कजिन की चुत ने सेक्स की प्यास बुझाई

हाय फ्रैंड्स, आज मैं आपके साथ एक गजब की कहानी शेयर करने जा रहा हूं। उम्मीद करता हूं कि आपको यह कहानी पसंद आएगी।

मेरा नाम मोहन है। मैं 32 साल का हूं लेकिन मैं दिखने में जवान लगता हूं। सभी मुझसे कहते हैं कि तुम तो 25 साल के लगते हो। मेरी शादी हो चुकी है और मेरा एक बच्चा भी है। मेरा मेरी बीवी से एक छोटा सा झगड़ा हो गया था जिसके चलते वह मेरे से नाराज है और उसने 2 महीने से मुझे चुदाई नहीं करने दी।

अब तो मैं किसी तरह बस किसी चुत के मजे लेना चाहता था। इसी बीच मेरा मुंबई जाने का प्लान बन गया और मैं मुंबई चला गया। मुंबई में मेरे दूर के रिश्तेदार रहते हैं और उन्होंने मुझे रहने के लिए अपने घर पर बुला लिया। क्योंकि वह हमारे पुराने रिश्तेदार थे इसलिए मैं उनको मना नहीं कर सका और मैं उनके घर चला गया।

उनके घर पर सिर्फ अंकल और उनकी बेटी जो मेरी कजन लगती, बस दो ही लोग हैं। उसका नाम काजल था। काजल लगभग 22 साल की थी और उसका फिगर क्या मस्त का था। 36-24-36 का फिगर जो किसी भी आदमी को मदहोश कर दे और किसी का भी लंड खड़ा करने की हिम्मत रखता था।

मेरा मन तो किया कि इसे किसी तरह चोद दूं पर फिर मैंने सोचा अरे इसे कैसे पटाऊंगा। मुझे तो सिर्फ 4 दिन यहां रुकना है और फिर क्या पता कभी आना जाना भी होगा कि नहीं। फिर अंकल में काजल को कहा बेटा जाओ मोहन को पूरा घर दिखा दो। काजल देवी मेरा हाथ पकड़ लिया और खींचते हुए बोली चलो मोहन भैया मैं आपको सब कुछ दिखाती हूं।

उसके बोलने के अंदाज में मुझे अजीब सी कामुकता महसूस हुई। लेकिन मैंने उसे कुछ नहीं बोला और उसके साथ चल पड़ा। उसने मुझे अपना पूरा मकान दिखाया और आस पड़ोस के बारे में भी बताया। मैंने भी उसकी हां में हां मिलाया और वापस घर आ गए। अब रात भी हो चुकी थी इसलिए हमने रात का खाना खाया और सोने के लिए अपने अपने कमरे में चले गए।

मुझे बस काजल का ही ख्याल आ रहा था और मैं बाथरूम में जाकर काजल के नाम की मुठ मारकर वापस आकर सो गया। फिर उससे अगले दिन की बात है जब अंकल टीवी देख रहे थे और मैं किचन में था और पानी पी रहा था तभी काजल किचन में आई और फलों में से केला निकालकर खाने लगी।

उस दिन उसने एक हाफ टीशर्ट पहनी हुई थी जो सिर्फ उसकी नाभि के ऊपर तक ही थी और एक छोटी शॉर्ट पहन रखी थी और उसके जांघ साफ दिखाई दे रहे थे। लेकिन वह केले को मेरी तरफ देखते हुए बड़े ही सेक्सी अंदाज में खा रही थी। वह केले को छीलकर पूरा का पूरा केला किसी लंड की तरह चूस रही थी और अपनी गर्दन तक उसको अंदर तक लेकर जा रही थी।

इसी तरह वह केला खाते खाते अपने कमरे में चली गई और मैं उसका इशारा समझ गया कि वह मुझे बुला रही है। मैं सीधा उसके कमरे में चला गया। कमरे में वह एक सेक्सी पोज बनाकर बेड पर बैठी हुई थी। मैंने जाते ही मुझसे बोला साली कुत्तिया तुम मुझको इतना तड़पा क्यों नहीं है।

फिर वह बोली तो फिर सारी तड़प खत्म कर लो आज फिर। उसके इतना बोलते ही मैं उसके ऊपर छलांग लगाकर उसके होठों को चूमने लगा। और मैंने उसकी वह टीशर्ट उतार दी और उसने नीचे से ब्रा भी नहीं पहन रखी थी। उसके गोल गोल बूब्स देखकर मेरे मुंह में पानी आ गया और मैंने उसके बूब्स को अपने मुंह में भर लिया।

मैं उसके बूब्स को बेतहाशा चूमने जा रहा था और उसकी चुचियों को अपने दांतो से हल्का सा रगड़ भी रहा था। फिर मैंने उसकी निक्कर भी उतार दी और पैंटी भी उतार कर रख दी। अब उसकी नंगी चुत मेरे आंखों के सामने थी और मैंने अपनी जीभ उसकी चुत पर सटा दी।

मैंने अपनी जीभ से उसकी चुत को चाटना शुरू कर दिया। पूरी तरह से गर्म हो चुकी थी और सिसकियां भर रही थी। फिर मैंने धीरे से उसकी चुत में उंगली डाली तो उसके मुंह से आह…. की आवाज निकल आईं। थोड़ी देर उसकी चुत में उंगली करने के बाद वो झड़ गई और उसका पानी निकल गया।

लेकिन फिर मैंने अपनी जीभ से उसकी चुत को चाटना शुरू कर दिया और काफी देर तक उसकी चुत को चाटते रहा। इतनी देर में उसका तीन चार बार पानी निकल चुका था और अब वह मदहोश होकर बेड पर लेट गई थी। अब मैं समझ गया कि उसे चोदने का यह सही समय है।

फिर मैंने अपना लन्ड उसकी चुत पर रखा और धीरे धीरे अंदर घुसाने लगा। जैसे ही मैं थोड़ा सा अंदर घुसा तो उसको काफी दर्द हुआ और वह बोली धीरे धीरे करो मोहन भैया। मैंने बोला क्या पहले कभी तूने कभी सेक्स नहीं किया। किसने बोला किया तो है लेकिन पहले कभी इतना दर्द नहीं हुआ।

उसकी संकरी चुत देखकर मैं समझ गया था कि कभी इसका असली भी लंड से पाला नहीं पड़ा है। फिर मैंने धीरे से दोनों हाथ से उसके बूब्स पकड़े और अपने होठों को उसके होठों पर रखते हुए धीरे-धीरे अपना पूरा लन्ड उसकी चुत में घुसा दिया।

क्योंकि मैंने अपने होठों से उसके मुंह को दबा रखा था इसलिए उसकी चीखने की आवाजें नीचे ही दबी रही और मैंने धीरे-धीरे उसे चोदना शुरू कर दिया। उसकी आंखों से आंसू निकल रहे थे और वह अपने नाखूनों से मेरे पीठ को खरोंच रही थी। लेकिन जब थोड़ी देर बाद उसने लंड को सहन करना शुरू कर दिया और अब उसकी चींखें सिसकियों मैं बदल गई तो मैंने अपने होंठ उसके होंठों से हटा दिए और अब उसे तेजी से चोदने लगा।

जैसे ही मैंने उसे तेजी से शुरू करना शुरू किया तो वह एक बार और झड़ गई। लेकिन मैंने चुदाई की रफ्तार जारी रखी और करीब 15 मिनट तक उसको चोदने के बाद जब वह एकदम थक गई और मैं भी झड़ने वाला था तो मैंने अपना लन्ड उसकी चुत से निकाल कर उसके मुंह में डाल। वो अब केले की तरह में लंड को चूस रही थी और मैं उसके मुंह की चुदाई करने लगा।

मैंने सारा माल उसके मुंह में निकाल दिया और वह किसी पेशेवर रंडी की तरह सारा वीर्य पानी की तरह गटक गई। अब वह थक कर एक तरफ से लेट गई और मैं भी दूसरी तरफ लेट गया। वह मुझसे बोली आज तो पहली बार मुझे इतनी संतुष्टि महसूस हो रही है।

आज तक मैंने कभी भी इस तरह की चुदाई का मज़ा नहीं लिया। फिर उसने मुझे होंठों पैर एक जोरदार किस्स की और बाथरूम में चली गई। मै भी अपने कमरे में चला गया और नहा धोकर फ्रेश हो गया।

2 दिनों बाद हमने एक बार फिर चुदाई की और इस बार मैंने सारा माल उसकी चुत में ही निकाल दिया। इस तरह मैंने 4 दिनों में दो बार से चुदाई की और अपनी चुदाई की प्यास बुझा कर घर वापस आ गया।