लेडी किलर नामक जवान लौंडे से चुद गई

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मेरा नाम आकृति वर्मा है और मैं एक शादीशुदा औरत हूं। मेरी उम्र 32 साल है और मेरे दो बच्चे भी हैं। तेरा फिगर 38 30 36 का है। मेरा रंग एकदम गोरा है और दिखने में तो मैं बहुत ही सुंदर हूं।

आज भी मेरा फिगर किसी पच्चीस छब्बीस साल की लड़की को मात दे सकता है। मोहल्ले के कई लड़के मुझ पर लाइन मारते हैं लेकिन मैं उन्हें कुछ भी घास नहीं डालती।

लेकिन एक दिन मैंने एक लौंडे को देखा तो मुझे तो बहुत पसंद आ गया। वह भी मुझे लाइन मार रहा था और उसने मुझे आंख मारी। मैंने सुन रखा था कि मोहल्ले के लौंडे उसे लेडी किलर के नाम से बुलाते हैं।

दिखने में भी वह अच्छा लग रहा था तो मैंने भी उसकी तरफ 2 मिनट देखा और फिर नीचे अपने कमरे में आ गई। फिर 1 दिन की बात है मेरे पति कारखाने में सुपरवाइजर का काम करते थे और उनकी ड्यूटी 12 घंटे की होती थी।

1 दिन उनकी रात की ड्यूटी लगी और वह शाम को 6:00 बजे ही घर से निकल गए। मैं घर पर अकेली थी और मेरे दोनों बच्चे सो गए थे।

तभी मैं छत पर टहल रही थी कि मेरा ध्यान उसी लड़की की तरफ गया जिससे लेडी किलर के नाम से बुलाते थे। मेरी तरफ हाथ हिलाकर हाय बोल रहा था।

मैंने भी कहां चलाया और फिर वह बोला क्या मैं आ सकता हूं तो मैंने कहा हां आ जाओ। क्योंकि चुदाई का मन तो मेरा भी बहुत कर रहा था इसलिए मैंने उसे अपने घर बुला लिया। क्योंकि हमारा घर नजदीक ही था।

इसलिए पूर्व 2 मिनट में ही मेरे घर आ गया और मैंने उसे दरवाजा खोल कर अंदर बुला लिया। हम दोनों मेरे बेडरूम में आ गए और मैंने दरवाजा बंद कर लिया।

फिर हम दोनों बातें करने लगे तभी मेरा पल्लू सरक कर नीचे गिर गया। उस लड़के ने फिर देखा कि मेरे बूब्स कैसे मेरे ब्लाउज से बाहर आने के लिए तड़प रहे हैं।

यह नजारा देखकर उसका लंड एकदम खड़ा हो गया और वह शायद सोचने लगा क्यों ना भाभी के मजे लिए जाने। फिर उसने धीरे से अपना करें खास मेरे बूब्स पर रखा और दूसरे हाथ से अपने लंड को सहलाने लगा।

जब मैंने कुछ नहीं कहा तो उसकी भी मत और बढ़ गई हो अब वह मेरे पेट पर अपना हाथ चलाने लगा और इतना लंड भी हिलाने लगा।

फिर उसने धीरे से मेरे ब्लाउज का एक बटन खोला और दूसरा बटन भी खोल दिया। क्योंकि मैंने अंदर ब्रा नहीं पहनी हुई थी इसलिए मेरे बूब्स बिल्कुल फ्री हो गए और मेरे बड़े बड़े निप्पल एकदम कड़क हो गए।

अब्बू मेरे बूब्स को अपने मुंह में लेकर चूसने लगा और उन्हें दबाने भी लगा। अब मैंने भी आनंद लेना शुरू कर दिया था और उसे अपने बूब्स अच्छी तरह से चुसवा रही थी।

फिर हम दोनों ने एक दूसरे के होंठों को चूमना शुरू कर दिया। अब मैंने उसे बेड पर लिटा लिया और अपने हाथ से उसके लंड को पकड़ कर हिलाने लगी।

अब मेरी सांसे एकदम गरम हो गई थी और काफी तेजी से चल रही थी। फिर मैंने उसके पैंट के अंदर हाथ डालकर उसके गरम-गरम लंड को महसूस किया।

अब मुझ पर भी सेक्स का नशा चढ़ने वाला था इसलिए उसने मेरे सारे कपड़े उतार दिए और अब मैं सिर्फ एक पैंटी में थी। फिर उसने मेरी पेंटिंग अपना होता तो गुस्सा आया और मेरी गीली चूत के ऊपर एक उंगली रखें और बड़े ही प्यार से उसे अंदर घुसा दिया।

अब मुझसे रहा नहीं जा रहा था तो मैंने उसे कहा मेरी चूत में अपना लंड डाल दो अब मुझसे रहा नहीं जा रहा।

उसका लन्ड भी अब मुझे चोदने के लिए बिल्कुल तैयार था। अब मैंने अपनी टांगें फैला दी और उसने झट से मेरी पैंटी उतार कर एक तरफ एक दी और अब वह मुझे चोदने को रेडी हो गया।

उसने मेरी टांगों को फैला है और उन्हें उठाकर अपने कंधों पर रख लिया और अपना लंड मेरी चूत की छेद पर रखते हुए एक जोर का धक्का दिया।

उसकी एक धक्के में ही है उसका लंड मेरी चुत को चीरता हुआ अंदर तक घुस गया और मेरे मुंह से आहहहह.. की आवाज निकल पड़ी।

उसने अपने हाथ से मेरे मुंह को दबा दिया था कि मैं चिल्ला ना पाऊं। अब वह अपने लंड को मेरी चूत के अंदर बाहर करने लगा और हां अब धीरे-धीरे दर्द भी कम होता जा रहा था और आनंद मिलना शुरू हो चुका था।

मैं उसे किस कर कर के उसके लंड के धक्के झेल रही थी। उसके हाथ मेरे बूब्स पर थे जिन्हें वह बहुत ही बेरहमी से मसल रहा था।

फिर मैं जब जाने लगी तो मैंने उसके बदन को कस के पकड़ लिया और मचलते हुए झड़ गई। फिर उसने मुझे होठों पर किस किया और अपनी जुदाई जारी।

उसने अब झटके बहुत ज्यादा तेज कर दिए। 3-4 मिनट तक वह मुझे इसी तरह चोदता रहा और जब वो झड़ने वाला था तो उसने स्पीड और बढ़ा दी तो मैं समझ गई कि यह जाने वाला है लेकिन मैंने उसे कुछ नहीं कहा।

वह भी समझ गया कि मैं उसका माल अपनी चूत के अंदर चाहती हूं। उसने अपना सारा माल मेरी गीली चूत के अंदर ही निकाल दिया।

फिर वह अपना लंड मेरी चूत के अंदर रखते हुए 5 मिनट तक मेरे ऊपर ही पड़ा रहा। फिर मैंने उसे हटने को कहा तो वह एक तरफ लेट गया।

मुझे बहुत खुशी थी उसके जवान लोड़े से चुदकर। वह भी बहुत खुश लग रहा था जैसे उसने मुझे छोड़कर एक और कीर्तिमान अपने नाम कर लिया हो।

फिर जब मैं अपने कपड़े पहने लगी तो वह मेरी गांड सहलाने लगा और उसने मेरी गांड पर जोर से एक थप्पड़ मारा। फिर मैंने उसे कहा आज के लिए बस इतना ही है फिर किसी और दिन करेंगे।

वह मेरी बात समझ गया और वह वहां से चला। अब भी मुझे उसे की लंड की तमन्ना बहुत ज्यादा है।