बस में मिली एक हॉट लड़की को होटल ले गया – 2

दोस्तों यहां तक की कहानी पढ़ने के लिए आप सभी लोगों का बहुत-बहुत धन्यवाद। तो चलिए बिना किसी देरी के आगे की कहानी जारी रखते हैं।

अब मैं और सुमन दोनों बस स्टैंड पर उतर चुके थे और हम दोनों होटल की तरफ चल पड़े। क्योंकि वहां एक होटल वाला मेरे दोस्त का जान पहचान वाला था।

इसलिए हम उसी के होटल में चले गए और मैंने उससे कहा कि हमें सुबह तक के लिए एक कमरा चाहिए सुबह को हमारी बस लखनऊ जाएगी। फिर मैंने उसे पैसे दिए और हम दोनों एक ही कमरे में चले गए।

फिर हम दोनों जैसे ही कमरे के अंदर गए तो मैंने उससे पूछा क्यों सुमन क्या इरादा है तुम्हारा। उसने कहा इरादे तो नेक नहीं है। फिर मैंने कहा क्या मैं तुम्हें किस कर सकता हूं। उसने मुस्कुराते हुए हां में सिर हिलाया और मैं उससे जाकर लिपट गया।

फिर मैं उसके नरम गुलाबी होठों को चूस रहा था और अपनी जीभ उसकी जीभ से सटाकर रसीली जीभ का आनंद ले रहा था। फिर मैंने अपना हाथ उसके बूब्स पर रख दिया और उन्हें मसलने लगा।

उसके बूब्स बहुत ही ज्यादा नरम थे और जैसे ही मैंने दोबारा था किसी स्पंज की तरह वह दब जाते थे और मुझे ऐसा करने में बहुत ही ज्यादा मजा आ रहा था।

फिर उसने भी अपना हाथ पैंट के ऊपर से मेरे लन्ड पर रख दिया। फिर उसने कहा तुम्हारा लंड तो बहुत बड़ा है उतना बड़ा लंड मैंने आज तक नहीं देखा।

मैंने कहा सभी लड़कियां ऐसे बोलती है कि बहुत बड़ा है लेकिन जब अपनी चुत में लेती है तो इसे अपनी चुत की गहराइयों में गायब कर लेती हैं। वो हंसने लगी और मैंने उसके कपड़े उतार दिए हो और अब सिर्फ वह पैंटी में थी और मैं अपने सारे कपड़े उतार चुका था।

वह मेरे लन्ड को आगे पीछे हिला रही थी और मैं उसके बूब्स को अपने मुंह में लेकर उसके चूचियों का स्वाद ले रहा था। वह सिसकियां भर रही थी और उफ्फ…. उफ्फ…. करके मेरे लन्ड को हिलाते जा रही थी।

अब मैंने उसके निप्पल को जोर-जोर से रगड़ना शुरु कर दिया और वह मस्ती में मचलने लगी। उसने मेरे लन्ड को कस कर पकड़ लिया और उसे अपने हाथों से जोर-जोर से रगड़ने लगी।

मैं भी पूरी मस्ती में आ चुका था। फिर वो मेरे लन्ड की तरफ झुकी और उसने मेरा लंड अपने मुंह में ले लिया। मेरे मुंह से ओह माय गॉड की आवाज निकली और मैंने इतनी अच्छी तरह से लंड चूसने वाली को कभी नहीं देखा था।

फिर मैंने कहा मैं तुम्हारी चुत चाटना चाहता हूं और उसने अपनी पेंटी उतार दी। फिर मैंने अपना लन्ड उसके मुंह में डाला और उसकी चुत पर अपने होठों से किस करते हुए जीभ उसके चुत की छेद पर लगा दिया।

वो एक पल के लिए तो जैसे तिलमिला उठी। और अब वो सिसकियां लेने लगी थी।

आअहहहह अशोक…. चूसो इसे ऊहहहह और ज़ोर से करो.. बहुत मज़ा आ रहा है। मैं उसके बूब्स भी साथ साथ में रगड़ रहा था।

अंतर्वासना में पूरी तरह से खो चुकी थी और मेरे लन्ड को अपने गले तक लेकर जा रही थी। फिर मैंने उससे पूछा कि क्या तुम मेरा लंड लोगी और उसने झट से हाँ बोल दिया।

मैंने ज्यादा टाईम ना लगाते हुए उसके दोनों पैरों को उठाकर अपने कंधों पर रख लिया और उसकी चुत के छेद पर अपना लंड रख दिया।

फिर मैंने एक जोर का झटका दिया और मेरे लन्ड का आधा हिस्सा सुपारे सहित उसकी चुत के अंदर घुस गया। उसके मुंह से चीख निकल गई और उसने मुझे कस कर पकड़ लिया।

फिर वो धीरे धीरे नॉर्मल हो गई और मुझे बाकी का लंड डालने को कहने लगी और मैंने भी एक ही झटके में अपना पूरा का पूरा लंड उसकी चूत में डाल दिया और उसने किसी तरह उसे झेल लिया और करीब 3-4 मिनट के बाद वो खुलकर साथ देने लगी।

वह भी अब अपनी चुत को धक्का देकर मुझे झटके देने लगी और मुंह से आआहह….. वाऊ…. अशोक चोदो मुझे और ज़ोर से आ…. आह्ह…. और चोदो मुझे.. मेरी चूत को शांत कर दो।

आउहह…… चोदो मुझे और ज़ोर से अह्ह्ह…. मेरी चुत फाड़ डालो।

फिर में भी जोश में आकर उसे चोद रहा था और करीब पंद्रह मिनट के बाद हम दोनों शांत हो गये और उसके बूब्स पर अपना माल छोड़ दिया।

मुझे वो बहुत खुश लग रही थी और उसके बाद उसने मेरा लंड चाटकर एकदम साफ किया। फिर मैंने उससे कहा कि मैं नीचे से कुछ खाने को लेकर आता हूं और मैं नीचे चला गया।

इतनी रात को खाने के लिए कुछ भी नहीं था तो मैंने एक नमकीन का पैकेट और एक कोल्ड्रिंक खरीद ली और वापस कमरे में आ गया। फिर हम दोनों ने कोल्डिंग कीजिए और नमकीन भुजिया खाया।

हम दोनों नंगे ही बैठे थे और अब मुझे फिर से उसे चोदने की इच्छा हो रही थी तो मैंने उसे कहा एक बार और हो जाए। फिर उसने मेरा लंड चूस कर एकदम टाइट कर दिया है और अब वह उसकी चुत में घुसने के लिए फिर से तैयार था।

मैंने उनसे कहा कि मैं फ्रेंड तुम्हारी गांड में डालना चाहता हूं। पहले तो उसने मना किया लेकिन फिर वह मान गई और मैंने उसकी गांड के छेद पर अपना लंड टिकाया और एक झटका दिया।

वह जोर से चिल्ला उठी और छटपटाने लगी। उसका बुरा हाल हो गया था और उसकी आंखों से आंसू बह रहे थे।

उसने मुझे अपना लन्ड बाहर निकालने को कहा। लेकिन मैं थोड़ा देर उसी पोजीशन में रुका और उसके चूचियों को अपने हाथों से दबाने लगा और उसकी चुत को भी सहलाने लगा।

अब उसकी हालत थोड़ी ठीक हुई तो मैंने उसकी गांड में अपना पूरा लंड घुसा दिया और तेजी से उसकी चुदाई करने लगा। वो भी जोर जोर से मोन करके गांड मरवा रही थी।

करीबन 20 मिनट की चुदाई के बाद में उसकी गांड में ही झड़ गया। और उसके ऊपर 5 मिनट तक लेटा रहा।

फिर हमने घड़ी की तरफ देखा तो सुबह के 6:00 बज चुके थे। बाथरूम में नहाने चली गई और थोड़ी देर में नहाकर बाहर निकली।

मैंने उसका सामान आया और उसे लखनऊ की बस में बिठाया। हम लोगों ने एक दूसरे को अपना नंबर दे दिया था ताकि भविष्य में भी हम एक दूसरे से मिल सके।

इस कहानी का पहला भाग यहां पढे – बस में मिली एक हॉट लड़की को होटल ले गया – 1