कॉलेज समर कैंप में चोदा चोदी सेक्स का माहौल बन गया (भाग १)

मेरे बॉयफ्रेंड ने मुझे कॉलेज के समर कैंप में जाने से मना किया था. उसे डर इस बात का था कि कहीं मैं लड़कों को अपनी कामुक शरारतों से उकसा न दू.

टाइट कपड़ों में सभी पुरुष मेरे चूतड़ और चूचे देखकर दीवाने हो जाते हैं. इसलिये मैंने समर कैंप के लिए केवल टाइट कपड़े पैक किए थे. कैंप साईट पर पहुंचने के बाद हमने टेंट बांधे. चाय पीकर सफ़र की थकान मिटाकर हम एक जगह पर इकट्ठा हो गये.

शिक्षक हमें अगले दिन होने वाले इवेंट्स के बारे में बताने लगे. वहां पर मैंने काफ़ी लड़कों को मुझे तिरछी नज़रों से ताकते हुए पकड़ा. तभी मैंने थोड़ी मस्ती करके उनके लंड को कड़क करने का सोचा.

खड़े रहते समय, मेरी टाइट शॉर्ट्स गांड़ की दरार में घुस गई थी. उंगली को दरार में घुसाकर मैंने शॉर्ट्स बराबर किया और लड़कों की सांसे तेज़ कर दी.

टाइट शॉर्ट्स में मेरी उभरी हुई गांड़ को देखकर सबसे ज़्यादा उत्तेजित रॉकी हुआ था. भले ही वह ठरकी था, लेकिन हम सब लड़कियां उसके बारे में हमेशा बातें किया करते थे.

वह धीरे-धीरे करके मेरे पीछे आकर खड़ा हो गया था. माहौल गरम करने के लिए मैं अपनी शू लेस कसने झुक गयी. अपनी गांड़ हिलाते हुए मैं जब लेस कस रही थी. तब रॉकी मुझसे चिपक गया. उसका लंड मेरी गांड़ पर चुभने लगा था.

कैंप की मीटिंग ख़तम हो जाने के बाद मैं सहेलियों के साथ जुड़ गयी. हम सब मेरी मस्ती के बारे में बातें करते हुए मज़े करने लगे. तभी शुमोना मैडम हमारे पास चली आयी.

शुमोना: यह क्या पहना है तुमने यास्मीन? हम सब यहां तुम्हारी गांड़ देखने नहीं आये हैं. जाकर अपने कपड़े बदल लो!

इतने में रॉकी हमारे बीच आकर खड़ा हो गया. वह शुमोना मैडम की डीप कट सलवार को घूर रहा था. उसकी नज़रों को देखकर मैडम ने अपना दुपट्टा ठीक किया.

रॉकी: लेकिन मुझे कोई ऐतराज नहीं है अगर यास्मीन अपनी गांड़ दिखाये तो… (मैं और मेरी सहेलियां हंसने लगे).

शुमोना मैडम गुस्से से लाल होकर वहां से चली गयी. उसके जाते ही रॉकी ने कहा. “साली ख़ुद रंडी की तरह गांड़ मटकाते घूम रही है उसका क्या? इसके भोसड़े को कोई टीचर सूंघता नहीं इसलिये जलती है.’’

रात को हम सब सहेलियां टेंट में बैठे गप्पे मार रहे थे. तभी मुझे रॉकी का फ़ोन पर मैसेज आया.

रॉकी: मैंने सुना है कि कैंप में लड़कियां एक दूसरे की चूत में उंगली करती है. क्या यह बात सच है?

मुझे उसका मैसेज पढ़कर फिर से मस्ती करने का मन हो गया. इसलिये मैं उसके साथ चैटिंग करने लगी.

मैं: अब कोई तगड़ा लंड मिलेगा नहीं तो क्या करेंगी बेचारी…

रॉकी: भूल गयी कैंप मीटिंग में तुम मेरे तगड़े लंड पर अपनी गांड़ घिस रही थी? सोचकर ही मेरा लंड तनकर खड़ा हो गया…

मैं: तो उसे हिलाकर शांत कर दो. अपनी शुमोना मैडम के बारे में क्यों नहीं सोचते? बेचारी के भोसड़े को कोई सूंघता तक नहीं…

रॉकी: अरे वह तो मैंने तुम्हारा दिल रखने के लिए बोला था. असल में तो वह हॉट माल है. अभी-अभी उसके टेंट में से झांककर निकला हूं. क्या मस्त चीज़ है यार!

मैं: अपने भोसड़े में टेंट का खम्बा घुसा रही थी क्या वह? ही ही ही…

रॉकी: नहीं. उसका अपने जिम टीचर अनवर के साथ टाका भीडा है. दोनों की बातें सुनकर ही तो मेरा लंड खड़ा हो गया.

मैं: अच्छा. लेकिन अभी तो तुमने कहा था कि तुम्हारा लंड मेरी गांड़ के बारे में सोचकर खड़ा हो गया?

रॉकी: लेकिन अब मुझे उससे भी अच्छी चीज़ देखने को मिलने वाली है…

मैं: कमीने! मेरी गांड़ से इतनी जल्दी मन भर गया तेरा?

रॉकी: तुम नाराज तो ऐसी हो रही हो जैसे कि तुमने मुझे अपनी गांड़ चोदने दी थी. वह सब जाने दो, आज रात शुमोना और अनवर चुदाई करने वाले हैं. देखना है तो मुझसे आकर मिलो.

रॉकी की बातें सुनकर मेरी चूत से पानी निकल गया था. जब से उसके मोटे लंड पर मैंने गांड़ घिसी थी, तब से मैं बेचैन हो गयी. उपर से वह मुझे शुमोना मैडम की चुदाई दिखाने वाला था.

मैं पेशाब करने का बहाना बनाकर टेंट से निकली. बाहर आने पर मेरा ध्यान मेरे कपड़ों पर गया. मैंने सिर्फ़ ढीली टी शर्ट और शॉर्ट पैंट पहनी थी. अंदर जाकर कपड़े बदलती तो सहेलियों को शक हो जाता. इसलिये मैं वैसे ही रॉकी से मिलने चली गयी.

झाड़ियों के पास रॉकी मेरा इंतज़ार कर रहा था. उसने तो सिर्फ़ शॉर्ट्स पहना था, उपर से पूरा नंगा. उसकी बालों वाली चौड़ी छाती देखकर मेरी चूत मचल रही थी.

मुझे देखकर रॉकी अपने लंड को सहलाने लगा. जब मैं उसके पास जाकर खड़ी हुई, तब उसके आधे नंगे शरीर की महक और गरमी मेरी वासना को भड़काने लगी.

रॉकी: मैंने तुम्हें चुदाई दिखाने के लिए बुलाया है. लेकिन तुम तो अपनी चुदाई करवाने जैसे कपड़े पहनकर आयी हो.

मैं: मेरे पास दूसरे कपड़े नहीं हैं. तुम अब बताओ कि चुदाई कब होने वाली है?

रॉकी: कम से कम ब्रा तो पहनकर आती (अपना लंड सहलाते हुए).

मैं: तुम मुझे घूरना बंद करो और यह बताओ कि शुमोना मैडम की टेंट में तुमने क्या देखा?

रॉकी: मैडम अपनी चूत रगड़ते हुए अनवर से फ़ोन पर बात कर रही थी. उनकी बातों से पता चला कि वह दोनों बहुत दिनों के बाद चुदाई करने वाले हैं. बीच में मैडम के पति का भी फ़ोन आ रहा था, लेकिन वह उठा नहीं रही थी.

मैं: साली इतनी ठरकी निकलेगी वह मालूम नहीं था मुझे…

रॉकी: अरे यह तो एक नंबर की चरित्रहीन औरत है. अनवर से बोल रही थी कि उसका पति उसे ठीक से चोदता नहीं है. इसलिये उसने पड़ोसी के साथ भी चुदाई करना शुरू कर दिया है.

कुछ देर बाद, शुमोना मैडम टेंट से निकली और यहां वहां देखने लेगी. वह अचानक से बाहर निकली इसलिये मुझे और रॉकी को झाड़ियों में घुसना पड़ा. अंदर छुपते समय रॉकी ने मुझे अपनी तरफ़ खींचा और पीछे से मुझे जकड़ लिया.

शुमोना मैडम नदी की तरफ़ जाने वाले रास्ते पर चलने लगी. उसके जाने तक, रॉकी ने मुझे बाहों में पकड़कर रखा था. उसका हाथ मेरी चूचियों के बिलकुल नीचे था. लेकिन मज़े तो वह अपने लंड को मेरी गांड़ पर दबाकर ले रहा था. जब शुमोना मैडम थोड़ी दूर चली गयी. तब हम झाड़ियों से बाहर आ गये.

मैं: तुम्हारा लंड मेरी गांड़ से आकर ही क्यों चिपकता है?

रॉकी: उसकी आदत तो तुमने ही लगायी थी न जान…

—–

कहानी के दूसरे भाग में पढ़िये कि शुमोना मैडम का पीछा करते हुए रॉकी ने मेरी चूत को कैसे उकसाया. और यह भी जानिये कि अनवर और शुमोना मिलने के बाद किस तरह से लंड चूत का खेल खेलते हैं.