कुवैत की अरब मेडम बोली, मुझे कुतिया बना के चोदो!

तो दोस्तों कैसे हो आप सभी. मैं आप का दोस्त शौकत खान, बेजिक्ली मैं भोपाल से हूँ लेकिन पिछले 3 साल से कुवैत में रह रहा हूँ. मेरी उम्र अभी 29 साल की हैं और लौड़ा एकदम एवरेज साइज का हैं. लम्बाई करीब सवा 6 इंच के जितनी और मोटाई 2 इंच से थोड़ी ज्यादा हैं. अब मैं आप को अपनी सेक्स कहानी के बारे में बताऊँ.

बात करीब 12-14 हफ़्तों पहले की हैं. मैं जिस कम्पनी में यहाँ आया हूँ उन्होंने मुझे रहने के लिए एक फ्लेट दिया हैं. और इसी बिल्डिंग में कुछ लोकल फेमली भी रहती हैं. मेरे दरवाजे के सामने एक फेमली हैं जिसके अंदर एक लोकल फेमली हैं.  हम कहानी के लिए इस लेडी को राबिया कहेंगे और उसके पति को सादाब. उसकी उम्र कुछ 37-38 साल की रही होगी और फिगर के मामले में वो किसी पोर्नस्टार या हिरोइन से कम नहीं थी.

जो लोग मुस्लिम अरब लेडीज़ के बारे में जानते हैं उन्हें पता ही होगा की यहाँ की लेडीज़ कैसे अपने बदन और फिगर का रखरखाव करती हैं. पेशे से राबिया एक प्राइमरी स्कुल में टीचर थी और उसके पति की जॉब किसी और शहर में थी इसलिए वो सिर्फ गुरुवार और शुक्रवार को ही उसके पास होता था. बाकी के दिन राबिया और उसकी डेढ़ साल की बेटी ही घर पर होते थे.

वैसे राबिया के पति सादाब के साथ मेरी अच्छी दोस्ती थी. उस दिन सादाब मेरे पास आया और बोला की हमारा ड्राईवर छुट्टी के लिए इंडिया जाने वाला हैं तो क्या मैं मेडम को स्कुल पर छोड़ सकता हूँ. और सादाब ने उसके लिए मुझे पैसे भी ऑफर किये?

मेरे को लगा की ये एक्स्ट्रा पैसे भला क्यूँ छोडूं तो मैंने फटाक से हाँ कह दिया.

उसने मुझे 30 दीनार देने को बोला और मैंने भी उतने के लिए हामी भर दी.

और फिर मैं राबिया मेडम को उसकी कार में ड्राप करने के लिए जाने लगा. और डेली कार में आने जाने लगा तो राबिया से भी घुलने मिलने लगा मैं और दोस्ती सी हो गई हम दोनों में.

यहाँ की औरतों को अंग्रेजी जैसे दिखने का जैसे क्रेज हैं और यही वजह हैं की उनकी रहन सहन और पहेनावे में भी इंग्लिश औरतों की झलक हैं. कभी कभार तो उनके कपडे एकदम ही छोटे भी होते हैं.

एक दिन मैं जल्दी पहुँच गया उनके घर और अभी वो नहा के ही निकली थी. और तब उसने एक ऊँची ड्रेस पहनी हुई थी जिसके अंदर उसकी चिकनी मुलायम जांघो छिपाने की ताकत नहीं थी. और इस ड्रेस का गला भी बहुत बड़ा था तो चुन्चो के भी थोड़े दर्शन हो रहे थे.

वाह क्या नजारा था, मेडम की आधी से भी ज्यादा चुंचियां जैसे बहार आने को बेताब थी.

मेरे लौड़े में एकदम से अकडन सी आ चुकी थी और राबिया मेडम ने भी खड़े हुए औजार का इशारा समझ ही लिया था.

मेरी और देख के वो बोली: आप बैठो?

मैं सामने वाले सोफे पर बैठा और फिर हम बातें करने लगे.

और साली मेरी नजर के भी क्या कहने, बार बार वो बिना बाल की चिकनी जांघ ही देखने लगती थी. और राबिया ने भी काफी बार इसपर गौर किया.

वो बोली: ऐसे क्या देख रहे हो?

मैं थोडा सहम सा गया और उसे बोला की कुछ भी तो नहीं.

मेरे ऐसे कहने पर वो हंसी और बोली मैं जानती हूँ की तुम्हारा ध्यान किधर हैं!

और फिर एक ही मिनिट के अंदर वो उठ के मेरे पास आ बैठी एकदम सट के. मेरी तो जान ही जैसे हलक में आके फंस गई. उसके बदन से एकदम फ्रेश खुसबू आ रही थी. सच कहूँ तो एक साइड पर मेरा लंड खड़ा था और दूसरी तरफ गांड भी फट रही थी की कहीं मैं फंस ना जाऊं किसी उलझन में.

और शायद मेरी यह जद्दोजहद उसके भी जेहन में थी तो उसने मेरे गले के दोनों तरफ हाथ रख के बोला: घबराओ मत इतना किसी को कुछ पता नहीं चलेगा अगर हम दोनों चुप रहेंगे.

इसका मतलब साफ़ था की उसकी बुर भी लंड ही मांग रही थी मेरा. और मैं अभी ये सब सोच में था की उन्हें अपने होंठो को मेरे होंठो से लगा के चूमना चालू कर दिया. वाह क्या स्वाद था उसके लिपस्टिक वाले रसीले होंठो का.

उसके होंठो में भी एक अजीब सी खींचन थी, जैसे की मैं जकड़ा जा रहा था. अब मैंने उसके होंठो को चूसते हुए उसके बूब्स के ऊपर अपने हाथ को रखा. मैंने उनकी चुन्ची को दबाया जो एकदम ही मुलायम थी.

राबिया मेडम के मुहं से सीत्कार निकल रहे थे: अह्ह्ह उह्ह्हह्ह अह्ह्ह्हह ऐईईईईईईईईईईईईईईईई.

मैंने भी अपनी जुबान से उसकी जुबान को ऐसे पकड़ा जैसे दो सांपो का मिलन हो रहा हो. और फिर मैं दोनों हाथ से उसके दोनों बूब्स को पकड के दबाने लगा. उसके दोनों निपल्स तन के एकदम कडक हो गए थे जैसे की कच्ची ओलिव.

वो अब मेरे लौड़े को पेंट के ऊपर से दबा के बोली, डार्लिंग सूरा सूरा सववि.. उसने मुझे अरबी में जल्दी-जल्दी करने को बोला.

मैं काफी देर तक उसके होंठो को चूस के उसकी बड़ी चुंचियां दबाता रहा. ऑफ फिर मैंने उसे उठा के सब कपडे निकाल दिये उसके और फिर बड़े सोफे के ऊपर मैंने उसकी टांगो को खोल दिया.

वाह क्या सिन था इस नंगी अरब लेडी के बदन का. बड़े बड़े चुंचे और एकदम डीप नाभि का बटन. साइड में चिकनी मोटी जांघे और सब से सेक्सी तो थी उसकी गुलाबी पंखुड़ियों वाली चूत, एकदम फूली हुई थी लेकिन दोनों होंठ एक दुसरे से चिपके हुए थे जिस से चूत एकदम टाईट लग रही थी.

मैं तो कुछ देर तक उसे देखता ही रहा. तो उसने मुझे के इशारे से अपने पास बुलाया. मैंने उसकी जांघो के ऊपर हाथ फेरा और उन्हें चौड़ा कर दिया. और फिर इस गुलाबी चूत के होंठो को अपने होंठो से लगा के मैं चाटने लगा उसको.

राबिया मेडम की चूत में तो जैसे की आग लगी हुई थी. और वो मुझे जोर से अपने ऊपर दबा रही थी. फिर तो उसने दोनों जांघो से मेरे गले को अन्दर जकड़ ही लिया जैसे मुझे अपनी चूत में भर लेना हो. मेरे चूत चाटने से उसके मुहं से कामुकता भरी सिसकियाँ निकल रही थी. मेडम की चूत को पांच मिनिट तक चाट के मैंने उसे खाली कर दिया और उसकी चूत से निकले हुए कामरस को मैंने चाट लिया जिसका सवाद खारा खारा था.

मेडम के बदन में तब एक करंट सा लगा लेकिन वो संभल भी गई. दो मिनिट तक आँखे बंद कर के वो ऐसे ही पड़ी रही. और फिर खड़े हो के उसने मेरे कपडे निकालना चालू कर दिया. बेतहाशा चुम्मे दे रही थी वो मुझे नंगा करते हुए.

मेरे लौड़े को देख के उसकी आँखों में अलग ही चमक आई और उसने उसे हाथ में ले के जैसे उसका वजन नापा.

फिर वो निचे हुई और मेरे लंड के सुपाडे को अपने मुहं में ले के किस दिया. मेरे बदन में हजारों एसी के जैसी ठंडक फ़ैल गई. और फिर मेडम मेरा लंड चूसने लगी.

पांच मिनट तक वो किसी कामदेवी के जैसे मेरे लंड को चुस्ती रही और फिर माल को निकाल के पी डाला उसने. और मुझे बोली की मजा आ गया काफी दिनों के बाद मोटा लंड चूस के.

अब मेडम ने मेरी बाहों में बाहें डाली और बोली मैं तुम्हारी कुतिया बन के चुदवाना चाहती हूँ. मैंने एक किस दे के उसे घोड़ी बनाया. उसकी बुर के ऊपर से कामरस की कुछ बुँदे सूख के जमा हुई थी. मैंने एक बार फिर से उसे चाटा. लेकिन अबकी मैंने सिर्फ चूत को गिला करने के लिए चाटा था. और फिर मैंने लौड़े को एक हाथ से पकड़ के उसकी बुर पर लगाया.

मेडम सिहर उठी और मेरे एक झटके ने लंड को आधा अंदर कर दिया. मेडम ने कुल्हें को जैसे सांस लेने दी. और पूरी गांड को फुला के चूत में मेरे लंड को घुसाने का रास्ता बनाया. उसकी सेक्सी मोटी और गोरी गांड को देख के मुझे लग रहा था की कहीं मेरा माल ना निकल पड़े.

इसलिए मैंने पहले उसे धीरे धीरे से आधे लौड़े से ही चोदा. लेकिन फिर मैंने अपनी स्पीड बढाई तो लंड उसकी बुर को चीरता निकल गया. मेडम की गांड भी मटक रही थी और वो सोफे के कपडे को नोंच के मजे ले रही थी.

5 मिनट तक मैं उसके ऊपर सवार हो के उसे चोदता रहा और फिर अपने माल को मैंने उसकी बुर में ही छोड़ा. मेडम की साँसे तेज हुई और वो बोली रुकना मत चोदते रहो.

मैंने समझ गया की वो भी झड़ने को ही हैं.

और एक मिनट में उसकी वासना भी शांत हो गई. मैंने चूत में से लंड नहीं निकाला और सोफे पर आधी लेटी हुई मेडम के ऊपर चढ़ के ही लेटा रहा. लंड अपनेआप ही कुछ देर में सिकुड़ के चूत से बहार आया जिसके ऊपर मेडम की चूत के माल के कुछ बूंद थे. मेडम ने खड़े होते हुए कहा, चलो जल्दी से नहा लो फिर मुझे स्कुल छोड़ दो.

दोस्तों कसम से इस कुवैत वाली अरब मेडम की चुदाई मेरी जिन्दगी की सब से बहतरीन चुदाइयों में से एक हैं. और मेडम को मैंने फिर कई दफा चोदा. उसकी गांड का ढक्कन खोलने की भी एक स्टोरी हैं जो मैंने आप के लिए फिर लिखूंगा.