नानी गांव में दीदी ने मुझे फसाकर अपनी चुत चुदाई

हेलो दोस्तों, हिंदी सेक्सुअल स्टोरीज की वेबसाइट पर आप सभी लोगों का स्वागत है। आज जो कहानी मैं आपको बताने जा रहा हूं यह एक सच्ची घटना है और उम्मीद करता हूं कि आपको यह कहानी पसंद आएगी।

मेरा नाम रणदीप सिंह है और मैं कानपुर का रहने वाला हूं। मेरी उम्र 23 साल की है और मेरे लन्ड का साइज 8 इंच है। ढाई इंच मोटा भी है और दिखने में काफी मोटा लगता है। बात यूं है कि मैं अपने नानी गांव गया हुआ था।

वहां मेरी एक दीदी रहती है जिसका नाम श्वेता था और उसकी उम्र 26 साल है। लिखने में वह बहुत ही ज्यादा खूबसूरत है और अभी तो उसका भरपूर जवानी का समय है। उसका गदराया हुआ बदन देखकर कोई भी अंतर्वासना का शिकार हो जाए और उसे चोदने के सपने देखने लगे।

पिछली बार जब मैंने उनसे मिला था तो वह मेरा बहुत ही अच्छे से ख्याल रखा कर दी थी इतना मुझे याद था। लेकिन अब वो इतना तगड़ा माल बन चुकी होगी मैंने उम्मीद भी नहीं की थी। अब तो मैं मन ही मन में सोच रहा था कि काश इसकी चुत मिल जाए तो मजा आ जाए।

मैं उसे दीदी कह कर बुलाता था और हम दोनों की काफी अच्छी बनती थी। मैंने उन्हें आज से 5 साल पहले देखा था तब मुझे इन चीजों के बारे में इतना शौक नहीं था लेकिन अब तो सेक्सी बिना मेरी कोई जिंदगी ही नहीं है।

एक दिन की बात है हमारे घर में कोई भी नहीं था तो मैं मोबाइल पर पोर्न देख रहा था। तभी दरवाजे की घंटी बजी और मोबाइल वही बेड पर का दरवाजा खोलने के लिए चला गया। मैंने देखा तो सामने स्वेता दीदी खड़ी थी और मैंने उन्हें अंदर बुलाया।

वह अंदर आई और उन्होंने मुझसे कहा कि एक गिलास ठंडा पानी लेकर आओ मुझे बहुत प्यास लगी हुई है। मैं रसोई में पानी लेने गया और वह कमरे में चली गई। उन्होंने मेरे मोबाइल को देखा तो उन्होंने पोर्न फिल्म के 1-2 सीन देख लिए।

जैसे ही में कमरे के अंदर आया तो उन्होंने मुझसे पूछा यह क्या है। मैं बहुत डर गया और मैंने उनसे कहा दीदी यह बात किसी को मत बताना। उन्होंने कहा ठीक है मैं यह बात किसी को नहीं बताऊंगी अगर तुम मेरी एक शर्त मान लो तो।

फिर मैंने उनसे कहा मैं आपकी हर एक बात मानने के लिए तैयार हूं बताइए आपकी क्या शर्त है। उन्होंने मुझसे कहा डरने की बात कोई नहीं है मुझे भी यह देखने में बहुत अच्छा लगता है। क्या तुम मेरे साथ ही यह सब चीज करना चाहोगे।

पहले तुमने थोड़ा चौक गया लेकिन फिर जब वह मेरे नजदीक आ गई तो मैंने कहा हां जरूर क्यों नहीं करना चाहूंगा। अब धीरे धीरे उन्होंने अपने होंठ मेरे होंठों की तरफ बढ़ाने शुरू कर दिए।

फिर हम दोनों एक दूसरे को किस करने लगे और मैं अपनी जीभ से उनकी जीभ चाटने लगा।

हम दोनों ने करीब 5 मिनट तक किसिंग का मजा लिया। अब मैं श्वेता दीदी की गर्दन पर किस कर रहा था और वह अंतर्वासना में लीन होकर अपने मुंह से सिसकियां की कामुकता भरी आवाज़ें निकाल रही थी।

फिर मैंने दीदी के सारे कपड़े उतार दिए और उनके बूब्स के दर्शन किए। एकदम गोरे दूध जैसे बूब्स और इतने कोमल थे कि ऐसा लग रहा था कि जैसे मैं रूई को दबा रहा हूं।

मेरी चड्डी को भी दीदी ने निकाल दिया। मेरे टनटनाते लंड देख कर दीदी ने कहा इतना लंबा मोटा लन्ड इससे तो मेरी चूत का बुरा हाल हो जाएगा।

दीदी ने जल्दी से मेरे लंड को अपने मुँह में भर लिया और लपक के चूसने लगीं।  बहुत देर तक लंड चूसने के बाद मेरा लंड एकदम अकड़ कर खड़ा हो गया था।

फिर मैंने उनके बूब्स पर हाथ फेरा और उनकी चुचियों को अपने अंगूठे से जोर से मसला। दीदी  उइइइइ…. इस्स…. आहह…. ओह आह उइइ.. करने लगीं।

फिर मैंने उनके रूई जैसे कोमल बूब्स को अपने मुंह में भर लिया और उन्हें जोर जोर से चूसने लगा। वह मेरा सर पकड़ कर जोर जोर से अपने छाती की तरफ दबाने लगी।

और जोर-जोर से सिसकियां भरने लगी। अब दीदी की टांगों की ओर बढ़ा और मैंने उनकी टांगें चाटते हुए चुत  तरफ बढ़ने लगा। मैंने दीदी की चड्डी निकाली।

उनकी चूत पे हल्के हल्के बाल थे। वो बाल दीदी की चूत पे मस्त लग रहे थे। मैं उनकी चूत को चाटने लगा।

दीदी के मुँह से  आह….. आह…. सीईईई….  हम्म….. चोद चोद दो मुझे.. मेरी चूत को चोद दो.. बहुत दिनों की प्यासी है.. उफ़फ्फ….. ईस ईस्स… जैसी आवाजें निकलने लगी।

बस दीदी झड़ गईं और उनका नमकीन सा पानी मैं गटक गया। अब मैंने दीदी को पलंग पे लेटा कर उनसे चिपक गया। मैं अपना लंड उनकी चूत पे रगड़ रहा था।

दीदी बोलीं अब जल्दी से चोद दे मुझे… बहुत दिनों से तड़प रही हूं। इस चूत को इतना चोदो कि इसकी तमन्ना पूरी हो जाए।

अब और मत तड़पाओ चोद दो मुझे चोद दो। अब मैंने भी देर ना करते हुए अपना 8 इंच का लंड दीदी की चूत पर रख कर एक जोरदार धक्का दे मारा।

दीदी की चीख निकल गई उई मां मर गई….. आइइइ। मेरा 3 इंच लंड दीदी की चूत में चला गया था। उनकी चूत बहुत टाइट थी।

मैंने एक और जोर का धक्का मारा।दीदी की फिर से चीख निकल गई। दीदी की आंखों से आंसू बहने लगे। मैंने दीदी से कहा ज्यादा दर्द हो रहा है तो मैं निकाल लेता हूं।

लेकिन दीदी कहने लगीं  ये खुशी के आंसू हैं। फिर में मैं जोर जोर से दीदी को चोदने लगा।

दीदी आहें भरने लगी और आंहह… अअअम उम्म्ह… अहह… हय… याह…. चोदो मेरी चूत को.. चोद दो चोद दो.. फाड़ दो इस चूत को इतना चोदो कि साली शांत हो जाए।

मेरा लंड दीदी की चूत की गहराइयों में खो गया था।  दीदी के गर्भाशय से जब भी मेरा लंड टकराता, तो दीदी मुझे कस के अपनी बांहों में जकड़ लेतीं।

दीदी अभी तक दो बार झड़ चुकी थी। मैं श्वेता दीदी को जोर जोर से चोदे जा रहा था। अब मैं भी झड़ने वाला था।

फिर मैंने अपना लन्ड उनकी लंड से निकाला और सारा माल उनके मुंह के ऊपर निकाल दिया। फिर दीदी ने मेरा लन्ड चाट कर एकदम साफ कर दिया और बोली जिंदगी में पहली बार चुदाई का इतना ज्यादा आनंद मिला है।