दोस्त की बीवी की सील तोडी

हैलो दोस्तों, मेरा नाम समीर है और मेरे दोस्त मुझे प्यार से सैम बुलाते हैं। मैं 28 साल का हूं और मेरे लन्ड का साइज 7 इंच है और यह काफी मोटा भी है। मैं अब तक कई लड़कियों की चुदाई कर चुका हूं और कई भाभियों को भी चोद चुका हूं।

मेरे एक दोस्त राजू की नई नई शादी हुई है और अब उसकी शादी को करीबन 3 महीने हो चुके हैं। वह बहुत ही भोला भाला और शरीफ आदमी है। हम दोनों एक ही कंपनी में काम करते हैं और उससे मैं खुब मजाक करता हूं।

मैं उससे लगभग हर रोज ही उसकी पत्नी के बारे में पूछता रहता हूं और कभी-कभी लंच में उसके साथ खाना भी शेयर करता हूं। उसकी बीवी खाना कमाल का बनाती है और उसके टिफिन का खाना बहुत ही स्वादिष्ट होता है। एक दिन वह मुझे अपनी शादी की तस्वीरें दिखा रहा था तो मैंने उसकी बीवी को देखा तो वह बहुत ही सुंदर और कमाल लग रही थी।

मेरे मन में उसे असल में देखने की इच्छा जाग उठी। लेकिन मैं राजू को कैसे बताऊं कि मैं उसके घर आना चाहता हूं। थोड़ी देर बाद मैंने सोचने के बाद राजू को कहा कि क्यों नहीं तुम अपनी पत्नी के साथ डिनर के लिए एक दिन मेरे घर पर आ जाते। इसी बहाने भाभी और मेरी मुलाकात भी हो जाएगी और मैं तुम्हारे कुछ किस्से भाभी को बताऊंगा।

उसने कहा अरे क्यों नहीं बताओ कब आना है मैं जरूर आऊंगा। तो फिर मैंने उससे अगले दिन आने को कह दिया और वह अपनी पत्नी के साथ शाम को पूरे ठीक समय पर मेरे घर पहुंच गया। क्योंकि मैं अकेले ही रहता था इसलिए मैंने उस दिन थोड़ा बहुत खाना होटल से मंगवाया और थोड़ा बहुत खुद बनाया था।

जब मैंने उसकी बीवी को अपनी आंखों से देखा तो मैं अचंभित रह गया। मैंने सोचा इतना सही माल इस लल्लू राम को कैसे मिल गया। पक्का इसने पिछले जन्म में कुछ पुण्य किए होंगे जिसका फल इसे अब मिला है। उसकी बीवी का क्या फिगर था और लाल साड़ी में क्या सेक्सी लग रही थी। मैंने सब कुछ लाकर डाइनिंग टेबल पर रख दिया और हम तीनो खाना खाने के लिए बैठ गए।

मेरा ध्यान खाना खाने पर कम और भाभी को देखने पर ज्यादा था। फिर भी मैं किसी तरह राजू से नजरें बचाकर उसकी बीवी को कामुकता भरी आंखों से देख रहा था। फिर मैंने उसकी बीवी से बातें करनी चालू कर दी। मैंने पूछा क्यों भाभी जी कैसा लगा हमारा लड़का पसंद आया कि नहीं।

वह कुछ नहीं बोली और हलका सा हंस दी। फिर मैंने कहा आपकी मुस्कुराहट बताती है कि आपको हमारा लड़का पसंद है। फिर मैंने उस बीवी को राजू के शादी के पहले के कुछ किस्से सुनाए जिसे सुनकर वह बहुत हंसी और हम तीनों ने काफी अच्छा समय बिताया।

फिर राजू और उसकी बीवी नहीं जाते वक्त मुझे भी उनके घर आकर एक दिन डिनर करने का न्योता दिया। मैंने की बीवी को लाइन मारते हुए कहा कि अरे भाभी जी आप बुलाएं और हम ना आएं यह कैसे हो सकता है, हम जरूर आएंगे। फिर दो दिन बाद मैं राजू के घर गया और उसकी बीवी ने खाना बना कर रखा हुआ था।

खाना खाने के लिए बैठने ही वाले थे कि राजू को किसी का फोन आया और वह बोला कि मैं 15 मिनट में आता हूं तब तक तुम लोग बातें करो। फिर मैंने भाभी से पूछा भाभी जी बताइए ना आप चाचा कब बनवा रही हैं। उसने कहा यह कुछ करेंगे तब ना चाचा बनेंगे आप।

यह तो इतने बोले हैं कि मुझे थोड़ा सा भी करहाते या दर्द होते हुए देखते हैं तो बीच में ही रुक जाते हैं और बोलते हैं फिर कभी कर लेंगे। उसको इस तरह खुल्लम खुल्ला बोलते हुए देखकर मैं दंग रह गया और बोला तो भाभी जी आप वर्जिन है क्या अभी तक। वह बोली हां मैं अभी तक वर्जिन हूं।

मैंने कहा अरे यह हमारा दोस्त ऐसे ही है आप कहे तो मैं आपकी छेद को बड़ा कर दूं ताकि आप आसानी से राजू के साथ एक बच्चा पैदा कर सकें। उसने मुस्कुराते हुए अपनी गर्दन नीचे कर ली। इतनी देर में राजू ही वापस आ गया और हम तीनों खाना खाने लगे।

मैंने खाना खाकर बोला वह भाभी जी आपने खाना तो बहुत ही गजब का बनाया है काश ऐसा खाना मैं रोज खा पाता हमारा भाई बहुत ही खुशनसीब है जो उसे आप जैसी बीवी मिली। जब मैं जाने वाला था तो उसकी बीवी ने मुझे आंख मारी और मैं उसका इशारा समझ गया।

अगले दिन में काम पर नहीं किया और दोपहर को मैं राजू के घर चोरी छिपे चला गया। वहां उसकी बीवी पहले से ही मेरा इंतजार कर रही थी। मैंने जाते ही उसे बाहों में भर लिया और उसे बेतहाशा चूमने लगा। फिर मैंने फटाफट से उसकी सारी उतार दी और उसका ब्लाउज और पैंटी भी उतार कर फेंक दी।

मेरे सामने बिल्कुल नंगी थी और इतनी खूबसूरत औरत मैं पहली बार देख रहा था। मैंने उसे बेड पर लिटाया और उसके बूब्स को मुंह में लेकर चूसने लगा। फिर मैंने धीरे से उसकी चुत पर अपनी जीभ रखी और चाटने लगा। वह सिसकियां भरने लगी और उसका पूरा बदन मचलने लगा।

करीबन 2 मिनट तक उसकी चुत चाटता रहा और इतनी देर में वो झड़ गई। फिर मैंने उसके होठों पर अपने होठों की और अपना लंड उसकी चुत पर रखते हुए धीरे-धीरे अंदर घुसाना शुरू किया। क्योंकि उसकी चुत बहुत टाइट थी इसलिए मुझे थोड़ा जोर लगाना पड़ा और मैंने एक जोर का झटका दिया।

जैसे ही मैंने झटका दिया तो मेरा आधा लंड उसकी चुत में घुस गया और उसकी सील टूट गई। वह चिल्ला उठी और दर्द के मारे रोने लगी। फिर मैंने थोड़ी देर उसे से लाया और फिर से उसे अब घोड़ी बनाते हुए पीछे से चोदने लगा। मैंने धीरे-धीरे पूरा लन्ड उसकी चुत में घुसाया और अब भी वह दर्द के मारे करा रही थी।

लेकिन थोड़ी देर बाद धीरे धीरे अंदर बाहर करने के बाद इसको थोड़ा आराम आया तो वह भी चूदाई के मज़े लेने लगी। अब मैं उसे तेजी से चोद रहा था। वह भी अब उत्तेजित हो चुकी थी और उसने मुझे आगे से चोदने को कहा।

मैं भी उसे आगे से चोदने लगा और वह उत्तेजित होकर अपने दांत मेरे शरीर पर गड़ाने लगी और मुझे चाटने लगी। पंद्रह मिनट तक चोदने के बाद जब मैं झड़ने वाला था तो मैंने सारा माल उसके पेट और बूब्स पर निकाल दिया।

उसकी चुत से खून निकल रहा था और उसे दर्द भी हो रहा था। फिर मैंने कहा लो भाभी जी खुल गई आपकी चुत। मैंने अपना नंबर दिया और कहा कि आपको फिर कभी अपने देवर की जरूरत पड़े तो बस एक कॉल कर दीजिएगा।