चाचीजान की मदद से अम्मीजान को चोदा

हेलो दोस्तों, मैं मोहम्मद गुलफाम आप लोगों का हिंदी सेक्सुअल स्टोरीस की वेबसाइट पर हार्दिक स्वागत करता हूं। आज मैं आपके लिए एक और नई कहानी लेकर आया हूं। मिस करता हूं कि आप लोगों को यह कहानी पसंद आएगी।

जैसा कि मैंने आपको पिछली बार बताया था कि जैसे मैंने अपनी चाची सम्मो खातून की जमकर चुदाई की थी। कैसे वह मुझे खींच कर बाथरूम में ले गई और वह हमने एक दूसरे की जमकर चुदाई की और खूब मजे लिए।

लेकिन जैसे ही हम नहा कर बाथरूम से निकले तो मेरी मम्मी सामने ही खड़ी थी। उन्होंने मुझे और मेरी चाची जान को इकट्ठे बाथरूम में से निकलते देख लिया और उनकी आंखें गुस्से से भर आई।

उन्होंने मुझे कहा यह सब क्या हो रहा है। तुम्हें अक्ल नाम की कोई चीज नहीं है। सारी शर्म बेचकर खा गया है क्या तू। फिर चाची जान ने मुझे कहा कि तुम कमरे में जाओ मैं तुम्हारी मां से बात करती हूं।

अपने कमरे में चला गया और मेरी चाची जान मेरी मां को दूसरी तरफ ले गई और अकेले में उनसे बातें करने लगी। शायद चाची जान के पास मेरी उंगली की कोई कमजोरी थी जिसके कारण उन्होंने मेरी अम्मी को 2 मिनट में शांत करवा दिया और सब कुछ रफा-दफा कर दिया।

फिर चाची जाने मुझे बताया कि तुम्हारी मां को मैंने एक दिन दूधवाले गुर्जर के साथ सेक्स हुए देख लिया था। इसलिए मैंने उनसे कहा कि आपको अपनी प्यास मिटाने थी तो वहां पुश गुर्जर से छूट गई। मुझे भी अपनी चूत में खुजली हो रही थी तो मैं अभी गुलफाम से छूट गई तो उसने गलत क्या किया।

मेरी स्थिति भला आपसे अच्छी तरह कहां कौन समझ सकता है। फिर मैंने चाची से कहा चाची जान मुझे पहले ही लगता था की अम्मी जहान कुछ ना कुछ गड़बड़ घोटाला तो जरूर करती है। मैंने चाची जान को अपनी मन की बात बताई और उनसे कहा कि क्या आप मुझे अम्मीजान के मजे दिलवा सकती हो।

तो उन्होंने कहा वाह मेरे शेर तू घर में किसी खातून को छोड़ेगा नहीं। फिर मैंने कहा चाची जान आप बताइए ना यह हो सकता है कि नहीं। फिर उन्होंने कहा बिल्कुल हो सकता है।

फिर मेरी चाची जान मेरी अम्मी से बात करी गई और उन्होंने बताया कि मैंने एक कमाल का लड़का ढूंढा है जो बहुत अच्छी चुदाई करता है क्या तुम मेरे साथ सेक्स करना पसंद करोगी। मेरी अम्मी तो पहले ना कर दिया लेकिन फिर बोली मेरा चेहरा नहीं दिखना चाहिए उसे।

चाची जान यही तो चाहती थी। हम तुम रात को चाची के मकान पर गए जो अभी बन रहा था और पूरा बनकर तैयार नहीं हुआ था। लेकिन वहां हम कमरे में आराम से सो सकते थे। चाची जान ने मम्मी को कमरे में बैठा दिया वह कमरे की लाइट बंद कर दी।

फिर उन्होंने मुझे अंदर बुलाया और नया बिल्कुल नंगा होकर अंदर चला गया। मैंने खूब सारा परफ्यूम लगा रखा था ताकि वह मुझे पहचान ना सके। फिर चाची ने मेरी अम्मी से कहा देखो वह लौंडा आ गया है और अब तुम्हारी चूत फाड़ देगा।

फिर अम्मीजान ने कहा चलो हम भी देखते हैं कौन है ये लौंडा क्या कर पाएगा यह। फिर नानू अमेजॉन को नंगा किया है और उनके बूब्स चूसने लगा।

बचपन में तो खूब चूसा था लेकिन आज उसका एक अलग ही आनंद आ रहा था। उनकी चुचियों को काट रहा था और उनके मुंह से सिसकियां निकल रही थी। उनके बूब्स इतने इतने बड़े थे कि मुझे उन्हें दोनों हाथ से पकड़ना पड़ रहा था लेकिन फिर भी वह मेरे हाथ में नहीं आ रहे थे।

क्योंकि कमरे में अंधेरा था और किसी को कुछ दिखाई नहीं दे रहा था इसलिए मेरी अम्मी भी जोर जोर से मेरे लंड को पकड़ कर हिला रही थी। उन्होंने कहा अबे साले तेरा लंड तो बहुत ज्यादा बड़ा है। यह तो सचमुच में मेरी चूत फाड़ देगा।

मैंने आवाज बदलते हुए कहा तुम्हारी चूत भी फाड़ देगा और तुम्हारी गांड भी फाड़ देगा। फिर उन्होंने मुझसे कहा देखते हैं क्या कुछ कर पाता है तुम बातें तो बहुत बड़ी-बड़ी करता है।

फिर मैं थोड़ा नीचे की ओर बढ़ा और अम्मी जान की चूत चाटने लगा। अम्मी जान की चूत बहुत ही ज्यादा गर्म थी और उसमें से पानी भी निकल रहा था। मैं उनका पानी पीने लगा।

फिर मैंने अपनी जीभ को उनकी चूत में घुस आना शुरू कर दिया और उसे इधर-उधर मंडराने लगा।

वह जोर-जोर से सिसकियां भरने लगी और उनकी आवाज पूरे कमरे में गूंजने लगी। फिर मैंने अपनी एक उंगली उनकी चूत में डाल कर अंदर बाहर करना शुरू कर दिया।

अब वह पागलों की तरह मचलने लगी और उह… आह…. अम्महह…. मजा आ गया कहने लगी।

फिर उन्होंने मुझसे कहा अबे साले अब इंतजार नहीं होता अपना लंड मेरी चूत में डाल दे। फिर मैंने उन्हें और तड़पाना नहीं चाहा वह अपना लंड उनकी चूत पर रख कर एक जोरदार झटका दिया।

क्योंकि अम्मी जान की चूत बहुत ही ज्यादा पी ली थी इसलिए पूरा का पूरा लंड अंदर घुस गया और उनके मुंह से चीख निकल पड़ी। वह बोली आराम से कर साले।

लेकिन मैंने उनकी बाजुओं को कस कर पकड़ा और जोर जोर से धक्के देने लगा। वह चीखती चिल्लाती रही लेकिन उनकी चीखों का मेरे ऊपर कोई असर नहीं हुआ।

फिर थोड़ी देर के बाद जब उन्हें थोड़ा आराम मिला तो अब वह चुदाई का मजा लेने लगी। अब वह मुझे और जोर से चोदने के लिए कहने लगी।

मैं अभी पूरे जोश और स्टेमिना के साथ उन्हें चोदे जा रहा था। तभी वह एक जोर से आह की आवाज निकालते हुए झड़ गई और उनका पानी निकल गया। लेकिन मेरा लंड अभी तक शांत नहीं हुआ था तो मैंने उन्हें कहा अब मैं तुम्हारी गांड मारूंगा।

फिर मैंने उन्हें उल्टा किया और उनकी गांड में जोर-जोर से तीन-चार धक्के मारे तो मेरा पूरा लंड अंदर चला गया। उन्होंने पहले भी गांड मरवाई थी इसलिए उन्हें पता था कि पहले थोड़ा दर्द होगा लेकिन बाद में बहुत मजा आएगा।

इसलिए उन्होंने पहले थोड़ा दर्द सही किया और बाद में गांड को पीछे धक्का देकर जोर-जोर से चुदने लगी। हमारी चुदाई को करीबन 25 मिनट हो गए थे और मैं भी अब झड़ने वाला था।

इसलिए मैंने अपना सारा माल उनकी गांड में ही निकाल दिया और संतुष्टि भरी एक आवाज के साथ वही बगल में लेट गया।

फिर मैं कमरे से बाहर निकल गया और चाची को कहा आपने बहुत पहरेदारी कर ली अब आप अंदर चले जाइए। फिर चाची अंदर चली गई और मैंने अपने कपड़े पहने और घर को चल दिया।