लखनऊ जाकर होटल में ग्रुप चुदाई

मेरा नाम वर्षा है और मैं आज आपके लिए एक कहानी लेकर पेश हुई हूं। मैं अपने मन की बात अपने दिल में नहीं रख पाती किसी कारण आज मैं आपको एक राज बताने जा रही हूं। तो चलिए कहानी शुरू करते हैं।

मैं एक लड़के समीर को बहुत ही ज्यादा पसंद करती हूं। उसकी उम्र 26 साल है और उसका कद 6 फुट के आस पास होगा। कॉलेज के पहले दिन से ही मैं उसके ऊपर इमरती रही हूं। हमारा चार दोस्तों का एक ग्रुप है। हमने लखनऊ जाकर घूमने का प्लान बनाया था।

मैं मेरी सहेली रिधिमा समीर और किशन हम सभी लोग साथ लखनऊ जाने वाले थे। मैं समीर को पसंद करती थी और शायद वह भी मुझे पसंद करता था। आखिर करता ही होगा मेरा फिगर ही कुछ ऐसा था।

मैं शाम को 7:30 बजे रिधिमा के साथ स्टेशन पर पहुंच गई और वहां पर समीर हमारा पहले से ही इंतजार कर रहा था। ट्रेन की टिकट भी उसी ने बुक करवाई थी।

क्योंकि हमने वेटिंग में रिजर्वेशन कराया था इसलिए हमारी टिकट फुल कंफर्म नहीं हुई लेकिन मुझे और समीर को एक ही बर्थ अलॉट हो गया जो कि सेकंड एसी का ऊपर वाला बर्थ था। हम ट्रेन में बैठ कर और ट्रेन 8:00 बजे स्टेशन से चल पड़ी समीर सीट पर लेट गया और मैं बैठी हुई थी।

ट्रेन अगली सुबह लखनऊ पहुंच गई तो उसने टैक्सी बुक की ओर जिस होटल में कमरे बुक किए थे वहां पहुंच गए। फिर वहां जाकर मैंने उससे पूछा तुम मुझे यहां क्यों लाए हो। तो बोला मैं तुम्हें बाद में बताता हूं तुम नहा कर तैयार हो जाओ हमें मार्केट जाना है।

फिर वह भी तैयार हुआ और हमने ब्रेकफास्ट किया और बाजार की तरफ चल पड़े। मार्केट में उसने मुझे एक साड़ी और अंडर गारमेंट खरीद कर दिए। मुझे कुछ भी समझ नहीं आ रहा था कि वह ऐसा क्यों कर रहा है।

लेकिन फिर भी मैं उसके साथ पूरा बाजार घूमती रही। फिर वह मुझे एक ब्यूटी पार्लर ले गया। वहां उसने ब्यूटी पार्लर के मैनेजर से बात की और कहा कि इससे किसी दुल्हन की तरह सजा दो। ये इतनी सुंदर दिखनी चाहिए कि कोई भी इसे देखकर मंत्रमुग्ध हो जाए।

फिर क्या था सुनील ने मुझसे कहा कि तुम साड़ी पहन लो और यह लोग तुम्हें तैयार कर देंगे। मुझे लगा शायद किसी की शादी में जाना है इसीलिए समीर ऐसा बोल रहा है। फिर मैं चेंज रूम में गई और वहां जाकर मैंने अपने कपड़े बदले और समीर ने जो साड़ी खरीद कर दी थी वह पहन ली।

फिर उन्होंने मेरा मेकअप करना शुरू कर दिया और बहुत ही अच्छे ढंग से मेरा मेकअप कर दिया और मुझे किसी अप्सरा की तरह बना दिया। इतना करते करते काफी समय हो चुका था और अब शाम भी पड़ चुकी थी।

समीर मुझे अपने साथ किया और हम टैक्सी में बैठकर एक क्लब में पहुंच गए। क्लब बहुत ही शानदार और जगमग आ रहा था। वहां समीर ने मुझे बताया कि मैं अपने बॉस से मिलने वाला हूं और शायद तुम भी उनसे मिलो।

फिर हम क्लब के साथ वाले होटल में बैठकर उनका इंतजार करने लगे। तभी समीर के बोस जो कि लगभग 45 साल के होंगे वह आ गए। दिखने में वह बहुत ही स्मार्ट एकदम साफ सुथरे और बोलने का अंदाज बहुत ही ज्यादा अच्छा था।

उन्होंने पहले सभी से मुलाकात की और सिर्फ समीर ने मेरा परिचय उनसे कराया। उन्होंने बड़े ही प्यार से मेरे हाथ को चूमा और बोला इतनी सुंदर लड़की मैंने पहली बार देखी है। मैं भी शरमाते हुए मुस्कुरा दी।

फिर बॉस किसी से मिलने अंदर चले गए तो समीर ने मुझे बताया कि आज मैं और तुम अपनी रात ही बिताने वाले हैं और हो सकता है कि वह भी हमारे साथ हो। उसने मुझे कहा कि तुम बहुत से अच्छे से पेश आना क्योंकि उसका प्रमोशन होने वाला है और आज की रात पर ही सब कुछ निर्भर करता है।

मैं सोच रही थी कि समीर मुझे अच्छे से आज जो देगा लेकिन इसका तो कोई और ही प्लान था यह अपने दोस्त से मुझे चुदवाना चाहता था और अपना प्रमोशन लेना चाहता था। फिर थोड़ी देर बाद हमने डिनर किया और मैं समीर के साथ उसके बॉस के कमरे में चली गई।

वहां जाकर उसके बॉस ने पूछा कि क्या पियोगे तो पहले तो मैंने मना कर दिया क्योंकि वह मेरे पिताजी की उम्र का लग रहा था लेकिन उसके जोर देने पर मैंने वाइन पीना स्वीकार किया।

फिर वाइन पीते समय वह बोला क्या तुम मेरे साथ रात बिताना चाहोगी। मैं थोड़ा हिचकिचाई और मैंने समीर का हाथ पकड़ लिया। फिर उसने कहा अरे चिंता मत करो समीर भी हमारे साथ ही रहेगा।

इतना बोलते ही समीर ने मुझे किस करना शुरू कर दिया और मैं भी उत्तेजना में आकर उसे किस करने लगी।

मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था और मैं सेक्स में डूबी जा रही थी। फिर से मिलने मुझे उठाया और बेड पर पटक दिया और मेरी साड़ी खोलकर हटा दी।

अब समीर नहीं अपने सारे कपड़े उतार दिए और उसके बॉस ने भी अपने सारे कपड़े उतार दिए।

अब मैं मन ही मन खुश भी हो रही थी कि आज मुझे दो दो लंड मिलेंगे। फिर संगीत मुझे किस करने लगा और उसके बॉस ने मेरी ब्रा खोल कर हटा दी और मेरे बूब्स मसलने लगा और उन्हें चूसने भी लगा।

वह बहुत ही अच्छे तरीके से मेरे बूब्स को चूसना था और मेरे बदन में हलचल होने लगी। फिर उसके बॉस ने मेरी पैंटी भी उतार दी और अब वह मेरी चुत के साथ खेल रहा था।

अब उसने मेरी चुत चाटने शुरू कर दी और समीर मेरे बूब्स चाट रहा था। मैं सिसकियां भरने लगी और अब मुझसे इंतजार नहीं हो रहा था तो मैंने बोला अब इसके अंदर लंड भी डाल दो सालों।

फिर क्या था समीर ने अपना लन्ड मेरे मुंह में डाल दिया और उसके बोस ने अपना लन्ड मेरी चुत में डाल कर मुझे दोनों चोदने लगे।

थोड़ी देर के बाद मुझे भी कितना आनंद पहले कभी नहीं आया था। अब मैं भी उछल उछल कर चुद रही थी। थोड़ी देर में उसका बहुत झड़ गया और उसने माल मेरे पेट पर निकाल दिया।

फिर उसने उसे टिशु से साल किया और अब समय ने अपना लन्ड मेरी चुत में डाल कर मुझे तेजी से चोदने लगा। समीर ने करीब 15 मिनट की चुदाई की।

अब तक मैं दो बार झड़ चुकी थी लेकिन मेरा मन अभी भी नहीं भरा था। फिर मैंने देखा कि मुझे एक बार और चोदो।

अब फिर मैंने सुनील और उसके बाद दोनों का लन्ड चूस कर खड़ा किया और इस बार फिर वह मुझे चोदने के लिए तैयार थे। इस बार उन्होंने मेरी गांड भी मारी और मुझे खूब मजे दिए।

उस रात को मैं कभी नहीं भूल सकती क्योंकि उस दिन मेरे शरीर की सभी चीज़ों में डाला गया था और मैंने बहुत ही आनंद लिया था।