चाचीजान को बाथरूम में ले जाकर चोदा

हेलो दोस्तों, हिंदी सेक्सुअल स्टोरीज की वेबसाइट पर आपका स्वागत है। आपको यहां हर रोज नई नई कहानियां पढ़ने को मिलेंगी। आज मैं आपके लिए एक नई कहानी लेकर आया हूं और उम्मीद करता हूं कि आपको यह कहानी पसंद आएगी।

मेरा नाम मोहम्मद गुलफाम है और मैं हैदराबाद में रहता हूं। मेरी उम्र 26 साल की है और दिखने में मैं काफी हैंडसम हूं और मेरी हाइट करीबन 6 फुट के करीब है। मेरे लैंड का साइज भी 8 इंच है और यह ढाई इंच मोटा भी है।

यह अगर किसी की चुत में घुस जाए तो उसकी चुत फाड़ कर ही दम लेता है। आज मैं जिस कहानी के बारे में आपको बताने जा रहा हूं वह हमारी फैमिली के बारे में ही है। मेरी चाची जिसका नाम सम्मो खातून है वह 36 साल की है और दिखने में एकदम पटाखा माल है।

उसका 38-30-36 का कमाल का फिगर है और मुझे वह बहुत ही ज्यादा सेक्सी और हॉट लगती है। इस कहानी में मेरी अम्मी का भी एक रोल है जिनका नाम सानिया खातून है और उनकी उम्र 44 साल की है।

उनका निकाह 17 साल की उम्र में ही हो गया था इसलिए मैं इतनी जल्दी पैदा हो गया। खैर इस बात को छोड़िए हम असली कहानी पर आते हैं। सर्दियों का मौसम था मैं छत पर बैठा हुआ था। मेरे सामने मेरी चाची कपड़े धो रही थी और उनके बूब्स मेरे को साफ साफ नजर आ रहे थे।

उनके एकदम गोरे चिट्टे बूब्ज़ देखकर मेरा लन्ड खड़ा हो गया था और मैं उनको घूरे जा रहा था। उस समय अगर मेरा बस चलता तो वही अपनी चाची को पटक कर चोद देता और उनकी चुत का भोसड़ा बना देता।

तभी चाची ने अचानक से मेरी तरफ देखा और मैं इधर-उधर देखने लगा। थोड़ी देर में मैं नीचे आ गया और चाची भी कपड़े धोकर नीचे आ गई। अब वो नहाने के लिए बाथरूम जाने वाली थी। उन्होंने मेरी तरफ नशीली आंखों से देखा और अपने होठों को काटते हुए कहा तुम ऊपर बैठकर क्या देख रहे थे।

पहले तो मैं डर गया लेकिन मैंने बोला आप जो दिखा रही थी वही देख रहा था। वह समझ गई कि मैं उसे चोदना चाहता हूं। फिर उसने बोला और कुछ भी देखना चाहोगे। तो मैंने कहा हां जरूर देखना चाहूंगा।

फिर उसने मेरा हाथ पकड़ा और मेरे को अपने साथ बाथरुम में ले गई। मैंने बाथरूम की कुंडी लगाई और उसे दीवार के साथ लगाकर उसके नरम नरम होंठों पर अपने होंठ रख दिए। अब मैं उसके होठों के रस को पी रहा था और वह भी मेरा साथ देते हुए मुझे किस कर रही थी।

फिर चाची ने शॉवर चला दिया और अब हम दोनों शावर के नीचे एक दूसरे को किस कर रहे थे और एक दूसरे को चाट कर मजा दे रहे थे। फिर मैंने चाची की सलवार उतार दी और उन्होंने नीचे एक गुलाबी रंग की ब्रा पहनी हुई थी।

उनके बूब्स ब्रा में से बाहर निकलने के लिए तड़प रहे थे। फिर मैंने उनकी छाती पर अपने होंठ हटा दिए और उनकी छाती को चाटने लगा। वह भी मेरा सिर पकड़ कर अपनी आंखें बंद करके मुझे सहला रही थी।

फिर मैंने हल्के से अपना हाथ उनकी सलवार के ऊपर से उनकी चुत पर रख दिया।

जैसे ही मैंने उनकी चुत को दबाया वह किसी छुईमुई के फूल की तरह सिकुड़ गई और मुझे कसकर पकड़ लिया।

अब मैं एक हाथ से उनकी चुत सहला रहा था तो दूसरे हाथ से उनके बूब्स को मसल रहा था।

फिर मैंने उनकी ब्रा भी खोल दिए और उनके बूब्स अपने मुंह में लेकर जोर जोर से चूसने लगा। क्योंकि मेरी चाची को अभी 2 साल पहले ही एक बच्चा हुआ था इसलिए उनके सूचियों में से गर्म गर्म ताजा दूध निकल रहा था।

मैंने उनका दूध पीने लगा हूं यह अनुभव बहुत ही ज्यादा आनंदमय था। मुझे ऐसा लग रहा था जैसे मैं जन्नत की सैर कर रहा हूं। वह भी मुझे बोल रही थी कि गुलफाम आज तो मेरा सारा दूध पी जाओ और मेरी चुत की प्यास को शांत कर दे।

मैं भी कभी दाएं वाले बूब से तो कभी बाएं वाले बूब से दूध पी रहा था। फिर जब मेरा पेट भर गया तो मैंने अपना ढूंढ निकाला और चाची को बोला इसे चूसो और अच्छे से खड़ा करो। चाची ने भी झट से मेरा लन्ड अपने मुंह में ले लिया और किसी प्रोफेशनल रंडी की तरह मेरे लन्ड को चूसने लगी।

वह बीच-बीच में मेरे टट्टो को भी चाट रही थी। एक बार तो उसने गोटो समेत मेरा लन्ड अपने रूम के अंदर तक ले लिया। जब मेरा लंड अच्छी तरह से तन कर खड़ा हो गया तो मैंने चाची की सलवार उतार दिए और उनकी पैंटी भी उतार कर फेंक दी।

अब घर में चाची को चोदने के लिए तैयार था और वह चुदने के लिए तैयार थी। मैंने चाची से कहा तुमने बहुत ज्यादा इंतजार करवाया इस पल के लिए। तो वो बोली कोई बात नहीं सब्र का फल मीठा होता है।

फिर मैंने चाची की चुत को गौर से देखा और अपने होंठो को उनकी चुत के करीब ले गया। फिर मैंने अपनी जीभ से चाची की चुत का चोदन शुरू कर दिया। वह जो जोर से सिसकियां भरने लगी और कहने लगी।

उसकी आऊऊ…. अआइइ….. की कामुकता भरी आवाज़ मेरी उतेजना बढ़ा रही थी। मैं काफी देर तक चाची की चुत को जीभ से चाटता रहा और चुत में उंगली करता रहा।

थोड़ी ही देर में वो झड़ गई और मैंने उनकी चुत का सारा पानी पी लिया। अब मैंने उनकी एकदम को उठाया और लंड उसकी चुत पर लगाकर एक जोर का झटका दिया।

आधा लंड उसकी चुत में घुस गया और वह कराह उठी। फिर मैंने एक ओर जोर का झटका दिया और अपना लंड उसकी चुत की जड़ों तक घुसा दिया।

इस बार वह चिल्ला उठी और मुझे कस कर जकड़ लिया। थोड़ी ही देर में मैंने तेज झटके देने शुरू कर दिए अब वो चूदाई का आनंद लेने लगी।

मैं लगातार उनको झटके देते जा रहा था और वो अम्महहह…. ऊईइइ….. उफ्फफ….. हाय…. अम्मी… करते हुए चिल्ला रही थी।

थोड़ी देर इसी तरह चोदने के बाद मैंने उन्हें दीवार के साथ लगाकर घोड़ी बना लिया और पीछे से अपना लन्ड उसकी चुत में डाल कर जोर जोर से झटके देने लगा।

अब वह भी अपनी गांड मटका मटका कर चुद रही थी और चूदाई का आनंद ले रही थी।

अब तक वह दो बार झड़ चुकी थी और चुदाई करते करते 20 मिनट ही भी गए थे। मैं भी अब जाने वाला था तो मैंने अपना सारा माल चाची की चुत के अंदर ही निकाल दिया।

और हम दोनों ने एक दूसरे को अच्छी तरह रगड़ कर नहलाया। लेकिन जब हम बाथरुम से बाहर निकले तो मेरी अम्मी सामने खड़ी थी। फिर हमने क्या किया यह मैं आपको और किसी दिन एक नहीं कहानी में बताऊंगा।