ससुराल जाते वक्त भैया ने कार में की चुदाई

मेरा नाम अंजली है और मैं 30 साल की हूं। मेरी शादी को 4 साल हो चुके हैं और मेरा डेढ़ साल का एक बच्चा भी है। मैं कुछ दिनों के लिए मायके आई हुई थी। और वही मेरी मुलाकात किशोर भैया से हुई।

किशोर भैया मुझ से 2 साल बड़े मैं और मुझे वह बहुत ही पसंद है। शादी से पहले मैं कई बार सपनों में उनसे चुद चुकी थी और उन्हें याद करके कई बार हस्तमैथुन भी किया था। किशोर भैया की जिस दिन शादी हुई थी उस दिन मैं बहुत रोई थी क्योंकि मेरा दिल जो टूट गया था।

लेकिन किशोर भैया की अपनी बीवी से ज्यादा कुछ बनती नहीं है। इन दोनों का हमेशा आपस में झगड़ा ही चलता रहता है। इस बार किशोर भैया हमारे घर पर भी आए थे और शायद दो दिन किसी काम की वजह से रुकने भी वाले थे। मुझे इस बात की बहुत खुशी थी कि किशोर भैया हमारे घर पर रुकेंगे और इसी बहाने मैं कोई ना कोई मौका ढूंढ कर उनसे सेक्स करने की ख्वाहिश को पूरा करने की कोशिश करूंगी।

अगले दिन सुबह सुबह में जल्दी उठी और मैंने देखा कि यह किशोर भैया कमरे में सोए हुए हैं और मेरी मम्मी मंदिर गई हुई है। तो इसलिए मैं नहाने के लिए बाथरूम में चली गई और मैं अपने कपड़े लेना भूल गई।

जब मैंने नहा लिया और कपड़े पहनने की बारी आई तो मुझे याद आया कि कपड़े तो मैं कमरे में ही भूल आई हूं। मेरे पास सिर्फ एक तौलीया था जिसे मैंने अपनी छाती से लेकर जांघों के ऊपर तक किसी तरह लपेटा और उसे हाथ से पकड़े हुए बाथरूम से अपने कमरे की ओर भागी।

लेकिन जैसे ही मैं अपने कमरे के पास पहुंची तो किशोर भैया वही खड़े थे और उनकी निगाह मेरे पर पड़ गई। मुझे इस तरह मेरी भरी जवानी में नंगा देखकर पक्का उनका मन मचल गया होगा लेकिन वह दरवाजे से पीछे हट गए और मैं भागकर अंदर चली गई।

फिर मैंने उस दिन जानबूझकर एक टाइट ब्लाउज पहना जिसमें से मेरी चूचियां साफ़ दिख रही थी क्योंकि मैंने ब्रा नहीं पहनी थी। और मैं जानबूझकर किशोर भैया के सामने झुक झुक कर काम कर रही थी ताकि वह मेरे बूब्स के दर्शन कर सके।

किशोर भैया मेरा इशारा समझ चुके थे और शायद वह भी अब मुझे चोदने के लिए तैयार थे। उसके अगले दिन मुझे अपने ससुराल जाना था और किशोर भैया भी उसी तरफ जा रहे थे तो मेरी मां ने उनसे कहा कि इसे जाते जाते इसके ससुराल छोड़ आओ। फिर क्या था मेरी खुशी का ठिकाना ही नहीं रहा।

किशोर भैया ने मुझे अपनी कार में बिठाया और हम दोनों हैं मेरे ससुराल की तरफ चल दिए। जाते वक्त रास्ते में उन्होंने एक कच्चे रास्ते की तरफ गाड़ी मोड़ ली और एक सुनसान जगह पर जाकर गाड़ी खड़ी कर दी। मेरी तरफ देखा और मैंने उनकी आंखों में देखा। मुझे उनकी आंखों में अंतर्वासना साफ दिखाई दे रही थी।

फिर उन्होंने मेरी जांघ पर अपना हाथ रखा और उसे सहलाने लगे। मैं शरमा गई और कुछ नहीं बोली। किशोर भैया समझ गए कि मेरी तरफ से भी हां है इसलिए उन्होंने हाथ अब धीरे-धीरे मेरी चुत की तरफ बढ़ाना शुरू कर दिया।

फिर उन्होंने मुझे अपनी गोदी मैं बैठा लिया और मेरी गर्दन पर एक किस कर दी। उनके किस करते ही मेरे शरीर में एक अजीब सा करंट दौड़ा। और अब वह अपने हाथों से मेरे बूब्स को बड़े ही प्यार से सहला रहे थे। क्योंकि मेरा उनकी गोदी में बैठी हुई थी उनका लंड खड़ा होकर मेरी गांड को टच कर रहा था।

उन्होंने मुझे गाड़ी के पीछे वाली सीट पर लेटा लिया और मेरे ऊपर आकर मुझे किस करने लगे। एक हाथ मेरी साड़ी के नीचे से घुसाते हुए मेरी जांघ पर रख दिया और धीरे-धीरे मेरी चुत की तरफ बढ़ाने लगे। अब उन्होंने मेरे कपड़े उतार दिए और अपने कपड़े भी उतार लिए।

फिर उन्होंने थोड़ा सा थूक लगाकर मेरी चुत में उंगली डालना शुरू कर दिया। उन्होंने अपने दूसरे हाथ को मेरे दिल पर रखा उसे धीरे-धीरे दबाने लगे। और मेरे दूसरे उसकी चूचियों को अपने मुंह से चूसने लगे। मेरी सिसकियां निकल रही थी और मैंने भैया को कस के पकड़ लिया।

अब भैया ने उंगली चलाने की रफ्तार तेज कर दी और उसके साथ साथ मेरी सिसकियां भी तेज हो गई। अब वो बीच बीच में मेरे चूतड़ों को भी चूम रहे थे। फिर उन्होंने अपना लन्ड मुझे पकड़ आया और मैं उसे हिलाने लगी। वह तेजी से मेरी चुत में उंगली करते जा रहे थे और थोड़ी ही देर में मैं झड़ गई।

अब उन्होंने अपना लन्ड मेरी चुत पर रखा और क्योंकि झड़ने के कारण मेरी चुत पूरी गीली हो चुकी थी इसलिए उन्होंने एक ही झटके में पूरा लन्ड मेरी चुत के अंदर घुसा दिया। मैं चिल्ला उठी हूं और मैंने कहा भैया आराम से करो। धीरे-धीरे अपनी स्पीड बढ़ाई और अब वह बहुत ही ज्यादा तेजी से मुझे चोद रहे थे।

मैं भी जोर जोर से सिसकारियां भर रही थी और भैया की पूरी पीठ पर हाथ फेर रही थी। उनकी चोदने की स्पीड इतनी ज्यादा थी की पूरी की पूरी का ऐसे ही रही थी जैसे मानो भूकंप आ गया हो। मुझे तो परम सुख मिल रहा था और ऐसे लग रहा था जैसे मैं जन्नत की सैर कर रही हूं।

करीब 10 मिनट की चुदाई के बाद में एक और बार झड़ गई लेकिन भैया मुझे लगातार चोदे ही जा रहे थे। फिर थोड़ी देर बाद जब वह भी झड़ने वाले थे तो उन्होंने अपना लन्ड मेरी चुत से बाहर निकाला और उसे हिलाते हुए सारा माल मेरे बूब्स और पेट के ऊपर ही निकाल लिया।

फिर हम दोनों थोड़ी देर है से लेट गए और उनके आराम करने के बाद हम दोनों ने अपने अपने कपड़े पहने और भैया नहीं एक सिगरेट जला ली। अब वो सिगरेट के कश मारने लगे। उनकी तरफ से लगातार देखते जा रही थी तो उन्होंने मुझसे पूछा क्या तुम भी एक आधा कश मारोगी।

मैंने उनसे सिगरेट पकड़ी और एक कश मारा लेकिन क्योंकी मैं पहली बार सिगरेट पी रही थी इसलिए मैंने खांसते हुए सिगरेट उनको वापस पकड़ा दी। भैया मेरी तरफ देख कर हंसने लगी और मुझे होठों पर एक शानदार किस दी और हम दोनों मेरे ससुराल की तरफ चल दिए।