गोवा में नरगिस की रसीली चुत का चोदन

हेलो दोस्तों मेरा नाम रवि वर्मा है और मैं मुंबई में रहता हूं। आज मैं आपको एक बढ़िया सी की सेक्स कहानी बताने जा रहा हूं और उम्मीद करता हूं कि आपको मैं कहानी पसंद आएगी।

मेरी उम्र 28 साल है और हाइट करीबन 6 फुट है। लैंड का साइज 8 इंच है और यह 2 इंच मोटा भी है। मैं मुंबई में नौकरी करता हूं और मैं चाहता था कि कुछ दिनों के लिए अपने घर सूरत चला जाऊं।

मैं कुछ दिनों के लिए अपने घर चला गया और कुछ दिनों तक मैं सूरत में ही रहा उसके बाद मैं वहां से वापस मुंबई लौट आया। एक दिन मेरे दोस्त ने मुझे फोन किया और उसने मुझे अपनी पार्टी में इनवाइट किया क्योकि उस दिन उसका जन्मदिन था।

मेरा दोस्त जो  पहले मेरे ऑफिस में ही जॉब किया करता था लेकिन अब वह अपना बिजनेस शुरू कर चुका है। उसका बिजनेस बहुत ही अच्छे से चल रहा है वह काफी ज्यादा खुश भी है जिस तरीके से उसका बिजनेस चल रहा है।

मैं उस दिन अपने दोस्त किशन की पार्टी में चला गया और जब मैं उसकी पार्टी में गया तो वहां पर उसने मुझे अपनी एक फ्रेंड कल्पना से मिलवाया नरगिस अहमद से मिलकर मुझे अच्छा लगा।

उस दिन मैं नरगिस से पहली बार ही मुलाकात कर रहा था और मुझे उससे बात करके ऐसा लग रहा था जैसे कि मैं उससे ही बातें करता रहूं। पार्टी में हम दोनों एक दूसरे के इतने ज्यादा नजदीक आ गए थे कि मुझे कभी उम्मीद भी नहीं थी कि मैं नरगिस से फोन पर भी अब बातें करने लगूंगा।

उस दिन के बाद हम दोनों एक दूसरे से फोन पर भी बातें करने लगे थे और हम दोनों की दोस्ती बहुत ज्यादा गहरी होती जा रही थी।

नरगिस ने मुझे अपने बारे में सब कुछ बता दिया था वह अपनी मां के साथ रहती है और उसकी मां ने ही उसकी बचपन से परवरिश की है। नरगिस के पापा कि बचपन में ही मृत्यु हो गई थी जिसके बाद उसकी मां ने उसे पाना और वह अपनी मां से बहुत ज्यादा प्यार करती है।

अब समय के साथ साथ हम दोनों का रिलेशन और भी ज्यादा मजबूत हो गया था। मैंने एक दिन मैंने नरगिस से कहा कि हमारे ऑफिस का एक ग्रुप घूमने के लिए गोवा जा रहा है क्या तुम मेरे साथ जाना चाहोगी।

वह जाने के लिए मान गई और 2 दिन बाद हमें गोवा के लिए जाना था। सुबह के वक्त घर से निकले उस दिन हम दोनों साथ में थे और मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था जिस तरीके से मैं और नरगिस उस दिन साथ में समय बिता रहे थे।

अगले दिन मैं और नरगिस साथ में थे उस दिन जब हम दोनों बातें कर रहे थे हम दोनों को ही बहुत ज्यादा अच्छा लग रहा था। मैंने उस दिन नरगिस से कहा आज रात मैं तुम्हारे साथ रहना चाहता हूं।

वह मेरी बात मान गई और कहने लगी ठीक है आज हम लोग साथ में रहते हैं। उस रात हम दोनों में साथ में रुकने का फैसला किया जब उस दिन हम दोनों साथ में थे तो मैं और नरगिस एक दूसरे के साथ सेक्स करने के लिए तड़प रहे थे।

कहीं ना कहीं हम दोनों की तड़प बढ रही थी। मैंने उसकी जांघों को सहलाना शुरू कर दिया था। जब मैं उसकी जांघों को सहला रहा था मुझे बहुत ही अच्छा लग रहा था और नरगिस को भी बड़ा मजा आ रहा था जिस तरीके से हम दोनों एक दूसरे के साथ में सेक्स करने के लिए तड़पने लगे थे।

हम दोनों की गर्मी बढ़ने लगी थी मैं नरगिस के होंठों साथ अपने होठों सटाने था। हमारी कामुकता बहुत ही ज्यादा बढ रही थी जिस तरीके से मैंने और नरगिस ने फ्रेंच किस किया था हम दोनों को अच्छा लग रहा था।

मैं नरगिस के होठों को चूम रहा था तो वो मुझे कहने लगी मुझसे बिल्कुल भी रहा नहीं जा रहा है।

नरगिस और मैं बिल्कुल भी इंतजार नहीं पा रहे थे मैंने नरगिस के होंठो से खून भी निकाल दिया था।

अब नरगिस मेरी बाहों में थी और हम दोनों ने एक दूसरे के साथ सेक्स करने का फैसला कर लिया था। मैंने अपने लंड को बाहर निकाला तो नरगिस ने उसे अपने मुंह में ले लिया वह उसे चूसने लगी थी।

जब नरगिस मेरे लंड को चूसने लगी मेरी सिसकियां निकलने लगी थी था और उसको भी बड़ा अच्छा लग रहा था।

जिस तरीके से वह मेरा साथ दे रही थी। मेरी अंतर्वासना को वह बढाए जा रही थी अब हम दोनों की कामुकता बहुत ज्यादा बढ़ चुकी थी मैंने नरगिस की चुत को चाटना शुरू किया।

वह अपने पैरों को चौड़ा कर लिया और अपनी चुत मेरे सामने कर दी।

नरगिस की चूत से बहुत ज्यादा पानी निकलने लगा था मैंने उसकी चूत में अपने लंड को लगाकर अंदर की तरफ एक झटका दिया तो वह बहुत जोर से चिल्लाते हुए बोली कि आराम से करो जलन हो रही है।

उसकी चूत से बहुत ज्यादा पानी निकाल रहा था और वो एकदम गरम हो चुकी थी।

लेकिन मैंने अपना लन्ड फिर से एडजस्ट किया और एक और झटका देकर पूरा लन्ड उसकी चुत में घुसा दिया। अब नरगिस ने मुझे अपने पैरों के बीच में जकड़ दिया था।

मैं नरगिस को बड़े ही अच्छे तरीके से धक्के दिए जा रहा था। नरगिस की चूत के अंदर मेरा मोटा लंड जा चुका था। और अब वह मोन करने लगी थी।

उसकी अम्महह….. याह…. उफ्फफ्फफ़…… सी सी सी….. की आवाज मेरी कामुकता को और ज्यादा बढ़ा रही थी।

मैंने नरगिस से कहा कि मुझे बिल्कुल भी रहा नहीं जा रहा और कल्पना मुझसे कहने लगी कि उससे भी रहा नहीं जा रहा है।

हम दोनों एक दूसरे को बहुत ज्यादा आनंद दे चुके थे। मेरा लंड अब झड़ने वाला था तो मैंने नरगिस की चूत मे अपने माल को गिराकर अपनी इच्छा को पूरा कर लिया।

नरगिस बहुत ज्यादा खुश थी क्योंकि मैंने उससे आज चरम सुख जो दिलवाया था। मैंने नरगिस की चूत की गर्मी को शांत कर दिया था हम लोग गोवा से वापस आने कि तैयारियां करने लगे।