप्पड़ मारते हुए उनको बाय बोल कर चला गया।