दिल्ली के होटल में चुडक्कड़ लड़की की चुदाई

हेलो दोस्तों, हिंदी सेक्स स्टोरीज की वेबसाइट पर आप सभी लोगों का स्वागत करता हूं। आपको हर रोज नई नई कहानियां पढ़ने को मिलेगी। आज मैं आपके लिए ऐसी ही एक कहानी लेकर आया हूं।

उम्मीद करता हूं कि आप लोगों को यह कहानी बहुत ज्यादा पसंद आएगी। तो चलिए बिना किसी देरी के हम अपनी कहानी शुरू करते हैं। मेरा नाम चेतन है और मेरी उम्र 21 साल है। मैं हरियाणा का रहने वाला हूं।

सेक्स में मेरी रुचि बहुत पहले से ही रही है। और अब तो मैं इसमें किसी प्रोफेशनल से कम ही हूं। मैं बहुत सारी पोर्न वीडियो देखता हूं और काफी सारी सेक्स कहानियां पढ़ता रहता हूं।

तो आज मैं जो कहानी आपको बताने जा रहा हूं वह तब की है जब मैं टेस्ट देने के लिए दिल्ली गया हुआ था। क्योंकि मेरा टेस्ट सुबह के 8:00 बजे था इसलिए मुझे एक दिन पहले ही दिल्ली जाना पड़ा और रात को मुझे कहीं पर रुकना था।

क्योंकि मैं दिल्ली में किसी को नहीं जानता था और हमारे कोई रिश्तेदार भी वहां नहीं रहता था इसलिए मुझे एक होटल में रुकना था। जब मैं दिल्ली की बस पकड़ने के लिए बस में चढ़ा तो मेरे साथ एक लड़की बैठी हुई थी जो मेरी ही हम उम्र थी।

वह भी टेस्ट देने के लिए दिल्ली जा रही थी और उसका भी सेंटर मेरे वाला था। फिर हम दोनों ने आपस में बातें करनी शुरू कर दी तो मुझे पता चला कि उसका नाम अनुष्का है।

मै और अनुष्का काफी देर तक बातें करते रहे और फिर मैंने उससे पूछ ही लिया कि परीक्षा दो कल सुबह है तो तुम कहां रुकने वाली हो। तो उसने बताया कि मैं किसी होटल में जाकर एक कमरा ले लूंगी।

मैंने कहा हां यह भी ठीक ही रहेगा। मैं भी उसी होटल में कमरा ले लूंगा। हम दोनों बस से उतरे और हम दोनों एक साथ ही जहां हमारा सेंटर था उससे कुछ दूरी पर एक होटल में पहुंचे।

वहां जाकर मैंने उनसे पूछना कि एक रात के लिए कमरा चाहिए। तो उन्होंने बोला कि कमला तुम्हारे पास सिर्फ एक ही बचा है। इससे पहले कि अनुष्का कुछ बोल भी मैंने कह दिया नहीं नहीं हमें दो कमरे चाहिए।

लेकिन वह बोले नहीं आपको यहां पर नहीं मिल पाएगा। फिर भी आस पास और होटल खोजने की कोशिश की लेकिन हमें कोई भी नहीं मिला। फिर अनुष्का ने मुझसे कहा क्यों ना हम दोनों इनकी रूम शेयर कर लेते हैं हमारे पैसे भी बच जाएंगे।

क्योंकि अब रात के 11:00 बज चुके थे और हमारे पास कोई चारा भी नहीं था तो मैंने उससे कहा हां चलो और कोई रास्ता भी तो नहीं है। फिर हम दोनों एक ही कमरे में चले गए हो और वहां जाकर लेट गए।

मुझे नींद नहीं आ रही थी क्योंकि तुम सुंदर लड़की जो मेरे बगल में सोई हुई थी। तभी अचानक उसने मेरे छाती पर अपना हाथ रख दिया। मुझे लगा वह नींद में है इसलिए ऐसा कर रही है लेकिन उसने मेरी तरफ बड़ी ही प्यारी सी आंखों से देखा।

मैंने भी उसके बूब्स के ऊपर अपना हाथ रख कर दिया और उन्हें सहलाने लगा। धीरे-धीरे हम दोनों का प्यार परवान चढ़ने लगा और हम दोनों के कपड़े खुलने लगे।

इन दोनों ने एक दूसरे के कपड़े खोल दिए और दोनों नंगे हो गए। फिर हम दोनों ने किस करना शुरू कर दिया और नया उसके मुंह से चूस रहा था जैसे मैं बरसों से प्यासा हूं और अब तो उसके होंठ दिखने भी शुरू हो गए थे।

फिर मैं उसके बूब्स की तरह बढ़ा और उसके बूब्स चूसने लगा। उसके निपल्स बहुत ही ज्यादा प्यार है थी और मैं उसके निपल्स को अपने मुंह में ले कर चाटने लगा। मैं कभी उसके बूब्स चाट लो कभी उसको किस करता हूं।

अनुष्का भी अंगड़ाई लेने लगी। फिर मैंने उसे अपना लौड़ा चूसने को कहा तो उसने अपने मुंह में ले लिया और उसे चूसने लगी मैं भी उसकी चूत की तरफ बढ़ा और उसकी चूत को अपनी जीभ से चाटने लगा।

हम दोनों 69 की पोजिशन में थे। वो अब सिसकारियाँ लेने लगी और उफ्फ्फ्फ़ उफ्फ्फ उफ़ करने लगी। फिर मैंने उसे बोला तुम्हारी चूत का नमकीन पानी बहुत ही अच्छा लग रहा है।

वह भी बोली तुम्हारी चूत का चिपचिपा माल नमकीन जैसा ही लग रहा है। हम दोनों अच्छे से एक दूसरे को चूस रहे थे। फिर वह मेरे लंड के पास आकर बैठ गई और उसने मेरे लंड को सीधा किया और अपनी चूत को मेरे लंड कि लाइन में ले आई।

फिर उसने मेरे लंड पर अपनी चूत दिखाई और धीरे-धीरे मेरे लंड को अपनी चूत के अंदर समाने लगी। वह जिस प्रकार सिर में लंड को चूत के अंदर ले रही थी मैं समझ गया था कि यह बहुत बड़ी चुडक्कड़ है।

फिर वह भी धीरे-धीरे अपनी गांड को ऊपर नीचे करने लगी और मेरा लंड उसकी चूत के अंदर बाहर होने लगा। अब वह पूरी तरह से उत्तेजित हो चुकी थी और अब तो अपनी गांड को घुमा घुमा कर चोद रही थी।

मैं भी उसकी चुचियों को मसल रहा था और बीच-बीच में उन्हें चूस भी रहा था। मैं भी नीचे से जोर जोर से धक्के दे रहा था और वह भी उछल उछल कर चुद रही थी।

फिर मैंने उसे नीचे लिटाया और उसकी टांगों को अपने कंधों पर रखते हुए उसकी चूत पर लंड रखकर एक जोर का झटका दिया। वह दर्द के मारे कराने लगी और उफ्फ…. अम्मह… ओह….. की आवाजें निकालने लगी।

हमें उसे तेजी से चोदने लगा और काफी देर तक चोदता रहा। फिर थोड़ी देर में बहुत झड़ गई लेकिन मैं अभी तक नहीं झड़ा था। फिर मैंने उसे डॉगी स्टाइल में घोड़ी बनाया और पीछे से उसकी चूत में लंड डालकर उसे चोदने लगा।

अब जब भी मैं उसे झटका देता तो हमारा जिस्म टकराता और पूरे करने में बस पच पच की आवाज गूंजने लगी।

अब मैं अभी चलने वाला था तो वह बोली माल मेरे मुंह में निकालना। मैंने भी अपना लंड उसकी चूत से बाहर निकाला और उसे हिलाते हुए सारा माल अनुष्का के मुंह पर निकाल दिया।

वह सारा माल चट कर गई और मेरे लंड को उसने चाट कर एकदम साफ कर दिया। फिर हम दोनों एक दूसरे की बाहों में बाहें डाल कर सो गए और अगले दिन टेस्ट देने गए।