मौसी के गांव में भतीजी की चुत के मजे

नमस्कार दोस्तों, मैं कई सालों से हिंदी सेक्सुअल स्टोरी वेबसाइट का नियमित रूप से पाठक हूं और हर रोज कोई ना कोई कहानी पढ़ता हूं। आज मैं आपके लिए अपनी कहानी लेकर आया हूं उम्मीद करता हूं कि आप लोगों को यह कहानी पसंद आएगी।

मेरा नाम अवतार सिंह है और मेरी उम्र करीब 28 साल की है। मेरी हाइट 5 फुट 10 इंच की है और मेरे लैंड का साइज 8 इंच है और यह काफी मोटा भी है।

मैं अब तक कई सारी लड़कियों और भाभियों को चोद चुका हूं। जो कहानी मैं आज आपको बताने जा रहा हूं उसने मैंने अपनी भतीजी रेनू को चोदा। मैं बिहार के एक छोटे से गांव का रहने वाला हूं।

मैं अपनी मौसी के गांव गया हुआ था। वहां मेरी मौसी के रिश्तेदारी में मेरी मौसी का एक भतीजा था जिसका नाम किशोर था और वह 45 साल का था। उसकी एक बेटी थी जो कि 21 साल की थी और बहुत ही कमाल की आइटम थी।

उसे अभी नई नई जवानी आई हुई थी और उसका बदन एकदम गदराया हुआ था। उसे देखकर मेरे मन में उसके प्रति कामुकता जाग उठी और मेरा मन उसे चोदने को करने लगा।

जब मैंने उसे पिछली बार देखा था तो वह ऐसी पटाखा नहीं दिखती थी लेकिन अब वह गजब की थी। एक दिन जब मैं मंदिर जा रहा था तो वह भी मेरे साथ चल पड़ी।

मैं मोटरसाइकिल से जा रहा था तो वह बाइक के पीछे की सीट पर दोनों टांगें इधर-उधर करके बैठ गई। क्योंकि गांव की सड़कें बहुत ही ज्यादा खराब होती है इसीलिए मोटरसाइकिल की बार बार ब्रेक लग रही थी।

वह जब भी मैं ब्रेक मारता उसके बूब्स मेरी पीठ से टकराते और मेरा लन्ड पैंट से बाहर निकलने को फड़फड़ाने लगता। मैं अब जानबूझकर ब्रेक मार रहा था और उसके बूब्स के टच का मजा ले रहा था।

अब मैंने निश्चित कर लिया था कि इस की चुदाई तो जरूर करूंगा। धीरे धीरे मैं रेनू से छेड़खानी करना शुरू करने लगा और धीरे धीरे मेरी छेड़खानी और ज्यादा बढ़ने लगी। एक दिन शाम का समय था और सभी लोग पूजा करने के लिए मंदिर गए हुए थे और घर पर सिर्फ मैं और रेनू ही थे।

मैं मोबाइल में पोर्न देख रहा था। क्योंकि घर पर कोई नहीं था इसलिए मैंने हेड फोन नहीं लगाए हुए थे और मोबाइल की आवाज़ फुल कर के ब्लू फिल्में देख रहा था। मुझे नहीं पता था कि रेनू साथ वाले कमरे में बैठी हुई है और चुप चाप सब कुछ सुन रही है।

लेकिन जैसे ही मेरी निगाह खिड़की के किनारे से साथ वाले कमरे में पड़ी तो मैंने देखा कि रेनू वही बेड पर बैठी है और बड़े ही ध्यान से सब कुछ सुन रही है। अब उसने उत्तेजित होकर अपनी चुत में उंगली करना शुरू कर दिया था और वह आंखें बंद करके अब अपनी चुत में लगातार उंगली करी जा रही थी।

फिर मैं चुपके से उसके कमरे में गया और रेनू के सामने जाकर खड़ा हो गया। लेकिन वह हस्तमैथुन इतनी ज्यादा मगन थी कि उसे मेरी तरफ कोई ध्यान ही नहीं दिया। थोड़ी देर बाद जब उसकी आंख खुली तो वह मुझे देखकर घबरा गई।

वह मेरी तरफ आंखें फाड़ कर देखने लगी और वहां से भागने ही वाली थी कि मैंने उसे पकड़ लिया और उसके हाथ में अपना लंड थमा दिया। वह बोली अवतार चाचू यह आप क्या कर रहे हो।

वह बहुत डर गई थी इसलिए मैंने उसे हौसला देते हुए कहा अरे रेनू डरने की कोई बात नहीं है हजारों लड़कियां हस्तमैथुन करती हैं और इसमें कोई बुरी बात भी नहीं है। फिर वह थोड़ी शांति हुई और अब वो मेरे लन्ड को हिलाने लगी।

फिर वह बोली अरे चाचू आपका लोड़ा तो बहुत ही ज्यादा बड़ा है। फिर मैंने कहा आज तेरी चुत इसी लौड़े से फाड़ दूंगा। वो मेरी तरफ़ देख कर मुस्कुराने लगी। फिर मैंने अपना अंगूठा उसके होठों पर रखा तो वह उसे चूसने लगी।

फिर मुझसे रहा नहीं गया तो मैंने उसके गुलाबी रसीले होंठों को चूसना शुरू कर दिया और रेनू भी मेरा साथ देने लगी और हम दोनों एक दूसरे को किस करने लगे। फिर मैंने उसे जमीन पर बैठाया और अपना लन्ड उसे चूसने को दिया।

उसने थोड़ी देर में मेरा लन्ड चूसा और बोली चाचू मेरे से नहीं होगा। फिर मैंने उससे पर ज्यादा जोर नहीं दिया और उसे खड़ा किया और उसे बोला आज हम दोनों सेक्स करेंगे।

फिर मैंने उसके कपड़े उतारने शुरू किए और अब उसके गोरे गोरे गोल मटोल एकदम नरम बूब्स मेरे सामने थे।

मैं किसी कुत्ते की तरह उन पर झपट पड़ा और उनको मुंह में लेकर चाटने लगा।

वो उफ्फ्फफ्फ्फ़… करती हुई कराह उठी। रेनू भी अब मेरे सर को पकड़ कर अपने बूब्स की तरफ धकेल रही थी और अब हम दोनों में शर्म खत्म हो चुकी थी और हम दोनों अंतर्वासना में लीन हो चुके थे।

अब मैंने सलवार के साथ साथ उसकी पैंटी भी उतार दी। अब वह पूरी नंगी थी, और कसम से!!! क्या कमाल का माल लग रही थी।

फिर मैंने उसे बेड पर लिटाया और उसकी चुत चाटने लगा। हमममम…. अहह्ह्ह्हह… अई…अई….अई… करके रेनू आहे भरने लगी।

मुझे बहुत मजा आ रहा था फिर मैंने अपना लन्ड उसकी चुत पर रखा और फिर धीरे धीरे उसे अंदर घुसाने लगा।

पहले तो बहुत थोड़ा चिल्लाई लेकिन अब वह भी किसी छिनाल की तरह पूरी चुदाई का मजा ले रही थी।

हम दोनों एक दूसरे की आंखों में आंखें डाल कर सेक्स कर रहे थे और कसम से उसे देखकर मेरी उत्तेजना और ज्यादा बढ़ रही थी और मैं उसे और तेजी से चोद रहा था।

रेनू का पूरा जिस्म कांप रहा था जैसे कि उसके शरीर में बिजली का करंट दौड़ रहा हो।

रेनू अब तक दो बार झड़ चुकी थी और अनगिनत धक्कों के बाद मैं भी झड़ने वाला था इसलिए मैंने अपना लन्ड उसकी चुत से बाहर निकाला और उसके जिस्म के ऊपर सारा माल गिरा दिया।

फिर मेरे लंड पर जो भी माल लगा था उसे रेनू ने चाट कर साफ़ कर दिया और अब हम दोनों थक कर बिस्तर पर लेट गए।

अब हमारे घर वालों के आने का समय भी हो गया था इसलिए वह बाथरूम में नहाने चली गई और मैं भी अपने लन्ड को साफ करके अपने कमरे में चला गया।