मामी की गांड पापा ने मारी

हेलो फ्रैंड्स !!! मेरा नाम सोनू है और में दिल्ली में अपने मम्मी पापा के साथ रहता हु। मेरे घर पे मम्मी, पापा, मेरी छोटी बहन है। मेरे पापा दिल्ली में जॉब करते है।

यह कहानी मेरे पापा और मामी की है जो मैंने अपने आखो से देखि थी। मेरी मामी और मां उनके गाओ में रहते है। वह लोग थोर्ड़े गरीब थे, मां जी ज्यादा पढ़े लिखे नहीं थे तो वह गाओ में ही खेती करते थे।

पर दोस्तों में आप लोगो यह बात बता दू मेरी मामी बहुत खूबसूरत थी। उनको देख कर कोई नहीं बोल सकता था की वह गरीब घर की बहु है। मामी जी का फिगर बहुत सेक्सी था (३६-३०-३८) दूध सा गोरा रंग और काले लम्बे बाल , बड़ी बड़ी आखे। मामी को कोई भी देख ले तो उनका दीवाना हो जाये। में तो जब भी मामी से मिलता था तो यही सोचता था की कास यह माल मुझे भी मिल जाता तो इसकी चुत में भी मार लेता। मैंने तो यह भी सुना था की मामी पे उनके सरे गाओ के मर्दो की गन्दी नियत थी।
माफ़ करना में मामी का नाम तो बताना ही भूल गया, मामी का नाम शालू है।

बात आज से १ महीने पहले की थी। जब नाना जी की तबियत थोर्डी ख़राब हो गई। मेरे मम्मी पापा ने उनसे मिलने जाने का प्लान बनाया, अगले दिन हम सब को मिलने जाना था पर जब हम लोग सुबह उठे तो मेरी बहन की तबियत ख़राब हो गई थी।

क्युकि मेरी बहन की तबियत ख़राब होने के कारन मम्मी को भी उसके साथ रुकना पड़ा। इस लिए अब सिर्फ में और पापा ही जाने वाले थे। शाम की ट्रैन से हम मामा जी के घर पहुंच गए।

वह पहुंच कर हम लोग सब से मिले और हाथ पेअर धो कर खाना खाने बैठ गए। जब हम सब खाना खा रहे थे तब मैंने एक बात नोटिस की मामी कुछ ज्यादा ही पापा से चिपक रही थी और वह दोनों बार बार एक दूसरे को देख कर स्माइल कर रहे थे। यह सब देख कर तो मुझे कुछ गड़बड़ लग रही की कही कुछ चल तो नहीं रहा है।

फिर हम लोग खाना खा कर सोने चले गए, पर मामाजी को खेत में जाना पड़ा क्यों की खेत में फसल का ध्यान रखने वाला भी चाहिए था।

फिर सब कोई सो अपनी अपनी जगह पर। पर मेरे दिमांग में बार बार पापा और मामी वाली बात ही चल रही थी, यह सब सोचते सोचते पता नहीं कब मेरी आँख लग गई।

फिर रत में मेरी आखा कुली तो पापा मेरे बगल में नहीं थे। मै पापा को देखने के लिए बहार गया तो देखा की पापा और मामी की आवाज आ रही है मामी के कमरे से आवाज आ रही थी। मामी के कमरे में एक छेद था जिस से मुझे अंदर का दिख रहा था और आवाज भी आ रही थी।

जब मैंने अंदर देखा तो पता चला की मामी जी पापा का लुंड चूस रही है घुटनो पे बैठ कर। मामी इतने जोर से लंड चूस रही थी पच पच की आवाज आरही थी। थोर्डी ही देर हुई होगी की पापा ने मामी की सर पे हाथ रख कर मामी की मुँह को चोदने लगे।

पापा :- शालू अब तैयार हो जाओ चुदने के लिए।
मामी :- आपके लिए तो मै हमेशा ही तैयार रहती हु जीजा जी।

फिर पापा ने मामी को बेड पे लिटा दिया और मकई चुत पे लंड रगड़ने लगे। पापा के लंड का साइज ८” होगा।

फिर पापा ने एक ही बार में जोरसे धका मारा की एक ही बार में पापा लंड मामी की चुत में पूरा घुस गया।

मामी :- अअअअअ अअअअअअअ आआ मार डालोगे क्या ?? आराम से करो मै कोई बाजार की रंडी हु क्या ??
पापा :- अरे मेरी जान तू बाजार की रंडी नहीं है तो क्या हुआ मेरी रंडी तो है ना। बहुत दिन हो गए थे तुझे चोदे हुए। आज तो जी भर कर चोदुँगा।

यह बोलते हुए पापा अपने लंड को मामी की चुत में अंदर बहार कर रहे थे। तो थोर्डी देर में मामी भी नार्मल हो गई।

मामी :- आ आ आ आ अअअअअ आआ आआआ अब मज़ा आरहा है जीजा जी, बस अब रुकना नहीं चोदो मुझे और जोर से चोदो।
पापा :- हां मेरी कुतिया तेरी चुत का माजा ही अलग है आज तो तुझे चोद चोद मार दी डालूगा।

पापा और मामी की बातो से मुझे आईडिया हो गया था की पापा और मामी की यह चुदाई खेल बहुत पुराना।

१० मिनट बेड पे चुदाई के बाद पापा ने मामी को बेड से निचे उतर दिया और और दीवार के सहारे खड़ा कर के मामी की गांड के छेद को चाटने लगे। गांड चटवाने मै मामी को भी मज़ा आरहा था।

मामी :- आए अअअअअ अअअअअ आ आ आ जीजा जी क्या आज भी गांड मरने का इरादा है क्या आ आ अअअअअ आआआ आ।
पापा :- हां शालू तेरी गांड मै जो जादू है वह और किसी की गांड में नहीं है।
मामी :- हां तो मार लो जीजा जी मेरी गांड भी कब से आपके लंड का इंतजार कर रही थी।

फिर पापा खड़े हुए और अपने लंड पे और मामी की गांड पे बहुत सारा थूक लगाया और अपना लंड सेट करके एक जोर का धका मारा।

मामा :- अअअअअ आआआ आआआ अअअअअ जीजा जी क्या कर रहे हो मरने का इरादा है क्या ?
पापा :- हां मेरी रैंड मारने का तो इरादा है की पर तुझे नहीं तेरी इस मोती गांड को।

इस बात पर मामी और पापा होने हसने लगे।

मामी :- आ आ आए आ आ आ अअअअअ आआआ है जीजा जी और ज़ोर से मारो फाड़ दो मेरी गांड आ आ आ अअअअअअअ आआआ।

फिर करीब १० मिनट मामी की गांड मारने के बाद पापा ने अपना लंड बहार निकल लिया और मामी को उनके घुटनो पे बैठा दिया। फिर पापा ने अपना पानी मामी के चहरे पे ही निकल दिया।
मामी भी ने फिर पापा का लंड चूस कर साफ़ कर दिया। फिर मुझे लगा की पापा अब बहार आने वाले होंगे तो में जल्दी से अपनी जगह आकर लेट गया।

अगर आप लोगो को यह कहानी अच्छी लगी तो कमेंट में जरूर बताना।

धन्यवाद