साली की होटल में तोड़ी सील

मेरी शादी को 2 साल हो चुके हैं। हमारा एक बच्चा भी है। मेरी पत्नी के साथ मेरे संबंध बहुत ही अच्छे हैं। हाल ही के दिनों में मेरे साले की शादी थी इसलिए इसलिएहमें शादी में जाना था।

हालांकि मेरी पत्नी बहुत ही खूबसूरत और अच्छे फिगर वाली है लेकिन जब से मेरी शादी हुई है मैं अपनी साली का बहुत बड़ा दीवाना रहा हूं। उसकी उम्र 22 साल है और उसके बूब्स तो सलवार फाड़कर निकलने को बेताब रहते हैं।

हाइट में वो थोड़ी छोटी है लेकिन वह जितनी छोटी है उतना ही बड़ा पटाखा है। शादी में गया था तो साली से भी मुलाकात हुई और उससे खूब मजाक भी हुआ। हम दोनों काफी मजाक करते थे। एक दिन हम दोनों ऐसे ही बात कर रहे थे।

मैं – तो फिर कितने बॉयफ्रेंड है तुम्हारे।

साली – अरे मेरा कोई भी बॉयफ्रेंड नहीं है।

मैं – अरे इतनी हॉट लड़की हो तुम लेकिन तुम्हारा कोई भी बॉयफ्रेंड नहीं है। हमें ही अपना बॉयफ्रेंड बना लो।

साली – बस आपको ही मैं हॉट लग रही हूं और कोई तो मुझे भाव ही नहीं देता।

मैं – अरे अब मत खुलवाओ और यह बताओ कि कैसे गुजारा होता है तुम्हारा।

साली – बस हो जाता है खुद से ही करना पड़ता है सब कुछ।
मैं – ओ हो मेरे होते हुए तुम्हें सब कुछ खुद ही करना पड़ता है यह तो बहुत दुख की बात है।

साली – तो बताइए क्या तरकीब है आपके पास।

मैं – कल थोड़ा सा खरीदारी के लिए बाजार जा रहा हूं तुम साथ में चल पड़ना तुम्हें सैर करा कर ले आएंगे।

साली – ठीक है।

अगले दिन मैं सुबह को बाइक लेकर संभाल लेने के लिए निकलने लगा तो साली बाइक के पीछे सीट पर आकर बैठ गई। मैंने कहा प्यार हो तुम तो उसने हां में सिर हिलाया और हम दोनों बाजार की तरफ चल दिए। मैंने पहले ही एक होटल का कमरा बुक कर लिया था और हम दोनों होटल पहुंच गए।

मैं – यार तुम्हारे बूब्स बहुत मोटे हैं इतने तो तुम्हारी दीदी के भी नहीं है।

साली – अरे जीजू अब क्या करें सब भगवान की देन है।

मैं – तो फिर चारों अपनी सलवार हम भी तो देखें क्या चीज है यह।

साली – आप की चुदाई के किस्से दीदी से तो बहुत सुने हैं देखते हैं आज आप क्या करते हैं।

मैं – आज तो तुम्हें जन्नत की सैर कराऊंगा मेरी जान।

इतना कहते ही मैंने उसे बेड पर धक्का दे दिया और और उसके होठों पर हूं ट्रक के उसे प्यार से चूमना शुरू कर दिया और धीरे से अपना हाथ उसके बूब्स पर रखकर उन्हें सहलाने लगा।

अब वह भी मुझे चूमने लगी थी। थोड़ी देर में मैंने उसके सारे कपड़े उतार दिए और मेरे कपड़े भी उसने उतार दिए। अब मैंने उसके बूब्स को देखा तो क्या ही लाजवाब नजारा था। उसकी चूचियां एकदम खड़ी हो गई थी और मैंने बिना देर किए हुए उन्हें अपने मुंह में लेकर चूसने शुरू कर दिया।

वह सिसकियां भरने लगी और हम्म…, आह्हहझ…. आवाजें निकालने लगी। फिर मैं धीरे से उसके पेट को चूमता हुआ उसकी चुत की तरफ बढ़ा। उसकी जांघों के बीच उसकी टाइट चुत देखकर बड़ा आनंद आया।

मैंने धीरे से अपनी उंगली उसकी चुत पर रखी और उसे धीरे से अंदर घुसाया। वह जोर-जोर से सिसकियां भरने लगी और अंगड़ाइयां लेने लगी। मैंने उंगली अंदर बाहर करने की गति को बढ़ा दिया। थोड़ी ही देर में उसकी चुत एकदम गरम और गीली हो गई। वह बोली जीजू यह आप कैसे करते हो बहुत ही ज्यादा मजा आ रहा है।

मैंने कहा तुमने इतनी किससे सुन रखे हैं अब मुझे उन किस्सों पर खरा भी तो उतरना है। इतना कहते ही मैं दूसरी तरफ घूम गया और अपना लन्ड उसके मुंह की तरफ कर दिया और उसकी चुत पर अपनी जीभ रख दी।

उसने मेरा लौड़ा मुंह में लेकर चूसने शुरू कर दिया और मैं भी उसकी चुत में जीभ डालकर उसे चाटने लगा। थोड़ी देर चाटने के बाद मैं घुटनों पर बैठ गया और उसे उठाकर उसके मुंह की चुदाई करने लगा। वह भी रंडियों की तरह अपने गले तक मेरा पूरा लन्ड अंदर तक चाट रही थी। मैंने कहा इतने अच्छे चुप्पे तो तेरी दीदी भी नहीं लगाती।

फिर अब मेरा लन्ड पूरी तरह से अकड़ के सीधा खड़ा हो गया था और वह भी अब जुदाई के लिए बौखला आ रही थी। मैंने उसकी चूत को अपने अंगूठे और उंगली की मदद से खुला तो उसकी लाल चुत पूरी साफ दिखने लगी। मैंने उसके पैरों को उठाकर अपने कंधों पर रखा और उसकी गांड थोड़ी सी ऊपर उठा दी और अपना लन्ड उसकी चुत पर रख कर एक जोरदार झटका दिया।

उसकी चुत बहुत टाइट थी इसलिए सिर्फ मेरे लोड़े का टोपा ही उसकी चुत के अंदर गया। एम्स की पहली चुदाई थी इसलिए वह चिल्लाने लगी और बहुत जोर जोर से रोने लगी और बोली जीजू बहुत दर्द हो रहा है बाहर निकालो। मैंने बोला थोड़ा दर्द तो होगा ही पगली लेकिन वो रोने लगी तो मैंने अपना लन्ड बाहर निकाल लिया और उसे किसिंग करने लगा।

जब थोड़ी देर बाद उसे आराम आया तो मैंने सिर्फ अपना लन्ड उसकी चुत पर रखा हो इस बार धीरे धीरे करते हुए अपना पूरा लन्ड उसकी चुत में घुसा दिया। अब फिर से वह थोड़ी चिल्लाई लेकिन इस बार उसने थोड़ा दर्द बर्दाश्त किया।

उसकी चुत से खून निकल रहा था क्योंकि उसकी सील टूट चुकी थी। लेकिन मैं लगातार चुदाई करता रहा बिना यह बात उसको बताएं कि उसकी चुत से खून निकल रहा है। करीबन 10 मिनट तक चोदने के बाद मैंने अपना सारा माल उसके मुंह पर निकाल दिया और वह उसे चाटने लगी।

वह बिल्कुल पूरी रंडियों की तरह मेरा माल चाट रही थी। मैंने बोला चलो अपने अपने कपड़े पहन लो। मैंने अपने कपड़े पहन लिया लेकिन उससे उठा नहीं जा रहा था क्योंकि उसे बहुत दर्द हो रहा था। फिर मैंने उसे किसी तरह कपड़े पहना है और उसे पेन किलर लाकर खाने को दिया।

पेन किलर खाने के बाद थोड़ा दर्द कम हुआ तो हम दोनों खरीदारी करने के लिए बाजार चले गए। उस दिन के बाद मेरी और साली की तो ऐसे गजब की दोस्ती हो गई। वह अब मौका देख कर हमारे पास आ जाती थी और मेरे चुदाई करवा कर ही जाती थी।