चुडक्कड़ दीदी को चुदाई का ट्रायल दिया

हेलो दोस्तों, मैं हिंदी सेक्शुअल स्टोरी वेबसाइट का नियमित रूप से पाठकों। आज मैं आपको अपनी कहानी बताने जा रहा हूं उम्मीद करता हूं कि आप लोगों को यह कहानी पसंद आएगी।

मेरा नाम मिंटू है और मैं 22 साल का हूं। मेरे लन्ड का साइज 8 इंच है और यह 2 इंच मोटा भी है। मेरी कई सारी गर्लफ्रेंड रह चुकी है और मैं स्कूल टाइम से ही कई लड़कियों को पटा जुका हूं।

कई लड़कियों के साथ मैंने सेक्स किया है और इस चीज का भरपूर मजा लिया है। तू चली में आवाज को इस कहानी के बारे में बताने जा रहा हूं उसे शुरू करते हैं। हमारे घर के पड़ोस में भी एक परिवार रहता है।

उनकी एक बेटी है जो 28 साल की है। वह दिल्ली में रहती है और वहां अपनी पढ़ाई कर रही है। उसका नाम पायल है और मेरी उसके साथ बहुत बनती है। मैं उसको दीदी कह कर बुलाता हूं और वह मुझे मेरा नाम लेकर ही बुलाती है।

उसे जब भी कोई काम होता है तो वह मुझे ही कहती हैं। अभी पिछले दिनों को अपने घर आई हुई थी। उसे एक हफ्ते की छुट्टियां थी। उसके मम्मी पापा घूमने के लिए वृंदावन गए हुए थे। इसलिए उसे अकेले ही रहना पड़ रहा था।

क्योंकि वो एक पढ़ाकू लड़की थी इसलिए वह घर आकर भी सिर्फ पढ़ाई करती थी। जिस दिन घर आई मैं भी उनके घर पहुंच गया और उससे हालचाल पूछा। कुछ भी मिला हालचाल पूछा और हमने काफी देर तक बातें की।

फिर उसने मुझे बोला मुझे शाम को कुछ खरीदारी करनी है क्या तुम मेरे साथ बाजार चलोगे। मैंने कहा कि मैं शाम को चलेंगे हम दोनों। फिर क्या था शाम को मैंने स्कूटी निकाली और मेरे पीछे बैठ गई और मैं बाजार की तरफ चल दिया।

उसने अपने दोनों हाथ मेरे कंधों पर रखे हुए थे और उसका स्पर्श पाकर मेरे शरीर में खलबली मच गई थी। फिर उसने राशन की दुकान से थोड़ा सा सामान खरीदा और फिर अंडर गारमेंट की दुकान पर मुझे चलने को कहा।

उस दुकान पर जाकर बाहर स्कूटी पर बैठ गया और वह अंदर चली गई। उसने अंदर जाकर अपने लिए दो सेट ब्रा और पेंटी के खरीदे। मैं बाहर से बस किसी को देख रहा था और मन ही मन सोच रहा था कि आज घर जाकर उसको याद करके फिर से मुठ मार लूंगा।

लेकिन उस दिन कुछ और ही होने वाला था जो आपको आगे की कहानी में पता लगेगा। जब उसकी खरीदारी खत्म हो गई तो हम दोनों घर की तरफ वापस आने लगे। रात के 7:30 बज चुके थे और सूरज अस्त हो चुका था।

हम दोनों पायल के घर पहुंचे और मैंने कहा दीदी मैं अब अपने घर जाऊं क्योंकि मुझे मुठ मारने की जल्दी थी। उसने बोला 1 मिनट रुको मैं जो नहीं कपड़े लाई हूं वही पहन कर देखती हूं और तुम मुझे बताना कि अच्छे लग रहे हैं या नहीं।

मैंने कहा ठीक है आप पहन के दिखाओ। वह कमरे में चली गई और उसने कपड़े पहने। फिर उसने मुझे आवाज लगाई कि मिंटू अंदर आ जाओ और देख कर बताओ कैसे लग रहे हैं। मैंने दरवाजा खोला और अंदर चला गया।

जैसे ही मैंने पायल की तरफ देखा तो वह सिर्फ ब्रा और पैंटी में थी। उसके 36 के बूब्स 28 की कमर और 36 की गांड मेरे आंखों के सामने थी और बहुत ही हॉट और सेक्सी लग रही थी।

एकदम चोदने लायक माल जिसे देख कर किसी का भी दिल मचल जाए। मैं कहना चाहता था कि आप अच्छी लग रही हो लेकिन मेरे मुंह से निकल गया दीदी आप तो बहुत सेक्सी लग रही हो।

मेरी तरफ शरारती मुस्कान से देखते हुए कहा कि तुझे मैं सेक्सी भी लगती हूं। मैंने कहा अरे दीदी मेरा वह मतलब नहीं था। वह बोली कोई बात नहीं मैं सब समझती हूं।

फिर उसने बताया कि वह अपने बॉयफ्रेंड के साथ ही घूमने जाने वाली है इसलिए उसने इन चीजों को खरीदा है। फिर मैंने कहां क्या आपको किसी ट्रायल की जरूरत तो नहीं। वह बोली मैं समझी नहीं।

अब मुझे बिल्कुल भी डर नहीं लग रहा था और मैंने कह दिया कि अगर आपको अपने बॉयफ्रेंड को खुश करना है तो मैं आपको तरीके बता सकता हूं।

वो बोली हां हां बताओ। तो मैं बोला उसके लिए आपको मेरा साथ देना होगा। वो बोली हां मैं साथ दूंगी। मैंने अपना लन्ड पैंट से बाहर निकाल दिया और बोला आपको इसे चूसना होगा।

वह बोली बस इतनी सी बात फिर उसने मेरा लंड पकड़ा और अपने मुंह में डालकर रंडियों की तरह चूसने लगी।

मुझे पता लग गया था कि यह चुडक्कड़ है और आज अपनी चुत मरवा कर ही मानेगी। फिर मैंने उसका सर पकड़ के अपने लन्ड की तरफ धकेला शुरू कर दिया।

वह काफी देर तक मेर लंड को चुस्ती रही और मैंने सारा माल उसके मुंह में निकाल दिया। सारा माल गटक कर गई। फिर वह जाकर बाथरूम से अपना मुंह वगेरह धोकर आई।

फिर उसने मेरा लंड चूस कर एक बार फिर से खड़ा कर दिया और अब मैंने उसकी ब्रा और पेंटी को भी उतार दिया।

अब मैं उसके बड़े बड़े बूब्स को दबा रहा था और उसके लिए निप्पलों को चूस रहा था।

वह सिसकियां भर रही थी। मैं । फिर में उसकी चूत की तरफ बढ़ा और उसमें उंगली करने लगा और बीच-बीच में चुत पर जीभ भी फेरने लगा।

अब उसकी सिसकियां तेज हो गई और अब वो अआह…. ऊहह….. उफ्फहह…… की आवाजें निकालने लगी।

फिर थोड़ी ही देर बाद वो झड़ गई और मैंने उसके सूट का सारा पानी पी लिया। फिर मैंने अपने लन्ड को उसकी चुत के ऊपर रखा और अपने होठों को उसके होठों पर।

फिर मैंने उसकी होठों के रस को पीते हुए धीरे-धीरे झटका देकर अपना लन्ड उसकी चुत में घुसा दिया।

अब वह आंखें बंद करके चुदाई और किसिंग का मजा ले रही थी। अब मैंने चुदाई की रफ्तार बढ़ा दी और उसके बूब्स को अपने हाथों से मसलने लगा।

अब वो फक मी… ओ माय गॉड… याह….. अम्हहह….. उफ्फ…. करती हुई मोन करने लगी।

उसकी इन आवाजों ने मुझे और उत्तेजित कर दिया और मैंने चुदाई की रफ्तार और बढ़ा दी।

करीब 15 मिनट की चुदाई के बाद वो झड़ गई और उसने मुझे कस कर पकड़ लिया।

उसका पूरा बदन में चल रहा था छोटे से विराम के बाद मैंने फिर से चुदाई शुरू कर दी हो और 5 मिनट बाद मैं भी झड़ने वाला था और मैंने उसकी गांड पर थप्पड़ मारने शुरू कर दिए।

वो भी आह… येस… कहते हुए मेरा साथ देने लगी और मैंने अपना सारा माल उसकी चुत के अंदर ही निकाल दिया।

अब मैं उसके ऊपर ही लेट गया और उसके बूब्स को मुंह में लेकर चूसने लगा। जब हम दोनों नॉर्मल हो गए तो उसने मुझे कहा मिंटू तुम तो बड़े हैवी ड्राइवर निकले।

मैंने कहा दीदी आपने तो अभी देखा ही कुछ नहीं। इस तरह हम दोनों एक दूसरे की तरफ देख कर हंसने लगे।