क्लास की लड़की को उसके घर में चोदा

हेलो दोस्तों आज मैं आपके सामने मेरी और पल्लवी की कहानी क्या आगे क्या हुआ यह बताने के लिए हाजिर हूं। उम्मीद करता हूं कि आपको आगे की कहानी पसंद आएगी। जैसा कि अब तक आप पढ़ चुके हैं कि कैसे डांस प्रैक्टिस के दौरान मेरे और पल्लवी के बीच में नजदीकियां बहुत ज्यादा बढ़ गई। और एक दिन हम दोनों ने किस भी कर लिया और उस दिन हम दोनों हवस में इतना खो गए थे कि बाथरूम में जाकर सेक्स करने ही वाले थे कि पल्लवी ने मना कर दिया और इस कारण मेरी सेक्स करने की चाह अधूरी रह गई।

लेकिन हम दोनों के बीच अब बहुत ज्यादा नज़दीकियां आ गई थी और हम दोनों ने एक दूसरे के साथ फोन पर घंटों बातें करना चालू कर दिया था। अब हम ज्यादातर सेक्स के बारे में ही बात किया करते थे और मैं उसे पोर्न वीडियो व्हाट्सएप पर भेज दिया करता था और डबल मीनिंग मैसेज भी करता था। वह भी अब बिगड़ चुकी थी और मेरे मैसेज का बेसब्री से इंतजार करती थी।

जिस दिन मैं तुझसे यह मैसेज वगैरा ना भेजूं उस दिन वह मुझसे जरूर पूछती थी कि तुमने आज मुझे कुछ माल पानी नहीं भेजा। अब हम दोनों स्कूल में जब भी हमें मौका मिलता और हम कहीं अकेले होते तो एक दूसरे को किस करने लगते हो और मैं उसके बूब्स पर हाथ फेर देता था।

इस तरह अब हमारी फेयरवेल पार्टी नजदीक आ रही थी और हम दोनों ने अपने अपने डांस को लगभग पूरा अच्छी तरह से कंप्लीट कर ही लिया था। अब हमें फेयरवेल पार्टी के लिए तैयारियां करनी थी। हमें कुछ जोक्स बनाने थे कुछ शायरियां वगैरह लिखनी थी और बाजार से कुछ सामान भी खरीदना था।

इसलिए अब हमारी क्लास के सभी बच्चों को कुछ ना कुछ काम दिया गया और उन्हें यह काम 5 दिनों के अंदर अंदर पूरा करना था। क्योंकि मैं और पल्लवी एक साथ ही डांस की तैयारियां कर रहे थे इसलिए हम दोनों को जोक्स और चुटकुले बनाने का काम दिया गया।

क्योंकि हम स्कूल में यह काम नहीं कर पाते थे इसलिए एक दिन पल्लवी ने मेरी तरफ मुस्कुराते हुए देख कर कहा कि ऐसे तो हम दस दिन में भी चुटकुले वगैरा प्यार नहीं कर पाएंगे। तुम ऐसे करना शाम को पांच बजे मेरे घर आ जाना और हम दोनों वहीं बैठकर चुटकुले तैयार कर लेंगे। मैंने भी उसकी हां में हां मिलाते हुए उसको कहा कि ठीक है मैं आ जाऊंगा।

इस तरह हम दोनों स्कूल खत्म होने के बाद अपने अपने घर को चले गए और मैं घर जाकर बस शाम के पांच बजने का इंतजार करने लगा। शाम को ठीक साढ़े चार बजे पल्लवी का मुझे फोन आया और उसने कहा तुम घर आ जाओ।

मैं इस पल का बेसब्री से इंतजार कर रहा था और मैं फटाफट से तैयार हुआ और पल्लवी के घर की तरफ चल दिया। पंद्रह मिनट बाद में दर्जी के घर पर पहुंच गया और उसके घर का दरवाजा खटखटाया। उसकी मम्मी ने दरवाजा खोला तो मैंने आंटी को नमस्ते कहते हुए कहा की आंटी जी पल्लवी घर पर है क्या।

तो आंटी बोली नमस्ते बेटा, हां पल्लवी घर पर ही है और वह तुम्हारा ही इंतजार कर रही है। फिर मैं और आंटी अंदर चले गए और वहां पल्लवी अपने कमरे में बैठी हुई थी। आंटी ने मुझसे कहा तुम जाकर पल्लवी से मिलो मैं तुम दोनों के लिए जूस लेकर आती हूं। मैं चुपचाप पल्लवी के कमरे में गया और पीछे से अपने हाथों से उसकी दोनों आंखें बंद कर दी।

उसने अपने हाथों से मेरे हाथों को छुआ और कहां तो तुम आ गए मोहित। मैंने फिर पल्लवी से कहा अरे तुमने तो बड़ी जल्दी पता लगा लिया कि मैं कौन हूं। तो वह बोली अरे सारा दिन तुम्हारे साथ ही तो रहती हूं और मुझे पता नहीं चलेगा कि यह तुम्हारा हाथ है कि नहीं।

फिर आंटी जूस लेकर आई और उन्होंने जूस टेबल पर रख दिया और पल्लवी से बोली कि मैं 2 घंटे के लिए मंदिर जा रही हूं तब तक तुम लोग आराम से अपना काम कर लो। यह कहकर आंटी चली गई और अब मैं और पल्लवी घर में अकेले ही थे। घर में एकदम सन्नाटा पसर गया।

हम दोनों कभी एक दूसरे की तरह देखते तो कभी अपनी कॉपी पर जोक्स बनाने की एक्टिंग करने लगते हैं। फिर मैंने हिम्मत करके पल्लवी से पूछ ही लिया की घर पर कोई भी नहीं है क्या आज तुम रेडी हो। उसने मेरी तरह शर्माते हुए देखा और हां में सिर हिला दिया। मेरा लन्ड तो पहले से ही खड़ा था इसलिए मैंने पल्लवी को बेड पर लिटाया और उसके होठों पर किस करने लगा।

अब हम दोनों एक दूसरे को किस कर रहे थे और उसने अपनी टांगो से मुझे जकड़ रखा था। फिर उसने मेरे कपड़े उतार दिए और बोली आज तुम जो चाहे वह कर सकते हो। इतना सुनते ही मैंने पल्लवी के भी सारे कपड़े उतार दिए और उसकी चुत में उंगली करने लगा।

वह सिसकियां भरने लगी और बैंड पर अपनी गर्दन इधर उधर घुमाने लगी। फिर मैं धीरे-धीरे उसे चूमते हुए उसकी गर्दन को चाटने लगा और फिर धीरे-धीरे नीचे जाते जाते उसके बूब्स को अपने मुंह में लेकर चूसने लगा। अब मैं उसके पेट पर किस करने लगा और उसे चाटने लगा। फिर धीरे-धीरे नीचे जाते हो गई अब उसकी चुत पर मैंने अपनी जीभ रख दी और उसे चाटने लगा।

उसकी सिसकियों की आवाज और भी तेज हो गई और अब वह और जोर-जोर से सिसकियां भरने लगी। थोड़ी ही देर में वो झड़ गई और उसका सारा पानी निकल गया। फिर मैंने अपना लन्ड उसके मुंह पर रखा और जो मेरा लन्ड चूसने लगी।

करीब 5 मिनट तक वह मेरा लन्ड चूसते रहें और अपनी आंखें घुमा कर ऊपर की तरफ मेरी और देखने लगी। जैसे वह कह रही हो अब और इंतजार नहीं होता अपना लंड मेरी चुत में डाल दो। मैंने तेरे बिना कोई देखे अपना लन्ड उसकी चुत पर रखा और धीरे-धीरे झटके देने लगा।

अब उसके मुंह से जोर-जोर से कराने की आवाज निकलने लगी लेकिन मैंने उसके होंठों पर अपने होंठ रखें और एक ही झटके में पूरा लन्ड उसकी चुत के अंदर तक घुसा दिया। वो तिलमिला उठी और अपने नाखून मेरे पीठ पर गड़ाने लगी। लेकिन मैं उससे धीरे-धीरे झटके देने लगा। पांच मिनट तक हमने इसी पोजीशन में सेक्स किया फिर मैंने उसे घोड़ी बनाया और उसको पीछे से चोदने लगा।

हमने उसको लगातार दो ले जा रहा था और वह भी आह्हम….. ओह…. इहह… कि आवाजे निकालने लगी। इसी तरह मैं उसे लगातार चोदता रहा हूं करीब 10 मिनट के बाद नया झड़ने वाला था और मैंने सारा माल उसके गांड पर निकाल दिया और उसके ऊपर लेट गया। फिर हम दोनों थोड़ी देर के बाद उठे और अपने अपने कपड़े पहने।

फिर उसने कहा आज तो मैं बहुत थक गई हूं चुटकुले हम कल बना लेंगे। मैंने भी उसकी बात मान ली और अपने घर को चल पड़ा। उस दिन के बाद मैंने और पल्लवी ने कई बार सेक्स किया और हम आज तक एक दूसरे के साथ ही है।