गर्लफ्रेंड को दोस्त के कमरे पे लेे जाकर चोदा

नमस्कार दोस्तों मेरा नाम आयुष है और मैं गुजरात के अहमदाबाद शहर में रहता हूं और मैं अभी ग्रेजुएशन की पढ़ाई कर रहा हूं। आज मैं आपको एक मेरे साथ बीती सच्ची कहानी बताने जा रहा हूं।

मै दिखने में काफी हैंडसम और हट्टा कट्टा भी हूं। इसी कारण में लड़कियों में काफी फेमस हुए और अब तक कई गर्लफ्रेंड बना कर छोड़ चुका हूं। हमे कॉलेज का आखरी साल है और इस बार जो नया बैच आया है उसमें एक लड़की मुझे बहुत ही पसंद आ चुकी थी। इसलिए मैंने उस पर लाइन मारना शुरू कर दिया।

अपने जूनियर और उसकी क्लास के लड़कों की मदद से उसका नंबर भी ले लिया। हालांकि मेरे पास उसका नंबर था लेकिन मैंने कभी भी उसे कॉल या मैसेज नहीं किया। फिर मैंने मौका देख कर एक दिन उसे अकेले में है रोक कर कहा कि मुझे आपसे कुछ बात करनी है। वह रुक गई और बोली हां बोलिए क्या बात करनी है।

मैं बोला आप सिंगल है या किसी रिलेशनशिप में हैं। वह बोली कि वह सिंगल ही है। फिर मैंने उससे कहा कि मैं आपको लाइक करता हूं और मैं आपसे जानना चाहता हूं कि आप मेरे बारे में क्या सोचते हैं। वह बोली मैं आपको कल बताऊंगी और यह कह कर वह चली गई। अब मेरे से कल का इंतजार नहीं हो रहा था पता नहीं वक्त इतनी धीरे के हो गया था।

लेकिन किसी तरह वह दिन बिता और अगले दिन जब मैं उससे मिलने जा रहा था तो मेरा दिल धक-धक कर जोर से धड़क रहा था। उसने अपना जवाब हां में दे दिया और हम दोनों डेटिंग करने लगे। अब हम दोनों ने नंबर भी एक्सचेंज कर लिए थे और एक दूसरे से व्हाट्सएप पर घंटो घंटो बातें करने लगे।

जब कभी भी तो वह घर से बाहर निकलती थी तो मुझे फोन कर देती तो हम फोन पर ही काफी देर बातें किया करते थे। एक दिन की बात है हम दोनों हाथों में हाथ डालें बैठे हुए थे और उस दिन वह मुझे बहुत ही सेक्सी लग रही थी। मुझसे देखकर ही मेरे मन में उसे चोदने के ख्याल आ रहे थे और मेरा लंड काफी देर से पैंट के अंदर खड़ा था और बाहर निकलने का रास्ता खोज रहा था।

फिर मैं उससे लैब में ले गया जो बिल्कुल खाली थी और अंदर से दरवाजा बंद करके उसके होंठों पर अपने होंठ रख कर उसे किस करने लगा। पहले तो उसने मुझे धक्का मार कर बता दिया और बोला यह क्या कर रहे हो कहीं कोई आ गया तो लेने के देने पड़ जाएंगे। मैंने कहा तुम भी तो यही करना चाहती हो और आज कोई नहीं आएगा क्योंकि आज कोई भी लैब क्लास नहीं है।

इतना कहकर मैंने फिर से उसको दीवार के साथ सटाकर उसके हाथों को पकड़कर उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए और पूरे ज़ोर से उसे चूमने लगा। पहले तो उसने थोड़ा आनाकानी की लेकिन फिर उसने मेरा साथ देना शुरू कर दिया और वह भी मुझे चूमने लगी और हम दोनों एक दूसरे के होठों का रस पीने लगे।

फिर मैंने धीरे से अपना हाथ उसके बूब्स के ऊपर रख दिया और उन्हें धीरे-धीरे से दबाने लगा। लेकिन उसने मेरा हाथ से टक्कर दूर कर दिया और बोली नहीं अभी हम से सब नहीं कर सकते। फिर मैंने उससे कहा क्यों नहीं कर सकते आजकल सभी यहीं करते हैं वह उसे करने में मजा भी बहुत आता है। लेकिन वह नहीं मानी तो मैं नाराज होकर वहां से चला गया।

वह मनाने के लिए मेरे पीछे पीछे दौड़ी लेकिन मैं अपनी क्लास में जाकर बैठ गया और लेक्चर लगाने लगा। इसका मुझे बहुत मैसेज आया कि वह अभी तैयार नहीं है। लेकिन मैंने उससे कोई जवाब नहीं दिया और उसे करीब दो दिन तक ऐसे ही इग्नोर किया। फिर एक दिन उसने मुझे कॉलेज में रोक लिया और अकेले में जाकर मुझे सॉरी कहा और बोला चलो आज कहीं बाहर घूमने चलते हैं तुम्हें जो करना होगा तुम वह कर लेना मैं आज बिल्कुल तैयार हूं।

फिर मैं उसके बहुत कहने पर मान गया और उसे अपनी बाइक पर बिठाकर अपने दोस्त के कमरे पर ले गया जो कि खाली ही रहता है। वहां जाकर मैंने उसे बेड पर बिठाया और हमने रास्ते में जूस खरीदा था वह उसे पीने के लिए दिया। जैसे ही हम जूस पी कर बैैठे ही थे कि उसने मुझे बेड पर धक्का देकर मेरे ऊपर बैठकर मुझे किस करने लग पड़ी।

उसने मेरी शर्ट उतार दी और अपनी भी टीशर्ट उतार ली। मैंने उसकी ब्रा उतारी तो उसके दूध जैसे सफेद नरम नरम बूब्स मेरी आंखों के सामने थे और मुझे बहुत ही प्यारे लग रहे। फिर मैंने बूब्स को दबाना शुरू किया और और अपने मुंह से उन्हें धीरे-धीरे चूसने लगा। अब हम दोनों ने अपने सारे कपड़े उतार दिए और मैं उसकी चुत की तरफ आ गया।

उसकी झाटों के बीच लाल चुत देखकर तो मेरा मन मचल गया और मैंने अपनी एक उंगली उसकी चुत में धीरे से घूसाई। जैसे ही ही उंगली उसकी चुत के अंदर घुसी तो वो धीरे से सिसकियां भरने लगी। फिर थोड़ी देर तक उंगली करने के बाद मैंने उसकी चुत को अपनी जीभ से चाटना शुरू कर दिया। अब वो मचलने लगी और अपनी कमर को ऊपर उठा कर अंगड़ाई लेेने लगी।

थोड़ी देर तक उसकी चुत चाटने के बाद उसका पानी निकल गया और फिर मैंने उसकी टांगों को अपने कंधों पर रखा और अपना लंड उसकी चुत के ऊपर रखकर अंदर घुसाना शुरू किया। मैं उसे धीरे-धीरे झटके देने लगा उसने भी कराना शुरू कर दिया और दर्द से आवाज निकालने लगी।

लेकिन मैंने उसको अपनी ओर खींचते हुए उसको अपनी जांघों पर बैठा लिया और उसके होंठों पर अपने होंठ रख दिए। वह किसिंग में लीन हो गई और मैंने धीरे-धीरे चुदाई की स्पीड बढ़ा दी। अब तो वह चुदाई का मजा लेने लगी थी और अपनी गांड को जोड़ो से उठाकर पटक रही थी।

थोड़ी ही देर में वह जो आह्हम्म…. जैसी आवाज निकालते हुए झड़ गई और बहुत ही संतुष्ट नजर आ रही थी फिर मैंने उससे अब जोर के झटके देने शुरू कर दिए थे और जैसे ही मैं उसे एक झटका देता उसके बूब्स ऊपर नीचे उछलते और उसको देखकर मेरा मन मचल जाता और मैं ओर जोर जोर के झटके देने लगता।

मैं भी अब झड़ने ही वाला था इसलिए मैंने उसकी चूत में से लंड निकाला और उसके पेट पर अपना लन्ड रखते हुए सारा माल वहां पर गिरा दिया और उसके ऊपर लेट गया और जोर-जोर से सांसें लेने लगा।

थोड़ी देर बाद जब थोड़ा आराम मिला तो फिर मैंने उसको एक प्यारी सी किस की और उसको बोला बताओ मजा आया कि नहीं। वो शरमाते हुए हां में सिर हिलाया और मेरे से लिपट गई। फिर हमने अपने अपने कपड़े पहने और वापस कॉलेज को चल पड़े।