किस्तें ना चुका पाने के कारण देनी पड़ी चुत

हेलो दोस्तों मेरा नाम है रूही है और मेरी उम्र 32 साल है। मेरा फिगर 36-30-36 का है लेकिन मैं दिखने में अब भी किसी सोलह साल की लड़की से कम नहीं हूं। मेरा एक बेटा है जो कि 6 साल का है और वह एलकेजी क्लास में पढ़ता है।

मुझे सेक्स कहानियां पढ़ने का बहुत ही ज्यादा शौक है और मेरी सेक्स में भी बहुत ज्यादा रुचि है। मेरे पति भी सच में बहुत ज्यादा माहिर हैं और जब जब हमारी नई शादी हुई थी तो हम एक दिन में चार चार बार सेक्स किया करते थे।

लेकिन अब मेरे पति में वह बात नहीं रही। अब वह सिर्फ एक मुश्किल से 2 बार कर पाते हैं। मैंने उनसे कई बार कहा है कि आप कोई दवाई खा लीजिए जिससे आप ज्यादा देर तक और ज्यादा बार कर सकें लेकिन वह मेरी बात ही नहीं मानते।

तुमने कैसे अपनी सेक्स की प्यास बुझाई जानने के लिए यह पूरी कहानी पढ़ें। बाथरूम हुई थी कि हमने तीन महीने पहले ही किस्तों पर एक सोफा सेट खरीदा था।

सोफा सेट खरीदने के 1 महीने बाद ही लोक डाउन लग गया और मेरे पति की नौकरी चली गई। जिसके कारण हम रिश्ते नहीं चुका पाए और जिनसे हम ने यह सोफा सेट किया था उनका हमें बार बार फोन आने लगा।

मेरे पति ने उनसे कहा कि लोक डाउन के कारण मेरी नौकरी चली गई है जैसे ही मेरी नौकरी लगेगी मैं आपके सारे पैसे चुका दूंगा लेकिन वह लोग हमेशा यही कहते थे कि क्या पता आपकी नौकरी कब लगेगी हमारे पैसे तो डूब जाएंगे ना।

जब हम चार महीनों तक लगातार किस्ते नहीं भर सके तो उनके आदमी घर आकर हमें धमकाने लगे। फिर जब लॉकडाउन में थोड़ी सी राहत मिली तो मेरे पति दोबारा काम पर जाने लगे लेकिन लॉकडाउन में राशन पानी का खर्चा ही बहुत था और जिसके कारण हम पर बहुत ज्यादा कर्जा हो गया था।

इसलिए मेरे पति को पहले महीने जो भी सैलरी मिली उससे हमने थोड़ा बहुत कर्जा चुका है और सोफे वाले को पैसे फिर ना दे सके। एक दिन मेरे पति काम पर गए हुए थे कि जिससे हमने तो खा लिया था वह दुकानदार हमारे घर पर आ गया और उसने दरवाजे की घंटी बजाई।

मैंने दरवाजा खोला तो वह सामने खड़ा था और बोला क्या आपके पति घर पर हैं। मैंने कहा वह नहीं है लेकिन हम आपकी इस महीने किस दे चुका देंगे। लेकिन वह नहीं माना और वह बोला चलिए अंदर चल कर बात करते हैं।

मैंने उससे कहा आपको जो बात करनी है आप भी कर लीजिए लेकिन वह जबरदस्ती अंदर आ गया और जाकर सोफे पर बैठ गया। वह बोली कि मेरे पति को अपनों की मिल चुकी है जैसे ही हमारे पास पैसे आएंगे हम आपकी सारी किस्ते चुका देंगे।

लेकिन वह समझने को तैयार ही नहीं था और बोला नहीं आप को मैंने बहुत समय दे दिया लेकिन आप हमेशा आजकल आजकल करते रहते हैं। फिर मैं उसके पास जाकर सोफे पर बैठ गई और बोली अगर आपको पैसे के बदले में कुछ और मिल जाए तो आप संतुष्ट होंगे।

फिर उसने कहा अगर वह चीज मुझे पैसों से ज्यादा अच्छी लगी तो हां मैं बिल्कुल पैसे नहीं मांगूंगा। तो फिर मैंने वक्त की नजाकत समझते हुए उसके लन्ड पर हाथ रख दिया और उसे सहलाने लगी।

फिर मैंने बोला क्या यह चीज आपके पैसे चुकाने के लिए काफी है। वह बोला हां हां क्यों नहीं इसमें जो मजा है वह मैं पैसों से थोड़ी ना खरीद सकता हूं। तुम जैसी सुंदर औरत कहां रोज मिलती है। फिर उसने अपनी पैंट खोली और अपना लन्ड निकाल कर मेरे हाथ में पकड़ा दिया।

उसका लन्ड करीब 7 इंच का था और दिखने में काफी मोटा भी लग रहा था।

मैं मन ही मन खुश हो रही थी कि चलो इससे मेरी चुत को शांति भी मिल जाएगी और हमारा किश्तों का झंझट ही खत्म हो जाएगा।

फिर मैं उसके लन्ड को हिलाने लगी और वह सिसकियां भरने लगा। फिर उसने मेरे बालों को पकड़ा और तेरी गर्दन को थोड़ा पीछे की ओर खींचा।

फिर उसने अपने होंठ मेरे होंठों पर रखें और मुझे चूमने लगा। हालांकि मैं उसे चूमना नहीं चाहती थी लेकिन फिर भी मैंने उसका थोड़ा बहुत साथ दिया क्योंकि अगर मैं उसको मना करती तो हो सकता था कि वह वहां से चला जाता।

थोड़ी देर ही हमने किसिंग की और उसने मेरी गर्दन को पकड़ते हुए मेरे मुंह में अपना लन्ड घुसा दिया। अब वो मेरे बालों को पकड़कर अपने लन्ड के चूप्पे लगवा रहा था।

मैं अभी उसके लन्ड को रंडियों की तरह चूस रही थी। काफी दिनों के बाद किसी तरह लंड के चूप्पे लगाने का मुझे मौका मिल रहा था।

जब उसका लन्ड पूरी तरह से पकड़कर तन गया तो उसने मुझे बोला अब बहुत हुआ।

फिर उसने मेरी सलवार उतार दी और मेरी चुत पर उंगली रख कर मेरे चुत के दाने को सहलाने लगा। जब उसने ऐसा किया तो मेरे शरीर में एक अजीब सा करंट दौड़ा और मैं कराह उठी।

फिर उसने मेरे हाथ सोफे पर रखवाएं और मुझे घोड़ी बना लिया। अब उसने पीछे से मेरी चुत पर अपना लन्ड रखा और धीरे धीरे झटका देते हुए पूरा लंड मेरी चुत के अंदर तक घुसा दिया।

उसने अपना पूरा 7 इंच लंबा लंड मेरी चुत में घुसा दिया था और पहले तो मुझे थोड़ा सा दर्द हुआ।

लेकिन थोड़ी ही देर में मुझे आनंद मिलना शुरू हो गया और अब तो मैं अपनी गांड को और पीछे की तरफ धकेल कर चुद रही थी।

अब उसने झटके तेज कर दिए और मैं अममह….. आह्ह….. उफ्फ… करके मोन करती हुई चुदने लगी। थोड़ी ही देर में मैं झड़ गई।

लेकिन वह दुकानदार अभी भी मुझे काफी उत्तेजना से चोद रहा था। फिर जब वो झड़ने वाला था तो उसने बोला कि जानेमन मैं सारा माल तुम्हारे अंदर ही निकाल रहा हूं बाद में तुम्हें जो करना होगा तुम कर लेना।

फिर उसने मेरे बूब्स को कस कर पकड़ा और एक जोर का झटका देखकर सारा माल मेरी चुत के अंदर निकाल दिया। मुझे अपनी चुत के अंदर ज्वालामुखी फटने जैसा आभास हुआ।

लेकिन मैं अंदर ही अंदर बहुत खुश थी कि आज उसने मुझे संतुष्ट किया और हमारा किस्तों का झंझट भी खत्म हुआ।