चचेरी बहन की अकेले में चुदाई

आजकल वैसे तो जॉइंट फैमिली कम ही देखने को मिलती है. लेकिन, यकीन मानिये; जो मजा जॉइंट फैमिली में रहने का है. वो नुक्लेअर फैमिली में नहीं है. हनीफ़ और सकीना दोनों चचेरे भाई – बहन थे लेकिन, अब दोनों पति – पत्नी है. उन दोनों ने भाग कर शादी कर ली. पहले तो उनके घर वालो ने एक्सेप्ट नहीं किया, लेकिन बाद में वो लोग मान गए. हनीफ़ और सकीना दोनों हम उम्र ही है और बचपन से साथ ही खेले थे.

दोनों एक दूसरे को अपना पक्का दोस्त बोलते थे. ये दोस्ती, पता नहीं कब प्यार में बदल गयी; उन दोनों को पता ही नहीं चला. १८ के होते – होते, दोनों एक दूसरे को जान से ज्यादा चाहने लगे थे. ऐसा हो गया, कि एक दूसरे का मुँह देखे बिना उन दोनों की सुबह ही नहीं होती थी. साथ में कॉलेज जाना, खाना खाना और सब कुछ. सकीना का कॉलेज हनीफ़ से अलग था, फिर भी हनीफ़ पहले उसको छोड़ता और फिर अपने कॉलेज जाता और उसके कॉलेज ख़तम होने से पहले ही उसके कॉलेज पहुंच जाता और उसके साथ ही घर वापस आता.

धीरे – धीरे उन दोनों का प्यार परवान चढ़ने लगा था. वो दोनों एक दूसरे को अपनी जान से चाहने लगे थे. फैमिली के सामने तो वो एक दूसरे से अलग रहते और आँखों ही आँखों में बातचीत कर के मजा लेते. जब वो उनको घर में अकेले रहने का मौका मिलता, वो तो एक दूसरे की बाहो में खो जाते. कभी प्यार से एक-दूसरे के गालो पर पप्पी लेते और कभी हनीफ़ सकीना के होठों को चूम लेता, वो धत्त बोल कर उससे अपने को छुड़ा कर भाग जाती.

उन दोनों का प्यार अब टाइम के साथ बढ़ने लगा था और वो अकेले में मिलने का मौका देखते थे और अपनी सारी हदे पार करने को बेताब थे.ऐसा नहीं था, कि सकीना के ऊपर लोग लाइन नहीं मारते थे. लेकिन सकीना और हनीफ बचपन के प्यार में थे. सकीना बहुत ही सूंदर थी. उसके लाल गोल गाल, बिलकुल कश्मीरी सेब के तरह और उसकी गांड तक लम्बे और घने बाल. ३६-२८-३८ की मस्त फिगर. बड़े और तने हुए चुचे और मस्त गोल गांड. जब भी वो अपनी गांड को मटकाटे हुए चलती थी. लोगो के लौड़े का पानी अपने-आप छुट जाता था.

हनीफ़ भी अच्छी पर्सनलिटी का मालिक था. एकदम मस्त बड़े – बड़े डोले और चौड़ी छाती और उस पर बहुत सारे बाल. जब भी सकीना उसकी छाती पर सिर रखती, तो उसको उसकी छाती के बालो के साथ खेलने में बड़ा मजा आता था. वो घंटो उसके साइन में सिर लगाए बैठी रहती थी और उसकी छाती के बालो से खेलती रहती थी और हनीफ़ उसके बालों में ऊँगली डाल कर चलाता रहता था. एक-दो-बार उसने हिम्मत कर के उसके चुचो को जोर से दबा दिया. वो सिस्त्कार उठी. उसकी तेज चीख से, हनीफ डर गया और फिर उसने दोबारा ऐसा नहीं किया. वो दोनों दिल से चाहते थे, कि उनको अकेले में मिलने का ज्यादा मौका मिले. उन दोनों की किस्मत चमक उठी और उनको २ दिन के लिए अकेले रहने का मौका मिल गया.

पुरे घर को शादी में जाना था. हनीफ का एग्जाम था. तो उसने जाने के लिए मना कर दिया. हनीफ की मम्मी ने भी फिर अपना प्रोग्राम कैंसिल किया. हनीफ की मम्मी सबसे बड़ी थी और उनका जाना ज्यादा जरुरी था. सब उनको बहुत फ़ोर्स कर रहे थे और सब उनको लिए बिना जाने को तैयार नहीं थे. सब लोग एक दिन पहले, ये ही सब बातचीत कर रहे थे. हनीफ अपने रूम में पढ़ाई कर रहा था. तभी सकीना बोल पड़ी. किसी को अपना प्रोग्राम कैंसिल करने की जरुरत नहीं है. मैं रूकती हु और मैं ध्यान रख लुंगी हनीफ का. सब को पता था, कि वो अच्छे दोस्त है. तो किसी ने ऐतराज़ भी नहीं किया.

रात काफी हो गयी और सब सोने चले गए. सकीना ने ये बात हनीफ को नहीं बताई. अगली सुबह, सब लोग जल्दी चले गए थे. सकीना जल्दी नहाकर हनीफ के रुम में चाय ले कर गयी. उसने अपने गीले बालों को हनीफ के चेहरे पर रख दिया. चेहरे पर कुछ गीला-गीला अहसास होने से  उसकी नींद खुल गयी. वो बोला – कोई नहीं गया क्या? सकीना हँस कर बोली – सब गए. मैं ही रुक गयी. हनीफ को कानो पर यकीन नहीं हो रहा था. उसके एकदम से सकीना को जकड लिया और उसके होठों को चूमने की कोशिश करने लगा. सकीना उसका इरादा समझ गयी और अपनेआप छुड़ा कर कमरे से भाग गयी और बोली – चाय रखी है. तैयार हो आ जाओ. वो चाय पीकर फ्रेश हुआ और नीचे आकर सीधे किचन में चले गया.

उसने देखा, कि सकीना किचन में खड़े होकर काम कर रही थी. हनीफ धीरे से गया और उसको पीछे से कसकर पकड़ लिया और उसकी गर्दन पर अपने होठों को रख दिया. सकीना के मुँह से एक हलकी सी मीठी से सिस्स्कार निकल गयी. उसने अपने एक हाथ को पीछे कर के हनीद के बालो में डाल दिया. हनीफ समझ गया, चूत रेडी है अपनी चुदाई के लिए. हनीफ ने सकीना को अपनी गोदी में उठाया और उसके होठो पर अपने होठो को रख दिया. हनीफ सकीना के होठो को बड़ी ही बेरहमी से चूस रहा था. सकीना ने कुरता पहना था और अंदर ब्रा नहीं डाली थी. हनीफ के सामने उसके बड़े और गोल चुचो का उभार थे और उसके टाइट और सधे हुए निप्पल हनीफ को चुदाई के लिए बुला रहे थे.

हनीफ का लंड भी अब बेकाबू हो चूका था और उसके पयजामे को फाड़ कर बाहर आने को बेताब था. सकीना ये देख चुकी थी. हनीफ ने पहले कभी सेक्स नहीं किया था, लेकिन दोस्तों के साथ कुछ ब्लूफिल्म जरूर देखी थी. वो सकीना को अपने रूम में ले गया और उसको बिस्तर पर लेटा दिया. सकीना ने बोला – तुम क्या करने वाले हो?

सकीना को अपनी चूत के गीली होने का अहसास हो चूका था और उसकी चूत पर खुजली भी होने लगी थी. हनीफ ने सकीना को नंगा करने से पहले अपने कपडे उतार दिए. कपडे खोलते ही, उसका भूरा बड़ा लौड़ा जोर-जोर से हिलने लगा. सकीना की नजरो के सामने एक बड़ा लौड़ा किसी हथियार की तरह से अपना शिकार करने को तैयार था.

सकीना जल्दी से बेड से उठने लगी और बाहर जाने लगी. हनीफ ने उसको पकड़ लिया और उसको दिवार पर धकेल दिया. सकीना के चुके दिवार में जा धसे और उसकी दर्द के मारे चीख निकल गयी. हनीफ का बड़ा लौड़ा उसकी गांड पर जोरदार दस्तक दे रहा था.  जोर-जोर से हिलते हुए कुरता फाड़ कर अंदर जाने की कोशिस कर रहा था. हनीफ के लंड से पानी निकल रहा था. उसने एकदम से सकीना को पलटा और उसके होठो को अपने होठो के बीच में जकड लिया और चबाने लगा.

उसने हाथ सकीना के बड़े चुचो पर थे और वो कुर्ते के ऊपर से ही उनको मसल रहा था. सकीना हनीफ को धक्का मारने की कोशिश कर रही थी. लेकिन कुछ कर नहीं पा रही थी. थोड़ी कोशिश के बाद में, सकीना ने अपने आप को हनीफ के हवाले कर दिया. हनीफ ने उसके ढीले बदन को समझ कर उसके कपडे खोल दिए. वाह ! क्या मस्त गरम माल थी सकीना. एकदम गुलाबी बदन. हाथ भी रख दो, तो लाल निशान आ जाए. एकदम कसी ही, भरी हुई चिकनी जाँघे. सकीना हनीफ को किसी ब्लूफिल्म की हॉट और सेक्सी हेरोइएन की तरह लगने लगी. अब उससे रुका नहीं जा रहा था. हनीफ ने सकीना को खींच कर पलंग पर फेंक दिया.

हनीफ उसके ऊपर चढ़ कर बैठ गया और उसके बूब्स के बीच में लंड को घुसा दिया. कुछ देर ऐसा करने के बाद, उसको कुछ खास मजा नहीं आया और वो पीछे हो कर सकीना की चूत पर आ गया. उफ्फ, क्या नजारा था. एकदम लाल चूत. हल्का सा कम्पन और एकदम चिकनी. सकीना ने डरते हुए कहा – कल रात को बाल साफ किये है. हनीफ ने उसको देखा और मुस्कुराते हुए उसकी चूत पर किस कर दिया. उसको चूत के पानी का स्वाद अच्छा नहीं लगा और अपने घुटनो पर आ गया और सकीना के पेरो को खोल कर अपने लंड को उसकी चूत के दरवाजे पर टिका दिया.

सकीना की गांड के नीचे एक तकिया लगा दिया और सिर के नीचे भी. सकीना ने तकिया जोर पकड़ लिया. हनीफ ने पहले धक्का मारा. चूत और लंड दोनों बहुत गीले हो चुके थे, तो लंड चूत के साइड से फिसल गया. फिर हनीफ ने अपने हाथ से अपने लंड को पकड़ कर चूत पर लगाया और धीरे-धीरे धक्का मारने लगा. लंड कुछ घुसा और चूत के दरवाजे से अपनी जगह बना ली. फिर हनीफ ने एक जोर का धक्का मारा और लंड २ इंच और अंदर घुस गया. सकीना की जान निकल गयी. उसको लगा, कि अब वो मरने ही वाली है.

वो हनीफ को बोलने लगी. प्लीज निकालो, मर जाउंगी. हनीफ ने अच्छा बोलते हुए, एक जोर से धक्का और मार दिया और ऑलमोस्ट पूरा लंड सकीना की चिकनी चूत में उतर चूका था. सकीना को चूत में जलन होने लगी थी और वो धक्का मार कर हनीफ हटाने की कोशिस कर रही थी. हनीफ ने अपनी गांड को हिलाना शुरू कर दिया और वो अब रुकने का नाम नहीं ले रहा था. सकीना बोल रही थी, हाय अम्मी, मर गयी. प्लीज छोड़ दो. मर जाउंगी. हनीफ कुछ भी सुनने को राज़ी नहीं था और जोर-जोर से अपनी गांड को हिलाकर चुदाई किये जा रहा था. कोई १५ मिनट के बाद, हनीफ ने अपने लंड को बिना रुके जोर-जोर से ठोकना शुरू किया और एक ही झटके में अपना सारा माल सकीना की चूत में निकाल दिया.

सकीना को लगा, जैसे उसकी चूत में गरम लावा भर दिया हो. वो रो रही थी. हनीफ ने एकदम से अपना लौड़ा चूत से बाहर खींचा और ऐसे ही नंगा सकीना के बराबर में ले गया. सकीना की चूत से खून और पानी निकल रहा था. सकीना वो देख कर रो रही थी. हनीफ ने उसको अपनी बाहो में भर लिया प्यार करते हुए समझाया. फिर हनीफ और सकीना ने पुरे २ दिन चुदाई के मजे लिए और परिणाम में, सकीना प्रेग्नेंट हो गयी. उन दोनोंने घर वालो से बात की, लेकिन वो शादी के लिए राजी नहीं हुए. उन दोनों ने भाग कर शादी कर ली और आज मैं सकीना की बाहो में बैठा हुआ, आपके लिए ये कहानी लिख रहा हु.