गांव की छोकरी को खेत में चोदा

मेरा नाम गोविंद है और मै बिहार के एक छोटे से गांव में रहता हूं। बात लगभग आज से तीन साल पहले की है मेरे को किसी अनजान नंबर से फोन आया मैंने उठाया तो एक लड़की का फोन था। उससे बात की तो उसने पूछा क्या आप आप बस्ती गांव के रहने वाले है।

बस्ती गांव मेरा ननीहर (नानी गांव) था लेकिन मैंने उसे ये नहीं बताया कि बस्ती मेरा ननिहर है और बोला की नहीं मैं उस गांव में नहीं रहता। मेरे इतना बोलते ही बोली सॉरी लगता है कि गलत नंबर लग गया। मैंने बोला कोई बात नहीं और इतना कहकर फोन काट दिया।

थोड़े दिनों बाद फिर से मुझे उसी नंबर से फोन आया और फिर उसने पूछा कि क्या आपका नाम गोविंद है। मैंने बोला हा मै गोविंद ही बात कर रहा हू लेकिन आप कौन है। उसने फिर बताया की मैंने आपको बस्ती गांव में देखा था। आप फलाने की शादी में आए हुए थे।

फिर मुझे याद आया कि हा मै अपने मामा के लड़के की शादी में गया तो जरूर था शायद वही इसने मुझे देखा होगा। मैंने कहा हां मै गया था। तो उसने पूछा कि वो लड़का मेरा कोई रिश्तेदार था क्या। मै उसको यह नहीं बताना चाहता था कि बस्ती मेरा बनिहार है इसलिए मैंने उससे कहा कि वो लड़का मेरे साथ काम करता है और हम दोनों अच्छे दोस्त है इसलिए में उसकी शादी में गया था।

तो फिर उसने पूछा कि आप इस गांव को अच्छी तरह से नहीं जानते। मैंने हां में जवाब दे दिया। इसी तरह अब उसका हफ्ते दो हफ्ते बाद लगातार फोन आने लगा और हम दोनों में बातचीत शुरू हो गई। उसने मुझे पूछा कि आप किस गांव में रहते है।

मैंने उसे बताया कि मैं फलाने गांव में रहता हूं। फिर उसने मुझसे कहा कि वो मुझसे मिलना चाहती है। मिलना तो मै भी उससे चाहता था लेकिन उस वक़्त मैं काम की वजह से किसी और जगह था।

मैंने उससे कहा कि मैं नहीं मिल सकता। उसने कहा कोई बात नहीं जब आपको टाइम मिलें हम तब मिल लेंगे। मुझे उससे कुछ खास लगाव नहीं था। इसी तरह हमारी बातें लगभग एक साल तक होती रहीं।

फिर उसने एक दिन मुझे वॉट्सएप पर मैसेज किया। मैंने भी उसको रिप्लाई भेजा। कुछ दिनों तक वॉट्सएप पर बातें करने के बाद मैंने उससे उसकी फोटो मांगी। तो उसने अपनी फोटो भेजी।

फोटो में मैंने देखा तो वो एकदम बॉम्ब लग रही थी। थोड़ी सी मोटी थी लेकिन उसके बूब्स बहुत बड़े लग रहें थे और दिखने में भी गोरी थी। फिर क्या था अब उससे मिलने की उत्सुकता और बढ़ गई। मैंने उससे कहा कि मैं उससे मिलना चाहता हूं।

लेकिन वो बोली कि वो अभी गांव में नहीं है और 2 महीने बाद गांव जाएगी। यह सुनकर मेरा मन थोड़ा सा उदास तो जरूर हुआ। फिर भी मैंने उसे कहा चलो जब गांव वापिस आओगी तब मिल लेंगे। इस तरह दो महीने और बीत गए।

अब मै उससे खुल के बातें करने लगा। हमरी बातें सेक्स तक पहुंच चुकी थी। वो भी मुझसे काफी कुछ पूछने लगी। अचानक एक दिन उसका फोन आया और उसने बताया कि उसकी शादी तय हो गई है और बोली कि शादी के बाद शायद तुमसे बातें ना के पाऊं।

जिस दिन उसकी शादी थी उसी दिन मेरे मामा की लड़की की भी शादी थी। मै बोला कोई बात नहीं मै बस्ती गांव आ रहा हूं और व्हा आकर तुमसे मिलूंगा। वो बोली ठीक है और उसने फोन काट दिया। शादी से दो दिन पहले मैं गांव पहुंच गया और उसे मिलने के लिए गांव से थोड़ी दूर खेतों में बुलाया।

वो भी घर कोई बहाना मार के मेरे से मिलने आ गई। हम दोनों इस गेहूं के खेत में अकेले थे। वो आते ही मुझ से लिपट गई। मैंने भी उसे का के पकड़ लिया। वो बोली वो शादी उसे करनी है पड़ेगी।

मैं बोला कोई बात नहीं मै तुम्हारी स्थिति समझता हूं थोड़ी देर बातें करने के बाद मै चुपचाप बैठा ही था कि उसने अचानक से मुझे चूमना शुरू कर दिया। मैंने भी उसका साथ देना शुरू कर दिया और उसे चूमने लगा। मैंने उसे नीचे लिटाया और उसे चूमने लगा मेरा लंड एकदम से अकड़ कर खड़ा हो गया था।

फिर मैंने उसके बूब्स ओर हाथ रख दिया और उसे जोर जोर से दबाने लगा। उसके मोटे मोटे बूब्स बहुत ही मुलायम थे और उस भी मजा आने लगा फिर मैंने अपने कपड़े उतारे और उसकी भी सलवार उतार दी।

उसके गोरे मम्मे उसकी ब्रा से बाहर आ रहें थे। मैंने उसकी ब्रा खोली और जैसे ही उसके बूब्स को अपने मुंह में लेकर चूसने लगा वो सिसकियां लेने लगी। और धीरे धीरे कहराने लगी। मै बीच बीच में उसके मम्मी पर काटता भी था तो वो और जोर से कराह उठती।

थोड़ी देर बाद चूसने के बाद मैंने उसके अरु अपने सारे कपड़े उतार दिए। उसकी लाल चुत देखकर मेरा मन और भी खुश ही गया। वो वर्जिन ही थी। उसने मुझे बताया था। मैंने अपना मेरा लंड उसके मुंह में डाल दिया और वो उसे चूसने लगी।

फिर मै भी उसकी चुत चाटने लगा और हम 69 वाली पोजिशन में आ गए। उसकी चुत ने पानी छोड़ दिया और मेरा लन्ड भी तनकर खड़ा हो गया था। मैंने लंड उसकी चुत पर रखा और अपने होंठ उसके होंठों पर रख दिए।

फिर मैंने धीरे धीरे करके लंड अंदर डालने लगा। उस दर्द हुए तो वो तड़पने लगी। उसने बोला बाहर निकालो बहुत दर्द हो रहा है। लेकिन मैंने खा की शुरुआत में थोड़ा दर्द होगा फिर बहुत मजा आएगा। इतना कहते ही मैंने उसकी छूट में पूरा लन्ड घुसा दिया वो रोने लगी।

फिर मैं प्यार उसे सहलाते हुए धीरे धीरे झटके देने लगा। जब उसका दर्द थोड़ा कम हुआ तो मैंने झटके तेज कर दिए और वो भी अब उह, आहहह जैसी आवाज़ें निकालने लगी। उसकी आवाजें सुनकर मेरा लन्ड ओर भी तन गया और मै ओर तेजी से उसे चोदने लगा।

अब मैं थोड़ा थक गया तो मैं नीचे लेट गया और और वो मेरे लन्ड पर बैठ कर ऊपर नीचे कूदने लगी। वो मेरे लन्ड के पूरे मजे ले रही थी। तभी वो झड़ गई और सिसकियां भरने लगी अपने पूरे शरीर से अंगराने लगी।

अब मै भी झड़ने वाला था तो मैंने उसे कहा कि वो नीचे लेट जाएं और मैंने अपना वीर्य उसके बूब्स पर निकाल दिया। फिर मैंने देखा की उसकी चुत से थोड़ा खुुन निकला हुआ था तो मैंने अपने रुमाल से उसे पोंछ दिया और उसने अपने कपड़े पहन लिए।

उसने मुझे एक गहरी किस्स करते हुए कहा कि यह उसकी गुड बाय किस्स है। मैंने भी उसे एक बार कस के किस्स किया और वो अपने घर चली गई और मैं अपने घर।

इस बात को अब 6 महीने ही चुके है उसके दिन के बाद उसका कभी फोन नहीं आया लेकिन इस दिन की याद हमेशा मेरे साथ रहेगी।