किराएदार की इकलौती बेटी को जमकर चोदा

हैलो दोस्तो, आज मैं आपको एक किस्से के बारे में बताने जा रहा हू। बात लगभग दो साल पहले की है। हमारे घर की पहली मंज़िल पर 2 कमरे खाली थे तो हमने किराएदार रखने की सोची। कुछ ही दिनों में हमें किराएदार मिल भी गएं।

किराएदार एक 3 लोगों का छोटा सा परिवार था। जब वो रहने के लिए हमारे घर में शिफ्ट हुए तो मै घर में नहीं था बल्कि किसी काम से 1 महीने के लिए दिल्ली गया हुए था। मुझे घरवालों ने फोन पे बताया था कि तीन लोग रहने आए हैं।

जब मै वापिस घर पहुंचा तो मैं किराएदार के परिवार से मिला। उनकी बेटी को देखकर तो मैं दंग ही रह गया। लगभग 22 साल की कमाल की फिगर वाली लड़की थी। उससे बात करने पर पता चला कि वो पढ़ाई छोड़ चुकी है और उसके घर वाले उसके लिए रिश्ता ढूंढ रहें हैं।

मैंने मन ही मन सोचा कि इसकी चुत जिसे भी मिलेगी वह बहुत खुशनसीब होगा। लेकिन मैंने भी मन में ठान लिया था कि इसकी चुत तो एक बार जरूर मारूंगा।

उस देखकर मेरा दिल उसपे आ गया। मैं रोज रात को उसके बारे में सोचता और उसे चोदने के सपने देखता। धीरे धीरे हम दोनों में नजदीकियां बढ़ती गई। अब मैं उससे खुल कर बातें करने लगा।

एक दिन उसने मुझे पूछा कि “तुम किसीको लाइक करते हो।” मैंने कहा कि “हां करता हू। ” उसने मुझसे पूछा कि वो कौन है जिसे मैं लाइक करता हूं। मैंने कह दिया कि मैं तुम्हे लाइक करता हूं।

फिर उसने पूछा कि क्या मेरी पहले भी कोई गर्लफ्रेंड रह चुकी है तो मैंने उसे बताया कि मैंने कभी किसी को प्रपोज ही नहीं किया ओर ना ही किसी ने मुझे किया। इसलिए मै अभी तक सिंगल ही हू।

मैंने भी उससे पूछा कि क्या वो भी मुझे लाइक करती है तो उसने हां में सर हिलाया और वहां से चली गई। मेरी तो खुशी के ठिकाने ही ना रहें। अब तो मै उसे किसी तरह चोदने का प्लान बनाने लगा।

एक दिन आखिरकार मौका मिल ही गया। मेरे घरवाले सतसंग सुनने के लिए गए हुए थे और उसके मम्मी पापा काम पर गए हुए थे। हम दोनों घर में अकेले ही थे।

वो रसोई में थी। मैं उसके पास चला गया। वो अभी नहा कर ही निकली थी और उसके बाल गीले थे। मैंने पूछा क्या के रही हो। उसने शर्मा के कहा कि कुछ भी तो नहीं।

फिर मैंने उसकी बाहों को पकड़ लिया और उससे पूछा कि क्या एक किस्स कर लू। उसने कुछ नहीं बोला लेकिन ना भी नहीं किया। मैंने दोबारा पूछा तो उसने कहा कि कर लो।

फिर मैंने धीरे से अपने होठों को उसके होठों पर रख दिया और उसे चूसने लगा। उसके शरीर में जैसे बिजली का करंट लगा हो वो ऐसे कांपी।

लेकिन मैंने उसे कस के पकड़ के दीवार से चिपका दिया और अब जोर-ज़ोर से चूमने लगा। अब वो भी मुझे चूमने लगी। फिर धीरे से मैंने अपना हाथ उसके बूब्स पर रख दिया। उसके छोटे साइज के मुलायम बूब्स मेरे हाथ में पूरे फिट आ गए।

उसने मेरे हाथ को झटक दिया और कहा ये सब अभी ठीक नहीं है मम्मी पापा आते ही होंगे। मैंने कहा वो अभी नहीं आएंगे और अब मैंने हाथ सीधा उसकी टी शर्ट के अंदर से उसके बूब्स पर रख दिया।

अब वो थोड़ा झिझकी लेकिन थोड़ी देर में उसने अपने आपको मेरे हवाले कर दिया। मैं उसको बेडरूम में के गया और उसकी टी शर्ट उतार कर फेंक दी। अब उसकी ब्रा भी उतार दी और उसके निपल्स को चूसने लगा। वो भी सिसकियां भरने लगी और आह्ह्हह्ह, ओह, उह की आवाज़ें निकालने लगी।

मैं बीच बीच में आपके दांत भी उसके चूचियों पे गड़ा रहा था। थोड़ी देर उसे मजा देने के बाद मैंने उसका प्लाजो भी खोल दिया और पैंटी भी उतार दी।

अब हम दोनों पूरे नंगे थे। वो थोड़ा घबरा रही थी कि घरवाले आ जाएंगे लेकिन मेरे समझाने पर वो मान गई। फिर मैंने उसकी चूत में उंगली डाली तो वो कराह उठी और मचलने लगी। मैंने धीरे-धीरे रफ्तार तेज कर दी तो वो खूब आवाज़ें निकालने लगी।

उसकी कराह सुन के मेरा लंड पूरा अकड़ चुका था और उसकी चुत में जाने के लिए बेताब हो रहा था। फिर मैंने अपने लन्ड पे थोड़ा सा तेल लगाया और उसकी चुत पर रख दिया।

अब मैंने धीरे से ही धक्का मारा था कि मेरा लन्ड आधा उसकी चुत में घुस गया। वो चिल्ला उठी लेकिन मैंने जल्दी से उसके मुंह ओर अपना हाथ रख दिया।

वो रोने लगी और मुझे अपना लंड बाहर निकालने को कहा। मैंने उसकी चुत से लंड बाहर निकाला और थोड़ी देर उसे सहलाया और समझाया की दर्द सिर्फ एक मिनट होगा ओर उसके बाद के नजारे मजेदार होंगे।

फिर थोड़ी देर बाद मैंने उसे डोगी स्टाइल में घोड़ी बनाया और पीछे से उसकी चुत में लंड डाला। पहले तो थोड़ी देर उसे बहुत दर्द हुए लेकिन थोड़ी देर बाद वो पूरे मजे लेने लगी और कहने लगी कि और जोर-जोर के करो।

उसके इतना कहते ही मैं पूरी रफ्तार में उसे ठोकने लगा। फिर थोड़ी देर तक सेक्स करते रहने के बाद हम दोनों झड़ गए। मैंने उसे थोड़ी देर तक प्यार से चूमा और सहलाया।

फिर हमने एक और बार करने का सोचा इस बार पहल वो कर रही थी। मैंने कहा लंड खड़ा करने के लिए इसे तुम्हे मुंह में ले के चूसना होगा। पहले तो उसने मना कर दिया लेकिन जैसे ही मैंने उसकी छूट चाटनी शुरू की तो उसे मस्ती चढ़ी और फिर वो लंड चूसने के लिए मान गई।

फिर क्या था उसने मेरा लन्ड चूस-चूस के खड़ा किया और फिर मैंने उसे लेटा दिया और सामने से लंड उसकी चुत में डाल दिया। इस बार तो वह पूरे मजे ले रही थी। उसकी सिसकियां और कराहने की आवाजें रुक ही नहीं रही थी। मुझे भी काफी मजा आ रहा था।

लगभग आधा घंटा सेक्स करने के बाद मैंने वीर्य उसके शरीर पर निकाल दिया। वो भी थक के अब लेट गई। फिर थोड़ी देर बाद हम उठे और एक दूसरे को चूमते हुए नहाने के लिए चले गए। उस दिन रात को उसे हल्का सा बुखार भी हो गया था। लेकिन एक दो गोली खाने के बाद ठीक हो गया।

उस दिन के बाद जब भी हमें मौका मिलता हम घरवालों कि नज़रों से बचते हुए कुछ ना कुछ जुगाड करके सेक्स करने का तरीका ढूंढ ही लेते थे। इस तरह हम दोनों ने एक दूसरे के काफी मज़े लिए।

डेढ़ साल हमारे यहां रहने के बाद वो अपने गांव वापिस चले गए। हाल फिलहाल में ही खबर मिली थी कि उसकी शादी हो चुकी है और एक बच्चा भी हुआ है।