क्लास का सबसे शर्मिला लड़का निकला छुपा रुस्तम

हेलो दोस्तों, मैं हिंदी सेक्सुअल स्टोरीज वेबसाइट की नियमित रूप से एक पाठिका हूं। मैं हर रोज नई नई कहानियां पढ़ती हूं और उन कहानियों का आनंद लेती हूं। लेकिन आज मैं आपको अपनी कहानी बताने जा रही हूं और मैं उम्मीद करती हूं कि आपको यह कहानी पसंद आएगी।

मेरा नाम रोशनी शर्मा है और मैं 19 साल की हूं। मैं 12वीं क्लास में पढ़ती हूं और मेरे फिगर का साइज 34-26-34 हैं। इतना मस्त फिगर देखकर मेरी क्लास का हर लड़का मेरे ऊपर मरता है वह मेरे ही सपने देखता रहता है।

हालांकि मुझे कई सारे प्रपोजल आ चुके हैं लेकिन मैंने किसी का प्रपोजल एक्सेप्ट नहीं किया और सब को मना कर दी गई। लेकिन अब मुझे भी नई-नई जवानी चढ़ रही थी और मेरा मन भी सेक्स के लिए बेताब हो रहा था।

मेरी सहेलियां मुझे कहती थी कि तुम्हें सब लड़कों ने प्रपोज किया लेकिन विक्रम ने तुम्हें प्रपोज एक बार भी नहीं किया। विक्रम हमारी ही क्लास का एक लड़का था। वो थोड़ा शर्मीला लड़का था वह लड़कियों से ज्यादा बात नहीं करता था।

फिर मैंने अपनी सहेलियों को कहा देखना महेश फेयरवेल पार्टी तक अपने जाल में फंसा लूंगी और यह भी मुझे प्रपोज जरूर करेगा। फिर क्या था मैंने उस पर लाइन मारना शुरू कर दिया और उसने कोई जवाब नहीं दिया। काफी दिनों तक ऐसा चलता रहा। लेकिन वह इतना शर्मीला था कि मुझसे ठीक से बात भी नहीं करता था।

लेकिन धीरे-धीरे उसने भी मुझसे बात करनी शुरू कर दी और अब वह मेरे जाल में फंस रहा था। मैंने अपनी सहेलियों से कहा देखना फेयरवेल पार्टी के पहले पहले क्या होगा। मैंने सोचा था कि मैं इसको अकेले कमरे में ले जाऊंगी और इससे अपनी सेक्सी अदाएं दिखाऊंगी और यह उन्हें देखकर चौंक जाएगा और मेरा दीवाना बन जाएगा।

आखिर वह दिन आ ही गया जिसका इतने दिनों से इंतजार था। फेयरवेल पार्टी वाले दिन मैंने साड़ी पहन रखी थी और विक्रम कोट पेंट पहन कर आया था। मैं साड़ी में एकदम पटाखा लग रही थी और विक्रम भी बहुत हैंडसम लग रहा था।

एक बार तो मैंने सोचा विक्रम को इतना बुरा लड़का भी नहीं है उसे बॉयफ्रेंड के तौर पर रखा जा सकता है। फिर फेयरवेल पार्टी शुरू हो गई और हमारी जूनियर क्लास ने हमें बहुत सारे गिफ्ट दिए। हमने खूब डांस और मस्ती वगैरा की।

अब लंच ब्रेक का टाइम हो गया था और लंच के बाद हमें अपने टीचर्स को कुछ गिफ्ट देने थे। लंच के समय में मैंने विक्रम को इशारा करके छत पर बुलाया।

वह मेरे पीछे पीछे आ गया और हम छत पर एक खाली कमरे के अंदर चले गए। वहां जाकर मैंने विक्रम को दीवार के साथ सेट आया और उसकी छाती पर हाथ फेरने लगी। विक्रम का शरीर कांप रहा और मुझे उसे ऐसा देखकर बहुत मजा आ रहा था।

फिर मैंने उससे कहा तुम तो बड़े फट्टू इंसान हो। शायद मेरी बात सुनकर उसे गुस्सा चढ़ गया और उसने मुझे घुमा कर दीवार के साथ सटा दिया और मेरे होंठों पर अपने होंठ रख दिए और मुझे बेतहाशा चूमने लगा।

मुझे कुछ भी समझ नहीं आया कि क्या हो रहा था और मैं भी उसे किस करने लगी और उसके होठों के रस का स्वाद चखने लगी।

अब विक्रम ने मेरी कमर पर हाथ फेरना शुरू कर दिया और मुझे मस्ती चढनी शुरू हो गई।

फिर उसने मेरे सारी के पल्लू को हटाया और मेरे बूब्स पर हाथ रखकर उन्हें मसलने लगा। इससे पहले कि मैं कुछ समझ पाती उसने मुझसे कहा क्यों हिम्मत नहीं हो रही है सब करने की।

क्या इतनी ज्यादा फट्टू हो तुम। इतना सुनते ही मैंने उसके कपड़े उतारने शुरू कर दी है और उसने भी मेरा ब्लाउज उतार दिया और अब मैं सिर्फ ब्रा और पैंटी में थी।

उसने भी अपने सारे कपड़े उतार लिए और एकदम नंगा मेरे सामने खड़ा हो गया। फिर उसने अपने हाथों से मेरी गांड को पकड़ा और अपने होंठ मेरे छाती और पेट पर लगाकर मुझे चाटने लगा।

मेरी सिसकियां निकलने लगी और मुझे बहुत ही ज्यादा आनंद आ रहा था।

फिर उसी को अपना लन्ड मेरे हाथ में पकड़ा दिया और मैं उसे हिलाने लगी। मैंने पहली बार इतना बड़ा लंड देखा था और मुझे डर था कि यह मेरी चुत फाड़ देगा।

हालांकि में कभी-कभी बैंगन और मूली से हस्तमैथुन करती थी लेकिन मैंने कभी भी इतना बड़ा नहीं ट्राई किया था।

फिर उसने कहा घबराओ मत कुछ नहीं होगा और उसने मेरी ब्रा का हुक खोल दिया। अब उसने मेरे बूब्स को अपने मुंह में ले लिया और मेरे भूरे भूरे निप्पलों को मुंह में लेकर चूसने लगा।

उस समय मुझे इतना आनंद आ रहा था कि मुझे लगा जैसे मैं जन्नत में पहुंच गई हूं।

फिर उसने मेरे सर को दबाते हुए मुझे नीचे बैठा दिया वो मेरे लन्ड को चूसने के लिए कहा।

मै अंतर्वासना में इतना खो गई थी कि मैंने उसके लन्ड को अपने मुंह में ले लिया और उसे किसी लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी। विक्रम अब आहें भर रहा था और आह… उफ्फ…. की आवाजें निकाल रहा था।

फिर थोड़ी देर बाद उसने मुझे खड़ा किया और खुद बैठकर मेरी चुत पर जीभ रखकर उसे चाटने लगा। जैसे ही उसने मेरी चुत पर जीव रखी मेरे शरीर में अजीब सा करंट लगा।

लेकिन वह किसी प्रोफेशनल पोर्न स्टार की तरह मेरी चुत चाट रहा था और मुझसे बर्दाश्त नहीं हुआ और मैं सिसकियां लेती हुई झड़ गई।

फिर मैंने विक्रम से कहा अब जल्दी से अंदर डालो इंतजार नहीं हो रहा। फिर उसने मुझे दीवार से हाथ सटाकर घोड़ी बना लिया और मेरी चुत पर अपना लन्ड रखा और हल्का सा झटका दिया।

उसका सुपारा मेरी चुत अंदर घुस गया और मुझे थोड़ी सी जलन हुई लेकिन इतना दर्द नहीं हुआ।

फिर उसने एक और झटका दिया और पूरा लंड मेरी चुत के अंदर घुसा दिया। मेरे मुंह से चीख निकल गई लेकिन उससे जल्दी से ही मेरा मुंह बंद कर दिया और मुझे झटके देने लगा।

मेरी आंखों से आंसू निकलने लगे लेकिन वह मुझे चोदे जा रहा था। थोड़ी देर बाहर जब मुझे थोड़ा आराम मिला और मुझे आने शुरू हुए तो मैं भी गांड उठा उठा कर चुदने लगी.

और अब पूरा कमरा फच्च…. फच्छ….. की आवाज से गूंज रहा था।

फिर एक करीबन 10 मिनट की चुदाई के बाद विक्रम ने अपना माल मेरी गांड के ऊपर निकाल दिया और मुझसे लिपट गया।

मैं उसकी तरफ देख कर मुस्कुराने लगी और बोली वाह तुम तो बड़े छुपे रुस्तम निकले।

क्लास में बोलते नहीं हो लेकिन यहां मेरी चुत फाड़ कर रख दी तुमने। कुछ नहीं कहा जानेमन तुम हो ही इतनी सेक्सी कि मुझसे भी रहा नहीं गया।

फिर हम दोनों अपने अपने कपड़े पहने और नीचे पार्टी में चले गए।