क्लास की लड़की को बाथरूम में ले गया

नमस्कार दोस्तों मेरा नाम मोहित है और मैं चंडीगढ़ में रहता हूं। आज जो मैं आपको बताने जा रहा हूं यह उस समय की है जब मैं स्कूल में पढ़ता था। मैं बाड़मेर में पढ़ता था वह हमारे क्लास में ही एक लड़की थी जिसका नाम पल्लवी था।

मैं उसे बहुत पसंद करता था लेकिन उसका एक बॉयफ्रेंड था इसलिए कभी भी मैं उसके सामने खुलकर कुछ कह नहीं पाया। मैं हमेशा उसके सपने देखता था। कई बार मैं उसके नाम की मुट्ठ मार चुका था और अब उस मौके का इंतजार कर रहा था जब मैं एक बार उसकी चूदाई भी कर पाऊं।

हम दोनों एक ही क्लास में पढ़ते थे इसलिए लगभग सारा दिन हम एक साथ ही बिताते थे। वह मुझे एक अच्छा दोस्त समझती थी लेकिन वह हमेशा मेरे से चिपकती थी और मैं भी उससे चिपकता रहता था। जब भी हम सुबह स्कूल आते तो एक दूसरे से हाथ मिलाते थे।

इस तरह हम दोनों एक दूसरे को अच्छी तरह जानते थे और हम दोनों का रिलेशन भी अच्छे दोस्तों की तरह था। लेकिन आपने वह कहावत तो सुनी ही होगी कि एक लड़का और लड़की कभी भी दोस्त नहीं हो सकते। मैं कम से कम एक बार तो उसके साथ सेक्स करना ही चाहता था।

क्योंकि अब परीक्षा का समय आ रहा था और हमारा स्कूल भी अब खत्म होने वाला था इसलिए हम लोगों ने फेयरवेल पार्टी की तैयारियां शुरू कर दी। सभी लोगों को कुछ ना कुछ डांस परफॉर्मेंस तैयार करनी थी। क्योंकि आज से पहले मैंने कभी भी कोई डांस नहीं किया था इसलिए मुझे इतनी अच्छी तरह डांस नहीं आता था। मुझे डांस सिखाने की जिम्मेवारी पल्लवी ने ले ली और उसने कहा मैं तुम्हें एक सोलो डांस तैयार करवा दूंगी।

मैंने यह सोचकर हामी भर दी कि मुझे पल्लवी के साथ थोड़ा और समय बिताने को मिलेगा। फिर अगले दिन से हम लोगों ने डांस की प्रैक्टिस शुरू कर दी। पल्लवी ने एक गाना चुन लिया और उस पर मुझे डांस सिखाने लगी।

मैं जानबूझकर गलतियां करता तो वह मेरे पास आकर मेरे हाथ को पकड़ कर सही स्टेप सिखाती। कभी-कभी तो वह मेरी कमर को भी पकड़ लेती तो मेरा लन्ड जैसे पेंट फाड़कर बाहर निकलने के लिए खड़ा हो जाता। इस तरह मैं डांस सीखने लगा और अपनी परफॉर्मेंस की तैयारियां करने लगा।

जब मैं बीच बीच में थक जाता तो वह मुझे अपना डांस परफॉर्मेंस कर के दिखाती। उसको नाचता देखकर मेरा मन उस पर और ज्यादा मोहित हो जाता। मैं घर जाकर अब उसको याद कर करके दिन में दो तीन बार मुठ मारने लगा था। मै अब उसे नाचते समय यहां वहां छूने भी लगा था।

अब नाचते समय मेरा लन्ड ज्यादातर खड़ा ही रहता था। एक दिन फिर मैंने अचानक उससे उसके बॉयफ्रेंड के बारे में पूछना शुरु कर दिया। उसने मुझे बताया कि उससे उसका बॉयफ्रेंड कुछ खास पसंद नहीं है वह तो वैसे ही उसको किसी ने पहली बार प्रपोज किया था इसलिए उसने बिना कुछ सोचे समझे हां कर दिया था।

मैंने उससे कहा तो अब तुम्हें समझ आ गई है। उसने कहा था आ गई है। मैंने फिर कहा तो क्या सोचा है अब अपने बॉयफ्रेंड के बारे में। तो वो बोली अभी कुछ सोचा नहीं है देखते हैं कुछ दिनों तक क्या बनता है। मैंने कहा कि कोई अगर तुम्हें अब आकर प्रपोज करें तो तुम क्या करोगी।

उसने कहा अगर मुझे वह लड़का पसंद आया तो मैं उसके बारे में सोचूंगी। शायद यह भी हो सकता है कि मैं उसको हां कर दूं और अपने पुराने बॉयफ्रेंड से ब्रेकअप कर लूं। मैंने इसके बाद उससे कुछ नहीं पूछा और चुप चाप अपनी क्लास में जाकर बैठ गया।

अगले दिन जब हम प्रैक्टिस के लिए हॉल में पहुंचे तो उस समय सिर्फ मैं और पल्लवी ही प्रेक्टिस हॉल में थे। हम दोनों ने एक दूसरे की तरफ देखा तो बिना कुछ बोले एक दूसरे की तरफ कुछ देर तक देखते ही रहे। मैंने उससे कहा कि हम रोज रोज प्रैक्टिस ही करते हैं आज बैठकर कुछ बातें करते हैं।

उसने कहा ठीक है और हम दोनों आपस में बातें करने लगा। करीब पंद्रह बीस मिनट बातें करने के बाद मैंने उसकी तरफ देखा तो वह भी मेरी तरफ देखने लगी और हम दोनों एक दूसरे की आंखों में आंखें डाल कर एक दूसरे को निहारने लगे। फिर मैंने अचानक से उसे दीवार के साथ हटाया और उसके होठों पर अपने होंठ रख दिए और उसे जोर से किस्स करने लगा।

पहले तो उसने मुझे धकेल कर पीछे करने की कोशिश की लेकिन जब मैं दोबारा से उसे किस करने लगा तो उसने भी मेरा साथ देना शुरू कर दिया और मेरी गर्दन को पकड़कर वह भी मुझे किस करने लगी। अब मैं उस पर हाथ रखकर उन्हें धीरे धीरे दबाने लगा और उसके कोमल कोमल बूब्स के मजे लेने लगा।

मैं उसे बाथरूम में ले गया और वहां जाकर उसके स्कर्ट के नीचे से उसकी पैंटी को घुटनो तक उतार दिया और अपना लन्ड पैंट से बाहर निकाल कर उसके हाथ में पकड़ा दिया। अब वो भी मेरा लन्ड पकड़ कर उसे हिलाने लगी और मेरे होठों को चूमने लगी। फिर मैंने उसके शर्ट के बटन खोले उसकी ब्रा को हल्का सा नीचे करते हुए उसके बूब्स को चूसने लगा।

वो सिसकियां भरने लगी लेकिन मैंने अपने हाथ को उसके मुंह पर रख दिया और उसकी आवाज़ को दबा दिया। अब मैं अपना लन्ड उसकी चुत में घुसने के लिए तैयार था। इसलिए मैंने अपना लन्ड उसकी चुत पर रख दिया और धीरे से झटका देते हुए आधा लंड उसकी चुत में घुसा दिया।

लेकिन जैसे ही मेरा लन्ड उसकी चुत में घुसा उसे बहुत दर्द हुआ और उसने मुझे जल्दी से अपना लन्ड बाहर निकालने के लिए कहा। क्योंकि हम लोग टॉयलेट में थे इसलिए मैंने उस पर ज्यादा दबाव भी नहीं डाला और अपना लन्ड उसकी चुत में से बाहर निकाल दिया।

उसने मुझे कहा कि हम यह सब फिर कभी कर लेंगे। हम अभी स्कूल में है, कोई आकर देख लेगा तो बहुत प्रॉब्लम हो जाएगी। मैं पीछे हटना तो नहीं चाहता था लेकिन मेरे पास और कोई ऑप्शन भी नहीं था इसलिए मैंने पल्लवी से मुठ मरवाई और अपना सारा माल टॉयलेट में निकाल दिया।

फिर हम दोनों ने अपने अपने कपड़े ठीक किए और पहले पलवी बाथरूम से बाहर निकली उसकी थोड़ी देर बाद मैं बाथरूम से निकलकर क्लास में चला गया। उस दिन के बाद हमने ने फोन पर भी बातें करना चालू कर दी और हम काफी देर तक फोन पर बातें करते रहे।

आगे की कहानी मैं आपको दूसरी कहानी में बताऊंगा कि कैसे मैंने अब सब मुश्किलों को पार करते हुए पल्लवी की चुत कैसे मारी।