गर्लफ्रेंड की चुत में ही सारा माल निकला

हेलो दोस्तों, हिंदी सेक्सुअल स्टोरीज की वेबसाइट पर आप सभी लोगों का स्वागत है। यहां आप हर रोज नई नई सेक्स कहानियां पढ़ सकते हैं। आज मैं आपके लिए एक नहीं मजेदार सेक्स कहानी लेकर आया हूं। मैं उम्मीद करता हूं कि आपको यह कहानी पसंद आएगी।

मेरा नाम मनोज सिन्हा है और मेरी आयु 32 वर्ष की है। मैं ग्वालियर का रहने वाला हूं और सेक्स कहानियां पढ़ने में बहुत ही ज्यादा रुचि रखता हूं।

सेक्स के बिना मैं एक महीना भी नहीं रह सकता। लोगों के लिए रोटी कपड़ा और मकान जरूरी होता है लेकिन मेरे लिए सबसे ज्यादा जरूरी सेक्स है।

मेरी शादी को चार साल हो चुके हैं और हमारे दो बच्चे भी हैं। मैं अपनी बीवी से हर हफ्ते सेक्स करता हूं। मेरी बीवी भी सेक्स बहुत इंजॉय करती है और हम दोनों हर एक पोजीशन ट्राई कर चुके हैं और एक दूसरे का खूब मजा लूटते हैं।

तो आज जिस कहानी के बारे में बताने जा रहा हूं वह कहानी मेरी बीवी के साथ मेरा पहली बार सेक्स था। क्योंकि हम दोनों की लव मैरिज हुई है इसीलिए हम शादी से पहले से ही एक दूसरे को जानते थे और एक दूसरे से बहुत प्यार करते थे।

अब तू मेरी बीवी के फिगर में थोड़ा सा बदला होगा आ गया है लेकिन शादी से पहले वह क्या कमाल की खूबसूरत फिगर वाली लड़की थी। तो बात आज से 5 साल पहले की है उस समय मैं 27 साल का था और अपनी जॉब में बिजी रहता था।

तभी अचानक एक दिन मैंने किसी रेस्टोरेंट में एक लड़की को देखा उसकी उम्र करीब 25 से 26 साल के करीब थी। मैं देखते ही उसपे फिदा हो गया। उसका 36 28 36 का फिगर कहर ढाने वाला था। कोई भी आदमी उसके घर पर कुर्बान हो सकता था।

फिर मैंने अपने दोस्तों से पता लगाया तो मुझे पता लगा कि उसका नाम अंजली है। फिर मैंने यह भी पता लगवा लिया कि वह हमारी कंपनी से 500 मीटर दूर स्थित एक दूसरी कंपनी में काम करती हैं।

एक दिन की बात है हमारे ऑफिस में काफी देर रात तक काम हुआ क्योंकि फाइनेंशियल ईयर का लास्ट दिन था और उस दिन सब काम निपटाने थे।

इसलिए मुझे अकेले रात 11:00 बजे तक रुक कर काम करना पड़ा। जब मैं कंपनी के बाहर निकला तो चारों ओर अंधेरा था और सिर्फ स्ट्रीट लाइट ही जल रही थी।

जब मैं बाइक लेकर अपनी कंपनी से बाहर निकला तो मैंने देखा कि अंजलि वही मोड़ पर खड़ी है और शायद घर जाने के लिए किसी टैक्सी या रिक्शा का इंतजार कर रही है।

तो फिर मैं उसके पास गया और उसे बोला हाय मैं मनोज हूं और मैंने सी कंपनी में काम करता हूं। रात बहुत हो गई है अगर आप चाहे तो मैं आपको घर छोड़ सकता हूं।

उसने मेरी तरफ देखा तो उसने बोला ठीक है आपका बहुत-बहुत धन्यवाद। मोबाइल के पीछे बैठ गई और मैंने उसे उसके घर पर ड्रॉप कर दिया।

फिर इस तरह अगले दिन हम फिर कॉफी शॉप पर मिले तो हम दोनों ने नंबर चेंज कर लिए और इस तरह हमारी नजदीकियां बढ़ने लगी। अब हम दोनों फोन पर भी काफी बातें करने लगे और अब तो हर रोज मैं उसे छोड़ने उसके घर तक जाया करता था।

फिर काफी देर बीतने के बाद अब वैलेंटाइंस डे आने वाला था। मैं उसे पहले ही प्रपोज कर चुका था और हम दोनों ने उस दिन कहीं बाहर जाने का प्लान बनाया।

हम दोनों ने अपने अपने ऑफिस से छुट्टी ले और हम मूवी देखने गए और फिर शॉपिंग मॉल में थोड़ी खरीदारी की और फिर एक रेस्टोरेंट में खाना खाने चले गए।

मैंने होटल में कमरा भी बुक करवा रखा था और खाना खाने के बाद हम वहां चले गए। वहां थोड़ी देर बातें करने के बाद मैंने उसको अपने करीब की चाह और उसके गुलाबी होंठों पर अपने होंठ रख दिए और उसके होठों को बड़े ही प्यार से चूमने लगा।

वह भी मेरा साथ दे रही थी और हम दोनों फ्रेंच किस करने लगे। फिर मैंने धीरे धीरे उसके सारे कपड़े उतार दिए और अब वह मेरे सामने बिल्कुल नंगी खड़ी थी।

उसके बूब्स नीचे की तरफ लटक रहे थे और उसकी चूत एकदम साफ तू नहीं थी लेकिन उस पर थोड़े थोड़े बाल थे। लेकिन कसम से वह बहुत ही ज्यादा सेक्सी और हॉट लग रही थी।

फिर मैंने भी अपने कपड़े उतार दिए और उसके बूब्स के ऊपर उसकी चूचियों को चूसने लगा और उन्हें काटने लगा। अंजलि भी सिसकियां भरने लगी और मेरे सर को सजाने लगी और उसे अपनी छाती की तरफ दबाने लगी।

मैं अंजली के बूब्स को अच्छी तरह से निचोड़ कर चूस रहा था और वह भी इसका पूरा मजा ले रही थी। फिर मैंने अपनी उंगली अंजली की चूत पर रखी और उसे हल्का सा अंदर घुस आया तो वह तिलमिला उठी।

फिर मैं उसे अंदर बाहर करने लगा तो उसका पूरा शरीर मचलने लगा। फिर मैंने अपनी जीभ उसकी चूत पर रखी और उसे चाटने लगा। और उसने भी मेरा लंड अपने मुंह में ले लिया और उसे चूसने लगी।

हम 69 की पोजीशन में थे और वह मेरा लंड चूस रही थी और मैं उसकी चूत का पानी पी रहा था। थोड़ी देर है सा करने के बाद जब मेरा लंड बिल्कुल तन कर खड़ा हो गया तो मैंने उसकी चूत पर रखा और हल्का-हल्का धक्का देते हुए धीरे-धीरे अपना लंड उसकी चूत में घुसा दिया।

वह हल्का-हल्का चिल्लाने लगी और उसे दर्द का एहसास होने लगा लेकिन उसने किसी तरह अपने आप को कंट्रोल किया। जब उसका दर्द शांत हुआ तो मैंने अब चुदाई की रफ्तार बढ़ा दी और धक्के देने तेज कर दिए।

वह भी अब सिसकारियां भरते हुए चुदाई का आनंद ले रही थी और मुझे कसकर पकड़ कर मुझे चूम रही थी। मैं भी कभी बीच में उसके होठों को चूम था तो कभी उसके बूब्स को चूसने लगता।

वह बार-बार झड़ते जा रही थी और अब तक तो वह लगभग तीन बार झड़ चुकी थी। काफी देर चुदाई करने के बाद अब मैं अभी चलने वाला था तो मैंने उससे पूछा कि क्या मेरे बच्चे की मां बनोगी।

तो उसने हां में सिर हिलाया और मैंने अपना सारा माल उसकी चूत के अंदर ही निकाल दिया। फिर करीबन 5 मिनट तक मैं उसके ऊपर ही लेटा रहा और हम दोनों ने एक दूसरे को किस किया।

इस घटना के 2 महीने बाद ही हम दोनों ने शादी कर ली। अब मैं अपने परिवार के साथ बहुत ही ज्यादा खुश हूं। शादी के बाद लगभग 6 महीने तक तो हमने एक एक दिन छोड़कर हमेशा सेक्स किया।