मजदूर ने महिला हवलदार के लिए मजे

हेलो दोस्तों आज मैं हाजिर हूं एक और नई कहानी लेकर और उम्मीद करता हूं कि आपको यह कहानी पसंद आएगी। बात कोरोना वायरस के टाइम की है हवलदार अर्शी खान एक थाने की महिला कॉन्स्टेबल थी।

क्योंकि महामारी का समय था और बहुत ज्यादा एमरजैंसी फोन आया करते थे इसलिए खाने में रात को एक महिला ऑफिसर का होना भी जरूरी कर दिया गया था। इसलिए अर्शी की रात की ड्यूटी लगा दी गई।

अर्शी 26 साल की एक खूबसूरत लड़की थी और उसका फिगर भी बहुत कमाल का था। उसकी अभी 2 साल पहले ही शादी हुई थी और उसका पति एक डॉक्टर था। डॉक्टर होने के कारण वह अपने पति से 3 दिनों से नहीं मिली थी और उनकी बस अब फोन पर ही बात हुआ करती थी।

अर्शी अपने पति को बहुत ज्यादा मिस करती थी और हमेशा उसकी याद में रहती थी। एक रात एक प्रवासी मजदूर जिस को उसके मकान मालिक ने घर से निकाल दिया था वह थाने पहुंचा और बोला कि मुझे आज रात थाने में रुकने दीजिए कल मेरी ट्रेन है मैं ट्रेन पकड़ कर गांव वापस चला जाऊंगा।

उस आदमी की उम्र 30 32 साल थी और वह दिखने में काफी हट्टा कट्टा था। अर्शी ने उसके दर्द को महसूस किया और उसने उस मजदूर जिसका नाम शरण था, को बोला कि तुम वहां उस बेंच पर बैठ जाओ और रात को वही सो जाना। शरण ने बिल्कुल ऐसा ही किया और वह जाकर वहां बेंच पर बैठ गया।

क्योंकि अब शरण के पास करने के लिए कुछ नहीं था तो वह बस थाने को ही निहारने लगा। उसकी नजर बार-बार आकर इंस्पेक्टर अर्शी पर ही रुक जाती और वह उसे ही निहारते रहता। वो सोचता कि यह कितनी सुंदर है।

फिर रात हो गई और थाने में सिर्फ दो से तीन कुछ लोग ही थे और हवलदार अर्शी उनमें से एक थी। थाने के गेट पर दो गार्ड बैठे हुए थे और एक गार्ड वही टेबल पर बैठा हुआ था। थोड़ी देर में वह गार्ड सो गया लेकिन अर्शी अभी भी अपने पति के ख्यालों में खोई हुई थी और उसे बहुत मिस कर रही थी।

फिर उसने शरण की तरफ देखा तो वह बैठा हुआ था और कुछ सोच रहा था। फिर वह उसके पास जाकर बैठ गई और उसकी बातें सुनने लगी और अपनी भी कहानी उसे सुनाने लगी। उसने उसे बताया कि कैसे इस महामारी के कारण सभी परिवार वालों का एक दूसरे से मिलना कितना कठिन हो गया है।

इस तरह वह दोनों बातें करते ही जा रहे थे तभी अचानक अर्शी आंखों से आंसू बहने लगे। शरण नहीं डरते डरते अपने हाथ अर्शी के गालों पर लगा है और उसके आंसू पोछे। लेकिन ऐसा करते करते वह उसके चेहरे के बहुत नजदीक आ गया था और अर्शी भी उसके चेहरे के बहुत नजदीक आ चुकी थी।

अब दोनों की सांसे एक दूसरे से टकरा रही थी और जब शरण ने अर्शी की सांसों को महसूस किया तो उससे रहा नहीं गया। और उसने अर्शी के गुलाबी रसीले होठों पर अपने होंठ रख दिए और उसे किस करने लगा।

अर्शी जो अपने पति के ख्यालों में खोई हुई थी ने भी मन में शरण को अपना पति मान लिया और उसे वापिस किस करने लगी। दोनों एक दूसरे को किस करते जा रहे थे। लेकिन तभी थाने में कुछ गिरा तो हंसी की आंख खुली और उसने शरण को धकेलते हुए पीछे हो गई।

शरण ने उससे कहा मैडम मुझे माफ कर दीजिए पता नहीं मैं क्या कर रहा था। तो अर्शी ने कहा इसमें तुम्हारी कोई गलती नहीं है मैं भी भावनाओं में बह गई थी। फिर अर्शी खाने का एक पूरा चक्कर लगाकर आई और बाहर दोनों गार्ड से मिलकर आई।

जब वो अंदर आई तो उसने देखा की शरण बेंच पर नहीं है उसने उससे इधर उधर ढूंढा पर वह नहीं मिला। फिर उसने बाथरूम में जाकर देखा तो अचानक से किसी ने उसकी बाह पकड़ के उसे खींच लिया और बाथरूम को अंदर से बंद कर दिया।

उसने देखा कि वह शरण ही था और अब वह दोनों एक दूसरे की आंखों में आंखें डाल कर खो गए थे। अर्शी अपनी कामुकता और अंतर्वासना को जाहिर करना चाहते थे इसलिए उसने शरण का कोई विरोध नहीं किया। क्योंकि वह काफी दिनों से बहुत अकेली थी और उसे आज शारीरिक प्यार मिल सकता था।

फिर शरण ने उसे दीवार के साथ सटा दिया और उसके उसके गुलाबी रसीले होंठों को चूसने लगा और अब वह दोनों अपनी जीभ से एक दूसरे को किस कर रहे थे। अब शरण ने अर्शी के कपड़े उतारने शुरू कर दिए थे। अर्शी भी शरण के शरीर की गर्मी को महसूस कर रही थी।

अब वह दोनों पूरी तरह से उत्तेजित हो चुके थे। अब शरण में अर्शी की ब्रा को एक झटका देते हुए उतार दिया और एक तरफ रख दिया। वह अर्शी के बूब्स देखकर पागल हो गया और उसे पागलों की तरह चाटने लगा।

वो आह्ह…. आह्ह…. करने मोन करने लगी। अब दोनों पूरी तरह से पसीने से भीग चुके थे वह एक दूसरे की पसीने की गंध उन्हें और ज्यादा उत्तेजित कर रही थी।

अब शरण ने अपने सारे कपड़े उतार दिए और अर्शी की पैंटी भी उतार दी। अर्शी अब पूरी तरह से नंगी हो चुकी थी।

अब शरण ने अपना हाथ उसकी चूत पर लगाना शुरू कर दिया था। अब वह अपना लन्ड अर्शी की चुत पर रगड़ रहा था।

अब उसने अपना लन्ड उसकी चुत पर रखा और धीरे धीरे अंदर घुसाने लगा। अब उसने अपना हुआ लंड अर्शी की चुत में घुसा दिया और अर्शी अम्महहह…. की आवाज़ निकालते हुए मोन करने लगी।

शरण ने अब जोर जोर से झटके देने शुरू कर दिए और अर्शी भी उसके खूब मजे लेने लगी और जोर जोर से सेक्सी आवाजें निकालने लगी।

शरण उसे चाट रहा था और उसे किस करते जा रहा था। अर्शी भी उसे किस कर रही थी और उसके लन्ड का अपनी चुत के अंदर आनंद ले रही थी।

फिर शरण ने उसे घोड़ी बनाया और पीछे से उसे जोर जोर से चोदने लगा। उन्होंने इस पोजीशन में काफी देर तक सेक्स किया।

अब शरण झड़ने वाला था इसलिए उसने अर्शी से पूछा कि वह अपना माल कहां छोड़े।

फिर अर्शी ने कहा कि वह भी झड़ने वाली है इसलिए वह थोड़ा इंतजार करें और अपना माल उसकी गांड पर निकाल दे।

फिर अर्शी भी झड़ गई और शरण में सारा माल उसकी गांड के ऊपर निकाल दिया और दोनों बाथरूम की फर्श पर बैठ गए।

फिर दोनों ने अपने आप को साफ किया और अपने कपड़े पहने। फिर दोनों बाहर आकर बैठ गए। चरण बेंच पर सो गया और अर्शी अंदर रूम में चली गई।